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सगी चाची को चोदकर मां बनाया - Antarvasna Sex Stories

मेरा नाम किम है. मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ.

मेरी आयु 21 साल है.


हमारे घर में मेरे पापा-मम्मी, चाचा-चाची रहते हैं.

मेरी चाची का नाम मिनी है. उनकी उम्र 30 साल है.


चाची की कोई संतान नहीं हुई इसलिए वे मुझे ही अपना बेटा मानती हैं.

मेरे चाचा शहर में नौकरी करते हैं.


हमारे घर में दो बेडरूम हैं.

चूंकि चाचा इधर बहुत कम आते हैं तो मैं चाची के साथ उनके कमरे में ही सोता हूँ.


मैं जब 12 वीं में था, तभी से मुझे चाची बहुत आकर्षक लगने लगी थीं.


उनका फिगर बहुत सेक्सी है.

जब वे अपनी गांड मटका कर चलती हैं तो सबके लंड खड़े हो जाएं, वे इतनी सेक्सी हैं.


उनके गहरे गले वाले ब्लाउज में से आधे से ज्यादा दिखते गोरे रंग के मम्मे और लाल सुर्ख होंठ तो इतने मादक हैं कि किसी को भी पागल कर दें.

उनके पीछे से ठुमकते हुए चूतड़ तो बहुत ही ज्यादा सेक्सी हैं.


जब वे अपनी गांड मटका कर चलती हैं तो ऐसा लगता है मानो दो बड़े बड़े तरबूज हिल रहे हों.

चाची का 36-32-38 का फिगर भी बड़ा कामुक कर देने वाला है.


यह बात है उस वक्त की है जब मेरे 12 वीं के बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले थे.

मैं उस समय पढ़ाई करने के लिए रात रात भर जागता था.


चाची भी जागती थीं, पर वे कभी-कभी सो जाती थीं तो मैं उनको देखता रहता था.

उस वक्त चाची एक नाइटी पहन कर सोती थीं तो उनकी नाइटी उनकी टांगों पर ऊपर को सरक जाती थी, जिससे कभी कभी उनकी दूधिया जांघें मुझे वासना से गर्म कर देती थीं.

और मुझे उस वक्त ऐसा लगता था कि यहीं चाची के पैर उठा कर उन्हें चोद दूँ.


Xxx चाची की चूत का मजा लेना चाहता था मगर मेरी गांड में इतनी दम ही नहीं था कि चाची के साथ ऐसा कर सकूँ.


वे मेरे लिए सुबह जल्दी उठकर खाना तैयार करतीं.

उससे पहले जब वे सुबह जल्दी उठकर अपने कमरे में बने अटैच बाथरूम में जाकर नहातीं, तो मैं दरवाजे की झिरी से झांक कर उनको चुपके से देखता और उनके नंगे जिस्म को देख कर अपने लौड़े को सहलाने लगता.


फिर जैसे ही वे बाहर निकलतीं तो उनके निकलते ही मैं अन्दर चला जाता.

उनकी पैंटी वहीं पड़ी होती थी.

मैं उसे उठा कर सूँघता और अपने लौड़े पर लपेट कर लंड को हिलाता.


सच कह रहा हूँ दोस्तो, क्या ही बताऊं उनकी पैंटी से चिपकी उनकी चुत की मादक महक को सूंघ कर मैं मदमस्त हो जाता.


क्या ही कमाल की खुशबू आती थी.


मुझे रहा न जाता तो मैं अपने लौड़े की मुठ मारता और सारा माल उनकी पैंटी पर ही गिरा देता.

यहीं मुझसे चूक हो जाती कि मैं उनकी पैंटी में अपना वीर्य लगा छोड़ देता था.


एक दिन चाची को शक हुआ, तो उन्होंने कहा- आज से मैं तुम्हें नहलाऊंगी!

यह सुनकर मैं थोड़ा शर्मा गया.


मैंने उनसे कहा- नहीं आप क्यों ऐसा करोगी … मुझे नंगा देख कर शर्मा न जाओगी?

वे बोलीं- मैंने तुम्हें छुटपन में नंगा नहाते हुए देखा है … मुझे कैसी शर्म!


मैं चुप रह गया और नहाने चला गया.

