अंजान भाभी से मुलाकात और फिर चुदाई: २ - Hindi Sex Stories
- Vimal Yadav
- Feb 1
- 10 min read
हेलो दोस्तो, मैं एक बार फिर अपनी कहानी लेकर आया हु। इस कहानी मे आपको पता चलेगा की अगले दो दिन हम दोनों ने चुदाई की किन किन हदों को पार कर दिये थे।
पहला भाग पढ़े : अंजान भाभी से मुलाकात और फिर चुदाई: १
सुबह लगभग 5 बजे मानसी का बच्चा रोने लगा जिस से हम दोनों का आँख खुल गया। मानसी ने बच्चे को दूध पिला कर सुला दिया।
मैं बाथरूम मे चला गया था उसी समय मुझे याद आया की मैं तो पायल भी लाया हु। मैं तुरंत पायल लेकर मानसी के पास गया तो मानसी बोली खुद ही पहना दो । मानसी बिस्तर पर लेटी थी बिना कपड़ो के क्योंकि रात मे sex के बाद हम दोनों ने कपड़े नहीं पहने थे।
पायल पहनाने के लिए मैंने मानसी के टांगों को उठा और पायल पहना दिया। पायल पहनाने के बाद मैं मानसी के टांगों को किस करने लगा जिस से वो गरम हो गयी और मेरा सर अपने हाथो से पकड के चूत चाटने के लिए सटा दिया। मैं भी चूत चाटने लगा।
जुबान को नुकीला कर के चूत मे अंदर बाहर करने लगा। लगभग 5 मिनट के बाद मानसी का पानी निकले लगा। मानसी का हो जाने के बाद मेरा लण्ड खड़ा हो गया था मैंने मानसी को बोला तो वो मुझे नीचे करके मेरा लण्ड चूसने लगी। 1 -2 मिनट चूसने के बाद मेरे लवडे पर बैठ गई और कूदने लगी।
मै अपने दोनों हाथो से मानसी के बूब्स को दबा रहा था। जब मैंने बूब्स को छोड़ा तो कूदने के वजह से दोनों बूब्स कबूतर की तरह उठ रहे थे। 10 मिनट के चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ झड गए। मानसी मेरे बगल मे लेट गयी। हम दोनों का यह चुदाई का दौर लगभग 6 बजे तक चला उस के बाद हैं दोनों सो गए ।
मानसी सीधा 11 बजे दोपहर मे उठी और फिर मुझे उठाने के लिए मेरे मुह पर अपना चूत रगड़ने लगी जिस से मेरी आँख खुल गयी। मानसी ने उठना चाह तो मैंने उस अपने मुह पर से नहीं उठने दिया और उस का चूत चाटने लगा। चुत चाटते समय मैं उस के गांड के छेद मे उंगली डालने लगा जिस से मानसी और भी ज्यादा उत्तेजित हो गयी जिस के वजह से वो झड़ गयी।
सुबह सुबह ही मानसी का एक बार तो हो गया। हम दोनो साथ मे बाथरूम मे गये। फ्रेस होने के बाद दोनों साथ मे बाथटब मे गये और नहाने लगे इसी बीच मानसी का बच्चा भी आ गया और बाथरूम मे ही खेलने लगा।
मानसी बोली लगाता हैं की ये फ़िर अपनी माँ को चुदते हुए देखना चाहता है। टब मे हम दोनो एक दूसरे को किस करने लगे । हम दोनो ने एक दूसरे को हर जगह किस किया । दोनो साथ मे नहाने के बाद लगभग 1 बजे नंगे ही बहार आये। मानसी ने पैन्टी और टी-शर्ट पहना। ब्रा नहीं पहना था। मानसी ने बच्चे को दूध का बॉटल पकड़ा दिया और कुछ खाना बनाने चली गई बच्चे को मेरे पास छोड़ कर।
मैं बच्चे को लेकर किचन मे चला गया। वहा जाकर मानसी से बात करने लगा और मानसी से उस के जेठानी के बारे मे पूछने लगा। मानसी ने बताया की एकता (जेठानी) गाँव मे ही रह कर बहुत से लोगो के साथ सेक्स किया था।
मैं बोला की कोई कहानी बताओ एकता के चुदाई का।
अब एकता की कहानी मानसी के शब्दो में। ये कहानी एकता ने खुद ही मानसी को बताया हैं।
सबसे पहले मैं आप लोगो को बता दु की एकता मेरी तरह गोरी और और हाईट मुझसे थोड़ा सा कम है पर साइज 36-32-34 का है मतलब एक दम पटाका माल है। एकता के शादी के बाद कुछ सालों तक उसके उसके और जेठ जी के बीच जम के सेक्स हुआ करता था।
