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मैंने अपनी बीवी को उसके यार से चुदवाया

Kamvasna

नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम राज है.अपने परिवार के साथ मैं नोएडा में रहता हूँ. मेरी शादी को दस साल हो गए हैं. मेरे दो बच्चे हैं.

मैं आप सबको अपने जीवन की सच्ची घटना को बताने जा रहा हूँ कि कैसे मेरी पत्नी पूजा अपने बचपन के दोस्त सनी से चुद गई.

तो कहानी पढ़ा कर मजा लें.

मेरी पत्नी पूजा एक बहुत सुंदर शरीर की मालकिन है जिसे कोई एक बार देख ले तो ज़रूर ही उसको चोदने का मन करे.

एक दिन मैंने नेट पर बीवी की चोरी-छुपे वाली चुदाई की कहानी पढ़ी तो मेरे मन में भी एक तमन्ना जगी कि काश पूजा भी किसी से चुदवाऊं तो कितना मज़ा आएगा.

मैंने सोच लिया कि कैसे भी करके पूजा को किसी और से जरूर चुदवाना है.

अब मैं जब भी पूजा को चोदता तो उसको प्यासा छोड़ देता.उसके झड़ने से पहले खुद झड़ जाता. इस तरह से पूजा प्यासी रह जाती.

एक दिन उसने मुझसे कहा- मैं प्यासी रह जाती हूँ. तुम कुछ दवा लेकर किया करो.

मैं दवा खाने से मना करते हुए उससे किसी और से चुदवाने की बात कहने लगा.इस पर उसने गुस्से में मना कर दिया.पर मैंने हार नहीं मानी और लगा रहा.

धीरे धीरे पूजा के मन दूसरे से चुदने की इच्छा बन गई.

अब पूजा कुछ उदास रहने लगी थी क्योंकि उसकी चुदाई से सन्तुष्टि नहीं हो पा रही थी.

एक बार पूजा अपने मायके गई और वहां से वापिस लौट कर आयी तो बड़ी खुश लग रही थी.मैंने पूछा तो उसने बात को टाल दिया.

बाद में पता चला कि इस बार वह अपने बचपन के दोस्त सनी का नम्बर लेकर आई थी.दोनों बचपन में बहुत प्रेम करते थे पर एक गोत्र के कारण शादी नहीं कर सकते थे.

अब वे दोनों फोन पर काफी देर तक बात करते थे.वे जो भी बात करते, उसे मैं पूजा के फोन में ऑटो रिकार्डिंग को निकाल कर सुनता था.

कुछ दिन तो नार्मल बात हुई, फिर बात सेक्स की तरफ मुड़ गई.

सनी को पता चल गया था कि पूजा अपने पति से संतुष्ट नहीं है.वह अब पूजा से कहने लगा कि वह एक बार उसे चोदना चाहता है.पूजा भी यही चाहती थी … पर शर्म से कुछ कह नहीं पाती थी.

सनी जब ज्यादा जोर देता, तो पूजा उससे कहती कि वह अपने पति को धोखा नहीं दे सकती और सिर्फ अपने पति से ही चुदवा सकती है.

पर सनी ने हार नहीं मानी और पूजा को पटाने में लगा रहा और कुछ हद तक कामयाब हो गया.

पूजा को भी सनी की सेक्सी बातों में रस आने लगा था और उसकी चूत से रस की धारा बहने लगी थी.

एक बार सनी ने पूजा को अपने लंड की फ़ोटो भेजी जिसे देख कर पूजा मस्त हो गई.

सनी का गोरा बड़ा लंड मस्त दिख रहा था और उसका लाल सुपारा बहुत मोटा था.सुपारे के छेद से उसका कामरस दिख रहा था.

उसे देख कर पूजा की चूत ने पानी छोड़ दिया.

उसने मुझे सनी के बारे में बता दिया था.

मैंने उसको बोला- सनी के साथ तुम्हारी बढ़िया जोड़ी है. यार कम से कम तुम एक बार मेरे कहने से सनी से चुदवा लो … तुम्हें बहुत मज़ा आएगा.पूजा ये सुनकर मस्ती में आ गई, पर ऊपर से बोली- देखेंगे.

पर मैंने अब सोच लिया था कि चाहे जैसे भी हो, एक बार पूजा को सनी से ज़रूर चुदवाना है.

अब मैं जब भी मौका मिलता, पूजा से सनी की बात करता कि वह तुम्हें कैसे चोदेगा, कैसे तुम्हें प्यार करेगा, कैसे तुम्हारी चूत में अपना लंड डाल कर जोरदार धक्के मारेगा.

