अंजान भाभी से मुलाकात और फिर चुदाई:३ - Indian Sex Stories
- Vimal Yadav
- 5 days ago
- 9 min read
हेलो दोस्तो, मैं विमल यादव एक बार फिर अपनी कहानी लेकर आया हु।
कहानी के अगले भाग पढ़े
इस कहानी मे आपको पता चलेगा की दूसरे और तीसरे दिन मैंने और मानसी ने क्या किया और कैसे एकता को चोदने का प्लान बनाया।
मैं कहानी को शुरू करने से पहले धन्यवाद करना चाहूँगा उन लोगो का जिन्होंने पहले दो भाग को पढ़ कर मेल के जरिये अपने विचार मुझे तक पहुचाये।
खाश तौर पर एक भाभी ( भाभी का नाम नही लिख सकता) जिन्होंने अपने फीडबैक के साथ साथ अपना बेशकीमती टाइम दिया और बाते किया।
भाभी और मेरे बीच कैसे बाते हुयी होंगी ये तो बताने की जरूरत नही आप लोग खुद ही समझ गए होंगे।
चलिये अब कहानी शुरू करता हु। दोपहर का खाना खाने के बाद हम दोनो आपस मे बातें करने लगे तो मानसी ने बताया की 7 बजे PVR में एक मूवी देखने चलना है? मैंने हाँ बोल दिया।
हम दोनों तैयार होकर मानसी के स्कूटी पर बैठ कर चल दिये। मानसी ने टी शर्ट और टाईट जींस पहन रखा था जींस इतना टाईट था की उस के गांड और जांघ का शेफ साफ साफ पता चल रहा था। PVR पहुँच कर हम दोनो अपनी सिट पर बैठ गए हमारी सिट एक कोने मे थी।
पूरे हाल मे बहुत कम लोग थे जिस के वजह से हमारे आस पास कोई भी नही था। फिर मूवी शुरू हुई, कुछ समय बाद हीरो और हेरोइन एक दूसरे को किस करने लगे। जिसे देख कर मैं और मानसी दोनो एक दूसरे को किस करने लगे अब हम दोनो मूवी देखना भूल गए और आपस मे शुरू हो गए। किस करते करते मैंने मानसी के जिंस मे हाथ डाल दिया और उस के चूत मे उंगली करने लगा।
मानसी उत्तेजित हो गयी और जब मैंने उस से बोल की जिंस खोलो जुबान से करू तो तुरंत जिंस खोल कर बैठ गयी और मुझे अपने घुटनों के पास बैठा दिया फिर मेरा सर अपने चूत पर रगड़े लगी। मैंने अपने जुबान का जादु चलाया जिस के वस मे आकर मानसी झड़ गयी।
मानसी के झड़ने के बाद मैंने उस अपना लंड चूसने के लिए नीचे किया और वो खुद ही मेरा पैंट नीचे खिसका कर लंड चूसने लगी। मानसी उस टाइम इतना तेजी से लंड चूस रही थी ऐसा लग रहा हो वो सालों से भुखी ही और आज उसे लंड मिला हैं।
मेरा जब होने को आया मैंने उस बताया तो वो बोली की सारा माल उस के मुह में ही डाल दु और वो मेरा सारा माल पी गयी, एक बूंद भी खराब नहीं किया।
मेरे लंड को चाट चाट कर साफ किया और दोनो ने अपने कपड़े सही किये और मूवी को बीच मे ही छोड़ कर चले गये। फिर हम दोनों एक अच्छे से रेटोरेंट गये वहा पर खाना खाया।
फिर एक मेडिकल स्टोर से मानसी ने प्रेग्नेंसी प्रिवेंटिओन और वायग्रा का टैबलेट लिया। मूवी, खाना फिर मेडिकल स्टोर पर हर जगह मानसी ने ही पैसा दिया। हम लोग 11 बजे वापस फ्लैट पर आ गये।
फ्लैट पर पहुँच कर मानसी ने सबसे पहले अपने बच्चे को सुला दिया। फिर हम दोनो टीवी रूम मे चले गये वहा पर पोर्न वीडियो देखने लगे। वीडियो मे थ्रीसम सेक्स हो रहा था। मैंने मानसी से बोला की अगर तुम चाहो तो ये थ्रीसम हम भी कर सकते है।
