दोस्त ने अपनी अकेली किरायेदार भाभी को चुदवाया - Hindi Sex Stories
- Ojas Bhardwaj
- Feb 9
- 12 min read
हैलो दोस्तो मैं ओजस अलीगढ़ से एक बार फिर हाज़िर हूँ अपनी एक नई कहानी के साथ जिसमें मेरे एक दोस्त जिसका नाम रोहित है, ने अपनी अकेली किरायेदार भाभी को चुदवाया।
उसका पति फौज में था और वो अपने एक 7 साल के बेटे के साथ अकेली रोहित के घर किराये पर रहती थी। दोस्तो रोहित मेरे बेस्ट फ्रेंड्स में से एक है जो अलीगढ़ में ही रहता है। एक दिन की बात है सुबह-सुबह रोहित का फ़ोन आया कि यार घर पे कोई नहीं है और मुझे दिल्ली काम से जाना है। तू मुझे स्टेशन तक छोड़ देगा क्या?
मैंने कहा हाँ ठीक है छोड़ दूंगा अभी 10 मिनट में आ रहा हूँ। और फिर मैं उसके घर उसे लेने पहुंचा। जैसे ही मैं वहाँ पहुँचा, मैंने रोहित के घर में एक बहुत ही सुंदर सी भाभी को घुसते हुए देखा, जिसने काले रंग का सूट पहन रखा था उसकी उम्र करीब 32 साल की थी।
मैंने खुद को संभाला और रोहित को फ़ोन किया कि भाई आजा बाहर, मैं बाहर खड़ा हूँ। रोहित अंदर से एक बैग हाथ में लिए बाहर आया और हाथ में एक चाभी भी थी। और आके मेरी बाइक पर बैठ गया। और फिर मैं उसे स्टेशन की तरफ लेके चल दिया।
मैंने रास्ते में उससे पूछा की वो दिल्ली क्यों जा रहा है। तो रोहित ने बताया कि दिल्ली उसके मामा के लड़के की शादी है। घर के सब लोग वहाँ जा चुके हैं। आज वो भी वहाँ जा रहा है।
तब मैंने उससे पूछा कि यार फिर वो भाभी कौन थी जो घर में घुसी थी।
तब उसने बताया कि वो उसकी किरायेदार है, उसका नाम नैना है। उसका पति फौज में है और वो अपने बेटे को स्कूल छोड़ के आयी थी।
मैंने कहा यार भाभी तो सच में मस्त है वो। तब वो हँसा और बोला बहुत गर्म माल है भाभी, मजा बहुत देती है।
मैंने कहा तूने बजा रखी है क्या? वो बोला रात भी 3 राउंड लगाए हैं, घर में कोई था नहीं मम्मी पापा छोटी बहन सब दिल्ली थे। उसका बेटा भी सो गया। पूरी रात चोदी तेरे भाई ने उछल-उछल के लण्ड लेती है चूत में। सोच कितनी हॉट होगी जो भी हाथ रखे हाथ जल जाए।
मैंने कहा हमसे मिलवा भाई हम बुझाएंगे उसकी प्यास।
उसने कहा अभी ले अभी तेरा जुगाड़ करवाता हूँ।
उसने तभी नैना को फ़ोन मिलाया और बोला, क्या कर रही है मेरी बिल्लो? नैना ने जबाब दिया, की नहाने जा रही हूँ। रोहित ने कहा नहाके एक और राउंड लगा लें जान इस बार गाँड़ भी बजानी है मुझे।
नैना बोली, मैंने कभी मना किया है क्या? रोहित ने कहा ठीक है जान तुम नहाके तैयार मिलो, मैं आ रहा हूँ एक और राउंड लगा के ही दिल्ली जाऊंगा।