मेरी कोशिश रंग लाई और हार कर पूजा सनी से चुदने के लिए तैयार हो गई.

एक बार हम लोग आगरा घूमने गए.उधर से सनी भी अपनी बीवी को लेकर आया था.

हम दोनों एक दिन मथुरा रुक कर अगले दिन आगरा जाने वाले थे.पर सनी की बीवी की तबियत खराब हो गई और मेरे घुटने में मोच आ गई तो सब परेशान हो गए.

सनी की बीवी ने पूजा से कहा कि वे अपने दोनों बच्चों के साथ घूम आयें.सनी की बीवी अपने एक रिश्तेदार के घर रुक गई और मैं होटल में वापस आ गया.

हमारे बीच यह तय हुआ था कि सनी और पूजा बच्चों को लेकर जाएंगे और अगले दिन वापस आ जाएंगे.

अब आगे की कहानी पूजा की जुबानी सुनें.

मैं सनी के साथ कुछ सामान लेने गई थी तो रास्ते में सनी ने मेरा हाथ पकड़ लिया जिससे मेरा बदन गनगना गया.

उस वक्त मैंने अपना हाथ छुड़ा लिया.तो सनी बोला- यार पूजा मौका अच्छा है. चलो आगरा में मज़े करते हैं.

तो मैंने कहा- मैं अपने पति के अलावा और किसी के साथ नहीं करूंगी.सनी ने कुछ सोचा और मुझे लेकर एक मंदिर आया और वहां से उसने प्रसाद लिया, जिसमें शृंगार का सारा सामान था.

हमने वहां प्रसाद चढ़ाया तो पण्डित ने हम दोनों को जोड़ी सलामत रहे का आशीर्वाद दिया.मैं बोलने वाली ही थी कि सनी ने मेरा हाथ दबा कर चुप रहने को कहा.

पण्डित ने आशीर्वाद दिया और प्रसाद को वापस कर दिया.

अब सनी ने मेरा हाथ पकड़ा और एक पेड़ के पास ले गया और प्रसाद में से थोड़ा सिन्दूर निकाल कर मेरी मांग में भर दिया और उसमें से मंगलसूत्र निकाल कर मुझे पहना दिया.

उसने कहा- अब हम पति पत्नी हो गए हैं. अब तो तुम्हें कोई एतराज नहीं है न!इतना कह कर उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया.मेरी चूचियां उसके सीने से दबी हुई थीं.

मैं परेशान हो गई, मन तो मेरा भी बहुत कर रहा था कि सनी की बात मान लूँ.

मैंने सोचा कि शायद ऊपर वाले की यही मर्जी है, अब जो होगा सो अच्छा ही होगा.

तब मैंने झुक कर सनी के पैर छूकर अपनी मांग में उसके पैर की मिट्टी को भर लिया.हम दोनों बहुत भावुक हो गए और एक नई ज़िंदगी की शुरुआत के लिए तैयार हो गए.

हम दोनों होटल में लौट आए तो मेरे पति ने पूछा कि ये सिन्दूर कहां से लगा लिया!मैंने तिरछी नज़र से सनी को देखा और बोली- ये माता रानी का प्रसाद है.

अब मैं कैसे बताती कि तुम्हारी बीवी अब सनी की भी बीवी है.

राज ने मुझे अकेले में बुलाकर कहा कि मेरी बात का ध्यान रखना. अगर मौका मिले तो खूब मज़े करना!

मैंने कहा- कैसे पति हो, तुम अपनी पत्नी को उसके यार के साथ चुदवाने के लिए भेज रहे हो!राज ने कहा- तुम कुछ मत सोचो, मेरे लिए तुम्हारी खुशी से बढ़ कर कुछ भी नहीं है. मैं चाहता हूँ कि तुम अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ो और बढ़ चढ़ कर सनी से चुदाई का आनन्द लो. मैं चाहता हूँ कि जब तुम वापस लौट कर आओ, तो मुझे एक नई पूजा मिले.

खैर … हम दोनों बच्चों को लेकर ताजमहल के लिए निकल गए. वहां पहुंच कर धर्मशाला में दो कमरे बुक किए. रजिस्टर में सनी ने हमें पति पत्नी लिखवाया.मैंने पूछा तो सनी ने कहा- अगर ऐसा नहीं किया तो लोग बातें बनाएंगे.

हम सब ताजमहल पहुंचे.बच्चे अपने में मस्त होकर घूम रहे थे.

अब सनी ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे अपने पास खींच लिया.इतने में एक फोटोग्राफर आया और हमारी फ़ोटो खींचने के लिए कहने लगा.

