ट्यूशन के टीचर ने मुजे प्रेग्नेंट कर दिया - Antarvasna Stories
- Riya
- Dec 25, 2025
- 10 min read
हैलो दोस्तो आपकी रिया नई कहानी लेकर हाजिर हूँ। ये कहानी मेरी दोस्त पुष्पा की है। सुनिए पूरी कहानी पुष्पा के मुह से।
मेरा नाम पुष्पा है। मैं 20 साल की हूँ। मैं अभी फर्स्ट इयर में पढ़ाई कर रही हूँ। मैं कोचिंग के लिए पास के ही एक सर के पास जाती थी। जो मेरी बेस्ट फ्रेंड के पापा है उनकी उम्र लगभग 54-55 वर्ष होगी। इसलिए मेरे परिवार वाले ने बिना किसी रोक-टोक के उनके पास कोचिंग क्लास में जाने को तैयार हों गये।
लेकिन उनकी चौड़े सीने पर घुंघराले बालों के गुच्छे और शरीर काफी मजबूत कसरती बदन के थे। वे हमेशा मुझे कामुक नजरों से देखते थे। और पढा़ते हुए मेरी चूचियों पर हाथ फेरते हुए दबा दिया करते थे। शुरू में मुझे बहुत बुरा लगता था। फिर धीरे धीरे मुझे मज़ा आने लगा। सभी मुझे चोदने को बेचैन रहते थे, कालेज में भी लड़के और प्रोफेसर सब मेरे सैक्सी फिगर को देखते हुए आहें भरते हैं।
मेरे चूचे 34 के हैं, कमर 28 की और गांड 36 इंच की है। मैं भी आस-पास के माहौल के चलते जल्दी जवान हो गई थी। मेरे गुलाबी होंठों पर तिल है गोरा रंग, हाईट 5'7," इंच सुडौल हिचकोले खाती हुई चूचियां और थिरकते हुए चूतड़ों को देख कर सभी अपने होशोहवास खो दिया करते है। एक दिन मैं गहरे गले की पठानी पटियाला सलवार-समीज पहनकर गई।
सर ने मुझे कुछ नोट्स दिए और वे मेरे सामने बैठ गए। नोट्स कंप्लीट करते समय मैंने तिरछी नजर से उन्हें देखा, तो वे मेरी सुडौल गोरी चूचियों को खा जाने वाली नजरों से घूरते हुए अपने लन्ड को पेंट के उपर से ही सहला रहे थे।


उनके लन्ड का उभार मोटा और लम्बा उभार लिए हुए था।फिर जब वे उठकर खड़े हुए तो मुझे उनकी पैंट में तंबू बना हुआ साफ दिखाई दिया। वे मेरे बगल में आकर बैठ गए और मेरी कॉपी की तरफ देखते हुए एक हाथ मेरी जांघ पर रखकर सहलाने लगे। मेरे पैर कांपने लगे और मेरे बदन में सिहरन सी दौड़ने लगी।
जब मैंने उनका विरोध किया तो वे उठे और बाहर जाकर दरवाजा बंद कर दिया। अब वे फिर से मेरे पास आकर बैठ गए थे। वे मेरी जांघों को सहलाते रहे। चूंकि उनकी यह कोचिंग उनके घर के नीचे ही था, तो शायद उन्हें लग रहा था कि चुत गर्म होकर लंड मांगने लगेगी तो वे मुझे घर ले जाकर चोद लेंगे।
उन्होंने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे बदन को अपने सीने से लगाए अपनी मजबूत पकड़ में लेकर मसलने लगे मेरी सिसकारियां निकल पड़ी।मैं अपनी तरफ से उन्हें रोक रहीं थीं उनका विरोध करने लगीं लेकिन तुरंत ही उन्होंने मेरे गुलाबी होंठों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगें,।मैं भी अब गर्म होने लगी थी। आखिर मैं भी भरपूर जवानी की दहलीज पर खड़ी थी।
उपर से उन्होंने मुझे अपनी बांहों में भर कर मजबूती से अपने सीने से लगाए जकड़ रखा था।धीरे धीरे मैं उनकी मजबूत बाहों में ढी़ीली पड़ गई और उनको समर्पित होती चली गई। मेरी बुर से पानी आने लगा। धीरे-धीरे वे अपने हाथ को ऊपर लाने लगे। जब उन्होंने मेरी टांगों के जोड़ पर हाथ रोका तो मैंने अपनी जांघों को चौड़ा करके अपनी बुर खोल दी। उन्होंने झट से मेरी बुर पर हाथ रख दिया। उन्हें मेरी चुत का गीलापन मेरी सलवार में महसूस हुआ तो वे मुस्कुरा दिए।
उन्होंने मेरी चुत को कुरेदते हुए मुझसे पूछा- कैसा लग रहा है?