मानसी बोली की वो कैसे। मैं बोला अगर तुम अपनी जेठानी (एकता) को चुदाई के लिए बात करो तो काम बन जाये।
मानसी ने मना कर दिया और गुस्से मे बोली की हम दोनो के चुदाई के बारे मे किसी को नही बतायेगी तो थ्री सम संभव नहीं है। मैंने मानसी का गुस्सा कम करने के लिए मानसी को किस करना शुरू कर दिया और वो भी मेरा साथ देने लगी।
किस करते करते मानसी से बोला की मुझे अब तुम्हारे कपड़े फाड़ने हैं तो मानसी बोली कपड़े ही नहीं तुम चाहो तो मेरी चूत और गांड दोनो फाड दो।
मैक्सी पहना था मानसी ने मैंने तुरंत फाड दिया और उस केवल पेंटि मे कर दिया। उस ने मेरे भी कपड़े निकाल दिये और मुझे पुरा चूमने लगी और ये सब हम दोनों सोफा पर कर रहे थे।
फिर मानसी ने मुझे सोफा पर बैठाया और मेरे गोद मे बैठ गयी जिस के वजह से उस के चुचे मेरे मुह का पास आगये। मैं दोनो बूब्स को चूसने लगा। फिर मानसी ने अपना कला दिखाया और गोद मे बैठे बैठे उलटा पलट गयी जिस की वजह से उस के बूब्स दाएँ बाये फैल गये।
फिर मानसी मेरे गोद से उतर कर मेरा लौडा मुह मे लेकर चूसने लगी। बारी बारी करके वो मेरा लौडा और गोटे दोनो चूसने लगी। गोटो को तो काला खट्टा की तरह चटखारे लेकर चूस रही। मैंने अपने एक हाथ से उस के बाल पकड़े थे और दूसरे से बूब्स को मसल रहा था। जब वो मेरा लौडा चूस रही थी उसी बीच मैं उस को चेहरे पर थप्पड़ भी मार रहा था जिस की वजह से वो और भी मजे से चूसने लग जाती थी। फिर वो मेरे गांड के छेद को भी चाटने लगी जिस से मैं पागल हो गया।
मैं उतेजना वस उस के मुह को चोदने लगा और अपना पर माल सिमर के मुह मे गिरा दिया। वो मेरा पुरा रस पी गयी और हँसने लगी। उस की हँसी एक दम रण्डी वाली थी। अब सोफा वो पर बैठ गयी और मुझे अपने चूत चाटने के लिए बोली।
मैं चूत चाटने लगा वो मेरी तरह मुझे थप्पड़ मरने लगी और गली भी देने लगी और बोली चूस इस रांड की रण्डी चूत को बहुत परेशान करती है मुझे। कुछ देर चाटने के बाद वो झड़ गयी और अपना सारा माल मेरे मुह पर गिरा दिया। मैं उठ कर उस के बगल मे बैठ गया।
दोनो कुछ देर बैठे रहे फिर मानसी उठी और किचन मे से एक ग्लास दूध लगा और मेरे सामने ही वायग्रा मिलाया और मुझे अपने हाथो से पिलाया।
मुझे सोफा पर लिटा कर मुझे चूमने चाटने लगी मेरे शरीर का हर कोना उस के जुबान से गिला हो गया था। फिर गोली ने अपना काम करना शुरू कर दिया जिस कारण लौडा मेरा एक दम सख्त और 6 इंच का मुसल बन कर खड़ा हो गया। जिसे देख कर मानसी खुश हो गयी।
मेरे ऊपर बैठ कर मानसी ने खुद ही लंड को चूत पर सेट किया और उस पर कूदने लगी। लगभग 10 मिनट लौड़े पर कूदने के बाद,मानसी झड़ गयी। मानसी उठी और सोफे का सहारा लेकर झुक गयी और मुझे बोला की चूत मे लंड को डालो और चोदो।
मैं तुरंत पीछे से लंड को उस के चूत पर रगड़ने लगा जिस से वो परेशान हो कर बोली भड़वे माधरचोद चोद मुझे ऐसा मत तड़पा नहीं तो मैं मर जाऊँगी। मैंने बोला की मैं तभी चोदुन्गा जब तुम एकता का चूत दिलाओगी मानसी ने हँ बोल दिया की अब एकता भी चुदेगी मुझे से।