मैंने मना कर दिया.पर सनी ने कहा- यादगार के लिए कुछ फोटोज खिंचवा लेते हैं.

फोटोग्राफर ने हमारी कई पोज में फोटो खींचे.एक में सनी ने मेरी कमर में हाथ डाल रखा था तो एक में मेरे पीछे से पकड़ रखा था और उसका हाथ मेरी चूचियों पर था और उसी पल उसने हल्के से मेरे दूध को दबा भी दिया.

एक पोज में हम दोनों एक दूसरे का हाथ पकड़ कर प्यार से एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे.फोटो वाला हमें ऐसा करते देख कर मुस्करा दिया, मुझे शर्म आ रही थी कि तभी सनी ने मेरे गालों को चूम लिया और फोटो वाले ने वह पोज भी खींच लिया.

मैं इस छेड़छाड़ से गर्म हो गई थी. मेरी आंखें मस्ती में बंद हो गई थीं. अगर बच्चे न होते तो अब तक मैं सनी की बांहों में आ गई होती.खैर … हम 7 बजे तक अपने कमरे में आ गए.

बच्चों ने खाना खा लिया और थके होने के कारण जल्दी सो गए.

हम भी खाना खाकर बातें करने लगे.सनी ने इशारे से पूछा- अपने कमरे में चलें?तो मैंने शर्म से नज़र को झुका लिया.

ककोल्ड मैन हॉट वाइफ फक के लिए सनी ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और कमरे में ले आया.मैंने अपनी बांहें सनी के गले में डाल रखी थीं और मेरी चूचियां सनी के सीने में दबी हुई थीं.

सनी ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे होंठों को चूमने लगा. मैंने भी मस्ती में अपने होंठों को खोल दिया और हम एक दूसरे के होंठ चूसने लगे.फिर सनी ने अपनी जीभ मेरे मुँह में डालने की कोशिश की और मैं उसकी जीभ को चूसने लगी.

फिर मैंने भी अपनी जीभ सनी के मुँह में डाल दी और सनी मेरी जीभ को चूसने लगा था.वह अपने हाथों से मेरी चूचियों को मसल रहा था.मेरे मुँह से ऊऊह ऊऊह की आवाज़ निकल रही थी.

फिर सनी ने धीरे धीरे मेरे और अपने कपड़े निकाल दिए.अब वह बड़े ध्यान से देख रहा था.

मेरे तने हुए निप्पल मानो उसे न्यौता दे रहे थे कि आओ और हमें चूस लो.

मैंने अपनी बांहें फैला दीं और सनी को अपने ऊपर ले लिया.सनी मेरे गालों को चूमने लगा और गर्दन पर भी होंठ फेरने लगा.

फिर वह मेरे निप्पलों पर आ गया और मेरे एक निप्पल को मुँह में भर कर चूसने लगा, दूसरे को हाथ से मसलने लगा.मेरे मुँह से आहें निकलने लगीं और मेरा एक हाथ सनी के बालों को कंघी सा करने लगा.

मैं बड़े प्यार से उसको अपना दूध पिला रही थी.फिर धीरे धीरे वह नीचे मेरी चूत पर आ गया और अपनी जीभ को मेरी चूत पर फेरा.

मुझे इतना मज़ा आया कि मैंने अपने चूतड़ उठा कर चूत को सनी के मुँह में दबा दिया.मेरी चूत से बहुत पानी निकल रहा था और सनी लपलप करके सारा पानी चाट रहा था.

अब उसने अपनी जीभ मेरे चूत के अन्दर तक डाल दी और जीभ से मेरी चूत को चोदने लगा.सनी मेरी चूत का पानी ऐसे चाट रहा था, जैसे शहद चाट रहा हो.

मस्ती में मेरा बुरा हाल था, मैं चुदास से छटपटा रही थी और सनी के सर को चूत पर दबा रही थी.मेरे मुँह से आह आह आह की आवाज निकल रही थी.

सनी के इस तरह चूत को चाटने से मैं ज्यादा देर सह नहीं पाई और भलभला कर सनी के मुँह में ही झड़ने लगी.

सनी ने मेरा सारा चूत रस चाट कर साफ कर दिया और मेरे बगल में लेटकर हांफने लगा.मैं उसका मुँह अपनी चूचियों में दबा कर उसे शांत करने लगी.

मुझे उस पर बहुत प्यार आ रहा था और मैं पागलों की तरह उसके चेहरे को चूमने लगी थी.

