मेरे बचपन की सहेली - Antarvasana
- Ritesh
- Jul 7
- 4 min read
आप सभी को मेरा नमस्कार मेरा नाम रितेश अग्रवाल है। ये कहानी तब की है जब मेरी उम्र उस समय १९ साल थी और मेरी दोस्त जो की मेरे घर के बगल मे रहती थी और मेरी ही उम्र की थी। हम दोनों बचपन से ही बहुत अच्छे दोस्त थे बच्चे थे। कामवासना में कहानी पढ़ कर मुझे भी लगा कि अपनी कहानी लोगो को सुनाई जाए इसलिए लिखने की हिम्मत कर रहा हु ।
मैं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले का रहने वाला हु। ये कहानी मेरी और मेरे पड़ोस में रहने वाली मेरे एक महिला मित्र की है। उसका नाम राशि (बदला हुआ नाम )हैं उसके बारे में बताऊं तो वो बहुत ही क्यूट और प्यारी सी लड़की है। फिगर की बात करे तो 30-28-32 वो बहुत ही सुन्दर लगती हैं।
हम दोनों बचपन से ही साथ में खेलते थे। हम लोग ज्यादा तर टाइम साथ ही रहते थे और घर घर ज्यादा खेलते थे जिसमे मम्मी पापा बनते थे। हमारा ज्यादा समय साथ में ही निकलता था। फिर कुछ समय बाद वो रायपुर पढ़ने चली गई थी, जिस से हमारी बात बंद हो गई थी।
फिर वो जब वापस आई तो वह बहुत बदल गई थी। वहा उसने जिम भी चालू कर दिया था जिससे उसका शरीर फिगर और अच्छा दिखने लग गया था। उसके कपड़े पहने का तरीका सब बदल गया था। थोड़े मॉडर्न कपड़े ज्यादा पहना चालू कर दिया था। टाइट जींस टॉप यही सब पहना करती थी।
वह जब वापस आई बहुत दिनों तक तो हम मिले ही नही। फिर एक दिन हम दोनो घर के बाहर मिले। उसने मुझसे बात की पहले तो हमने नॉर्मल बाते करना चालू किया। फिर उसने मेरा कांटेक्ट नंबर लिया फ़िर हम दोनों डेली मिलते बात करते। यूं ही चलता रहा हम साथ में घूमने भी जाते ।
फिर एक दिन उसने मुझे कॉल करके बोला, मेरे घर वाले बाहर गए है मुझे डर लग रहा तुम मेरे घर आ जाओ ना।
मैं भी बिना सोचे चला गया। हम दोनों उसके रूम मैं बैठे थे वो अपने रूम में हॉलीवुड की मूवी देख रही थी। हम बाते कर रहे थे और तभी अचानक से उसने मुझे गले लगा लिया ।मुझे अच्छा लगा मैने बिना सोचे उसके माथे पर एक किस कर दिया।
फिर उसने बोला बुद्धू, और अपने होठ मेरे होठ पर रख कर किस करना चालू कर दिया। तकरीबन 10मिनट तक हम एक दूसरे को यूं ही किस कर रहे थे। हम दोनों ही एक दूसरे को चूमते चूमते इतने गर्म हो चुके थे।
धीरे मैंने उसके टॉप के उपर से ही उसके राइट साइड के दूद को दबाने लग गया। उसके मुंह के उह्ह्ह्ह आ की सिसकारियां सुन कर और गर्म हो गया। फिर हमने एक दूसरे के कपड़े भी निकाल दिए थे कब हमे पता भी नही चला। उसने अंदर ब्लैक कलर की इनरवेयर पहनी हुई थी जिसमे वो बहुत ही सुन्दर लग रही थी। क्योंकि उसका तन दूध की तरह गोरा था और उसने वो ब्लैक कलर कयामत ढा रहा था।
