नहाती हुई नंगी पड़ोसन ने किया बेकाबू - Antarvasna Sex Stories
- Ojas Bhardwaj
- Feb 1
- 6 min read
हैलो दोस्तो मैं ओजस अलीगढ़ से एक बार फिर हाजिर हूँ अपनी नई चुदाई की कहानी के साथ जिसमें मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली लड़की जिसका नाम कीर्ति है, को नंगी नहाते हुए देखा और घंटों चोदा।
दोस्तो कहानी कुछ यूँ है कि मेरे पड़ोस में एक विधवा आंटी रहती हैं। जिनका नाम विभा है । विभा आंटी अलीगढ़ में ही एक प्राइवेट जॉब करती हैं। उनके पास एक लड़का और एक लड़की है लड़का उनका बाहर रहकर पढ़ाई करता है और आंटी और कीर्ति घर पर ही रहते हैं।
आपको कीर्ति के बारे में बता दूं, उसकी लंबाई 5 फुट 5 इंच है, और फिगर 34-28-36, उसका भरा हुआ गोरा बदन ऐसा है कि किसी भी लड़के का देखने मात्र से पानी निकल जाये।
एक दिन सुबह करीब 9 बजे मेरे पास आंटी का फोन आया कि ओजस बेटा तू घर पे है क्या?
मैंने कहा हाँ आंटी। तो आंटी बोली कि देख कीर्ति फोन नहीं उठा रही है तू घर पे जाके मेरी उससे बात करवा देगा क्या?
मैंने कहा ठीक है आंटी अभी 10 मिनट में जाके करवाता हूँ। मैं तभी घर से निकला और उनके घर पहुँचा। उनका बाहर वाला गेट खुला हुआ था तो मैं अंदर घुस गया, और उनके अंदर वाले गेट पर पहुंचकर मैंने कीर्ति को आवाज लगाई पर वो नहीं निकल के आयी।
तो मैंने बाहर से ही अंदर हाथ डालके उसका गेट खोला और अंदर घर में घुस गया। अंदर जाकर मैं सीधे कीर्ति के रूम में गया देखा तो वो वहां भी नहीं थी। मैं उसके कमरे से निकल ही रहा था कि मुझे बाथरूम में शॉवर से पानी बहने की आवाज आयी।
दोस्तो मैंने हल्का सा धक्का बाथरूम के गेट पर दिया तो वो अंदर की तरफ हल्का सा खुल गया। अंदर का नजारा देख कर तो मैं खड़ा का खड़ा रह गया और मेरी आँखें बहुत बड़ी हो गयीं। अंदर कीर्ति नंगी शॉवर के नीचे खड़ी थी।
उसकी 36 इंच की बड़ी सी गाँड मेरी तरफ थी उसने अपने लंबे बालों को आगे अपने बूब्स की तरफ कर रखा था। ऊपर से पानी उसकी गर्दन से सरकते हुए उसकी गोरी पीठ पर आ रहा था और फिर नीचे उसके बड़े बड़े चूतड़ों के बीच में से होकर उसकी भरी हुई जांघों से सरकता हुआ नीचे जा रहा था।
उसे देखकर मैं होश खो बैठा था। जैसे तैसे मैंने खुद को संभाला लेकिन मेेरा लण्ड मेरी चड्डी और लोअर को फाड़ के बाहर आने को बेताब हुआ जा रहा था। कीर्ति अपने हाथों से अपने शरीर को रगड़ रही थी। और अपने बूब्स और चूत को पानी से सहला-सहला के साफ कर रही थी।
जैसे जैसे उसका हाथ उसकी चूत और उसके बूब्स पे जा रहा था उसकी सिसकारियां साफ मेरे कानों तक सुनाई दे रही थीं। तभी अचानक मुझे कुछ सूझा और मैंने अपने सारे कपड़े वही उतार दिये। और अन्दर बाथरूम में घुसकर पीछे से कस के अपनी बाँहों में कीर्ति को जकड़ लिया।
कीर्ति एकदम से छटपटाई और छूटने की कोशिश करते हुए बोली अबे तू यहाँ क्या कर रहा है। छोड़ मुझे ओजस मान जा,मैं तेरी शिकायत कर दूंगी,शोर मचाऊंगी।