तभी चाची भी अन्दर आ गईं.


उन्होंने मुझसे कहा- अपने कपड़े उतारो!

मैंने अपने कपड़े उतार दिए.


मैं उस दिन जल्दी जल्दी में ये भूल गया कि मैंने अंडरवियर नहीं पहना है.

उस वक्त हिचकिचाहट के चलते मेरा लौड़ा भी लटका हुआ था.


मैंने कपड़े उतारे तो चाची ने मेरे लटके हुए लौड़े को देखते हुए कहा- नीचे बैठो.

मैं नीचे बैठ गया.


अब तक मेरा लंड फनफनाने लगा था.

मैं उसे अपनी टांगों में दबा कर छिपाने की कोशिश करने लगा था.


चाची ने भी ऐसा दिखाया था मानो उन्होंने मेरे लौड़े को अभी तक देखा नहीं हो.


कुछ देर बाद चाची बोलीं- खड़े हो जाओ, तुम्हारे पैरों में साबुन लगाना है!


मैं जैसे ही खड़ा हुआ, तो चाची साबुन लगाने के लिए नीचे झुकीं.

उसी वक्त मेरा तना हुआ 8 इंच का लौड़ा उनके मुँह के सामने आ गया.


वे बड़ी हैरानी से मेरे लौड़े को देख रही थीं.

मैं भी सहम गया था.


अब चाची घूरती हुई सिर्फ मेरे मूसल लौड़े को देख रही थीं.


मैंने कहा- चाची साबुन लगाओ न!

तब उन्हें होश आया और वे साबुन लगाने लगीं.


चाची बोलीं- तुम्हारे वहां साबुन लगाऊं क्या?

मैं कुछ समझा नहीं, तो मैंने पूछा- कहां?


उन्होंने लौड़े की तरफ इशारा करते हुए कहा- यहां!

मुझे पता था कि वे मेरे मूसल ब्रांड लंड को देख कर मूड में आ गई हैं.


मैंने उनसे मज़ाक करते हुए कहा- आप तो बोलती थीं कि शर्माती नहीं हो, अब क्या हुआ … आप लगाओ न साबुन मेरे उधर!

चाची ने कहा- नहीं मैं नहीं शर्माती, अभी लगाती हूँ.


यह कह कर उन्होंने मेरे लौड़े को हाथ में ले लिया.

उनके हाथ लगाने से मेरा लौड़ा और भी ज़्यादा कड़क हो गया.


मैं धीमी आवाज में ‘आहें’ भर रहा था.

वे लगातार मेरे लंड से खेलने लगी थीं.


मुझे पता ही नहीं चल रहा था कि मुझे क्या हो रहा है.


चाची ने उसी वक्त मेरे लंड को अपनी नाक के पास खींच कर लंबी सांस भरी मानो वे लंड की खुशबू सूंघना चाह रही हों.


उसी वक्त मैंने अपनी चाची के मम्मे पकड़ लिए और दबाने लगा.

वे भी पूरी मस्ती में आ गई थीं.


कुछ देर के बाद किसी ने दरवाज़ा खटखटाया.

तो हमें होश आया और हम दोनों अलग हो गए.


चाची ने आवाज देकर कहा- अभी आती हूँ.

वे कुछ देर बाद बाहर चली गईं.


उनके जाने के कुछ देर बाद मैं भी बाहर आ गया और परीक्षा के लिए चला गया.

जब मैं वापस आया, तो घर में सिर्फ चाची थीं.


मैंने पूछा, तो उन्होंने बताया कि तेरे पापा-मम्मी बाहर गए हैं, वे लोग 7 दिन तक नहीं आएंगे.

मैं भी कुछ सोचने लगा और सर हिलाता हुआ अपनी कोचिंग क्लास चला गया.


मेरे मन को बहुत बुरा लग रहा था कि मैंने चाची के साथ ये किया.

मैं ट्यूशन पहुंचा, पर आज उधर ऑफ था तो मैं वापस घर आ गया.


घर में से आवाज़ें आ रही थीं.


मैंने जाकर देखा तो चाची किसी गैर मर्द के साथ चुद रही थीं.

मैं छिप कर देखने लगा.


