किरायेदार भाभी बनी लण्ड की गुलाम - Antarvasna
- Ojas Bhardwaj
- May 31
- 6 min read
हेलो दोस्तो मैं ओजस अलीगढ़ से एकबार फिर हाजिर हूँ अपनी एक नई चुदाई की कहानी के साथ जो कि मैंने अभी कुछ दिन पहले ही अपनी किरायेदार भाभी के साथ की।
दोस्तो पिछले महीने मेरे घर एक शादीशुदा जोड़ा किराए पर रहने आया सोनू और करिश्मा। साथ में उनका एक 4 साल का बेटा भी था। सोनू भईया दिल्ली किसी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने अलीगढ़ में एक अच्छे स्कूल में अपने बेटे का एडमिशन करवाया था। इसलिए वह यहाँ करिश्मा भाभी और उनके बेटे को छोड़ के दिल्ली चले गए थे।
करिश्मा भाभी अकेली अपने बेटे के साथ हमारे यहाँ ऊपर वाले कमरे में रह रही थीं। ऊपर की मंजिल पर हम लोग कम ही जाते हैं। इसलिए उनका पूरा दिन अकेले ही कटता था जब तक उनका लड़का स्कूल से न आ जाये।
एक दिन सुबह मम्मी ने मुझसे कहा ये कपड़े धुल गये जरा इन्हें ऊपर छत पे सुखा आ। तो मैं कपड़ों की बाल्टी लेके ऊपर छत पर गया। ऊपर छत पर जाते ही सबसे पहले भाभी का बाथरूम पड़ा तो वो गीला था। मैं समझ गया कि भाभी अभी ही नहाई हैं शायद। भाभी अपने लड़के को स्कूल भेजने के बाद ही नहाती थीं क्योंकि सुबह जल्दी उसे स्कूल भी भेजना होता था उन्हें। मैंने सोचा क्यों न भाभी से थोड़ी देर बातें की जाएं। इसलिए मैं उनके कमरे की तरफ बढ़ा। भाभी के कमरे का गेट हल्का सा खुला हुआ था।
मैंने आवाज लगाई भाभी पर उन्होंने कोई आवाज नहीं दी। तो मैंने दरवाजे में से अंदर झाँका। अंदर का नजारा जो था दोस्तो उसे देख के मेरा दिल बहुत तेज धड़कने लगा और लण्ड भी उफान मारने लगा।
भाभी अपने बेड पर एक स्कर्ट और एक टॉप पहन के लेटी हुई थीं। उनका सिर मेरी तरफ था इसलिए मैं उनको नहीं दिखा। भाभी कान में इयरफोन लगाके फोन में चुदाई की वीडियो देखते हुए स्कर्ट में हाथ डालके अपनी चूत पे हाथ फिरा रही थीं। उनके पैर कूलर की तरफ थे इसलिए उनकी स्कर्ट बार-बार उड़के ऊपर की तरफ आ रही थी।
मैं चुपचाप दबे पाँव उनके पैरों की तरफ गया ऐसे की उनको न दिखूं। दोस्तों वो नजारा तो और भी ज्यादा खतरनाक था उन्होंने अंदर पैंटी नहीं पहनी हुई थी और उनकी चिकनी चूत पर एक भी झाँट का बाल नहीं था जैसे आज ही सब साफ किये हों। और वो अपनी चूत पे हाथ नहीं फिरा रही थीं बल्कि उन्होंने एक खीरे पे कंडोम चढ़ाके उसे अपनी चूत में डाल रखा था। और उसे अपनी चूत की क्लाइटोरिस से रगड़ते हुए अंदर बाहर कर रही थीं।
दोस्तो मेरा लण्ड मेरे कच्छे में ही उफान मार रहा था। करिश्मा भाभी की गोरी चिकनी चूत, मेरे सामने थी। उसे देख के मैं तो पागल सा हो गया। मैं वहीं अपना लोअर और चड्डी उतारके और लण्ड को हाथ में लेके मसलने लगा।
फिर मैं खड़ा हुआ और करिश्मा भाभी का हाथ अपने हाथ में लेके अपने लण्ड पर रखते हुए मैंने कहा- भाभी असली मजा इसमें है न कि उसमें।
करिश्मा भाभी एक साथ छटपटाई और खीरा अपनी चूत में से निकाल के बेड की साइड में फेंक दिया। और मुझे देख के कपड़े संभालते हुए बोली भईया तुम यहाँ कब आये। वो एकसाथ काफी घबरा गईं तो मैंने उन्हें शांत किया और समझाया।
