लखनऊ में गर्लफ्रेंड की अदला बदली - Hindi Sex Stories
- Raj Singh
- May 2
- 5 min read
दोस्तों मेरा नाम राहुल है और मेरी गर्ल फ्रेंड का नाम स्नेहा है मैं 30 साल का हूँ स्नेहा 26 साल की है अभी हम दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे है इसी साल शादी करने वाले है
हम दोनों 5 सालों से रिलेशनशिप में है ।
आपको सवसे पहले स्नेहा के बारे में बता दूं उसका रंग गोरा है और उसके चुचे 34 c है और उसका पिछवाड़ा तो 36 साइज का है एकदम लाजवाब माल लगती है ।
गोरा रंग 34 c की चुचियाँ 36 की गांड और लंबे बाल जब वो रोड पर निकलती है तो देखने वाले अपना लंड मसल देते है।
अब आते है कहानी पर बात है 2022 की मैं और मेरा एक फ्रेण्ड सोमेश दोनों अपनी अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ लिव इन रिलेशनशिप में लखनऊ में रहते थे।
उसका फ्लैट मेरे फ्लैट से 500 मीटर की दूरी पर था।
हम लोग कभी कभी संडे को पार्टी कर लेते है।
सोमेश काफी स्मार्ट लड़का है और उसकी गर्ल फ्रेंड प्रियांशी भी काफी सुंदर है उसके भी चुचे 34 और गांड 36 की है उसको भी देख कर किसी मन चोदने का हो जाएगा।
कोरोना के बाद का समय था तो सबका वर्क फ्रॉम होम चल रहा था।
मैंने और सोमेश ने पार्टी का प्रोग्राम बनाया फरवरी का समय था तो थोड़ी ठंडी थी।
हम लोगों ने एक फुल बकार्डी की बोतल और चार बोतल बियर की साथ में ब्लैक सिगरेट ली और थोड़े बहुत चिप्स वगैरह लिए और वापस आ गए।
चखने का इंतजाम स्नेहा और प्रियांशी मिलकर कर रही थी।
स्नेहा ने एक शार्ट फ्रॉक जैसा ड्रेस पहना था और प्रियांशी ने हाफ़ लोअर और टीशर्ट
दोनों की चुचियाँ और गांड माहौल को अश्लील बना रही थी।
हम लोग तो लड़के है तो एक दूसरे वाली पर नजर पहले जाती है।
वही हम और शोमेश भी कर रहे थे।
आगे टीवी वाले रूम में माहौल जमाया गया और धीरे धीरे पैक बनने लगा और दो पैक में ही सबको नशा चढ़ने लगा।
सामने टीवी में रोमांटिक सांग चल रहे थे और इधर पैक पर पैक बन रहे थे।
धीरे धीरे चारो लोग फूल नशे में हो गए मैं तो इतना नशे में हो गया कि चला नही जा रहा था मुझको सब लोग पकड़ कर बैडरूम तक लाये।
अब असली कहानी यही से शुरू होती है।
मैं नशे में और सब भी फूल नशे में थे, मुझे नशे में आने के बाद चुदाई की तलब लगती है ऐसा ही उस दिन भी हुआ बिस्तर पर एक ही कम्बल में चारों लोग लेट गए।
मेरा हाथ धीरे धीरे स्नेहा की चुचियों पर खेलने लगा वो भी नशे में कुछ ज्यादा ही चुदासी हो जाती है मेरा हाथ लगते ही उस्की चूत पानी छोड़ने लगी
मैंने उसके कपड़े ऊपर किये नीचे उसने कुछ नही पहना था मैं तो उसके बड़े बड़े चुचों पर टूट पड़ा उनको चूसने काटने लगा उसके मुंह से नशे में बस आह हहहह उमममममममम ही निकल रहा था मैं धीरे धीरे उसके चूत के पास पहुंच गया और उसमें जीभ डाल कर चाटने लगा क्या मलाई थी यार मुझे चूत चाटना बहुत अच्छा लगता है
जैसे ही मेंरी जीभ उसके चूत के अंदर गयी उसका शरीर काँपने लगा वो मेरे सिर को चूत पर ऐसे दबा रही थी जैसे अंदर ही घुसेड़ लेगी बहुत ही चुदासा माहौल था।
हम लोग नशे में भूल गए कि हमारे बगल कोई और भी है मैंने अपना लंड निकाला और एकदम गीली चूत में पेल दिया और स्पीड में चोदने लगा।
लेकिन मैं चुदाई करते समय भूल गया कि बगल में लेटा शोमेश सब देख रहा है और वो धीरे धीरे अपने हाथ से स्नेहा के अंगुलियों को दबा रहा है स्नेहा ने भी नशे में होने के कारण शायद अनदेखा कर दिया और चुदने का मजा लेती रही।