उस आदमी का लौड़ा केवल 5 इंच का था.

चाची उसके लौड़े को अपने मुँह में ले रही थीं.


उस आदमी ने लंड चुसवाने के बाद चाची को चित लिटाया और उनकी चूत पर लौड़ा सैट करके एक धक्का दे मारा.


उसका लंड अन्दर घुसा तो चाची मीठे दर्द से चिल्ला उठीं.

वह चाची का शादी से पहले का ब्वॉयफ्रेंड था.


चाची को उसने आज 5 साल के बाद चोदा था.

पर मैंने देखा कि उसके लौड़े में भी दम नहीं बचा था.


थोड़ी देर बाद वह चाची को चोदते चोदते ही थक गया, तो वह हांफने लगा.


चाची उस पर गुस्सा होने लगीं कि साले क्या तुझे इसलिए बुलाया था?

वह भी गाली देने लगा- साली रंडी एक तो तेरी चुत चोद रहा हूँ और बहन की लौड़ी नखरे चोद रही है.


उन दोनों में झगड़ा हो गया.

चाची ने बातों ही बातों में उससे बोला- तुम्हारे लौड़े से ज़्यादा किम का लौड़ा बड़ा है.

यह सुनकर उसने भी कह दिया तो फिर जाकर उसके लौड़े से ही चुदवा ले!


वह अपने कपड़े पहन कर वहां से चला गया.


अब मुझे अपनी चाची को चोदने का बहुत मन हो रहा था, पर डर भी लग रहा था.


कुछ देर बाद मैं अन्दर आया और चाची से कहा- चाची आप मुझे फिर से नहला सकती हो क्या?


चाची का मूड खराब था, तो वे ‘नहीं’ बोलीं.

मैं ‘ठीक है’ बोला और वहां से बाथरूम में चला गया.


मुझे पता था कि चाची ज़रूर आएंगी और ऐसा ही हुआ.

चाची ने कहा- दरवाज़ा खोल!

मैंने ‘नहीं’ बोला, तो वे मुझे डाँटने लगीं.


मैंने सोचा कि कोई गड़बड़ न हो इसलिए दरवाज़ा खोल दिया और चाची अन्दर आ गईं.


मैं अंडरवियर में था, तो वे बोलीं- आज चड्डी क्यों पहनी है … उतार इसे?


उनकी बोली में वासना साफ झलक रही थी तो मैं समझ गया कि चाची मेरे लौड़े को पकड़ कर देखना चाहती हैं.


मैंने चड्डी उतार दी.

वे मुझे नहलाने लगीं.


उन्होंने मेरे लौड़े को पकड़ कर मसला, तो मैं सन्न हो गया.


वे मेरे लंड को हिलाने लगीं.

मेरा लौड़ा तन गया था.


मैं जोर-जोर से ‘आह आह’ की आवाज़ें निकाल रहा था.


वे मेरी कामुक आवाजों और कड़क लंड से कुछ ज़्यादा ही मूड में आने लगीं.

उसी दरमियान चाची का पल्लू सरक गया जो कि साफ समझ में आ रहा था कि चाची ने खुद ही पल्लू सरका दिया है.


उन्होंने आज बहुत ही ज्यादा गहरे गले का ब्लाउज पहना हुआ था जिसमें से उनके लगभग एक तिहाई से ज्यादा दूध दिख रहे थे.


मैंने अपना हाथ उनके ब्लाउज में डाला और एक मम्मे को पकड़ कर मींजने लगा … मसलने लगा.


वे भी नशीली आंखों से मेरे लौड़े को पकड़ कर सहला रही थीं और मेरी आंखों में आंखें डाल कर मुझे वासना से देख रही थीं.


मैंने चाची का हाथ पकड़ कर उन्हें खड़ा किया और उन्हें अपने सीने से लगा कर चूमने लगा.


वे भी मेरे होंठों से होंठ लगा कर चूमने लगी थीं.


तभी मैंने नहाने का पानी उनके ऊपर डाल दिया और उन्हें पूरा भिगो दिया.

वे हंसने लगीं.


मैंने कहा- अब आप भी नहा लीजिए!

उन्होंने मेरा लौड़ा हिलाते हुए कहा- तुम ही नहला दो न!