मैंने कोई जवाब नहीं दिया। बस मेरी सिसकारियां निकल रहीं थीं। आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह, ऊऊऊईईईईईईईई। मां, आआआहहहहह मम्मी।
उन्होंने कॉपी साइड में रखी, मुझे खड़ा किया और खुद खड़े होकर मुझसे लिपट कर मेरे होंठ चूमने लगे। उनके लन्ड का उभार मुझे अपनी चुत पर लगने लगा था। थोड़ी देर बाद मैं भी उनका साथ देने लगी। तो वे मेरे मुँह में जीभ डाल कर मुझे मजा देने लगे। मैं भी अपने मुंह में उनकी जीभ को चूसने लगी।
उसी वक्त उन्होंने अपने एक हाथ से मेरी चूची को दबाना और मसलना चालू कर दिया।
मैं गनगना उठी। ईई सीई। ऊऊऊईईईईईईईई। मां।
कुछ देर तक उन्होंने मुझे भरपूर मजा दिया। फिर मुझे अपने से अलग कर दिया। और। अब सर ने मेरी सलवार का नाड़ा खींचा, तो सलवार नीचे सरक कर नीचे गिर गई। उसके बाद सर ने मेरी कुर्ती को ऊपर करके उतारना चालू किया तो मैंने खुद ब खुद अपने हाथ ऊपर उठा दिए और उन्होंने मेरी कुर्ती व ब्रा को एक साथ उतार दिया। मेरी सुडौल गोरी चूचियां उछल कर बाहर आकर चट्टान की तरह से खडी़ी हिचकोले खा रहीं थीं गई।
मैं ऊपर से पूरी नंगी हो गई थी और नीचे से चड्डी ने मेरी चुत को ढका हुआ था। वे मेरी दोनों चूचियों को अपने मजबूत हाथों से मसलने लगे। और बारी बारी से मेरी दोनों चूचियों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगें।मेरी सिसकारियां निकलने लगीं। मेरी सुडौल गोरी चूचियों के निप्पल को मुंह में लेकर चूस चूस कर दांत से काट लिया करते थे।
मेरी दर्द भरी सिसकारियां निकल जाती थी।आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई मां आआआहहहहह मम्मी ईईईईईईई मर। गई। आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई।फिर एक को पीने लगे और दूसरे दूध के निप्पल को अपनी दो उंगलियों से मसल कर मींजने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मेरी सुडौल गोरी चूचियों के निप्पल मोटे-मोटे फूल कर कुप्पा हो गये थे।
उन्होंने मेरी सलवार टांगों से निकाल कर अलग कर दी और पैंटी को नीचे सरका कर मेरी गुलाबी रंग की चुत बुर सहलाने लगे। वे मुझे बेंच पर लिटाकर मेरी बुर चाटने लगे। मेरी चुत पर हल्के हल्के बाल थे।उनकी मस्त जीभ से मेरी चुत में गर्मी बढ़ने लगी और मैं तो जैसे सातवें आसमान में उड़ने लगी।
जैसे ही उन्होंने एक उंगली मेरी बुर में डाली, मैं चीख पड़ी! ऊऊऊईईईईईईईई मां। आआआहहहहह। मम्मी। ईईईईईईई ऊऊऊईईईईईईईई।आआआहहहहह मम्मी। ईईईईईईई मर। गई। आआआहहहहह। मम्मी।
सर- पहले कभी किया है पुष्पा?
मैं- ‘नहीं सर पहली बार है।
अब वह अपने सारे कपड़े उतार कर आ गए। उन्हें पूरा नंगा देख कर मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं। उनका लगभग ७ इंच लंबा, ३ इंच मोटा लंड एकदम टनटना रहा था। उनके लन्ड का सुपाड़ा भी शलजम की तरह मोटा था।उनके लन्ड के नीचे मोटे-मोटे बड़े बड़े आंड लटक रहें थे।वे अपना लंड हिलाते हुए मेरे करीब आए और बोले- मुँह में लो! मैंने मना कर किया तो वे कुछ नहीं बोले। फिर वे मेरी दोनों टांगें फैलाकर बीच में बैठ गए और मेरी बुर को फिर से अपनी जीभ से चाटने लगे।
मुझे बहुत अच्छा भरपूर मजा आ रहा था। काफी देर तक मुझे चाटते रहे। फिर अचानक से मैं जोर जोर जोर से अकड़ने लगी और मेरी सिसकारियां निकलने लगी। ईईईईईईई ऊऊऊईईईईईईईई।मां।आआआहहहहह।मम्मी।ईईईईईईई। मर। गई। आआआहहहहह। मम्मी,।मुझे लगा कि मेरे अन्दर से कुछ निकल रहा है। मैं ‘आह आह! करके झड़ गई।
मेरी गुलाबी चुत से ढेर सारा पानी निकल रहा था। उन्होंने मेरी बुर का सारा नमकीन पानी पी लिया। फिर अल्मारी से एक शीशी को निकाला और बोले- इससे लंड की मालिश करो! मैंने देखा तो वह जापानी तेल था। मैंने तेल लिया और अपने मुलायम गोरे गोरे हाथों में जैसे ही उनके फौलादी लंड को पकड़ा, मुझे जोरों से करंट सा लगा। बहुत ही कड़क सख्त लंड था!