उसके दोनों गालों को खूब चूमने के बाद मैं उसके होंठों को मुँह में भर कर चूसने लगी.मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और सनी पागलों की तरह मेरी जीभ को चूसने लगा.

अब मेरा ध्यान उसके लंड की तरफ दिया.नीचे आकर उसके लंड को हाथ में पकड़ा, तो ऐसा लगा जैसे कोई गर्म रॉड पकड़ लिया हो.

मेरे लंड को पकड़ते ही उसका लंड फुफकारने लगा.उसके लंड को देख कर मेरे मुँह में पानी आ गया.उसके लंड का टोपा उसके रस से भरा हुआ था.

मैंने झुक कर लंड को सूंघा तो बड़ी अच्छी खुशबू आ रही थी.

मैंने उस पर जीभ चलाई और अपने मुँह में भर कर उसके लंड चूसने लगी.

जैसे जैसे मैं अपनी जीभ लंड के छेद पर चलाती, उसके छेद से बूँद बूँद कर गाढ़ा सा रबड़ी जैसा रस निकल रहा था.

वाह … क्या स्वाद था.मुझे लगा जैसे मैं खट्टी मीठी गर्म आइसक्रीम खा रही हूं.

अब सनी ने अपने दोनों हाथों से मेरे सर को पकड़ा और वह अपने लंड से मेरा मुँह मेरे गले तक चोदने लगा.मेरी इस चुसाई से सनी भी ज्यादा देर टिक नहीं पाया और अपने लंड को मेरे गले में अन्दर तक पेल कर भलभला कर झड़ गया.

मेरा मुँह उसके लंड के ताजे रस से भर गया और मैं उसके लंड का गाढ़ा रस मज़े से पी गई.सनी के वीर्य का स्वाद बड़ा टेस्टी था.

झड़ने के बाद भी मैं उसके लंड को चूसती रही, वह मस्ती में आहें भर रहा था.बीच बीच में वह अपने लंड को मेरे गले तक पेल देता था.

थोड़ी देर में ही उसका लंड फिर से खड़ा हो गया.

अब सनी ने मुझे पीठ के बल लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गया और मस्ती में मेरी चूचियां चूसते हुए अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा.

मेरे हाथ उसकी पीठ को सहला रहे थे और मैं मस्ती में बड़बड़ा रही थी- आह चूसो मेरी चूची को … ये सिर्फ तुम्हारे लिए हैं. मेरी चूत भी तुम्हारे लिए है. आज जीभर के चोदना मुझे! मैं भी तुमसे खूब चुदवाना चाहती हूँ सनी … अब डाल दो अपना लंड मेरी चूत में … आज मुझे ऐसा चोदो कि मेरी प्यास बुझ जाय. मैं जानती हूँ तुम मुझे बचपन से चोदना चाहते थे … आज चोद लो मुझे … मार लो मेरी चूत को … मिटा लो तुम भी अपनी प्यास मुझे चोद कर … हाय कितना मज़ा आ रहा है. मैं भी तुमसे चुदने के लिए तड़प रही हूं आज मुझे अपने बच्चे की माँ बना दो!

पर सनी मुझे तड़पा रहा था.वह कभी मेरे निप्पलों की चूसता, कभी मेरे होंठ को.

मुझसे रहा नहीं जा रहा था और मैं उसका लंड अपनी चूत पर सैट करके नीचे से कमर उछालने लगी.

तभी सनी ने भी ऊपर से जोर का धक्का मारा और उसका बड़ा लंड मेरी बच्चेदानी जा टकराया.मैंने मज़े से सिसकारी भरते हुए अपनी टांगों से सनी को जकड़ लिया और उसके होंठों को चूसने लगी.

अब उसने धीरे धीरे धक्का देना शुरू किया और साथ ही वह मेरी चूचियां भी मसल रहा था.मज़े में मेरी आंखें बंद हो गईं और मैं अपनी चूत अपने बचपन के दोस्त सनी से चुदवाने लगी.

मेरे मुँह से हूं हूं हूं की आवाजें आने लगीं और मैं बोलने लगी- हाय सनी … चोदो मुझे … मैं बहुत प्यासी हूँ. आज बुझा दो मेरी प्यास … भर दो मेरी चूत को अपने वीर्य से … बुझा लो तुम भी अपनी प्यास … आह और जोर से चोदो. हाय कितना मज़ा आ रहा है … कितना बड़ा लंड है तुम्हारा और कितना मोटा है … हाय मैं मर गई.अब सनी अपने हाथों से मेरी चूचियों को मसलते हुए ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा.

मेरी चूत से फच फच की आवाज आ रही थी.मैं भी मस्ती में हाय हाय करके चुदवा रही थी.

