वोटिंग बूथ पर मम्मी और गांव की एक आंटी की ताबड़तोड़ चुदाई - Antarvasna Sex Stories
- Abhi
- Jun 13
- 7 min read
हेलो दोस्तों मेरा नाम सत्यम हमें कुशीनगर जिले के छोटे से गांव का रहने वाला हूं। हमारे घर में मैं और मेरी मम्मी हम दो लोग ही रहते हैं। पापा की मृत्यु बहुत समय पहले ही हो गई थी। मेरी मम्मी का नाम शीला है उनकी उम्र अभी 38 साल है। लेकिन वह देखने में 30 की लगती हैं। उनका शरीर दूध की तरह गोरा और सिलिकॉन की तरह मुलायम है।
वह हमेशा साड़ी और ब्लाउज पहनती हैं। जिसमें उनके बड़े-बड़े दूध और बड़ी सुडोल गांड के कर्व कमाल के लगते हैं। वह अपनी बड़ी गांड को पीछे की ओर से हमेशा उठा कर चलती हैं जिससे उनके उभरे हुए चुतड और भी कमाल के लगते हैं। वह अब तक बहुत से लोगों से चुदवा चुकी हैं। जिसके कारण उनके कमर के नीचे का पूरा शरीर किसी रंडी की तरफ फैला हुआ है। जिन्हें देखते ही लोग अपना लण्ड मसलने लगते हैं।
मेरे मोहल्ले का लगभग हर मर्द उनकी फैली हुई गांड में अपना लण्ड घुसना चाहता है। उनके गदराए हुए बदन को देखकर मेरे दोस्त लोग भी हमेशा मुट्ठी मारते हैं। और किसी न किसी बहाने उन्हें देखने मेरे घर पे आते रहतें हैं।
विधवा होने के कारण वो और भी बिंदास रहतीं हैं और लोगों को आकृषित करने के लिए अपनी बड़ी गांड को मटकाते हुए चलती हैं। जिन्हें देखकर लोग पागल हो जाते हैं।मेरी मां मेरी गांव की BLO हैं जिससे मेरे घर का खर्चा चल जाता है।
यह कहानी आज से 1 साल पहले की है। लोकसभा का चुनाव चल रहा था। और मम्मी की ड्यूटी गांव के इलेक्शन बूथ पर लगी हुई थी। वोटिंग की पूरी तैयारी मम्मी और गांव के प्रधान जी को मिलकर गांव के एक स्कूल पे करानी थी। इसलिए गांव के प्रधान जी ने मम्मी पर फोन किया और बोला कि हमें आज शाम से ही पूरी तैयारी करनी होगी तभी कल सुबह तक वोटिंग के लिए बूथ तैयार हो पाएगा। मम्मी ने कहा ठीक है।
मम्मी ने शाम को जल्दी-जल्दी खाना बनाया और तैयार होकर स्कूल पे चलीं गईं। कुछ देर बाद मम्मी का फोन आया। और बोली कि बेटा वोटर लिस्ट घर पर ही छूट गया है तो उसे मेरे पास पहुंचा दो। मैंने तुरंत वोटर लिस्ट लिया और साइकिल को उठाकर स्कूल पे चला गया। वहां पर हमारे गांव के प्रधान मम्मी और एक आंटी जो स्कूल के लिए खाना बनाती थीं और दो-तीन लोग और थे।
आंटी किचन में इन लोगों के लिए नाश्ता बना रही थी। तभी प्रधान जी ने कहा कि बेटा रुको चना खा लेना तब जाना। मैं वहीं रुक गया। तभी प्रधान जी का एक दोस्त किचन में गया और आंटी से बोल क्या हुआ अब तक बनाई नहीं? और उनके गांड को धीरे से मसल दिया। आंटी ने तुरंत उसके हाथ को हटा दिया। उन लोगों को नहीं पता था कि मैं भी यह सब देख रहा था।
5 मिनट बाद आंटी किचन से चैनल लाकर सबको देने लगी। प्रधान का दोस्त एक अलग कमरे में कुर्सी पे बैठकर मोबाइल चला रहा था। आंटी जब चना देने प्रधान के दोस्त के पास गई तो फिर उसने आंटी की गांड पर धीरे से एक चांटा मार के उनके गांड को मसल दिया। मैं तो हैरान था कि यह सब क्या हो रहा है हम सब ने नाश्ता किया फिर मम्मी ने मुझसे कहा कि बेटा घर जाकर सो जाओ मुझे काम करने में सुबह के दो-तीन बज जाएंगे।