नैना बोली ठीक है आ जाओ जान अभी करेंगे घमासान। रोहित ने फिर फ़ोन रखते हुए मुझसे कहा तू मुझे छोड़के घर चला जाना चूत तेरा इंतज़ार कर रही है। तुझे जाके उससे कहना है कि तू मेरा दोस्त है और उससे मेरी बात करा देना।
मैं उससे कहा दूंगा की भाभी मेरा दोस्त है थोड़ी देर बैठाना, चाय-पानी पिलाना, मैं अभी थोड़ी देर में आ रहा हूँ।
फिर तू उसे पटा लेना उसमे हवस ही इतनी है कि वो बहुत जल्दी राज़ी हो जायेगी देने को। मैंने रोहित को स्टेशन छोड़ा और उसके घर की तरफ जल्दी से निकला। तो रोहित ने कहा सुन एक चॉकलेट लेते जाना उसे बहुत पसंद है।
दोस्तो मैंने वही से एक चॉकलेट भी खरीद ली। और जल्दी से रोहित के घर पहुंचा। मैं रोहित के घर में घुसके सीधे नैना भाभी के कमरे के पास गया और दरवाज़ा खटखटाया। अंदर से आवाज़ आयी, खुला हुआ है बेबी दरवाज़ा। तुम्हारे इंतज़ार में कब से तड़प रही हूँ, जल्दी आजाओ अंदर।
जैसे ही मैंने कमरे का दरवाजा खोला सामने का नज़ारा ऐसा की मेरा 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लण्ड एकसाथ तनके खड़ा हो गया। नैना बेड पे उल्टी लेटे हुई थी। उसके पैर जमीन पर थे और हाथ बिस्तर पर। बिस्तर में मुँह गड़ा के बिस्तर के सहारे घोड़ी बनी हुई थी वो।
उसकी मस्त बड़ी और गोरी गाँड़ मेरे सामने थी। 36 के चूतड़ थे उसके। मैंने दरवाज़ा खोला तो उसे लगा कि रोहित है। वो बोली हुस्न हाज़िर है मेरी जान। मैं भी बिना कुछ बोले आगे बढ़ा और उसके मस्त सेक्सी चूतड़ों पर किस करने लगा और उसकी जांघो तक उसको चाटा।
फिर मैंने उसकी जांघों को खोला और उसकी मस्त मोटी भारी सी चूत को चाटना शुरू किया। मेरे चूत पर जीभ रखते ही नैना ने जोर से सिसकियाँ भरी और आह आह ऊह आआआआ हहहहह करने लगी। मैने भी अंदर तक जीभ घुसा के उसकी चूत को चाटा काफी देर तक।
उसकी चूत से नहाने के बाद की एक अलग ही खुशबू आ रही थी और अच्छे से उसकी चूत अपना चूतरस छोड़ चुकी थी। चूत चाटते हुए ही मैंने अपने लोअर और अंडरवियर को उतार दिया। और फिर ऊपर उठके अपना लण्ड उसकी चूत पर सेट किया और उसकी चूत को लण्ड से रगड़ना शुरू किया।
तभी नैना बोली अब मत तड़पाओ जान डाल भी दो अंदर। दोस्तो मुझे भी नैना को छूटने का मौका नही देना था इसलिए उसके चूतड़ों से उसे पकड़ा और एक साथ अपना लण्ड उसकी चूत में घुसा दिया। लण्ड अंदर घुसते ही नैना छूटने की कोशिश करने लगी पर मैंने उसके सर को उसके बालों से कसके खींच के पकड़ लिया जिससे कि वो पीछे न देख सके।
नैना दर्द से बहुत तेज चिल्लाने लगी आह आह ईईईई निकालो इसे रोहित प्लीज़, ये तुम्हे क्या हो गया बेबी?
