आंटी की चूत और गांड को धक्कापेल चोदा: Hindi Sex Stories
- Kamvasna
- 4 days ago
- 8 min read
दोस्तो, मेरा नाम रॉकी है। मेरी उम्र 26 साल है।
मेरी हाइट 5 फीट 7 इंच है। लंड 6.2 इंच है।
चूत गांड सेक्स कहानी 2 महीने पहले की है।
मैंने अपनी एक रिलेटिव आंटी की चूत और गांड फाड़ी, उसकी स्टोरी बता रहा हूं।
मैं फर्स्ट टाइम ये चूत गांड सेक्स कहानी बता रहा हूं क्योंकि मैंने अब तक ये किसी को नहीं बताया है।
एक बार मैं एक शादी में गया।
वहां आंटी (प्रियंका) को देखा।
क्या माल थी!
उम्र 42, 34-28-36 फिगर।
मन किया कि जाके चोद दूं।
आप लोग भी देखोगे तो चोदे बिना नहीं रहोगे।
एक बार मैं घर पर था।
मम्मी बोली- रॉकी, आंटी (प्रियंका) के यहां कुछ दिन रुक जाओ।
मैंने बोला, “क्यों रुकूं आंटी के यहां?”
वैसे मेरा बहुत दिनों से प्रियंका आंटी की चूत-गांड फाड़ने का मन था।
मॉम, “प्रियंका के यहां सारे घरवाले किसी काम से बाहर गए हैं। प्रियंका अकेली है तो चले जाओ।”
मैं, “मैं अकेले…”
मॉम, “आंटी है वो, अब शर्मा मत, जा आंटी के पास।”
दोस्तो, मॉम की आंटी से अच्छी बनती है, बस बेस्ट फ्रेंड समझ लो।
मैं मॉम के कहने पर प्रियंका आंटी के घर गया।
डोर बेल बजाई, आंटी ने दरवाजा खोला।
क्या लग रही थी वो!
ब्लू साड़ी ब्लैक ब्लाउज के साथ।
वो भी पूरा बॉडी फिट।
एकदम गोरी माल।
मेरा लंड सनसना गया।
पर मैंने कंट्रोल किया।
आंटी ने मुझे अंदर बुलाया, सोफे पर बैठने को बोला।
मैं चुपचाप से बैठ गया।
मैं सोच रहा था आज तो चोद दूंगा चाहे जो हो।
आंटी पानी लाई।
मैंने पानी पिया।
फिर मैं बाथरूम से नहा के आया।
आंटी ने खाना लगा दिया।
टेबल पर जब वो खाना परोसने के लिए झुकी तो उनके बड़े गोरे चूचे लटक गए। वारंगल आम जैसे थे आंटी के चूचे।
हमने खाना खाया, फिर सोने चले गए।
शाम को आंटी के रूम से चुपके से उनकी ब्रा-पैंटी ले आया और उसमें मुठ मारने लगा आंटी के नाम की।
मैंने जानबूझ के दरवाजा खुला छोड़ दिया ताकि आंटी आके देख ले।
मैं मोबाइल में पोर्न भी चला दी पर पोर्न की साउंड रूम तक रहे, इतना ही वॉल्यूम दिया था।
जो सोचा वही हुआ।
आंटी आ गई.
पर उन्होंने देर लगा दी थी आने में।
मैंने सोचा था कि 10 मिनट में आ जाएगी क्योंकि आंटी बाथरूम गई हगने, और उसके बाद कपड़े उतारती।
इतने में तो मिनिमम 10 मिनट लगना था।
पर आंटी ने 25 मिनट लगा दिए।
जो भी हो, अब आगे:
आंटी, “ये क्या कर रहे हो? तुझे शर्म नहीं आती ये सब करते, ऊपर से गंदी वीडियो चला रखी है!”
मैं डर गया आंटी की बात सुनके, “आंटी प्लीज किसी को मत बोलना।”
आंटी गुस्सा करके बोली, “मेरी ब्रा-पैंटी गंदी कर दी!”