मैंने उनसे कहा कोई बात नहीं है भाभी मैं समझ सकता हूँ हर औरत की जरूरत होती हैं। और फिर भईया आपके पास नहीं रहते तो आपको कैसे भी तो खुद की देखभाल करनी होगी।
भाभी की नजर मेरे 8 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लण्ड पर टिकी हुई थी। भाभी मेरे लण्ड को हाथ में पकड़ के बोली भइया ही तो भड़वा है साला। उसका लण्ड खड़ा ही नहीं होता तभी तो मुझे यहां अकेली छोड़ गया है।
मैंने करिश्मा भाभी को अपनी तरफ खींचा और बाँहों में भरके उनके होठों को अपने होठों से पीना शुरू किया। भाभी मेरे लण्ड को अब तेजी से सहलाने लगीं और सिसकियां लेने लगीं।
भाभी की गरम साँसें मुझे और भी ज्यादा मदहोश कर रही थीं।
मैंने भाभी की जीभ को अपने मुँह में लेके चूसते हुए उनकी स्कर्ट नीचे सरकाई और उतार के अलग फेंक दी। फिर मैंने उनके दोनों चूतड़ कसके मसले और पीछे से ही उनकी जाँघों में से होते हुए एक उंगली से उनकी चूत को सहलाना शुरू किया। भाभी की चूत पानी छोड़ चुकी थी और पूरी तरह से गीली थी इसलिए मैंने अपनी उंगली को उनकी चूत में अन्दर बाहर करना शुरू किया। करिश्मा भाभी बहुत तेज आह आह शीशीशीशी करके सिसकियाँ भरने लगीं।
करिश्मा भाभी मेरे लण्ड को बहुत तेज मसल रही थीं और तेजी के साथ ही उसे हिला रही थीं। मैंने तभी उनका टॉप भी उतारा दिया और उन्हें पूरा नंगा कर लिया। क्या फिगर था करिश्मा भाभी का मेरे सामने 32 के चूचे 26 की कमर और 36 की गाँड़। फिर करिश्मा भाभी ने भी मेरी टी शर्ट उतारी और मुझे भी नंगा करके मुझसे लिपट गयीं। हम दोनों के शरीर बहुत गरम हो रहे थे इतने कि कूलर में होते हुए भी हम दोनों पसीने में भीग रहे थे।
मैंने पूछा भाभी अब तो जरूरत नहीं है न खीरे की। भाभी मेरा लण्ड कस के दबाते हुए बोलीं हाँ अगर तुम मुझे इसकी गुलाम बना लो तो।
मैंने भी भाभी के गुलाबी निप्पल्स को मसलते हुए कहा ठीक है मेरी जान आज से तुम मेरी और मेरे लण्ड की गुलाम। चलो मेरी जान अब जल्दी आओ और अपने मुँह में लेके तृप्त करो अपने इस मालिक को।
करिश्मा भाभी नीचे घुटनों के बल बैठ गयीं और पूरा लण्ड मुँह में भरके चूसने लगीं वो लण्ड ऐसे चूस रही थीं जैसे बरसों से प्यासी हों। मैंने भी उनके बालों को पकड़ के उनके मुँह में जोर जोर से झटके लगाए और उनके चूचे भी कसके मसले।
फिर मैंने उन्हें अपनी गोद में उठाया और वही बेड पे लिटा लिया और सबसे पहले उनकी नाभि में जीभ घुमाई और उसे चूसा। करिश्मा भाभी जोर से आह भरने लगीं।
मैं उनकी चूत को भी एक हाथ से सहला रहा था और फिर उनके निपल्स भी मैंने ऐसे चूसे जैसे एक हवसी आदमी पहली बार चूत मिलने पे चूसता है।
फिर मैं बेड पे लेटा और करिश्मा भाभी को अपने ऊपर 69 पोजीशन में ले लिया। और उनकी गीली चूत में अंदर तक जीभ डालके उनकी चूत चाटी। भाभी मेरा लण्ड मुँह में लेके आह आह शशशश करके सिसकियाँ ले रही थीं और गले तक लेके लण्ड को चूस रही थीं।
भाभी चूत चटवाने में ही झड़ गयीं और मैंने उनकी चूत को नमकीन पानी पूरा पी लिया और चाट-चाट के उनकी चूत को साफ किया।