मैंने कहा अभी तू चुप रह जान मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूँ। आज मुझे तेरे करीब आने का मौका मिला है। जो तू चाहे कर पर आज मैं तुझसे दूर नहीं होऊंगा।
मेरा 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लण्ड कीर्ति के मोटे चूतड़ों के बीच उसकी गाँड में फंस चुका था। और उसके बूब्स मेरे हाथों में थे। मैं उसके बूब्स को हाथों से सहला रहा था। उसके निप्पल एकदम टाइट हो चुके थे। मैं उसको गर्दन और गर्दन से ऊपर लगातार किस किए जा रहा था।
मेरी गरम सांसों ने जल्दी ही उसको मदहोश कर दिया। उसने पीछे मेरे लण्ड की तरफ हाथ से इशारा करते हुए कहा पहले इसे हटा यार मेरे बहुत जोर से चुभ रहा है ये। मैंने भी एक हाथ उसकी चूत पे फिराया और उसकी चूत को उंगलियों से सहलाते हुए बोला बाबू इसे तेरी चूत में जाने दे फिर ये कहीं भी नहीं चुभेगा, बल्कि तुझे जन्नत का मजा देगा।
जैसे-जैसे मैं उसकी चूत पर उंगलियाँ फिरा रहा था उसकी साँसें तेज हो रही थीं, तभी मैने 2 उंगलियाँ उसकी चूत के अंदर डाल दीं। उसने एकदम से एक जोर की सिसकी भरी और बोली और कितना तड़पायेगा जो डालने की चीज है वो डाल न।
तभी मैं समझ गया कि लोहा गरम है हथौड़ा मार दिया जाए। कीर्ति की चूत अंदर पानी छोड़ रही थी और लण्ड लेने को तड़प रही थी। मैंने तभी उसको सीधा किया और शॉवर बंद करके उसके होठों को चूसने लगा। अब उसके चूतड़ों को मैं हाथ से कसके दबा के मसल रहा था। मेरा लण्ड उसकी चूत से टकरा रहा था। कीर्ति ने अपने हाथ में मेरा लण्ड लिया और उसपे हाथ फिराने लगी।
तभी एकदम से बोली तेरा हथियार तो बहुत बड़ा है जान ये तो मेरी चूत फाड़ देगा। मैंने कहा तू इसे मुँह में लेके चूस इसे चिकना कर ले फिर तो आसानी से जायेगा। कीर्ति घुटनों के बल बैठ गयी और वही मेरे लण्ड को मुँह में लेके चूसने लगी।
वो पूरा अंदर गले तक लण्ड को ले रही थी और पूरा उसकी लार में मलके चूस रही थी। उसके ऐसे चूसने से मेरी भी सिसकियाँ न चाहते हुए भी बाहर आ रही थीं। लगभग 15 मिनट लण्ड चुसवाने के बाद मैंने उसे खड़ा किया और वहीं टंगी हुई टॉवल लेके उसे टॉवल में लपेट लिया और गोद में उठाकर बाहर कमरे में बेड पर ले आया।
बेड पर मैंने उसे घुमाते हुए उसकी टॉवल निकाली और उसे बेड पर नंगी कर लिया। और तभी मैंने भी उसी तौलिया से खुद को पोंछा। फिर मैंने उसे उसके मुँह से चूमना शुरू किया और उसकी गर्दन पर गरम सांसें छोड़ते हुए उसे चाटा। फिर मैंने उसके दूध पीना शुरू किया और उन्हें कस के मसलते हुए चूसा।
कीर्ति मुँह से ससससससशशशअआअआअ करके आवाजें निकाल रही थी जैसे वो तड़प रही हो। मैंने उसको पेट पर चाटा और उसकी नाभि में जीभ फिरा के उसे चूसा। मेरी जीभ उसकी नाभि में घूम ही रही थी कि उसकी मम्मी का फोन मेरे फोन पर आने लगा। मैंने फोन रिसीव करके उसे दे दिया कि लो कीर्ति आंटी से बात करो। कीर्ति ने फोन कान पे रखा और बात करने लगी।
मैंने भी तभी उसकी गोरी और बिना झांटों वाली चूत पर जीभ रख दी। वो एकसाथ सिहरी और तड़पने लगी। मैं उसकी चूत में जीभ अंदर तक डालके उसकी चूत को चूसने चाटने लगा। वो पागलों की तरह मचलने लगी और उसने जल्दी अपनी मम्मी से बात खत्म करके फोन काटा।
