माँ और ताऊ जी की चुदाई का आँखों देखा हाल - Antarvasna Sex Stories
- Kamvasna
- Feb 13
- 4 min read
आज मैं आपको आज माँ की ताऊ जी से चुदाई की बिल्कुल ही ताजी कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जो आज रात की है। सबसे पहले मैं आपको माँ और मेरे ताऊजी का परिचय करा दूँ। मेरी माँ जिनकी उम्र ५० साल है, एक गोरी लंबी और सुंदर औरत है। ताऊजी भी जिनकी उम्र सत्तर साल के हैं, लंबे और हेल्दी और सुंदर हैं।
मैं सूरत में अकेले दो रूम के फ्लैट में रहता हूँ। मेरी माँ अकेली इन दिनों मेरे पास आई हुई है। पापा अकेले हमारे घर पर ही थे। मेरे ताऊजी अपने किसी काम से यहाँ आये हुए थे। रात में जब ताऊजी मेरे रूम पे आये तो माँ उन्हें देखकर बहुत खुश थी।
रात में खाना बनने के बाद माँ ने हम सब लोग एक साथ ही खाना खाया। खाना खाने के बाद मैं कुछ देर के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। ताऊजी भी मेरे कमरे में सोने के लिए आ गये। मैं जल्दी ही सो गया। मैं एक घंटे के बाद जब अचानक जागा तो ताऊजी को वहाँ बेड पर न देखकर मुझे कुछ शक हुआ।
तभी मैंने दूसरे कमरे से कुछ आवाज सुनी। मैं धीरे से दूसरे कमरे के खिड़की के पास गया। वहाँ जाकर देखा कि रूम की नाइट बल्ब जल रही थी, जिससे मैंने माँ को ताऊजी के पास बैठा पाया। जब ध्यान से देखा तो मैंने पाया कि ताऊजी मेरी माँ की चुचियों को धीरे-धीरे दबा रहे थे।
माँ के मुँह से आआआह्ह्ह हाउउउच आआआह्ह्ह की आवाज आ रही थी। कुछ देर के बाद माँ बेड पे लेट गई। माँ ने रात में नाइटी पहन रखी थी। माँ के बेड पर लेटते ही ताऊजी ने माँ के नाइटी को उठा कर कमर के ऊपर कर दिया। माँ ने अपनी कमर को उठा कर उनकी मदद किया।
माँ ने नीचे कुछ भी नहीं पहना था। नाइटी को कमर के ऊपर करने के बाद ताऊजी माँ के जांघ पर बैठ गये। अब ताऊजी ने अपने लंड को निकाला। मैंने जब ताऊजी के लंड को देखा तो समझ गया कि बहुत ही मजा आने वाला है। ताऊजी ने माँ के गांड को फैला कर देखा।
अब ताऊजी ने अपने मुँह से थूक निकाल कर माँ के गांड पर लगाया। गांड में थूक लगाने के बाद अपने लंड पर भी थूक को लगाया। अब उन्होंने माँ के गांड पर लंड को सटाया। माँ ने उनके लंड को उसका रास्ता दिखाया। ताऊजी ने जोर से झटका मारा। माँ आआआह्ह्ह करके सिसकी ली।
ताऊजी माँ के ऊपर लेट गये और अपनी कमर को जोर से हिलाने लगे। माँ भी सिसकी लेकर उनके उमंग को बढ़ा रही थी। माँ के गांड में पूरा लंड ताऊजी ने थोड़े देर में डाल दिया। लगभग पंद्रह मिनट तक कमर को हिलाने के बाद ताऊजी ने अपने बीज को माँ के गांड में गिरा दिया।
अब ताऊजी ने लंड निकाल कर रूम से अटैच्ड बाथरूम में पेशाब करने चले गये। मैं तब तक माँ के गांड को देख रहा था। उनके आने के बाद माँ ने ताऊजी के लंड को अपने मुँह में लेकर चाटने लगी। माँ ने लंड को कुछ देर तक चाट कर ताऊजी को गर्म कर दिया।