लन्ड पर मोटी मोटी नसें उभर आई थी। मैं उनके लंड को गौर से देखती हुई मालिश कर रही थी। वे कभी मेरे दूध दबाते, कभी मेरी बुर में उंगली करते। करीब दो तीन मिनट मालिश के बाद उन्होंने मुझे अपने नीचे लिटा कर अपनी बांहों में ले लिया। अपने लंड को मेरी बुर पर सैट करके बोले- थोड़ा दर्द होगा, बाद में तुम्हें बहुत मजा आएगा।
तुम बार बार चुदाने आओगी।
मैं - सर मैं मर जाऊंगी तुम्हारा लन्ड बहुत ज्यादा लम्बा मोटा है।
सर- पुष्पा मेरी जान थोड़ी देर दर्द सहन करना फिर मजा़ आने लगेगा।
मैं - तुम्हारे लन्ड को देख कर मुझे डर लग रहा है। कैसे घुसेगा।
सर- धीरे धीरे तुम्हारी चुत लन्ड को अपने अंदर समेटे हुए जगह बना लेंगी। बस शुरू में सहन कर लेना। सर- आज तुझे मेरा लन्ड लड़की से भरपूर रसभरी औरत बना देगा। बस शुरू में सहन कर लेना। उन्होंने धीरे-धीरे अपने फौलादी लंड को मेरी चुत में अन्दर डालना शुरू किया। लेकिन उनका लन्ड फिसल गया। उन्होंने मुझे भरपूर तरीके से मुझे अपनी बांहों में जकड़ा और अपने लन्ड को चुत से लगाए तगड़ा धक्का लगाया।


लेकिन लंड किसी चीज से टकरा कर रुक रहा था। अचानक से उन्होंने फिर से एक जोर का धक्का मारा। मैं उछल कर जोर से चीखी, ऊऊऊईईईईईईईई। मां।आआआहहहहह। मम्मी।ईईईईईईई।मर। गई। आआआहहहहह,।मम्मी।ईईईईईईई। मर गई।।आआआहहहहह। मम्मी,।ईईईईईईई।मैं रोने लगी थी मेरी आंखों से आंसु निकलने लगें।
तो उन्होंने मेरे मुँह पर हाथ रखकर तुरंत ही दूसरा धक्का मारा और पूरा लंड मेरी चुत में डाल अन्दर करके मेरे ऊपर लेट गए। मेरी चुत से खून निकल आया। मैं जोर जोर से अपने सर को इधर-उधर दर्द से कराह रही थी।सर का लम्बा मोटा लन्ड मेरी चुत में बुरी तरह से घुस गया था।और मेरी चुत में बच्चेदानी में अन्दर तक घुसा हुआ था। मैं
छटपटाने लगी, मेरी आंखों से आंसू निकल रहे थे। मेरी गुलाबी चुत की दीवार बुरी तरह से चरमरा उठी थी। चुत बुरी तरह से चरमरा कर फैल गई,।आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई। मां। आआआहहहहह।
काफी देर बाद जब मैं शांत हुई तो वे धीरे-धीरे मुझे चोदने लगे। लेकिन उनका लन्ड बुरी तरह से रगड़ खा रहा था।फिर उन्होंने हाथ हटाया और मेरे होंठों को चूसने लगें।
तो मैं बोली- सर, मुझे बहुत दर्द हो रहा है! प्लीज एक बार निकाल लीजिए! मैंने अपने हाथ को नीचे ले जाकर अपनी चुत से टच किया तो मेरे हाथ की अंगुलियों पर खून लगा। और मेरी चुत में सर का लन्ड जड़ तक फंसा हुआ था। बस उनके बड़े-बड़े आंड बाहर थे जोकि मेरी चुत से सट कर अन्दर घुसने को हों रहें थे।
लेकिन वे नहीं रुके, मुझे चोदते रहे। हर धक्के पर मैं कराह रही थी। काफी देर तक मुझे चोदने पर । मुझे भी मजा आने लगा। धीरे धीरे मैं जोश में आ गई। अब मुझे दर्द के साथ साथ मीठा मीठा प्यारा प्यारा आनन्द भरपूर मजा आता जा रहा था।
मैं बस बोल रही थी- आह सर, बहुत मजा आ रहा है … और कसकर चोदिए! वे अब बहुत जोर जोर से तेज धक्के मारने लगे इससे उनका लंड मेरी चुत की गहराई में आसानी से फंस कर आने जाने लगा था।। मैं उछल उछल कर जोर जोर से अपने चूतड़ों को ऊपर उठा लिया था। आआआहहहहह। चोदों मुझे हर। अपनी पुष्पा को चोद दो सर।
उनका लंड मेरी चुत की गहराई में बच्चेदानी में जड़ में कहीं लग रहा था, उससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई। आआआहहहहह। मुझे बाद में मालूम हुआ कि उनका लंड मेरी बच्चेदानी में अन्दर तक घुस रहा था। कुछ देर बाद मैं झड़ गई, आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह।