हर रोज रात मे एक- दो राउंड या फिर उस से भी ज्यादा होता था। फिर समय बितता गया और बच्चे( एक बेटा 5 साल का और एक बेटी 2 साल की) भी पैदा हो गए। जेठ जी अपने अध्यापक के कामो के अलावा ससुर जी के राजनीति को भी देखने लगे। क्योंकि ससुर जी की बाद उन्हे ही देखना था सब कुछ जिस के वजह से वो दिन मे थक जाते थे और रात में सेक्स के लिए मना कर देते थे।
बेटी के पैदा होने के बाद तो वो हफ्ते मे केवल एक बार या फिर वो भी नहीं सेक्स करते थे। एकता अपने जिस्म के भूख को शान्त करने के लिए लण्ड की खोज मे रहने लगी। एकता ने एक बार एक नौकर को मूतते हुए देख और उस का लण्ड देख कर हैरान रह गयी क्योंकि नौकर का लण्ड जेठ जी के लण्ड से लगभग 2 इंच ( 6 inch लम्बा)लम्बा और 1 इंच मोटा था।
एकता ने सोच लिया की अब इसी लण्ड से चुदेगी। नौकर के बारे मे बता दु की वो गाय भैस की देखभाल करता हैं, रंग उस का न तो काला है और न ही गोरा है, हाईट उस का 5.6 फीट था लगभग। मैंने (मानसी) भी उसे देखा है उस और उस का नाम छैला था और एज लगभग 40-45 के बीच मे था।
अब एकता उस पर डोरे डालने लगी वो भी समझने लगा की एकता के इरादो को। एक दिन दोपहर के लगभग 11 के आस पास एकता और छैला दोनों अकेले गोशाला मे थे तो एकता के पूछा की छैला तेरी पत्नी का क्या हाल चाल हैं तो छैला बोला मालकिन वो सही है पर।
एकता बोली पर का क्या मतलब हैं तो वो बोला की पत्नी मेरे जरूरतो का ख्याल नहीं रखती इसीलिए मै रात मे भी यही रहता हुँ और जब जरुरी होता है तभी जाता हु।
एकता बोली की कौन से जरूरतो का ख्याल नहीं रखती बताओ मैं रखूंगी उस चीज का ख्याल ये बात बड़ी ही कामुख हो कर बोला।
छैला बोला मालकिन जाने दीजिये आप नहीं रख सकती। एकता ने थोड़ा जोर देते हुए बोला बताओ मैं सारी जरूरतों को पुरा करूँगी। छैला बोला मैं रोज उसे चोदना चाहता हु। चोद चोद कर उस का जान निकालना चाहत हु क्योंकि मेरे अंदर बहुत क्षमता है चोदने का।
ये बात कहते हुए एकता के हाथो को पकड़ लिया। एकता हाथ छुड़ाने लगी पर उस ने नहीं छोड़ा वो बोला की मालकिन आप पूरी करोना मेरे इच्छा को।
एकता बोली की नहीं मैं ये सब नहीं कर सकती। छैला ने श्रुति का हाथ अपने लण्ड पर रख दिया। एकता हाथ नहीं हटाई क्योंकि को लण्ड का नाप लेना चाहती थी और उस लण्ड का साइज सही लगा।
छैला मैके का फायदा उठाते हुए एकता किस करने लगा और अब एकता भी उस का साथ देने लगी क्योंकि एकता भी तो चुदना चाहती थी।
10 मिनट के चुम्मा चाटी के बाद एकता को होश आया तो खुद को छुड़ाने लगी और उस ने देखा की अब वो साया और ब्लाउज मे थी।
वो इस बात से डर रही थी की कोई आ जायेगा और वो फस जायेगी। वो साडी पहनने लगी और छैला से बोली की आज रात 11 बजे तैयार रहना यही पर मैं आऊँगी और फिर तुम को जो भी करना हो वो करना।
छैला बोला जी मालकिन जैसा आपका हुक्म। अब दोनों रात का इंतजार करने लगे। रात के 10 के बाद एकता जेठ जी के साथ बेड पर सोने के लिए गयी और एकता ने ऐसी बात छेड़ी जिस से उन दोनो मे झगडा हो गया।
एकता बोली की मैं छत पर सोने जा रही हु और मुझे जगाने मत आना मैं खुद आ जाऊंगी जब मुझे आना होगा। और उधर छैला भी तैयारी करके बैठा था। उस ने जमीन पर ही घास वगैरह फैला दिया था क्योकिं उस के पास एक चारपाई थी अगर उस पर सेक्स करता तो बहुत आवाज करता और टूट भी जाता।