मुझे लग क्यों रहा है इतना, बहुत मोटा लग रहा है यार आज निकालो इसे। पर मैंने एक न सुनी और जोर-जोर से झटके लगाता रहा।
थोड़ी देर में मेरा लण्ड उसकी चूत में एडजस्ट हो गया। फिर वो भी मजा लेने लगी और आह ऊह आह ऊह ऊह ईह करके सिसकारियाँ लेने लगी। दोस्तो मैंने उसको उसी पोजीशन में आधा घंटा चोदा। इतने बीच में वो 3 बार झड़ चुकी थी।
मैं उसकी चूत बहुत तेजी से झटके लगाके चोद रहा था। इसकी वजह से मेरा माल जल्दी निकलने को बाहर आ गया। और मैंने भी अपना सारा माल उसकी चूत में ही निकाल दिया। मेरा माल उसकी चूत में छोड़ने के बाद मैंने उसके बाल भी छोड़ दिये। वो बहुत थक चुकी थी तो उसने अपना सर बेड में गड़ा लिया और उसी पोजीशन में खड़ी रही।
अभी मेरा लण्ड उसकी चूत के अंदर ही था। मैंने तभी फटाफट अपनी टी शर्ट और बनियान भी निकाल दी क्योंकि चूत लेने की वजह से गर्मी लगने लगी थी। उसकी चूत में उसका और मेरा माल मिलके बहुत माल भर गया। इतना कि अपने आप बाहर आ रहा था धीरे-धीरे।
मैंने थोड़ी देर रुकके अपना लण्ड बाहर निकाला और वही बेड पे उसके बराबर में लेट गया। उसने मुझे देखा और एक साथ चमकते हुए खड़ी हो गयी और गुस्से से भर के बोली तुम कौन हो। और वही बेड पे पड़ी एक तौलिया उसने ऐसे लपेटी की उससे अपने बूब्स और चूत दोनों को ढकने की नाकाम कोशिश करने लगी।
दोस्तो जब वो खड़ी हुई उसके हुस्न को देख के मेरा लण्ड तुरन्त फिर से खड़ा हो गया। उसके 36 के बूब्स उसके सुंदर होंठ और मस्त सेक्सी बिना झांटों वाली चूत। और उस चूत में से उसका चूतरस और मेरा लण्डरस मिक्स होके बाहर आता हुआ और उसकी जाँघों से होके नीचे आता हुआ।
नैना की नज़र भी मेरे लण्ड पर टिकी हुई थी वो आंखें फाड़-फाड़ के मेरे लण्ड को निहार रही थी। लण्ड को देखके वो अपना सारा गुस्सा भी भूल गयी।
तभी मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे अपने पास बिठाया और कहा कि मैं तो रोहित से मिलने आया था। वो था नही तो सोचा आपसे मिलके दोस्ती कर ली जाए।
तभी मैंने लोअर से चॉकलेट निकाली और उसे दी पर तब तक वो भी गर्मी से पिघल चुकी थी। पिघली हुई चॉकलेट हाथ में लेके उसने मेरी तरफ ऐसे देखा जैसे वो शिकायत कर रही हो कि ये पिघल चुकी है।
तभी मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपना लण्ड उसके हाथ में पकडाते हुए कहा आप इसे खाओ,चूसो,खेलो कुछ भी करो ये पिघलने वालों में से नहीं है। वो बोली इसी की वजह से मैंने तुमसे कुछ नही कहा।
इतना बड़ा और इतना मोटा लण्ड मैंने पहली बार देखा है। ऐसी चुदाई मेरी आजतक नही हुई। उसने तभी रोहित को फ़ोन मिलाया और कहा रोहित थैंक यू सो मच यार। तुम्हारी वजह से आज पहली बार मेरी चूत को ऐसा लण्ड मिला है। तभी मैंने नैना के हाथ से फ़ोन लेके काट दिया और उसे कस के बांहो में भरा। नैना ने इसपे कोई ऐतराज नहीं उठाया।