मैं, “सॉरी आंटी।”
मैं चुपचाप ब्रा-पैंटी छोड़ के कपड़े पहनकर वीडियो बंद करके बाहर आ गया।
मैंने मार्केट जाके थोड़ा मन हल्का किया।
बाहर के माहौल से रिलैक्स फील हुआ।
इसके बाद मैं घर आया और सीधा रूम चला गया क्योंकि आंटी को चोदना था और रात को उनके साथ सोने का प्लान बनाने लगा।
कुछ देर बाद रात हो गई।
आंटी ने 8:30 pm को मुझे खाने के लिए बुलाया।
मैं चुपचाप गया, खाना खाया।
आंटी भी खाया।
मैं बीच-बीच में आंटी को देख लेता, वो भी देख लेती पर गुस्से से!
खाने के बाद हम छत पर वॉकिंग पर गए रात को।
आंटी से नॉर्मल बात करके कम्फर्टेबल करने की कोशिश की।
फिर जब लगा चलो सिचुएशन थोड़ा फेवर में है तो मैंने आंटी से बोला, “आंटी आप रूम वाले बात को लेकर अभी भी नाराज हो मुझसे? सॉरी आंटी! प्लीज माफ कर दो!”
आंटी, “ओके, अब मत करना।”
मैं, “एक बात बोलनी थी, पर आप मना कर दोगी।”
आंटी, “क्या बोलो?”
मैं, “पहले बोलो आप रूम वाली बात को लेकर मना तो नहीं करोगी?”
आंटी, “बोलोगे तब देखूंगी।”
मैं, “आप हंसना मत, मुझे अंधेरे से डर लगता है।”
आंटी, “मतलब साफ-साफ बोलो।”
मैं, “आपके साथ सोना है। अकेले नहीं।”
आंटी तभी बोली, “तुमने ये क्यों बोला मना कर दोगी।”
मैं, “प्लीज आंटी, रूम वाली बात के लिए सॉरी। आपके पैर पड़ता हूं। आपके बेटे जैसा हूं।”
आंटी न चाहते हुए हां कर दिया।
रात को आंटी और मैं सोने गए।
पर पहले मैं जाके सोने का नाटक करने लगा।
सिर्फ ब्रीफ (पतली छोटी चड्डी) पहना था।
मेरा पूरा बदन मेरा नंगा था, सिर्फ कच्छे में था।
आंटी आई तो सिर्फ कच्छे में देखा मुझे।
मैंने लाइट ऑन रखी ताकि आंटी मुझे कच्छे में देखे और मेरा लंड मैंने साइड से निकाल दिया था तो लंड भी उभरा दिख रहा था।
आंटी मुझे उठा के बोली, “तुम ऐसे सो जाओगे मेरे साथ?”
मैंने बोला, “मॉम के साथ भी ऐसे ही सोता हूं, वो कुछ नहीं बोलती।”
आंटी बोली, “ये सब यहां नहीं चलेगा।”
पर मैंने जिद की, वो मान गई।
फिर वो भी मैक्सी में सो गई बगल में।
आधी रात को मैं उठा, चुपके से टॉयलेट गया फिर रूम आके कुंडी लगाई।
आंटी न उठे ऐसे आंटी के बगल में लेट गया।
मुझे नींद नहीं आ रही थी।
आंटी की मोटी गांड मेरी तरफ थी।
मैंने अपना लंड कच्छे से बाहर निकाला और आंटी की गांड के दरार में ऐसे फिट करने लगा कि नींद में अपने आप हुआ हो।
आंटी की नाइटी (मैक्सी) थोड़ी ऊपर आ गई घुटने तक।
मैंने थोड़ा और ऊपर पीछे से क्योंकि थोड़ा ढीला था मैक्सी वहां।
ऊपर करने पर आंटी को पता नहीं चलता।
मैक्सी उठा दी।
फिर लंड खड़ा किया क्योंकि अब आंटी की पैंटी दिख रही थी — गुलाबी पैंटी।
मैंने लंड को पैंटी पर रखा।
क्या गर्म एहसास था!
आंटी नहीं जागी।
फिर मैंने लंड (लगभग पूरा खड़ा था) गांड की दरार में पैंटी पर से सेट किया और आंटी से चिपक गया।
आंटी बुड़बुड़ाई, मुझे लगा आंटी जाग गई।
पर चुदाई का नशा ऐसा होता है दोस्त कि सारा डर खत्म हो गया।
जिस बदन को छूना चाहता था वो आज मेरे बदन से चिपका है।
फिर आंटी सुड़बुड़ाकर हटाने का ट्राई की।
मैं न हटा क्योंकि आंटी को बाजाने की कसम खाई थी।
आंटी, “छोड़ो! क्या कर रहे हो? आंटी हूं तेरी!”