फोन काटके उसने दोनों हाथों से मेरे सर को अपनी चूत में दबाया और बोली और जोर से चूसो ओजस आह आआआ ससशशस खा जाओ मेरी चूत को आह। उसकी चूत एकदम चिकनी हो रही थी उसने झांटें भी आज ही साफ की थीं।
बहुत देर तक उसकी चूत चाटने के बाद मैं फिर से उसे किस करने लगा। तभी उसने मुझे बेड पे धक्का दिया और मेरे ऊपर आकर मुझे चाटने लगी। और फिर मेरे ऊपर 69 में आके मेरा लण्ड चूसने लगी। उसकी चूत मेरे मुँह पर थी। मैं भी उसकी चूत को अन्दर तक जीभ डालके चाट रहा था। उसकी चूत धीरे-धीरे पानी छोड़ने लगी और मैं उस पानी को चाटकर उसकी चूत को अन्दर तक चिकनी कर रहा था।
इधर वो मेरा लण्ड दबा के ऐसे चूस रही थी जैसे बच्चा लॉलीपॉप चूसता है। तभी मैंने उसे खड़ा किया और बेड पर ही घुटनों के बल बिठा लिया और लण्ड उसके मुँह में अंदर बाहर करने लगा वो भी मजे से मेरे लण्ड को चूस रही थी। मैंने उसको बालों से पकड़ा और उसके तक लण्ड को उसे चुसवाने लगा। तभी कुछ देर बाद मैंने भी उसके गले में ही अपने लण्ड की पिचकारी को छोड़ दिया।
कीर्ति मेरे लण्ड का सारा माल गटक गई और मेरे लण्ड को चाट चाट के साफ किया। फिर मैं बेड पे लेट गया तो वो मेरे ऊपर आकर बोली अब बर्दाश्त नहीं हो रहा ओजस अब डाल दे अंदर और उसने मेरे ऊपर बैठकर मेरा लण्ड अपनी चूत में डालने की कोशिश की। पर अंदर नहीं गया तो उसने तेजी से जोर लगा के एक साथ पूरा लण्ड अपनी चूत में ले लिया।
उसकी आंखों में आंसू थे पर फिर भी वो मेरे लण्ड पर उछल रही थी और धीरे धीरे अपनी चूत में मेरा लण्ड अंदर बाहर ले रही थी। उसकी चूत का पानी मुझे अपने लण्ड पर महसूस हो रहा था। फिर उसने स्पीड बढ़ाई और तेजी से अपनी कमर हिलाके उछल के लण्ड अंदर बाहर लेने लगी। और मजे से आह आज यस चिल्लाने लगी।
मैंने उसके बूब्स को दबाते हुए अपनी तरफ खींचा और उसके होठ वहीं पिये। फिर मैंने उसे कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत को धगापेल चोदा। मेरी जांघें उसके चूतड़ों से टकरा के पट-पट की आवाज निकाल रही थीं। थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद कीर्ति बोली अब खड़े होके करते हैं। फिर मैंने उसे जमीन पे एक पैर पे खड़ा किया और उसको दीवार का सहारा लेके खड़ा किया और फिर उसका दूसरा पर ऊपर उठाके बीच में से उसकी चूत में लण्ड डालके देर तक चुदाई की।
कीर्ति इस पोजीशन में खड़े खड़े थक गई वो कई बार झड़ चुकी थी और अपनी चूत का कामरस मेरे लण्ड को पिला चुकी थी। इसलिए वो बेड पर लेट गयी। तब मैने उसे उसके ऊपर आके बहुत देर तक चोदा और अपना सारा माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया। दोस्तो इसके बाद मैंने कई बार कीर्ति को उसी के घर में चोदा।
आपको हमारी चुदाई की Antarvasna Sex Stories कैसी लगी मुझे मेरी मेल आई डी bhardwajojas1@gmail.com पर ईमेल करके जरूर बताएं।

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