कुछ देर बाद सनी ने मुझे कुतिया के जैसे खड़ी किया और पीछे से अपना लंड मेरी चूत में डाल कर चोदने लगा.

उसके इस तरह चोदने से मेरी चूचियां हिल रही थीं.लगभग आधा घंटा की चुदाई में मैं दो बार झड़ गई थी.फिर सनी भी झड़ने की कगार पर आ गया.

उसकी स्पीड यकायक बढ़ गई … और आठ दस ताबड़तोड़ धक्के लगा कर उसने अपने लंड को मेरी चूत में जड़ तक पेल दिया.उसी पल मैंने उसके लंड का गाढ़ा वीर्य सीधा अपनी बच्चेदानी पर महसूस किया.

वह मेरे ऊपर पसर कर हांफ रहा था.मेरी चूचियां उसके सीने से दबी हुई थीं और हम एक दूसरे के बदन को प्यार से सहला रहे थे.

फिर हम दोनों ना जाने कब गहरी नींद में सो गए.

सुबह तीन बजे हमारी आंख खुली तो मैंने सनी को जगाया.उसने मुझे जकड़ लिया और मेरी चूचियां मुँह में भर कर चूसने लगा.मैं भी उसके लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी.

मेरी चूत ने भी पानी बहाना शुरू कर दिया.फिर सनी मेरे ऊपर आकर अपना गर्म लंड मेरी चूत में डाल कर चोदने लगा.

मैं भी मज़े से चुदवा रही थी.इस बार मैं जल्दी झड़ गई.

फिर सनी ने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांड में उंगली करने लगा.

मैंने उसे मना किया तो वह मिन्नतें करने लगा और आखिर मुझे गांड मरवाने के लिए तैयार कर लिया.

उसने मेरे बैग से क्रीम निकाल कर मेरी गांड और अपने लंड पर लगा लिया.वह अपने लंड को मेरी गांड के छेद पर सैट करके अन्दर डालने लगा.

मुझे बहुत दर्द हो रहा था पर धीरे धीरे करके उसने सारा लंड मेरी गांड में डाल दिया और धीरे धीरे गांड मारने लगा.थोड़ी देर बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा और मैं भी गांड हिला हिला कर अपनी गांड मरवाने लगी.

अब सनी भी तेजी से मेरी गांड मार रहा था और फिर एकाएक पूरा लंड मेरी गांड में डाल कर मेरी गांड में ही झड़ गया.

थोड़ी देर बाद हम दोनों नहा कर तैयार हो गए.

फिर हमने बच्चों को जगाया और हम वापस मथुरा आ गए.वहां से सनी ने अपनी बीवी को लिया और हम सब अपने अपने घर आ गए.

घर आकर मैंने सारी बात अपने पति को बताई.तो पहले तो वे हैरान रह गए, फिर खुश होकर मुझे बांहों में भर कर बोले- कोई बात नहीं, मैं तो यही चाहता था. पर काश तुम्हारी चुदाई मैं भी देख पाता.फिर उन्होंने मुझसे पूछा- कैसा लगा सनी से चुद कर?

मैं शर्म से अपने मुँह को उनके सीने में छुपा कर बोली- बहुत अच्छा लगा.दोस्तो, एक हफ्ते बाद मेरी डेट मिस हो गई और मुझे गर्भ ठहर गया.

यह बात मैंने अपने पति राज को बताई, तो वे बोले- कोई बात नहीं, हम इस बच्चे को जन्म देंगे.

उसके बाद मेरे पति ने मुझे चोदा तो उस दिन उनकी चुदाई पहले की तरह मुझे थका देने वाली थी.मैं हैरान थी कि जब मेरे पति मुझे चोदने में समर्थ थे तो उन्होंने मेरे साथ यह सब क्यों किया?

मैंने उनसे सवाल किया, तो वे मुस्कुरा दिए और बोले- यह मेरा सपना था कि तुम किसी गैर मर्द से चुदो!मैं भी मुस्कुरा दी.

नौ महीने बाद मैं अपनी जान सनी के बच्चे की माँ बन गई.बच्चा बिल्कुल सनी की तरह दिख रहा था.

मुझे अपने पति पर भी गर्व है कि उन्होंने सब कुछ जानते हुए भी मेरा साथ दिया.मैंने बच्चे को उनकी गोद में दिया और बोली- लो यह सब तुम्हारे कारण हुआ है … आखिर चुद ही गई तुम्हारी पूजा!

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, प्लीज बताएं. singhanshu354@gmail.com

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