पांच मिनट की चुदाई के बाद ही मैं झड़ने वाला हो गया और मैंने अपना पानी स्नेहा के चूत में गिरा दिया और थक कर बगल लेट गया लेकिन जब मैं स्नेहा के ऊपर से उतरा तो दूसरी तरफ लेट गया।
पहले स्नेहा फिर मैं और फिर शोमेश उसके बगल प्रियांशी लेटी थी लेकिन दूसरी तरफ लेटने के कारण अब स्नेहा और शोमेश बगल बगल हो गए।
मैं तो झड़ गया लेकिन शायद स्नेहा अभी नही झड़ी थी वो और चुदना चाहती थी।
बगल में शोमेश ने अब मौका पाकर स्नेहा का हाथ सहलाना शुरू किया जब स्नेहा के तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही हुई तो उसका मन बढ़ गया और उसका हाथ धीरे धीरे उसकी चुचियों पर पहुँच गया एक तो नशा और चुदने के मन ऊपर से पराये मर्द का हाथ स्नेहा को और गर्म कर रहा था।
स्नेहा की तरफ से प्रतिक्रिया न पाकर शोमेश ने उसको अपनी ओर खींच लिया और उसके ओंठो से ओंठ सटा दिए दोनों एक दूसरे के ओंठ चूसने लगे शोमेश ने स्नेहा की बड़ी बड़ी चुचियाँ दबानी शुरू कर दी नशे में वो ये भी भूल गया कि प्रियांशी उसके बगल लेटी है।
वो स्नेहा को चूमता रहा उसने अपनी उंगली स्नेहा की चूत में डाल दी और ऊपर नीचे करने लगा पहले एक और फिर दूसरी अंगुली से स्नेहा की चूत चोदने लगा।
अब स्नेहा से बर्दाश्त नही हो रहा था उसने शोमेश का लंड पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया शोमेश का मोटा लंड हाथ मे आते ही स्नेहा सिहर सी गयी।
शोमेश ने चूत से निकाल कर एक उंगली स्नेहा की गांड में डाल दिया स्नेहा की गांड अभी वर्जिन थी इसलिए उसको थोड़ा दर्द हुआ लेकिन चुदने के नशे में उसका भी मजा लेने लगी।
अब शोमेश ने जैसे ही अपना लंड स्नेहा की चूत पर सटाया वैसे ही राहुल यानि मुझे उल्टी आने वाली हो गयी ये देख कर जल्दी स दोनों अलग हुए।
दोनों आकर मुझे देखने लगे शोमेश और स्नेहा मुझे लेकर बाथरूम गए जहां मैंने खूब उल्टी की मुझे ऐसा कभी होता नही था शायद नई शराब की वजह से ऐसा हुआ ।
मुझे लिटा कर स्नेहा किचन में नींबू पानी बनाने चली गयी और पीछे पीछे शोमेश भी चला गया ।
वहां शोमेश ने बाद में बताया कि
उसने किचन में पहुंचते ही पीछे से स्नेहा को पकड़ लिया उसके गांड को सहलाने लगा उसके चुचियों को दबाने लगा और अपना मोटा लंड उसके गांड की दरार में कपड़े के ऊपर से रगड़ने लगा।
स्नेहा नीबू पानी बनाने में बिजी थी साथ ही शोमेश कि हरकतों का मजा ले रही थी।
यहां बेड पर प्रियांशी और मैं लेटे थे अब तक कि सारी हरकत शायद सोने का नाटक करते करते देख रही थी और गर्म भी हो गयी थी।
उसने हम दोनों को अकेला देख नीद में करवट का बहाना करके थोड़ा नजदीक आ गयी।
उसकी बड़ी बड़ी चुचियाँ मुझे भड़का रही थी मुझसे बर्दाश्त नही हुआ मैंने अपना हाथ उसके पेट पर रख दिया जब उसने कुछ प्रतिक्रिया नही की तो मैंने उसके बड़े बड़े चुचों पर हाथ लगा दिया।
कसम से क्या चुचियाँ थी मैं आराम आराम से उसकी चुचियों को दबाने लगा और एकहाथ से उसके चूत को भी सहलाने लगा।
वो अभी भी ऐसा दिखा रही थी कि जैसे सो रही हो।
मेरा और शोमेश का वहुत दिनों का अरमान पूरा होने वाला था।
स्नेहा और शोमेश किचन से नीबू पानी लेकर आने लगे।
जल्दी से मैं अलग होकर किनारे हो गया...
आगे किस तरह हम लोगों ने चुदाई की बदल बदल कर सुनिए दूसरे पार्ट में।
Hindi Sex Stories कैसी लगी जरूर बताएं।

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