फिर हमने किस करना शुरू किया तभी नैना ने मेरे लण्ड को हाथ में पकड़ा और उसे महसूस करते हुए आंखें बंद कर लीं और वह मेरे लण्ड को धीरे-धीरे सहलाते हुए हिलाने लगी। तभी फिर मैंने नैना को बेड पर लिटाया और उस पिघली हुई चॉकलेट को थोड़ी सी उसके होठों पर और थोड़ी सी उसके बूब्स पर लगा दिया।
फिर मैंने उसके होठों को चूसा और उसके बूब्स को भी चाट चाटकर दबा-दबा के चूसा। नैना सिर्फ तेजी से सिसकियाँ भर रही थी। फिर नैना उठी और उसने बची हुई सारी चॉकलेट मेरे लण्ड पर लगा ली। और फिर लण्ड को चाट कर चूसने लगी, उसने काफी देर तक मेरा लण्ड चूसा।
फिर मैं बिस्तर पर लेट गया और नैना अपनी चूत में लण्ड फसाते हुए मेरे ऊपर बैठकर उछलने लगी। नैना उछल-उछल के अपनी चुदाई कर रही थी और आह अअअअअअ हहहहह सससससस ईईईई की उसकी आवाज़ें सारे कमरे में गूंज रही थीं। थोड़ी देर बाद जब नैना थक गई तो वो नीचे आ गयी और मैंने ऊपर आके उसकी चूत को चोदा बहुत देर तक।
उसके बाद मैंने उसे बिस्तर पर ही कुतिया बनाया और जबदस्त तरीके से उसकी चूत को बजाया नैना की चूत का पानी मेरे लण्ड को एक बहुत ही सुखद आनंद दे रहा था। थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद मैंने उसकी गाँड़ के छेद पे अपना लण्ड लगा दिया जिससे मेरा सारा माल उसकी गाँड़ पर ही निकला और बहुत सारा उसकी गाँड़ में अंदर भी चला गया। फिर वहीं हम दोनों लेट गए।
नैना बहुत ज्यादा खुश थी। उसने थोड़ी देर बाद मेरे लण्ड को फिर से चूसना शुरू कर दिया और लण्ड खड़ा करके उसे ढंग से चूसना हिलाना चालू कर दिया। मैंने भी तुरंत उसे कुतिया बनाया और लण्ड उसकी गाँड़ में डाला। उसकी गाँड़ मेरे माल की वजह से पूरी तरह से गीली और चिकनी हो रही थी।
मेरा लण्ड एक बार में पूरा अंदर घुस गया। नैना को दर्द बहहत हुआ पर वो दर्द में भी मजे ले लेके गाँड़ में लण्ड को ले रही थी। उस राउंड में मैंने सिर्फ उसकी गाँड़ को ही 1 घंटे तक कसके कई पोज़िशन्स में बजाया और फिर उसकी गाँड़ को एक बार फिर से अपने माल से भर दिया। उस दिन नैना के बेटे के स्कूल से आने तक हमने चुदाई की, नैना बहुत खुश थी।
उसके बाद मैं घर आ गया। उसके अगले दिन रोहित भी दिल्ली से लौट आया। आके रोहित ने फ़ोन किया और बोला क्या बात है भाई तूने तो भाभी को दीवाना बना लिया।
मैंने कहा उसने भी मुझे दीवाना बना लिया है यार अब तो रोज उसकी लेने का मन करता है। तो वो बोला साली चीज़ ही ऐसी है। पर अब घर में सब हैं तो मैं खुद मुश्किल से ले पाता हूँ।
मैंने कहा भाई तू उसे मेरे घर ले आ ना यहाँ मैं अकेला रहता हूँ दोनों मिलके बजायेंगे उसे। उसने कहा हाँ ये सही है कल सुबह लेके आता हूँ।
दोस्तो अगले दिन सुबह 9 बजे नैना और रोहित दोनों मेरे घर आ गये। क्या लग रही थी नैना नीले रंग की साड़ी में।