पर मेरे दिमाग में प्रधान के दोस्त द्वारा काम वाली आंटी के मसलते हुए गांड का दृश्य चल रहा था। मैंने सोचा कि हो ना हो आज प्रधान के दोस्त द्वारा आंटी की चुदाई जरूर होगी। मैंने अपनी साइकिल उठाई और गेट के बाहर चला गया। वहीं पास की झाड़ में साइकिल को छुपा दिया। और स्कूल के पीछ आके बाउंड्री वॉल को पार करके। उसी कमरे के पास जाकर छिप गया जिस कमरे में प्रधान का दोस्त बैठा था। गांव के सरकारी स्कूल में आगे और पीछे चारों तरफ खिड़कियां होती हैं। लगभग 10 मिनट बाद दो और लोग वहां से चले गए।
अब स्कूल में मम्मी प्रधान और उसका दोस्त और वह आंटी थी।
उन दो लोगों के जाने के 2 मिनट बाद ऑन्टी भी उस कमरे में आ गयी और अपनी बड़ी गांड को उसके सामने के टेबल पे रख के बैठ गयीं। दोस्तों ऑन्टी का फिगर भो 38 34 40 का था। वो भी एक गदरायी हुयी माल थी। अब ऑन्टी ने अपने पाँव को उस आदमी के लण्ड पे रख दिया। और उसके लण्ड को पैंट के उपर से ही अपने पाँव को रगड़ने लगीं। फिर वो आदमी कुर्शी से उठा और दरवाजा अंदर से बंद करके अपने पैंट को निकल के कुर्शी पे आ के बैठे गया।
दोस्तों उसका लण्ड अभी सोया हुआ था फिर भी 6 इंच लंबा और 2.4 इंच मोटा था ऑन्टी टेबल से उठीं और नीचे घुटने के बल बैठे गयीं और उसके मोटे लण्ड को मुँह में भर लिया। वो आदमी ऑन्टी के बाल को खोल के उनमें अपनी उंगलियों को फँसाकर उनके शर को उपर नीचे करते हुए उन्हें अपना लण्ड चुसाने लगा। लगभग 5 मिनट लण्ड चुसाने के बाद उसका लण्ड तन के चोदने के लिए तैयार हो गया।
अब उसने ऑन्टी के साडी को सरकाके कमर से उपर कर दिया और उनकी कच्छी को निकल के उनके मुँह में भर दिया। और उनकी एक टांग को उठाके टेबल पे रख दिया और उन्हें टेबल के बल झुका दिया।
दोस्तों ऑन्टी की गांड भी कमाल की थी। बिल्कुल किसी पोर्न स्टार की तरह अब उस आदमी ने अपनी दो उंगलियों में थूक लगाया और ऑन्टी के चुत में घुसा के अंदर बाहर करने लगा। ऑन्टी की पहले से ही गीली थी जिसमें से उनका रस टपक रहा था। फिर उस आदमी ने अपने मोटे लण्ड को ऑन्टी के चुत पे सेट किया और एक ही घटक में पुरा लण्ड ऑन्टी के चुत में पेल दिया। ऑन्टी की चीखें निकल गयीं पर उनके मुँह मे उनका पैंटी होने के कारण उनकी आवाज दब गयी।
अब उसने ऑन्टी को ताबड़तोड़ चोदना शुरू कर दिया और उनकी गदारी हुई गांड पे चाटा मरते हैं हुए चोदने लगा तबी पास के सटे हुए कमरे में से मुझे बेंच के गीरने की तेज आवाज आयी।
तो मै ये देखने चला गया की कहीं कोई मुझे देख तो नही रहा। जैसे ही मैंने खिड़की से अंदर देखा। मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी। प्राधन जी मेरी मम्मी को टेबल पे लेटाके उनके गदरायी हुयी टांग को अपने कंधे पे रखके अपने घोड़े जैसे गदाराये हुए मोटे लण्ड से घपा घप चोद रहे थे। और मम्मी अपनी आँख बंद करे उनके मुसल से लण्ड को पर अंदर तक ले रहीं थी पुरे कमरे में थप...थप और गच....गच की आवाजें गूंज रही थी।
मै तो हैरान था की मम्मी हमारे प्रधान से भी चुदती हैं इधर प्रधान मेरे माँ चोद रहा था और उधर उसका दोस्त उस ऑन्टी को चोद रहा है मैं समझ गया की वोटिंग तो एक बहाना है असलियत में तो इन्हे दोनों रंडियों को रात भर चुदाई करवाना है।
मम्मी के ऐसी चुदाई देखकर मेरा लण्ड मेरे लोवर के अंदर ही फाल्ट हो गया।