मैंने उनके होंठों के ऊपर अपने होंठ रख दिए तो वे भी मेरा साथ देने लगीं.

मैंने एक हाथ उनकी साड़ी ऊपर करके चूत पर रख दिया और सहलाने लगा.


उन्होंने पैंटी नहीं पहनी हुई थी.

इसका मतलब साफ था कि वे पहले से ही मुझसे चुदवाने का विचार करके आई थीं.


मैं उनकी चूत में उंगली डाल रहा था और एक हाथ से मम्मे दबा रहा था.

साथ ही उन्हें किस भी कर रहा था.


फिर मैंने उनका ब्लाउज़ खोल दिया.

उन्होंने अन्दर लाल रंग की ब्रा पहनी थी.

मैं ब्रा का हुक खोलने के बाद उनके दूध मसलने लगा.

वे मेरे सामने आधी नंगी थीं और मैं पूरा नंगा था.


मैंने उन्हें पागलों की तरह किस किए जा रहा था.

अब मैंने उनके एक मम्मे को चूसना शुरू कर दिया.


वे बहुत गर्म हो चुकी थीं.

उनकी सांसें बहुत गर्म हो चुकी थीं.


मैं उनकी दोनों चूचियों को बुरी तरह से चूस रहा था और भंभोड़ रहा था.


चाची चुदास से भर चुकी थीं और कह रही थीं- आह आह … आज चोद दे मुझे … आह और जोर से चूस मेरे दूध आह फक … आज मुझे अपनी रंडी बना लो और उसके की तरह चोद दो!

वे ये सब बोल रही थीं तो मुझे भी वासना चढ़ने लगी थी और अब चाची मुझे सड़क छाप रांड के जैसी ही दिखने लगी थीं.


मैंने उन्हें पूरी नंगी कर दिया और नीचे होकर उनकी चूत पर मुँह रख कर चुत चूसने लगा.


वे आह आह करने लगीं और बोलीं- चल बेडरूम में चलते हैं.

हम दोनों नंगे ही बेडरूम में चले गए. बेड पर मैंने उन्हें लिटा दिया और उनकी चूत को चाटने लगा.


चाची पागल सी हो गई थीं.

वे जोर-जोर से आवाज़ें निकाल रही थीं और कहे जा रही थीं- आह अब सब्र नहीं होता … तू अपना लौड़ा मेरी चूत में पेल दे. आह मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा है!


मैंने उनकी आवाजों की तरफ ध्यान न देते हुए चूत चाटना चालू रखा. जल्दी ही उनका रस बाहर आ गया.


मैं चुत का रस चाटने लगा तो उन्होंने मेरे मुँह पर ही मूत दिया और जोर-जोर से हांफने लगीं.


मैंने उन्हें उठाकर अपना लौड़ा उनके मुँह में दिया, तो वे किसी रंडी की तरह लंड चूसने लगी थीं.


जल्दी ही हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और एक दूसरे का सामान चूसने लगे.


मैंने सोचा कि कहीं ऐसा न हो कि कहीं चाची ये बोल दें कि तुमने मुझे अपना शिकार बनाया था.

मैं यह सोचते ही वहां से जाने लगा.


चाची बोलीं- ओए मेरे राजा, कहां जा रहे हो? मुझे तड़पा कर किधर भाग रहा है … मुझे चोदे बिना मत जाओ आह … मैं तुम्हारे लौड़े के बिना मर जाऊंगी!

मैंने कहा- सॉरी चाची, पर मुझे ऐसा लग रहा है कि मैंने आपसे ज़बरदस्ती की है!


चाची उठकर मेरे पास आईं और मेरा लौड़ा हाथ में लेकर हिलाती हुई बोलीं- नहीं मेरे राजा, तुझे ऐसा ही लग रहा है, तो पहले मेरे गले में मंगलसूत्र डाल दो!


मैंने चाची की तरफ देखा, तो उनकी आंखों में एक प्यास थी जो बहुत बरसों पुरानी दिख रही थी.


उन्होंने अपने गले का मंगलसूत्र निकाल कर मेरे हाथ में रख दिया और बोलीं- लो इसे तुम खुद दूर फेंक दो!