मैं, “चुपचाप लेटी रह! रांड है मेरी!”
मेरे मुंह से सेक्स के नशे में रांड निकल गया।
आंटी उठी, मुझे जोर का थप्पड़ लगाया।
बोली, “इसीलिए आए हो यहां पर?”
मैंने बोला, “जब तुम मुझे चांटा मार ही दी तो सुन कुतिया, तुझे चोदना चाहता हूं। जानता हूं तू आंटी है पर दूर की! तू 42 की है। मस्त आइटम है। क्या बुराई है अगर मुझसे चुदोगी तो?”
आंटी, “ये पाप है, गलत है, किसी को पता चलेगा तो बदनामी होगी। यही संस्कार है तेरे?”
मैं, “प्लीज आंटी, मुझे आपको चोदने का मन है, प्लीज एक बार!”
आंटी, “मैं चिल्ला दूंगी!”
मैं, “तेरे घर पर कोई नहीं है, तेरी भी बदनामी होगी। मैं मॉम को बोल दूंगा आंटी मुझसे चुदवाना चाहती थी, मैंने मना किया तो शोर मचा दी। आपकी बदनामी होगी. मेरा इमेज शरीफ लड़के का है तो सोच लो।”
मैंने इतना बोलते ही उनके चूचे कस के मसल दिए।
उनकी सिसकारियां निकल गईं — “आआ ह्ह्ह सस्स छोड़ … दर्द हो रहा है!”
मैंने आंटी के होंठ को कस के चूमा, होंठों को काट लिया, खू.न निकाल दिया।
वो दर्द से बेहाल हो गई।
मैं बोला, “मान जाएगी तो ऐसा मजा दूंगा जो राकेश अंकल ने आज तक नहीं दिया होगा।”
मैंने कसके प्रियंका आंटी को पकड़ के किस किया।
मैं उनकी मैक्सी खोलने लगा तो बोली “नहीं।”
मैंने एक न सुनी, आंटी का हाथ हटाया और मैक्सी उतार दी।
अब वो सिर्फ ब्रा-पैंटी में थी।
Hindi Sex Stories
फिर उनके बड़े मम्मे को ब्रा पर से ही दबा दिया, उसकी चीख निकल गई — “आआ आह्ह धीरे ईई ई!”
मैंने ब्रा खोल दी, पैंटी भी फाड़ दी।
फिर उन्हें लिटा दिया।
अब आंटी का भी मूड बनने लगा।
मैंने अपनी चड्डी उतारी।
अब मैं और आंटी बिल्कुल नंगे चुदाई के लिए रेडी थे।
मैंने आंटी को किस किया, उनकी जीभ को चूस लिया।
उनकी सिसकारियां निकल गईं, “स्शस … आह … ओह्ह्ह… ह्ह्ह”
फिर मैंने उनके बूब्ज़ को कस के बुरी तरह मसला क्योंकि उसने मुझे चांटा मारा था।
वो तड़प गई क्योंकि ऐसी बेरहम पर मजेदार चुदाई अंकल ने कभी नहीं की थी।
वो, “आह हाईई दर्द हो रहा है… प्लीज धीरे!”
मैंने और कसके मसला।
आंटी: उसकी चीखें निकल गईं — “आआ ह्ह्ह्ह साले मादरचोद धीरे आ आआह्ह!”
फिर मैंने उसकी नाभि पर जीभ फेरी।
आंटी, “स्स्स … हाय उम्म्म्म… उम्म्…”
मैंने फिर आंटी की दोनों टांगें फैला दी।
उसके बाद मैंने उनकी सुर्ख गुलाबी चूत को देखा, मजा आया।
मेरे से और नहीं रुका गया तो चूत चाटने लगा, जीभ अंदर तक डाल देता।
आंटी, “आआह … ओअह … हाय!”
10 मिनट के बाद आंटी मेरे सिर को अपने चूत में दबाने लगी।
शायद वो पूरी उत्तेजित हो गई थी।
मैंने भी खूब चूत चूसी, काट भी दिया जिससे आंटी की चीखें निकल गईं — “आआआ ह्ह्ह साले मार डाला!”