मेरी चुत से ढेर सारा पानी निकल गया।लेकिन वे अभी नहीं झड़े थे तो मुझे ताबड़तोड़ तरीके से चोदते रहे।
मैंने कहा- कुछ देर सांस ले लेने दो न! फिर उन्होंने लंड निकाल कर मुझे घोड़ी बना दिया। मैं समझी कि अब वे मुझे कुछ देर रेस्ट देंगे। लेकिन जैसे ही मैं औंधी होकर लेटी तो उन्होंने मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे ऊपर को उठने का संकेत दिया। मैं उठ गई। इस पर उन्होंने मेरे पीछे से अपना लंड छेद में लगाया और एक ही बार में पूरा लंड घुसेड़ कर मुझे घपाघप चोदने लगे।
मैं बुरी तरह से कांप गई थी मगर दो तीन धक्कों के बाद ही मजा लेने लगी। उनकी मांसल जांघें मेरी जांघों से और मेरे चूतड़ों से जोर जोर से टकराने लगी थी।आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई।
40-50 गहरे धक्कों के बाद ही सर ने अपने लौड़े को मेरी चुत से खींच कर बाहर निकाला और मुझे सीधे अपने नीचे दबा कर दबोचे हुए मेरे ऊपर आ गए। मेरे ऊपर चढ़ कर सर ने मेरी दोनों टांगों को चौड़ा कर अपने कन्धों पर रख कर अपने लन्ड को तगड़ा धक्का लगा दिया।मेरी लम्बी सिसकारी निकल पड़ी ईईईईईईई ऊऊऊईईईईईईईई आआआहहहहह।
उनका लन्ड पूरी तरह से रगड़ खा कर जड़ तक मेरी चुत में घुस कर बच्चेदानी से टकराता हुआ फंस गया।कुछ देर रुक कर सर मुझे जोर जोर से उछल उछल कर चोदने लगे। मेरी दोनों टांगें सर के कन्धों पर होने के कारण उनका लन्ड हर धक्के पर मेरी चुत को चीरते हुए बच्चेदानी में अन्दर तक घुस रहा था।
मेरी दोनों टांगें ऊपर उठीं हुई हवा में झूल रही थी। सर की जांघें मेरी जांघों से जोरों से टकराने लगी।फट,फट।फच,फच।फट,फट।फच,फच। कुछ देर बाद मैं फिर से झड़ गई और मेरी चुत से ढेर सारा पानी खून के साथ बह रहा था,।लेकिन सर मुझे जोर जोर दबोचे चोदने में लगे हुए थे।
लगभग 40 मिनट ओर इसी तरह चोद चोद कर सर अचानक से जोरों से आवाज़ निकालते हुए। मेरी चुत में ही अपने लन्ड से गर्म गर्म वीर्य मेरी चुत में पिचकारियां छोड़ने लगें।मैं भी उनके गर्म गर्म वीर्य से फिर से झड़ गई।मैंने जोर से सर को अपनी बांहों में भर लिया।
आआआहहहहह ऊऊऊईईईईईईईई।आआआहहहहह,।मममममम।आआआहहहहह।
अभी भी मेरी दोनों टांगें ऊपर उठीं हुई थी।सर ने अपने लन्ड से गर्म गर्म वीर्य लबालब मेरी बच्चेदानी तक भर दिया था। मुझे बहुत ही अच्छा भरपूर अहसास हो रहा था।हम दोनों ने एक दूसरे को चूमते हुए अपनी बांहों में जकड़ा हुआ था।काफी देर बाद सर ने अपने लन्ड को लगभग खींच कर बाहर निकाल लिया। मेरी चुत का मुंह बुरी तरह से खुला हुआ था।और चुत से ढेर सारा पानी खून के साथ वीर्य से निकल कर बह रहा था।
अब सर मेरे बगल में लेट गए। फिर मेरी पैंटी से उन्होंने मेरी बुर और अपने लंड को साफ किया, जिसमें चिकनाई रेशे से खून लगा था। उसके बाद उन्होंने मुझे दर्द की दवा दी। फिर भी मैं की घंटे तक पलंग पर लेट कर आराम किया। इस दौरान उन्होंने मुझे अपनी बांहों में भर कर प्यार कर रहें थे।
मैं - सर मैं प्रेग्नेंट हो गई तो। मुश्किल होगी। अपने वीर्य लबालब बच्चेदानी तक भर दिया है।
सर- मेरी जान चिंता मत कर ऐसा कुछ हुआ तो मैं हूं ना, सब संभाल लुंगा।
मैं - सर पता नहीं क्यों मुझे अजीब सा लग रहा है मैं प्रेग्नेंट हो गई तो?