मैंने उसे फेंक दिया.


चाची अपने पास रखा एक नया मंगलसूत्र लेकर आईं.


ये वही वाला मंगलसूत्र था, जब हम बाहर घूमने गए थे.

तब चाची ने मेरी पसंद का मंगलसूत्र खरीद लिया था.


चाची ने मुझसे कहा- मेरे गले में मंगलसूत्र डाल दो और बना लो मुझे अपनी बीवी … फिर तो कोई प्रॉब्लम नहीं है न?

मैंने मंगलसूत्र उनके गले में डाल दिया.


वे तो रोने ही लगीं और कहने लगीं- आज से मैं तेरी हूँ. तुम मुझे कितना भी चोद लो … मैं कुछ नहीं कहूँगी, पर मुझे छोड़ कर कहीं मत जाना!

वे जोर जोर से रोने लगीं.


मैंने कहा- चाची आप मत रोओ … मैं हूँ न … मैं आपका पूरा ख्याल रखूँगा और कहीं नहीं जाऊंगा!

चाची बोलीं- अब तो चाची मत बोलो … मैं आपकी बीवी हो गई हूँ!


वे मुझसे बड़े आदर के साथ बोल रही थीं.

मैंने उन्हें ‘रानी’ बोल दिया, तो वे बहुत खुश हो गईं.


उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठ के ऊपर रख दिए.

हम दोनों अब पति-पत्नी थे तो मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था.


मैंने उन्हें उठाकर बेड पर लिटा दिया और चूमने लगा.

वे भी मेरा साथ देने लगीं.


उन्होंने मुझसे कहा- आज मुझे बीवी की तरह नहीं, एक बाजारू रंडी की तरह चोदो … आपकी रांड बहुत प्यासी है!


मैंने अपना लौड़ा उनकी चूत के ऊपर रख दिया.

चाची की चूत बहुत गीली हो चुकी थी.

वे बोलीं- राजा अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है … प्लीज जल्दी से डाल दो!


मैंने धक्का मारा, तो वे एकदम से चिल्ला उठीं.

जबकि मेरा अभी सिर्फ 4 इंच ही गया था.


मेरा लौड़ा जितना बड़ा है, उतना ही मोटा भी है.


मैं चाची की चुत में लंड को पेले हुए ही किस करने लगा.

फिर वे चुप हुईं तो मैंने एक और तेज झटके के साथ अपना पूरा लौड़ा उनकी चूत में उतार दिया.


वे चिल्लाने लगीं- आह फट गई मेरी … इसे बाहर निकालो … आह मेरी चूत फट गई … मैं मर जाऊंगी … मैं 5 सालों से नहीं चुदी हूँ … तुम्हारे चाचा का लौड़ा सिर्फ 3 इंच का ही है.


उस दिन मुझे पता चला कि इसलिए अब तक चाची को बच्चे नहीं हुए हैं.


मैंने उन्हें डपटते हुए और गाली देते कहा- साली रंडी बहन की लौड़ी … चुप हो जा बहन की लौड़ी … तुझे आज बीवी नहीं, रंडी की तरह चोदूँगा मैं … तू मूत देगी इतना चोदूँगा!

वे मेरी बदली हुई भाषा के कारण मुझे अजीब सी नजरों से देख रही थीं.


मैंने कहा- मैंने तुम्हें तुम्हारे ब्वॉयफ्रेंड के साथ भी चुत चुदवाते हुए देखा था … तुम तो रंडी ही हो!

यह सुनकर वे चुप हो गईं.


मैंने बोला- आज से तू किसी से नहीं, सिर्फ मुझसे चुदेगी!

वे मुझसे कहने लगीं- हां मेरे राजा जी आप जैसा बोलोगे, मैं वैसा ही करूँगी!


फिर मैंने धक्का देना चालू किया और अपना पूरा लौड़ा चूत में डालने निकालने लगा.


चाची से ये सब बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

उन्होंने पहली बार 8 इंच का लौड़ा अपनी चूत में लिया था.


थोड़ी देर बाद उनका दर्द कम हुआ, तो वे अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगीं.

मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और बहुत जोर से चोदने लगा.

सारे रूम में ‘पच पच पच’ की आवाज़ आ रही थी.