10 मिनट ऐसे ही ताबड़तोड़ चोदने के बाद प्रधान ने मम्मी के चुत से अपना मोटा लण्ड निकला और मम्मी के साड़ी और ब्लाउज को निकालने लगा।
तभी मम्मी बोली... देखब धूल जनि लगयीब नहि त हमार लयिकव सोचि की मम्मी कँहा लेटल रहली है।
उन्हे क्या पता की मैं उनके गदरायी हुई जवानी की चुदाई अपने आँखों से देख रहा हूँ।
उसने मम्मी को पुरा नंंगा कर दिया। मम्मी का नंंगा बदन पोर्न की बिग एस मोम की तरह लग रहा था
तभी प्रधान ने कहा .. चल कुतिया बन जा
मम्मी तुरंत नीचे फर्स पे कुतिया बन गयीं। प्रधान भी नीचे घुटनों के बल बैठे गया और उनकी गांड के छेद में अपनी जीभ घुसाते हुए अपना थूक लगाने लगा। दो मिनट बाद उसने अपने लण्ड भी थूक लगाया और अपना आधा लण्ड गच... से मम्मी के गांड मे पेल दिया... मम्मी की चीखें निकल गयी उनका मुह पुरा लाल हो गया। बोलीं... आंह..... आराम मेरे अँह.....प्रधान बोल.. अगर मजा लेना है तो सजा तो सहना ही पड़ेगा मेरी रानी। और बिना रुके अपने मोटे लण्ड को मम्मी के गांड मे पेलने लगा कुछ दे बाद मम्मी को भी मजा आने लगा और मम्मी अपनी बड़ी गांड को आगे-पीछे करते हुए उसका पुरा साथ देने लगीं।
मम्मी का दूध हवा मे उछलता हुआ कमाल का लग रहा था।
तभी प्रधान ने मम्मी से बोला क्यो न आज सभी लोग मिलकर एक साथ चुदाई करें।
मम्मी बोली मतलब।
प्रधान मै तुम और वो दोनों जो उस कमरे मे चुदाई कर रहें हैं। मम्मी बोली नही ये अजीब लगेगा।
प्रधान नही या मजा आयेगा।
प्रधान बगल वाले कमरे मे गया और ऑन्टी बड़े बड़े चुतड़ों को अपने हाँथ से पकड़ के गोंद मे उठाये हुए वापस आया और ऑन्टी के चुतड़ों को मेज पे रख दिया।
पीछे से प्रधान का दोस्त भी अपना बड़ा लण्ड मसलते हुए अंदर आ गया। प्रधान बोल आज तुममेरी माल को चोद और मै तुम्हारी माल को पेलता हूँ अब प्रधान के दोस्त ने मम्मी को घोड़ी बनाया और उनकी चुत मे अपना मोटा लण्ड पेल दिया। और उनके बालों को पकड़ा और घपा घप् चोदने लगा उधर प्रधान ऑन्टी को मेज पे लेटाके उनके टांग को अपने कंधे पे रखके धकाधक चोद रहा था। लगभग 10-12 मिनट के चुदाई के बाद 1-2 मिनट के अंतर मे दोनों ने अपना अपना माल ऑन्टी और मम्मी के चुत मे गिरा दिया।
लगभग 2 मिनट प्रधान और उसका दोस्त दोनों अपनी अपनी रंडियों को गोद मे ले के उनके चुचियों से खेलत रहे। फिर प्रधान ने पास मे पड़ी छड़ी ली और ऑन्टी के गांड पे सटाक से मारा और बोला।
आज हम दोनों तुम लोगो के मास्टर जी हैं और आज पूरी रात हम तुम लोगों को चुदाई का पाठ पढायेंगे। जैसा बोलता हूँ वैसा करो।
प्रधान ने डस्टर को उठाके दूर फेका और बोला चलो शिला अपने हाथों और घुटने के बल कुतिया बनो और कुतिया की तरह ही जाओ और डस्टर को अपने मुह से उठाके लाओ। मम्मी कुतिया बनके बकाईयां अपनी बड़ी गांड को मटककाते हुए गयी। और डस्टर ले आई। फिर उसके दोस्त ने ऑन्टी से भी ऐसा ही कराया। फिर उन्होंने उन दोनों के मुँह मे बरी बरी बदल बदल के दोनों के मुँह की भी चुदाई की।
दोस्तों उन दोनों ने अपनी अपनी रंडियों को कई तरीको से भोर तक चोदा । मैं भोर होने से पहले ही घर पे आके सो गया ताकि मम्मी को पता न चले की मैंने उन्हे दो मर्दों से उनकी चुत और गांड का भोसड़ा बनते देखा है।
Antarvasna Sex Stories

Comments