सर ने मुझे तसल्ली देते हुए प्यार से ढेर सारा प्यार करते हुए सब संभाल लेने की बात कही।
मैं कपड़े पहन कर घर आ गई। गोली खाने के बाद भी मेरी चाल लड़खड़ा रही थी। मेरी टांगें चौड़ी हो गई थी। फिर भी मैं काफी संभल कर चल रही थी। दो दिन मैं ट्यूशन नहीं गई। मेरा पूरा बदन दर्द कर रहा था।
मुझे अभी भी अपनी चुत में लन्ड का अहसास हो रहा था।रात को भी अपनी भरपूर चुदाई की यादों में खोई रहती थी।तीसरे दिन उन्होंने मुझे फिर से रगड़ रगड़ कर दो घंटे तक जमकर चोदा और मेरी चुत की सील तोड़ने के साथ साथ मेरी गान्ड की भी सील तोड़ते हुए मेरी गांड भी बेरहमी से मारी। मेरी गांड बहुत बुरी तरह से दुख रही थी। लेकिन सर ने मेरे दोनों छेद बखूबी खोल दिए थे जिस वजह से मैं जवानी में ही लंड का स्वाद चख पाई थी।
3 साल तक उसके बाद तो सर ने न जाने मुझे कितनी बार चोदा और मेरे अन्दर लंड की प्यास जगा दी।
इस दौरान मैं सर के लन्ड से 4 बार प्रेग्नेंट भी हुई। सर ने अपनी जानकार डाक्टर से सफाई करवा दिया करते थे। सर ने मुझे अपने लन्ड से चोद चोद कर लड़की से भरपूर रसभरी औरत की तरह से बना दिया।
मेरा बदन पहले से भी अधिक सैक्सी होता चला गया था। अब तो मैं खुद ही उनके लंड को पकड़ कर चूसने लगती हूँ और उनसे लौड़े की मांग करने लगती हूँ। मैं भी उनसे जमकर अपनी चुदाई कराने लगी थी। वो भी मुझे अपनी बीवी समझनें लगें और मेरी खूब दबोच दबोच कर पलंग तोड़ मेरी चुदाई करते थे।
फिर मेरी दुसरे शहर में शादी हो गई। आज मैं 4 बच्चे की मां हूं।लेकिन सर का लम्बा मोटा लन्ड हमेशा याद आया करता है।
लेकिन मैंने आखिर तक अपनी सहेली से छुपाया था। कहते हैं ना कि औरत कोई बात पेट में अन्दर नहीं रख सकतीं हैं। इसलिए मैंने अपनी शादी के बाद अपनी सहेली को अपना राज़ बताया कि कैसे तेरे पापा ने अपने फौलादी लन्ड से मेरी चुत और गांड़ की सील तोड़ते हुए मुझे 4 बार प्रेग्नेंट किया था। मुझे अपनी बीवी मानते हुए मेरी चुदाई करते थे। इसलिए मैं तेरी मम्मी बन गई।
मेरी सहेली यह राज़ जानकर हैरानी से मुझे देख कर बोली यार पुष्पा तुम तो बड़े छुपे हुए खिलाड़ी निकली।
आपको यह सच्ची Antarvasna Stories कैसी लगी मुझे जरूर बताना। आपकी रिया।

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