मैंने तुरंत लंड को चूत के अंदर डाला और उसे चोदने लगा। मैंने शुरूआत धीरे धिरे किया फिर तेजी तेजी झटके मारना शुरू कर दिया। और उस के चूतड़ को मार मार के लाल कर दिया। इस पोजिसन मे लगभग 10 मिनट तक चुदाई हुआ जिस के वजह से मानसी के पैर दुखने लगे और वो लड़खडाने लगी। मैंने उसे सोफे पर लिटाया और फिर चोदना शुरू कर दिया।
इस दौरान मानसी एक बार फिर झड़ गयी पर मेरा नहीं हुआ था। मैं चोदता रहा जिस के वजह से अब मानसी तेजी तेजी चिल्लाने लगी। जिस के वजह से उस का बच्चा उठा और बेड रूम से बाहर आ कर हम दोनो की चुदाई देखने लगा।
मानसी अपने बच्चे को देख कर मुस्कुराने लगी ये देख कर मैंने मानसी को एक जोर का तमाचा मारा जिस के वजह से वो रोने लगी क्योंकि उस अब उस का पुरा शरीर दर्द करने लगा था और उपर से तमाचा अलग से पड़ रहा था। उस का बच्चा ये सब देख कर रोने लगा।
मानसी ने उस का परवा किये बिना चुदाई को जारी रखा और बोला की तुम्हारा कब होगा मैंने कहा बस होने वाला हैं। तो उस ने बोला की अपना सारा माल मेरे अंदर ही गिरा देना।
मै जब झड़ने वाला हुआ तो और तेजी से चोदने लगा। मेरे लंड से वीर्य निकालने लगा तो मानसी ने अपनी चूत को टाइट कर लिया और लण्ड को चूत से कस के पकड़ लिया ताकि एक भी बूंद बाहर ना निकले।
मेरा एक एक बूंद उस के चूत मे चला गया। मैं उस के बगल मे लेट गया तो मानसी उठी और अपने बच्चे को पकड़ने के खड़ी होना चाहा तो तो तुरंत गिर गयी क्योंकि उस के टांगों मे जान नहीं बचा था चलने के लिए।
इस चुदाई का दौर 2 बजे तक चला था। कुछ देर रुकने के बाद उस ने बच्चे को सुला दिया और मेरे पास आ कर मेरे उपर लेट गयी मानसी बोली तुम ने मुझे बहुत तगड़े तरीके के खोल के बजाया है अब से मैं तुम्हारी रण्डी, गुलाम, वैश्य, धंधे वाली सब कुछ हु।
तुम जिस को बोलोगे मैं उसे तुम से चुदवाउंगी। ये सब बोल कर मुझे बार बार छाती पर, होठो पर, गाल पर, गर्दन पर, बगलो के बाल को चूम रही थी जिस के वजह मेरा फिर खड़ा हो गया। जिसे देख कर मानसी ने बोला की ये दवा का असर है की एक राउंड कुछ देर बाद फिर से खड़ा हो जाए।
इस बार मैंने बोला की अब तुम्हारी गांड मारनी है तो मानसी ने बोली की मुझे पता है इस मे बहुत दर्द होता हैं पर मैं तुम्हरे लिए कुछ भी कर सकती हु। मानसी उठी और किचन से सरसो का तेल लेकर आयी और सोफे पर लेट गयी।
मानसी अपना गांड उपर कर के लेटी थी और पैर फैला कर बोली की पहले गांड के छेद मे तेल डाल कर इस चोदने लायक बना लो फिर जितना मन करे उतना चोदो इस गांड को।
तेल लगा कर छेद को थोड़ा ढीला किया फिर उस कुतिया बनाया। कुतिया बनाने के बाद उस के गांड का छेद साफ साफ दिख रहा था। मैंने लण्ड को तेल से पुरा भिगो लिया और उस के गांड पर रगड़ने लगा। मानसी समझ गयी थी अब लंड उस के गांड फाड़ने वाला है।
लण्ड का सुपरा छेद मे डाला जिस से मानसी दर्द के वजह से गांड को हटाने लगी पर मैंने तेजी से उस के गांड को पकडे रखा और झुक के उस के पीठ को चूमने लगा। फिर अचानक से पुरा लण्ड उस के गांड मे चोद दिया जिस के वजह से मानसी तेजी से रोने लगी मानो उसे किसी ने मारा हो। मैंने भी उस के मुह को बंद नहीं किया ताकि वो अच्छे से रो सके।
