मेरी गर्लफ्रेंड की गांड और चूत की ताबड़तोड़ चुदाई - Antarvasna
- Ved Prakash
- Jun 6
- 6 min read
मेरा नाम वेद है मैं पटना के महेन्द्रू में एक किराए के मकान में फ्लैट में रहता हूं ।
मेरी गर्लफ्रेंड का नाम नेहा मेहता था जो पहले मेरी दोस्त थी लेकिन बाद में वो मेरी गर्लफ्रेंड बन गई।
नेहा मेरे फ्लैट से कुछ ही दूरी पर मछुआटोली पटना में रहती थी।
नेहा उसी कोचिंग के क्लास में पढ़ने आती थी जिस में मैं जाता था, तभी हमारी दोस्ती हुई थी।
नेहा मुझ पर बहुत भरोसा करने लगी थी।
नेहा का एक बॉयफ़्रेंड भी था जो पटना में ही रहता था लेकिन नेहा उसे हमेशा दोस्त ही बताती थी।
एक दिन उसके बॉयफ़्रेंड से नेहा का झगड़ा हो गया तो नेहा मुझे सब बताई।
मुझे लगा यही सही मौका है नेहा को पटाने के लिए, अगर इसकी चुदाई करनी है तब...
फिर मैं नेहा को उसके बॉयफ़्रेंड के खिलाफ इतना कुछ नेहा को समझाए, कि नेहा और उसके बॉयफ़्रेंड का ब्रेकअप हो गया।
नेहा अब अकेले थी तो मेरे करीब बहुत आ गई।
मैं मौका देख के नेहा को प्रपोज कर दिया तो नेहा भी एक्सेप्ट कर ली।
नेहा को भी मेरा साथ पसंद था।
एक दिन नेहा मुझे मॉर्निंग में कॉल की और बोली मैं आ रही हूं फ्लैट पर तुमसे कुछ काम है।
नेहा जब फ्लैट पर आई तो फ्रॉक टाइप पहनी हुई थी वो अंदर आ के तो पहले तो बोली कि टॉयलेट से आती हूं।
मैं मजाक में बोला कि मैं भी अंदर आऊं क्या..?
नेहा भी मजाक में ही बोली अंदर आने के लिए ताकत है न।
मैं नेहा का हाथ पकड़ के खींच लिया और अपनी बाहों में भर लिए।
बोले बेबी ताकत तो इतना है, कि तुम्हारे जैसी 10 को संभाल सकता हूं।
फिर एक किस उसके ओंठ पर किए।
नेहा भी मुझे किस की..फिर बोली..
बेबी मैं अभी बाथरूम से आती हूं और फिर वो बाथरूम के अंदर चली गई।
नेहा जब बाथरूम से बाहर आई तो मैं बेड रूम में था, नेहा आ के मुझे हग कर ली।
कुछ देर तक नेहा मुझसे चिपकी रही ..
मैं नेहा को किस करने लगा तो नेहा भी पूरा साथ देने लगी.मेरा हाथ नेहा के शरीर को भी मसल रहा था।
नेहा का शरीर पूरा भरा हुआ था, उसके चूचे काफी बड़े बड़े थे और गांड भी गजब था।
मैं नेहा को पूरी तरह मसल रहा था और साथ में किस भी..
नेहा बस आह .. आह.. ऊह.. ही कर रही थी।
मैं नेहा के फ्रॉक के अंदर हाथ डाल के उसके शरीर को मसले।
अब मैं नेहा के फ्रॉक को निकालने लगा तो वो मना नहीं कि।
मैं जैसे ही फ्रॉक निकाला वो ब्रा और पैंटी में सामने थे।
नेहा को फिर से किस करने लगे, फिर हाथ पीछे ले जा के ब्रा खोल दिए।
नेहा के चूचे अब मेरे हाथ में थे, अब मैं दोनो चूचे में मुंह लगा दिया, नेहा बस मजे ले रही थी..
मैं एक हाथ से नेहा के चूत को पैंटी के ऊपर से ही रगड़ रहा था जिस से नेहा भी मचल रही थी..
मैं देखा कि नेहा की चूत अब गीली हो रही है तो उसे पलंग पे लेटा दिए लेकिन उसका पैर जमीन पर ही था।
मैं नीचे आया और नेहा की पैंटी निकाल के साइड कर दिया।
नेहा पहली बार मेरे सामने नंगी थी।
चूत शेव की हुई थी और चमक रही थी।
मैं नेहा की चूत चूसने लगा।
नेहा मछली की तरह छटपटा रही थी।
फिर मैं अपना लोअर निकाल दिया।
मेरा लन्ड फुफकारते हुए बाहर आया।
नेहा लन्ड देखी लेकिन कुछ नहीं बोली..
मैं नेहा की चूत में एक उंगली डाल दिया तो देखा पूरा गर्म हो चुकी है।
मैं उंगली निकाल के सीधा नेहा के मुंह में डाल दिया, बोले बेबी ये तुम्हारे चूत का रस है।
नेहा कुछ नहीं बोली..
मैं लन्ड चूसने बोला तो बोली बेबी ये नहीं , मैं बोला चूसना मत बस पूरा एक बार अंदर ले तो लो।
नेहा मुंह खोली तो मैं लन्ड नेहा के मुंह में डाल दिया।
लन्ड इतना बड़ा और मोटा है कि उसका मुंह में सही से जा भी नहीं रहा था। मैं थोड़ा जबरदस्ती किया तो आधे लन्ड में उसकी गले तक पहुंच गया।
मैं बाहर निकाल लिया उसके मुंह से..
फिर नेहा के दोनो पैर को अलग कर के बीच में आके लन्ड चूत पे सेट किए।
नेहा मुझे देख रही थी बस।
हम बोले बेबी , रेडी हो..