मैं उसके गले पर किस कर रहा था वो मेरे सर को और जोर से दबा रही थी। धीरे धीरे उसकी ब्रा को खोल कर उसके बूब्स को चूसने लगा ।उसने निप्पल के पास एक काला तिल था जो उसको और भी मादक बना रहा था। उसके बाद मैंने उसके जांघ के पास किस किया वो बहुत गर्म हो चुकी थी।
आप लोगो को एक बात और बताना चाहु की उसके चूत के पास भी एक तिल है उसने खुद मुझे वो दिखाया वो बस एक ही बात बोल रही थी रितेश अब बर्दास्त नही हो रहा। जल्दी से जल्दी से अंदर डालो बहुत जलन हो रही। नही रहा जा रहा मैं मर जाऊंगी नहीं तो प्लीज़ डाल दो।
मैं उसकी बातो को अनसुना कर उसको किस कर रहा था। फिर उसकी तड़प देख कर मैंने अपने लन्ड को उसकी चूत पर रखा और एक जोर का धक्का लगाया। उसे बहुत जोर से दर्द हुआ उसकी आखों से आंसुओ की मोटी मोटी बूंदे आ गई थी।
मेरा लन्ड कुछ ही अंदर गया था और उसकी चूत से ब्लड आने लग गया। मैने थोड़ा रुका उसको थोड़ टाइम दिया और एक झटका और मारा वो मुझे मार रही थी पीछे की और धक्का दे रही थी। मैंने फिर धीरे धीरे अंडर बाहर करना चालू किया उसके होठों को किस करता रहा।
उससे भी थोड़ा दर्द कम हुआ तो मेरा साथ देने लगी। फिर कमरे में उसके ऊऊऊऊ आआआ यही आवाज गूंज थी। उसकी सिसकारियां सुन कर मैंने मेरी स्पीड और बढ़ा दी। मेरी स्पीड के साथ उसकी सिसकारियां भी बढ़ गई जिससे मुझे और भी जोश आ रहा था।
फिर उसने मुझे जोर से पकड़ लिया। हम दोनो का एक साथ हुआ ।मैंने उससे पूछा अंडर ही कर दू?
उसने बोला कर दो।
मुझे और भी अच्छा लगा उसकी चूत मेरे वीर्य से भर गई थी। हम दोनो थोड़ी देर एक साथ लेट रहे उसकी चूत से उसका पानी और वीर्य निकल रहा था।
उसको अपनी बांहों में फिर उठा कर नहाने चले गया। फिर हमने शावर में नहाते हुए एक दूसरे को किस किया। हम फिर से गर्म हो रहे थे मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो रहा था।
वो उसे देख कर अपने हाथ से पकड़ कर आगे पीछे करने लग लग गई थी।
फिर रूम में हम दोनो ने थोड़ी देर बाद फिर एक बार सेक्स किया। इस बार वो मेरे ऊपर थी। उसने कंट्रोल अपने हाथ में रखा। फिर हम प्रोटेक्शन यूज करने लग गए।
एक बार उसने मेरे लन्ड अपने मुंह में लेकर चूसा ।वो अभी तक को सबसे बेस्ट फीलिंग थी मेरे लिए। मुझे सच में जन्नत की तरह लग रहा था। मेरे लन्ड को अपने कोमल हाथ से पकड़ कर वो अपने गुलाब की तरह होठों से चूस रही थी और जितना हो सके मुंह के अंडर तक ले रही थी। जिसमे मैं भी उसका साथ दे रहा था। उसके बाल पकड़ कर फिर मैं उसके मुंह में झड़ गया।
उसने मेरा पूरा वीर्य धीरे धीरे करके पी लिया। अब फिर मौका मिलता तो हम मिलते फिर कुछ समय बाद वो अपनी स्टडी के लिए बाहर चली गई है फिर हमारा मिलने कम ही हो गया जब भी आती हैं हम एक बार मिलते है ।
आप लोगो को ये Antarvasana सेक्स स्टोरी कैसे लगी मुझे ईमेल में जरूर बताइएगा और कोई छत्तीसगढ़ से हो तो अपनी कहानी जरूर बताइएगा

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