चाची भी अब रंडीपने की भाषा पर उतर आई थीं.

वे गाली देने लगीं- आह चोद भोसड़ी के … आह मर गई मादरचोद … साले फाड़ दे मेरी चूत और बना दे मेरी चूत का भोसड़ा!


मैं भी उनकी एक चूची को चूसता हुआ धकापेल चुदाई किये जा रहा था.


वे गांड उठाती हुई कहने लगीं- आह आह फक … और जोर से … आह यस बेबी फक मी और जोर से चोदो मेरे राजा … मुझे बना लो आज अपनी रंडी!


मैं भी बिना रुके उन्हें जोर जोर से चोद रहा था, Xxx चाची की चूत का मजा ले रहा था.


थोड़ी देर तक फुल स्पीड से चोदने के बाद चाची ने मूत दिया.

वे जोर से चिल्लाती हुई मूतने लगीं- आह आह!


मैं चाची की पेशाब निकल जाने पर नहीं रुका … मैं बस चुदाई की मस्ती में डूबा हुआ था और उन्हें पूरी ताकत से चोद रहा था.


वे मूतती जा रही थीं और उनका दही भी बाहर आता जा रहा था.


वे मेरी तरफ देख कर बोलीं- मुझे बच्चा चाहिए … मैं तुम्हारी बीवी हूँ साले चीथड़े उड़ा दे मेरी चूत के … मेरी ये चुत ससुरी लंड की बड़ी प्यासी है … इसकी प्यास बुझा दे मेरे यार … आह तेरा लंड साला बड़ा ज़ालिम है … हाय रे … मुझे अपनी बीवी की तरह चोद साले … समझ ले कि मैं तेरी बीवी ही हूँ … आह बड़ा मज़ा आ रहा है आह हां … और पेल… घुसेड़ दे … और ठोक दे … पूरा घुसा दे … चीर डाल मेरी चूत!


मैं भी उन्हें तबीयत से चोदे जा रहा था और साथ में गाली देते हुए बोल भी रहा था- मादरचोद रंडी … तुझे तो मैं रोज़ चोदना चाहता था, पर आज मौका मिला है … तुम्हें आज से अपनी बीवी बना कर रखूँगा और साली तुझे रोज रंडी की तरह चोदूँगा!


कुछ देर बाद मैंने अपना लौड़ा चुत से बाहर निकाला और नीचे लेट गया.

वे मेरे लौड़े पर बैठकर मुझे दूध चुसवाती हुई चुदवाने लगीं.

मैं उनके मम्मे मसल रहा था.


उस वक्त मेरा पूरा लौड़ा उनकी चूत में जा रहा था तो उनको चुदाई में दर्द हो रहा था.

पर वे मूड में थीं इसलिए मज़े से चुद रही थीं.


कुछ मिनट बाद वे मेरे ऊपर ही मूतने लगीं.

हाय क्या बताऊं, चाची की चुत का वह गर्म गर्म पानी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.


फिर हम दोनों लोटस पोजीशन में आ कर चुदाने लगे.

किस करते हुए चुदाने लगे.


बाद में मैंने उन्हें फिर से लिटा दिया और अपना लौड़ा चूत में डाल कर चोदने लगा.

अब मेरा लंड अपने चरम पर आ गया था.

चाची कह ही चुकी थीं कि उन्हें बच्चा चाहिए है तो मैं बिंदास उनकी चुत में ही झड़ गया.


बाद में चाची ने चाचा को अपने पास बुलाया और उन्हें सारी बात बताते हुए मेरे साथ सेक्स करके बच्चा लेने की बात कही.

चाचा खुद यही चाहते थे कि चाची को किसी तरह से बच्चा हो जाए.

उन्हें यह जानकर और भी अच्छा लगा कि घर का खू.न ही चाची की कोख में पलेगा.


चाचा की सहमति मिलते ही चाची ने मुझे उसी वक्त बुलाया और उस रात चाचा की मौजूदगी में ही मैंने चाची को चोदा.


दोस्तो, चाची की चूत का मजा एक सच्ची Antarvasna Sex Stories है, आपको कैसी लगी प्लीज मुझे जरूर बताएं.

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