फिर मैंने अपने 6.2 इंच के लंड को आंटी के मुंह में डाला
पर साली लेना नहीं चाहती थी, बोली, ” तेरे भोसड़ी वाले अंकल का लंड न चूसा तो तेरा कैसे चूसूंगी।
मैं, “तू ही चूसेगी।”
फिर उसके गांड में एक साथ 2 उंगलियां डाल दी, वो सकपका गई।
मैं, “बोल चूसेगी या लंड डालूं गांड में?”
वो दर गई लंड गांड में देने की बात से।
फिर उसने मुंह बनाते हुए मुंह खोला।
मैं तो इसी इंतजार में था, बिना टाइम लगाए लंड पूरा पेल दिया आंटी के मुंह में।
आंटी की सांस रुक गई।
मैं रंडी की चूत की तरह आंटी का मुंह चोद रहा था।
10 मिनट बाद जब लंड निकाला आंटी हांफने लगी.
फिर मैंने 2 मिनट के अंदर लंड मुंह में डालके चोदा, अपना टट्टे भी मुंह में घुसा दिए।
10 मिनट बाद मेरा माल मुंह में निकल गया।
लंड आंटी के गले तक था तो डायरेक्ट माल आंटी के गले में गिरा दिया।
लंड मुंह से निकलते ही आंटी को उल्टी हुई।
माल की गंध उनसे झेली नहीं गई।
मैं उन्हें बाथरूम ले गया, मुंह में पानी लेकर निकालने को बोला।
हम बेडरूम आए।
फिर चूत चाटना स्टार्ट — आंटी की वही मादक आवाज “आह अआह आआह श्सस”
मैंने चूत गीली होने तक चाटा, दांत भी गड़ा दिए जिससे आंटी चीख पड़ी, “आ आआह दर्द हो रहा है!”
फिर मैंने अपने लंड को आंटी की चूत पर सेट करके एक तगड़ा झटका मारा।
लंड 4 इंच अंदर चला गया।
आंटी की चीखें गईं — “आआआ ह्ह्ह निकाल मादरचोद दर्द हो रहा है, फट जाएगी चूत!”
मैं एक न सुना और एक झटका और लगाया, लंड पूरी चूत में।
इस बार आंटी बहुत चिल्लाई।
पर मैं आंटी को अनदेखा कर धक्के-पेल चोदने लगा।
थोड़ी देर बाद आंटी को मजा आने लगा, “आs मेरे रॉकी! तेरे लंड ने तो चुदाई का तूफान ला दिया, बहुत मजा दिया! जोर से चोद, फाड़ दे मेरी चूत को!”
मैं आंटी की मादक आवाज से जोश में आके चोदने लगा।
आंटी, “मुझे पता होता तू अच्छा चूत गांड सेक्स करता है, पेलता है तो पहले ही चुद लेती।”
मैं, “साली तूने कभी चांस दिए!”
आंटी, “मेरे राजा अब अपनी सारी मनोकामना पूरी कर ले! हाईई मार डाला… आरेह ओह्ह आआआ!”
उनके दर्द का अंदाजा लगा लो, उनकी दर्दनाक चीखें सुन के मुझे जोश आया।
फिर मैं आंटी की गांड मारने लगा।
थोड़ी देर बाद आंटी को मजा आने लगा।
फिर 20 मिनट की गांड मराई के बाद मैं गांड में झड़ गया।
जब लंड बाहर निकाला तो देखा आंटी की गांड से खून, मेरा माल साथ आ गया।
आंटी की चादर गंदी हो गई।
हम दोनों सो गए।
सुबह आंटी को थोड़े चलने में दिक्कत हुई।
उनसे सही से चला भी नहीं जा रहा था।
मैं, “आंटी कुछ हुआ है आपको? क्योंकि आपकी चाल थोड़ी मटकी हुई है।”
आंटी, “गांड मारके पूछता है क्या हुआ? पर तूने मजा खूब दिया। अब मुझे जब भी चुदना होगा, लंड का आनन्द लेना होगा तो तुझे बुला लूंगी।”
Hindi Sex Stories
दोस्तों, उसके बाद मैंने एक हफ्ते तक धकापेल चुदाई की।
आपको मेरी चूत गांड सेक्स कहानी अच्छी लगी होगी.
कमेंट करें।
ऐसी ही और मजेदार धकके-पेल चुदाई Hindi Sex Stories के लिए मुझे मेल करें।

Comments