फिर मैंने करिश्मा भाभी को बेड पे लिटा लिया और उनके शरीर को चाटना शुरू किया उनकी गर्दन, चूचे, पेट, नाभि, पीठ,चूतड उनकी जाँघें सब मैंने ढंग से चाट के चिकना कर लिया। उनके चूचे मैंने चूस-चूस के लाल कर लिये और चूत भी ऐसे चाटी की वो फिर से पानी छोड़ गयी।
करिश्मा भाभी की साँसों से कमरा गूँज रहा था और सिसकियाँ मुझे मादक कर रही थीं। भाभी बोलीं अब तुम इस मूसल को मेरी चूत में डाल दो न जान। फाड़ दो अपनी इस गुलाम की चूत को।
मैंने अपना लण्ड करिश्मा भाभी की चूत पे रगड़ना शुरू किया और उनको और ज्यादा सिसकाया। और फिर एक झटके में तेजी के साथ पूरा लण्ड उनकी चूत में घुसा दिया। करिश्मा भाभी बहुत तेज चिल्लाईं तो मैंने उनके मुँह को अपने मुँह में भर के चूसना शुरू किया और उनकी आवाज को दबा दिया। मैंने भरपूर स्पीड के साथ भाभी की चुदाई की और उनकी चूत को ढीला कर दिया। करिश्मा भाभी आहआह आआआआ आईईईई आह मालिक गुलाम आह हु अरे प्लीज इसे निकालो फट गई आज तो ऐसे चिल्ला रही थीं।
फिर मैंने वहीं लेटकर उनको अपने ऊपर ले लिया और उन्होंने भी उछल उछल कर पूरा लण्ड अपनी चूत में लिया और अपनी चूत को ठंडा किया।
फिर मैं उठा और उनको घोड़ी बना लिया और पीछे से उनकी चूत में अपना लण्ड पेलके उनकी चूत को खोला।
मैंने उनके चूतड़ पीट-पीट के लाल कर लिये और उनकी गाँड़ को कस के पकड़ के अंदर तक उनकी चूत को पेला। फिर मैंने वो कंडोम चढ़ा खीरा उठाया और उनकी गाँड़ में उसे ठेल दिया।
करिश्मा भाभी एक साथ फड़फड़ाई और छूटने की कोशिश करने लगीं पर मैंने उन्हें नहीं छोड़ा। वो बोलीं जब इतना बड़ा लण्ड है तो इसकी क्या जरूरत मालिक। मैंने कहा भाभी हल्की सी खुल जायेगी गाँड़ इससे आपकी अब मैं लण्ड पेलूंगा तो आपको मजा आयेगा।
फिर मैंने खीरा निकाला और उनकी गाँड़ को पेलना शुरू किया इस बार करिश्मा भाभी की आँखों में आँसू थे पर चेहरे पर बहुत खुशी थी। उनकी चूत बार-बार पानी छोड़ रही थी इतना कि चूत से निकलकर उनकी जाँघों और मेरे लण्ड को अच्छे से उनकी चूत ने भिगा दिया।
मैंने पूछा भाभी कहाँ झाड़ूँ तो भाभी बोली हर जगह भर दो मैंने अपना आधा माल उनकी चूत में झाड़ा और आधा उनकी गाँड़ में।
करिश्मा भाभी बहुत खुश थीं वो मेरा लण्ड हाथ में पकड़ के बैठी हुई थीं और उसे फिर से चूसना शुरू कर दिया। मैंने उन्हें उस दिन 2 बार और चोदा।
उसके बाद हम दोनों डेली उनके लड़के के स्कूल जाने के बाद चुदाई करते हैं। और मैंने करिश्मा भाभी को वो खुशी दी जो उनके पति ने उन्हें कभी नहीं दी। कभी-कभी हम रात भर चुदाई करते हैं और नंगे एकदूसरे की बाँहो में लिपट कर सोते हैं। उनकी चूत गाँड़ मुँह सबको मैंने अपने माल से भरा है।
करिश्मा भाभी मेरा सारा माल पी जाती हैं एक बूंद भी नहीं बिगड़ने देतीं। मैं और वो एकदूसरे को पाकर बहुत खुश हैं।
दोस्तो ये थी मेरी और मेरी किरायेदार करिश्मा भाभी की चुदाई की Antarvasna Sex Stories ।
कैसी लगी मुझे मेरी मेल ID - bhardwajojas1@gmail.com पर मेल करके जरूर बतायें।

Badhiya hai