लगभग 5 मिनट के बाद वो बोली अगर गांड मरना है तो मारो क्योंकि अब दर्द थोड़ा कम हो गया हैं। मैंने धीरे धीरे पीछे से धक्के लगाना शुरू कर दिया। 25-30 धक्को के बाद स्पीड तेज कर दिया और मानसी भी अब चुदने पर गांड को आगे पीछे करके अपना जवाब देने लगी।
इसी पोज मे 10-12 मिनट तक चुदाई किया इस बीच उस के बूब्स को दबाना, चूतड़ पर चाटे मारना, उसे गाली देना और उस का मुझे गाली देना सब कुछ चलता रहा। मैंने अपना पुरा माल उस के गांड मे निकाल दिया। गांड मरवाने के बाद मानसी के चेहरे पर जो ग्लोव आया रहा था उस का क्या ही कहना। मानसी तेजी से हाफ रही थी और अपने पैरों को फैला कर जमीन पर लेट गई और मैं उस के उपर लेट गया।
ये चुदाई का दौर 4 बजे तक चला। फिर हम दोनो आपस मे बाते करते करते सो गये। हम दोनों की आँख सीधा 2 बजे खुला इस बीच उस का बच्चा जागा और रोया, और अपनी माँ को दूसरे के साथ नंगी सोया देखा, बूब्स से दूध पिया और खुद भी बगल मे सो गया। मानसी उठी फिर उस ने मुझे उठाया और अपने बच्चे को सोफे पर सुलाया।
हमारे आस पास सारा समान बिखरा हुआ था कपड़े फटे हुए थे। मानसी बाथरूम मे जाने लगी तो अपने दोनो टांगों को फैला कर चल रही थी जो बता रहा था की किस तरह वो रात भर चुदी थी। मैं भी पीछे पीछे चला गया। दोनो साथ मे फ्रेस हुए। एक ही टूथब्रश से ब्रश किया और साथ मे ही नहा कर बाहर 3 बजे आये। मानसी ने बाहर से खाना मंगाया।
हम दोनो केवल अंडर वेयर पहन रखा था। मानसी अपने बच्चे को उठाया टट्टी कराया, नहलाया, दूध पिलाया और खेलने के लिए छोड़ दिया। इस दौरान मैंने डिलीवरी वाले से खाना लिया , जो समान बिखरा हुआ था उन सब को सही किया। खाना को प्लेट मे लगाया और मानसी को खाने के लिए बोला तो मानसी बोली बेड पर ही लाओ।
दोनो ने बेड पर ही खाना खाया फिर मानसी ने प्रेग्नेंसी प्रिवेंटिओन की दवा खाया ताकि कोई प्रॉब्लम ना हो। दोनो आपस मे बात करने लगे बेड पर लेट कर। मानसी ने एकता चोदने का प्लान भी बताया। मानसी बोली की आज रात को 10 बजे उस का पति आयेगा तो मैं पहले ही चला जाऊँ।
मैं 8 बजे जाने के लिए तैयार हो गया। जाते समय मानसी ने मुझे किराया के लिए पैसे दिये और कुछ एक्स्ट्रा पैसे भी दिये ताकि मैं अपने मन का कोई गिफ्ट ले सकु सिमर की तरफ से।
जाते समय मैंने मानसी को 5 मिनट का लम्बा किस किया फिर चला गया। उस के बाद से हर महीने हम लोग मिलने लगे और रूम लेकर चुदाई करने लगे। चार महीने बाद वो समय भी आया जब मैंने और मानसी ने मिल कर एकता का चुत और गांड फाड़ दिया।
एकता की चुदाई की कहानी अगले भाग मे बताऊंगा आप लोगो को।
आप लोगो को Indian Sex Stories कैसी लगी इस का फीड बैक vsbsvahs81@gmail.com पर जरूर mail करना और अगर कोई भाभी, आंटी टाइम पास के लिय मुझ से बात करना चाहे तो मुझे उन के मेल का इंतजार रहेगा ।

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