बहन की कमर में दर्द: Free Sex Kahani
- Lakhshay
- Jun 29
- 4 min read
नमस्ते दोस्तो,
मैं लक्ष्य हूं. और मैं काफ़ी दिनों से कामवासना पर कहानियाँ पढ़ता था लेकिन कभी मेरे साथ हुई चीज़ को शेयर करने की हिम्मत नहीं हुई। पर आज हिम्मत आई है।
तो उस दिन की बात पर आते हैं. ये कहानी मेरी और मेरी चाची की लड़की की है। मैं द्वारका में रहता हूँ और हम आस पास ही रहते हैं। मेरी बहन का नाम रजनी है और हम दोनो ही एक दूसरे के घर अक्सर आया जाया करते थे। लेकिन उस दिन से पहले वो मेरी बहन और मैं उसका भाई था।
ये बात आज से 3 साल पहले की है जब मेरा कॉलेज खत्म हो गया था और मैं प्लेसमेंट का इंतजार कर रहा था तो एक दिन दोपहर के 2 बजे जब रजनी के घर गया। तो मैंने घंटी बजाई तो चाची ने गेट खोला। और वो बहुत तैयार हो रखी थी जैसे कहीं जाने वाली हो। तो मैंने पूछा ही लिया कि आप कहीं जा रहे हो, तो चाची ने कहा कि हाँ वो मेरी बहन के बेटे की तबियत खराब हो तो मैं उसे देखने हॉस्पिटल जा रही हूं। रजनी ऊपर है उसको बता दियो। मैं जा रही हू, मैंने कहा ठीक है. तो वो कुछ 10 मिनट में बाद चली गई और मैं दरवाजा बंद करके रजनी के कमरे की तरफ चला गया।
मैं जैसा ही ऊपर पहुंचा, मुझे एक अलग ही खुशबू आई जैसे कोई बस अभी नहाकर निकला हो। मैंने एक बार के लिए इग्नोर किआ। अरे यार मैं तो रजनी के बारे में बताना भूल ही गया। रजनी मेरे से 2 साल बड़ी है. जब वो 23 साल की थी ये बात तब की है। उसका रंग ना तो सवाला है और ना ही गोरा। उसके बीच में उसका रंग है। उसकी चूचियां 32डी थी, कमर 30 जिस के ऊपर मक्खन रखो तो पिघल कर गिर जाए और 36 की गांड तो तब भी उफान मारता था और अब तो बात ही कुछ और है। वो अक्सर सामान्य कपड़े पेहन्ती थी. ना ज्यादा छोटे, ना ज्यादा ढके हुए.
हाँ तो कहानी पर आते है. तो मैंने उनको आवाज लगाई पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। फिर मैं बाथरूम की तरफ गया और वहा देख कर लग गया कि कोई अभी अभी नहाकर निकला है। और वो कोई नहीं रजनी दी थी. क्योंकि उनकी गीली कच्छी और ब्रा टोटी पर रखा हुआ था। पता नहीं क्यों उस गीली कच्छी को देख कर मेरे में करंट दौड़ गया। मुझे लग गया था कि वो रूम में है। और हमारे कमरे में बाहर से आवाज नहीं जाती इसलिए उनको मेरी आवाज सुनाई नहीं दी। तो उनके कमरे से निकलने वाली बालकनी की जगह जहां पर शीशे की खिड़की थी कमरे की, तो मैंने वहां पर हाथ से ढक कर जब अंदर देखा तो क्या ही बताऊं दोस्तो..
दोस्तो वो पूरी नंगी बेड पर लेटी हुई थी हेडफोन लगा कर और वो लैपटॉप में कुछ देख रही थी। उसने लैपटॉप अपनी जांघों पर रखा था तो नीचे का साफ दिख नहीं रहा था लेकिन उनकी टाइट चुचियां बता रही थी कि वो कुछ और नहीं कामवासना की कहानी पढ़ रही है। उसका एक हाथ चूची पर था और दूसरा हाथ चूत पर। मेरा तो मन कर रहा था कि अभी गेट खोल कर इसकी चूत मार लू। लेकिन वो बात नहीं बनती. जो मजा प्यार से लेने में वो जबरदस्ती में नहीं आता।
मेरे दिमाग में खुराफाती जगी मैंने सोचा अगर ये झड़ जाएगी तो इसका मूड नॉर्मल हो जाएगा तो मुझे इसे झड़ने से पहले इसे डिस्टर्ब करना पड़ेगा ताकि ये मछली की तरह मचलती रहे। तो मैं धीरे से कमरे के दरवाजे पर आया और दस्तक दिया। लेकिन उसको तब भी सुनाई नहीं दिया हेडफोन की वजह से, तो मैं वापिस शीशे पर गया और रजनी को कॉल किया क्योंकि मुझे उसका रिएक्शन देखना था। मैंने कॉल किया और उसने बहुत चिढ़ा हुआ सा मुंह बनाकर मेरा कॉल काट दिया।
मैंने वापस कॉल किया पर इस बार उसने उठाया लिया और बहुत चिढ़े हुए धंग से बोला कि क्या है, क्यू परेशान कर रहा है। मैंने बोला अबे गेट पर खड़ा हूं तेरे इतनी देर से दस्तक कर रहा हूं सुनाई नहीं दे रहा तुझे। तो ये सुनकर उसके चेहरे का रंग उतर गया और उसने फटाफट लैपटॉप बंद किया और बहुत जल्दी में उठकर कपड़े पहनने के चक्कर में उसकी कमर में मोच आ गई।
उसने फटाफट ऊपर एक टी-शर्ट डाली लेकिन कमर से झुक ना पाने की वजह से पैंटी नहीं पहन पा रही थी। तो उसने अपने कमर को ढकने के लिए नीचे के पार्ट को चद्दर से ढक लिया और वहीं से बैठे बैठे रिमोट से गेट खोला
मैं भाग कर दरवाजा पर गया और रूम के अंदर आया। मैं उसके बेड पर बैठा और बोला घर में कोई आता है तो चाय पानी पूछते हैं क्या बेड पर लेटी पडी है कम से कम पानी पिला दे इस गर्मी में। लेकिन वो कुछ नहीं बोली बस फोन चलाने की एक्टिंग करती रही जब दूसरी बार बोला तो उसने बोला कि भाई यार आज खुद उठकर लेले मेरी तबियत ठीक नहीं है। मैंने पूछा क्या हुआ तो उसने बोला कि कमर में बहुत दर्द है उठा नहीं जा रहा।
तो मैंने उसको कमर की मालिश के लिए कैसे मनाया और उस बिस्तर पर मालिश के साथ और क्या क्या हुआ ये आगे वाले पार्ट में बताऊंगा।
तब तक के लिए मेरी बहन की याद में अपने शहजादे को सलामी देते रहो।
मुजे मेल करे: Degamashi8@gmail.com
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