अब ताऊजी ने माँ को लिटा कर उनके दोनों जांघों को फैलाया और माँ के चुद को चाटने लगे। माँ ने आँखें बंद कर ली। कुछ देर तक चाटने के बाद ताऊजी ने माँ के चुद पर पास पड़े डिब्बे से तेल निकाल कर चुद पर लगाया। माँ चुपचाप अपने हाथ में लंड पकड़ के सहला रही थी।
माँ के चुद में तेल लगाने के बाद ताऊजी ने माँ के हथेली से अपने लंड को लेकर उसमें तेल लगाया। तेल लगाने के बाद ताऊजी ने माँ के चुद पर, जो कि उनके लंड के लिए बहुत छोटी थी, सटाया। माँ ने अपनी आँखें बंद कर ली और अपने दोनों हाथों से चुद को फैलाया।
ताऊजी ने अपनी कमर को धीरे से झटका दिया। माँ के मुँह से आआआह्ह की आवाज आई। मैं समझ गया कि उनके चुद में लंड चला गया था। क्योंकि ताऊजी ने पूछा कि गया है तो माँ ने हाँ कह कर जवाब दिया। अब ताऊजी अपनी कमर को हिलाने के साथ ही माँ के चुचियों को नाइटी के बंधन से आजाद कर के अपनी हथेलियों के गिरफ्त में ले लिया।
हथेलियों में लेने के बाद ताऊजी ने चुचियों पर तेल लगाया। तेल लगाने के बाद ताऊजी ने माँ के चुचियों को दोनों हथेलियों में दबाते हुए जोर से कमर को झटका मारा तो माँ आआआह्ह्ह आआआह्ह्हय्या करने लगी। ताऊजी और जोर से झटके लगाने लगे।
तब माँ ने कहा कि थोड़ा धीरे-धीरे डालिए, मैं आपसे बहुत छोटी हूँ। ताऊजी ने माँ से कहा कि तुम मुझसे जवान हो। अब उनका स्पीड धीरे-धीरे बढ़ रहा था। माँ के हर सिसकी को ताऊजी उनकी मस्ती की मॉर्निंग समझ रहे थे। माँ के चुद में जोर-जोर से झटके लगा रहे थे।
माँ को कुछ देर तक झटके लगाने के बाद ताऊजी उठकर बैठ गये और अब बैठ के कमर को हिलाने लगे। मैंने जब ध्यान से देखा तो पाया कि माँ की चुद उनके पूरे लंड को अपने अंदर ले रखा था। अब माँ के कोमल झट ताऊजी के झांट से टच कर रहा था।
ताऊजी के साथ माँ भी मजे लेकर चुदाई कर रही थी। लगभग आधे घंटे तक चुदाई करने के बाद ताऊजी जब माँ के होंठों को चूसने के लिए उनके होंठों पर अपने होंठों से सटाया और चूसने लगे तो मैं समझ गया कि उनका लंड माँ के चुद की प्यास को अपने अमृत से बुझा रहा था। माँ भी अपने होंठों को खोल कर चुसवा रही थी। एक तरफ ताऊजी माँ के चुद में जोर-जोर से झटके मार रहे थे तो दूसरे तरफ अपनी दोनों हथेलियों से उनके चुचियों को मसल रहे थे तो तीसरे तरफ माँ के होंठों को चूस रहे थे।
लगभग तीन मिनट तक चूसने के बाद ताऊजी और माँ शांत हो गये। कुछ देर तक माँ के ऊपर लेटे रहने के बाद ताऊजी उठ के लंड निकाल कर माँ के बगल में लेट गये। माँ कुछ देर तक लेटे रहने के बाद जब उठ कर कपड़ा पहनने लगी तो मैं अपने बेड पर चला गया। ताऊजी भी उठ कर मेरे बगल में आकर सो गये। माँ रूम से निकल कर बाथरूम में गई। पेशाब करने के बाद माँ अपने रूम में चली गई। ताऊजी को आज सुबह घर वापस जाना था। इस के चलते वो सुबह चले गये।
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