11 बजे से पहले ही एकता छैला के पास जा पहुची। एकता पीले रंग का नाइटी बिना ब्रा पेंटी के पहनी थी और छैला केवल एक लुंगी पहना था। पहुँचते ही एकता छैला के उपर टूट पड़ी दोनो एक दूसरे को खा जाना चाहते थे। छैला ने एकता का नाइटी निकालना चाहा पर नही निकाल पाया तो फाड दिया और खुद भी नंंगा हो गया। छैला ने पहले से ही एक लालटेन जला रखा था।
जिस के पीले रौसनी में एकता हल्दी वाले दूध की तरह लग रही थी। छैला एकता को पहली बार नंंगा देख कर माथा पकड कर बैठ गया और बोला मालकिन क्या माल हो आप अगर आप रण्डी होती तो आपका कीमत लाखों मे लगता।
एकता धन्यवाद बोली और गाली दे कर बोली माधरचोद तु रण्डी बोलेगा मुझे। चल इस रण्डी को अपना लौडा दे चूसने को। छैला उठा और तुरंत श्रुति को बैठा कर लण्ड उस मे मुह मे दे दिया। एकता एक दम प्रोफेशनल रण्डी की तरह लण्ड चूस रही थी।
टोपे पर जुबान घूमती तो छैला की आँखे अपने आप बंद हो जाती। कभी वो लौड़े को मुह मे लेती और गोटे को सहलती तो कभी गोटे चूसती और लण्ड को हाथो से आगे पीछे करती। छैला ये सब बरदास्त नहीं कर सका और एकता के मुह को ही तेजी से चोदन लगा जिस के वजह से एकता गु- गु की आवाज निकालने लगी और उसे साँस लेने मे भी तकलीफ होने लगी पर छैला रुक नहीं और उस के मुह को चोदता रहा और अपना पुरा माल एकता के मुह मे ही गिरा दिया एकता अपना मुह हटाना चाहती थी पर छैला ने तेजी से पकड रखा था।
छैला एक रस का एक एक बूंद एकता पी गयी। एकता के मुह से जब लण्ड निकला तो एकता बिना रुके एकता को गाली देने लगी बेटी चोद क्या तु इस तरह अपनी बहन बेटी को चोदता है बहन के लण्ड इसलिए तेरी बीबी तुझसे नही चुदती तुझे जैसा दरिंदा माधरचोद को मर जाना चाहिए ये सब कहते कहते एकता रोने लगी क्योंकि उस लण्ड की वजह से साँस लेने मे परेशानी होने लगी।
छैला डर गया पर वो एकता को लेटा कर उस के चेहरे पर चूमने लगा जिस से एकता को थोड़ा आराम मिला। अब छैला किस करते करते एक हाथ मे बूब ले लिया और दूसरा मुह मे लेकर चूसने लगा। छैला भी बूब्स चूसने मे माहिर निकला। एकता अपने दोनो हाथो से छैला से सर को सहला रही थी मानो कह रही हो की पुरा पी जायो बहुत दुधारु चुचे हैं मेरे।
बूब्स के बाद वो पेट पर आ गया और फिर चूत के आस पास के जगह को चाटने लगा। जिस से एकता की चूत पहले से जो गीली थी अब वो रोने लगी की मुझे भी चाट लो। एकता अपने दोनो हाथो से बाबूलाल का सर अपने चूत पर सटा दिया और बोला माधरचोद चाटो इस। छैला अपने जुबान को नीचे से उपर फिर उपर से नीचे फेरने लगा फिर जुबान को नुकीला करके चूत को चोदने लगा जिस से एकता पागल हो गयी और तुरंत ही झड़ गयी।
छैला एकता का पर रस पी गया ये देख कर एकता खुश हो गयी और बोली वाह रे मेरे चोदु नौकर तु तो बहुत बड़ा वाला चूतचटोरा निकला। छैला एकता के बगल मे लेट गया । एकता बोली की तूने जमीन पर ये सब फैला कर अच्छा किया।
यहाँ हम दोनो एक दूसरे को खा रहे और बगल से गोबर की खुसबु आ रही मजा आ गया ये सब देख कर। छैला से एकता बोली अब बहुत हुआ अब चूत मे अपने लण्ड को डालो नहीं तो मैं पागल हो जाऊंगी। एकता एकता का लंड चूसने लगी लण्ड जब चोदने के लिए तैयार हुआ तो एकता तुरंत लेट गयी और छैला उस के उपर आ कर चूत मे लंड डालने लगा।