रोहित मुझसे गले मिला फिर मैंने नैना से कहा, तुम भी आ जाओ जान, गले लग जाओ। और उसे खींच के कस के बाँहों में भर लिया। बाँहों में भरते ही मैंने नैना को चूसना और चाटना शुरू कर दिया मेरे होंठ उसकी गर्दन और उसके होठों को चूम रहे थे और मेरे हाथ उसके चूतड़ों को मसल रहे थे। रोहित ने भी पीछे से ही उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और उसकी साड़ी को ऊपर से नीचे गिर दिया।
मैंने भी नीचे से उसकी साड़ी पेटीकोट में से निकाल दी और अब वो हमारे सामने पेटीकोट ब्लाउज में थी। तभी रोहित ने उसका ब्लाउज भी निकाला और उसके 36 के बूब्स उसकी लाल रंग की ब्रा में झूलते हुए हमारे सामने थे।
नैना ने अपने बूब्स को हाथों से छुपाया और शर्माते हुए बोली यार दोनों एक साथ नही एक एक करके लो मेरी मुझे एक साथ दोनों को देने में बहुत शर्म आयेगी। हम दोनों एकदूसरे की तरफ देखके मुस्कुराये और जोर से हँसे।
फिर मैंने नैना को गोद में उठाया और ये कहते हुए दूसरे रूम में ले गया कोई न बाबू एक-एक करके ही गाँड़ और चूत फाड़ेंगे तुम्हारी। रूम में ले जाके मैंने नैना को बेड पर लिटाया और अपने सारे कपड़े उतार दिये। मेरा लण्ड फ़नफनाता हुआ नैना के सामने आ गया जिसे देख के नैना खुद को नहीं रोक पायी और मुझे इशारा करते हुए बेड की तरफ बुलाया।
मेरे पास आते ही उसने मेरे लण्ड को कस के पकड़ लिया और मेरे लण्ड का टोपा नीचे करके उसे चाटने लगी और पूरा लण्ड मुंह में अंदर तक लेके चूसने लगी। वो लण्ड चूस रही थी और मैंने उसका पेटीकोट उतार दिया और उसकी लाल रंग की पैंटी में हाथ डालके उसकी चूत को सहलाने लगा।
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी ब्रा और पैंटी दोनों को उतार के फेंक दिया। फिर मैंने देर न करते हुए नैना को उसके चूतड़ों से पकड़ के अपनी तरफ खींचा और उसके पैर अपने कंधों पर रख लिए और उसकी चूत पे लण्ड को रगड़ना शुरू किया। उसकी चूत बिल्कुल भी गीली नहीं थी, पर मैंने लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और तेजी से लण्ड उसकी चूत में घुसाया।
नैना को और मुझे बहुत तेज लगी। नैना के मुँह पर साफ झलक रहा था जैसे वो चिल्लाना चाहती है पर चिल्ला नही रही है। पर मैं नही माना, मैं ऐसे ही उसकी चूत को चोदने लगा। थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ा और उसकी चूत गीली हो गयी जिससे लण्ड आसानी से अंदर बाहर होने लगा। तभी मैंने पोजीशन बदली और बेड पर लेट गया। और नैना को अपने ऊपर बैठा लिया। नैना मेरे लण्ड पर बैठकर उछलने लगी फिर मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और वही उसे बाँहों में कसके पकड़ लिया और किस करने लगा।
नैना का लण्ड पर उछलना बन्द हो गया अब मैं उसे नीचे से झटके लगाकर चोदने लगा। इसमें नैना को ज्यादा मजा आने लगा वो आह ऊह आह आह अअअअअ हहहहह करके तेजी से चिल्लाने लगी। तभी रोहित भी अंदर आ गया और उसके चूतड़ों पर 2 कसके हाथ मारके बोला मजा आ रहा है मेरी बिल्लो। रोहित बिल्कुल नंगा अंदर आया था।