वो कुछ नहीं बोली..
मैं हल्का सा दबाव दिया तो टोपा अंदर घुसा, नेहा आंख बंद कर ली और दोनो हाथ से बेड पकड़ ली।
मैं फिर एक जोर का धक्का मारा, लन्ड चूत में आधा घुस गया।
नेहा को हल्का दर्द हुआ... तो वो आह आह...
फिर मैं अगले धक्के में पूरा अंदर डाल दिया..
नेहा को चोदने लगा...
नेहा हर धक्के के साथ बस आह आह आह .. कर रही थी..
मैं करीब 20 मिनट चोदा और नेहा की चूत में ही माल भर दिया।
फिर नेहा उठ के बाथरूम गई ओर चूत साफ कर के आई।
मैं जान चुका था कि नेहा पहले भी बहुत बार चुदी है लेकिन हमको तो नेहा की चुदाई से मतलब था सिर्फ इसलिए कुछ नहीं पूछे..
नेहा फिर से बेड पे मेरे साथ लेट गई, मैं पूछा बेबी कैसा लगा।।
नेहा बोली तुम्हारा बहुत बड़ा है तुम तो जान ही निकाल दिए।
मैं बोला मेरी लन्ड चूस न, वो मुझे देखी फिर मेरा लन्ड चूसने लगी..
कुछ ही देर में लन्ड खड़ा हो गया , लन्ड पूरा खड़ा हो गया।
मैं नेहा को लन्ड पे बैठा लिया और मैं उसके दोनों चूची को मसलने लगा।
नेहा के चूत में पूरा लन्ड समा चुका था फिर वो ऊपर नीचे होने लगी , नेहा बस मजे ले रही थी ।
कुछ देर बाद मैं नेहा को घोड़ी बनाया और पीछे से चूत में लन्ड डाल के चोदने लगा।
नेहा मेरी चुदाई से हॉफ रही थी , हम बोले बेबी गांड में डालू तेरी गांड बहुत सेक्सी है
नेहा बोली नहीं , अब नहीं कर पाऊंगी।
मैं छोड़ दिया लेकिन गांड के छेद को खूब मसले।
नेहा घोड़ी बनी हुई थी मैं पूरा लन्ड बाहर तक करता फिर जोर से धक्का मारता , मेरे हर धक्के से नेहा पूरा हिल जाती।
मैं करीब 35 मिनट चोदा फिर चूत में ही झड़ गया लेकिन इसबार नेहा के चूत में ही लन्ड रहने दिए।
नेहा की चूची इतना मसले और दबाए थे कि दोनो लाल हो गई थी और दोनो चूतड़ को इतना थाप मरे थे कि वो भी लाल हो गई थी।
नेहा अब बहुत थक गई थी।
उस दिन नेहा फिर चली गई अपने घर।
नेहा को कल फिर से अपने फ्लैट पे बुलाए, तो बोली - ठीक है आधे घंटे में आती हूं।
मैं मेडिकल स्टोर गया और कुछ वियाग्रा का टैबलेट ले आया, और उसे खा के नेहा का इंतजार करने लगा।
नेहा जबतक आई, तबतक मेरे पर वियाग्रा असर करने लगा था।
नेहा के आते ही मैं उसे हग किया और गोद में उठा लिया फिर नेहा को बेड पर लेजा के उसके कपड़े उतारने लगे..
नेहा बोली बेबी उतनी जल्दी भी क्या है आराम से करो लेकिन मैं नेहा को फुल नंगी कर दिया।
नेहा को लन्ड निकाल के चूसने बोले तो नेहा खड़े लन्ड को देख के बोली - ये तो कल से भी ज्यादा गुस्से में है।
मैं बोला टाइम बर्बाद मत कर, मुंह में ले..
नेहा के मुंह में जब लन्ड गया तब गिला हुआ, फिर मैं लन्ड को सीधा चूत में डाल के चोदने लगा..
फिर घोड़ी बना के पेलने लगे, तभी वेसलिन की डिब्बी से क्रीम निकाल के नेहा के गांड की छेद पे मलना शुरू किए , उंगली से छेद के अंदर भी डाले।
अब लन्ड बाहर निकाल के नेहा के गांड में लन्ड डालने लगा।
अभी थोड़ा सा ही गया था कि नेहा गड़गराने लगी, लेकिन मैं नहीं छोड़ने वाला था पूरा लन्ड गांड में ठुस दिए।
नेहा की गांड भी फाड़ दिए, उस दिन तीन राउंड चोदे नेहा को।
नेहा को तीसरे राउंड चोद रहा था तब उसकी दोस्त प्रीति का फोन आया, वो जानती थी कि नेहा मेरे फ्लैट पर है तो पूछी क्या कर रही हो।
नेहा बोली वही जो तुम करती हो ।
तभी नेहा को एक तगड़ा शॉर्ट्स मारे, नेहा की चीख निकल गई।
प्रीति बोली कि इतना क्यों चीख रही हो आराम से मजे करो।
नेहा बोली रख फोन, बाद करती हूं फोन ।
फिर नेहा की चूत में झड़ गए तब छोड़े उसे ।
कुछ देर बाद नेहा अपने घर चली गई ।
नेहा को मैं अब रोज ही बुला लेता और चुदाई कर देता,
नेहा के घर जा के भी मैं कई बार चुदाई किया हूं,
जब भी कोई घर पर नहीं होता नेहा मुझे बुला लेती और मैं उसकी चूत फाड़ देता ।
नेहा कोई भी एग्जाम देने कही जाती तो मैं साथ जाता ओर होटल में रात भर चुदाई करते ।
आज भी जब भी मन होता है बस एक फोन करते हैं वो जहाँ बुलाऊ वो आ के चुद जाती है।
Antarvasna

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