चूत मे लंड के जाते ही मान एकता के मुह से आवाज निकलने लगा तो छैला ने तुरंत अपने हाथो से उस का मुह बंद कर दिया और उस धीरे धीरे चोदने लगा। जब दर्द कम हुआ तो हाथ मुह से हटा दिया और एक हाथ से उस के टांग को उपर कर दिया और दूसरे हाथ से एक चुचे को दबाने लगा। एकता बोलने लगी और तेजी से चोदो और तेजी।
इस बीच एकता एक झड़ भी गयी।एकता तेजी तेजी चिलने लगी तो छैला के एक जोर का थप्पड़ मर जिस से वो तुरंत शांत हो गयी। छैला ने पोजिसन बदलकर कुतिया बनाने के लिये कहा तो एकता तुरंत कुतिया बन गयी गांड उठाने लगी।
छैला ने थोड़ा सा थूक एकता के चूत पर लगा कर लण्ड अंदर डाल दिया। फिर एक हाथ से उस के बालों को पीछे की तरफ पकड़ के चोदने लगा और बीच बीच मे उस के गांड पर चाटे मरने लगा। जब जब गांड पर चाटे पड़ते तब तब एकता घोड़ी की तरह हिनिहिनाने लगती और उसी टाइम पर उस के बालो को और भी तेजी खिचता जिस के वजह से एकता के दोनों हाथ ऊपर उठ जाते और केवल वो घुटने के बल हो जाती थी।
लगभग 10 मिनट घोड़ी बनाकर चोदने के बाद दोनों एक साथ झड़ गये । छैला ने अपना सारा माल एकता के अंदर ही डाल दिया। झड़ने के बाद एकता गिर गयी क्योंकि उस के टांगों मे जान नहीं थी झुकने के लिए छैला भी उस के उपर ही लेट गया।
कुछ देर उपर रहने के बाद बगल मे लेट गया। एकता की साँसें बहुत तेज चल रही थी उस की छाती इतना पंप कर रहा था मानो वो जान बुझ कर अपने चुचे हिला रही हो। दोनों पसीने से लथपथ थे और दोनो के शरीर पर घास फुस चिपक गया था और गोबर की बु भी आ रही थी पर दोनो बहुत खुश थे। क्योंकि एकता का रोज का लंड का जुगाड़ हो गया और छैला को उस के मालकिन का स्वर्ग सा जिस्म मिल गया था जो पर रस से भरा हुआ था सर से लेकर पाव था।
उस रात उन दोनो के बीच दो राउंड और भी चुदाई हुयी पर दोनो ही चुदायी पहले के तुलना मे कम समय तक हुआ। दोनों रात मे नंगे ही बिना कुछ पहने और कुछ भी ओढे बिना और गोशाला मे सो गए।
गोशाला मे कोई भी रात आ सकता था और उन दोनो को देख सकता था। मुश्किल से 1 या फिर 2 घंटा ही सोये थे। दोनो 4 बजे ही उठ गए एकता अपना नाइटी पहनने के लिये लिया तो देखा ये तो फट गया था एकता तो फस गयी। एकता छैला से बोली तुम देखो की कोई जाग रहा हैं की नहीं।
छैला देख कर बताया कोई भी नही जाग रहा हैं तो एकता छैला को एक लम्बा सा चुंबन दिया और नंगी ही चली गयी और अपने पति का कपड़ा पहन ली जो छत पर ही थी। उस दिन के चुदाई के बाद से एकता खुल गयी और जब भी मौका मिलता छैला से चुद जाती और चुदने के बाद उसे पैसे भी देती इनाम के तौर पर।
फिर कुछ महीनों तक छैला से चुदी उस के बाद दूसरा लंड भी लेना चाहने लगी। नये लंड की तलास मे वो किराने वाले से, पड़ोसी से , घर पर काम करने आये पेंटर से बहुतो के साथ सेक्स किया।
अब आगे की कहानी मेरे शब्दो मे।
एकता के बारे जान कर मैंने बोला मानसी एक बार अब मुझे भी तुम्हारे जेठानी को चोदना हैं। मानसी ने तो पहले मना किया पर फिर तैयार हो गयी उस चुदवाने के लिये। अब आगे की कहानी फिर कभी।
आप लोगो को कहानी कैसी लगी इस का फीड बैक vsbsvahs81@gmail.com पर जरूर mail करना क्योंकि इन फीड बैक से आगे के लिए मोटीवेशन मिलेगा। आप लोगो को Hindi Sex Stories के बारे मे बोलने के लिए पूरी छुट है पर अपने शब्दो की गरिमा बनाये रखना ।

किसी लड़कियां भाभी को सेक्सी चैट करनी हो तो दम करें
nice story