मैं नैना को उसी पोजीशन में कसके पकड़के चोद रहा था और रोहित उसके शरीर पर जीभ फिराके चाट रहा था वो कभी उसके बूब्स दबाता कभी उसके चूतड़ों पे हाथ मार देता। इस सब से नैना और तेजी से चूत को लण्ड में लेने लगती। फिर रोहित ने अपना लण्ड वहीं उसकी गाँड़ में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा। अब नैना की चूत और गाँड़ दोनों में धगापेल लण्ड अंदर बाहर हो रहा था।
हमने नैना को घंटे भर उसी पोजीशन में चोदा। फिर थोड़ी देर बाद नैना बेड पर ही घुटनों के बल बैठ गयी और हम दोनों खड़े थे नैना ने दोनों हाथों में हमारे लण्ड पकड़ रखे थे और दोनों को जोर-जोर से हिला रही थी और मुँह में लेके चूस और चाट रही थी।
थोड़ी देर बाद रोहित ने अपना माल नैना के मुंह में ही झाड़ दिया। और नैना उसे मुँह में भर के मेरे लण्ड को मुँह में लेके चूस रही थी। फिर मैंने भी अपना माल नैना के मुँह में ही झाड़ दिया नैना का मुँह भर चुका था। नैना ने सारा माल तभी पी लिया और दोनों के लण्ड को जीभ से चाट-चाट के साफ किया। फिर हम तीनों बिस्तर पर लेट गये।
नैना हम दोनों के बीच में लेटी हुई थी। हम दोनों कस के नैना के बूब्स को दबा रहे थे और नैना हमारे लण्ड सहला रही थी। हमारे लण्ड फिर से नैना को चोदने के लिए तैयार थे। मैंने नैना को बिस्तर पे उल्टा लिटा लिया और लण्ड नैना की गाँड़ में पेल दिया।
नैना उछटकर छूटने की कोशिश करने लगी और चिल्लाने लगी पर रोहित ने नैना को आगे से पकड़ा और लण्ड उसके मुँह में देके अंदर बाहर करने लगा। नैना मजे से गाँड़ आगे पीछे करके लण्ड पूरा गाँड़ में अंदर तक ले रही थी और मुँह में भी अंदर तक लेकर चूस रही थी।
फिर उसके बाद मैं बेड पर लेटा और नैना मेरे पैरों की तरफ मुँह करके अपनी चूत में मेरा लण्ड लेते हुए उस पर बैठ गयी और रोहित खड़े होकर उसको लण्ड चुसवाने लगा। नैना की चूत से उसका पानी निकलकर मेरे लण्ड को नहला रहा था। थोड़ी देर ऐसे उसे चोदने के बाद रोहित बोला अब मुझे इसकी चूत लेनी है। तो मैं नीचे बेड पे लेटा ही रहा और नैना घोड़ी बनके मेरा लण्ड चूसने लगी।
रोहित ने पीछे से नैना को चोदना शुरू किया और 20 मिनट चोदने के बाद उसकी चूत को अपने माल से भर दिया। नैना वही घोडी बनी रही और मैंने फिर उसकी गाँड़ को चोदा आधा घंटा और उसकी गाँड़ को अपने माल से भरा। नैना की चूत और गाँड़ दोनों माल से भरी हुई थी।
जब नैना खड़ी हुई तो उसकी चूत और गाँड़ से माल बाहर आके उसकी जाँघों से होके नीचे आने लगा। क्या लग रही थी वो उस समय?? उस दिन पूरे दिन हमने नैना को इतना चोदा की वो चल नही पा रही थी। फिर शाम को नैना घर चली गई और उसके बाद हमने कई बार मिलके उसे चोदा।
कुछ समय बाद नैना के पति का ट्रांसफर दिल्ली हो गया तो नैना अपने पति के साथ दिल्ली चली गयी।
दोस्तो ये थी हमारी Hindi Sex Stories। कमेंट करके जरूर बताना कैसी लगी? या मेल करे bhardwajojas1@gmail.com

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