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गर्लफ्रेंड कीचूत और गांड चोदी

Updated: Feb 10, 2025

दोस्तो, मेरा नाम मिंटू है. यह कहानी मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड के बीच की है. मेरी गर्लफ्रेंड का नाम नैना है. ये नाम गोपनीयता के चलते मैंने बदल दिया है.

मैं इंदौर का रहने वाला हूँ. मैंने एक प्राइवेट कॉलेज से इंजीनियरिंग की है. अभी मैं एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करता हूँ. मेरा शरीर एकदम स्वस्थ और हृष्ट पुष्ट है. मेरे लंड का साइज भी औसत से कुछ ज्यादा ही है. मैंने इसको खड़ी अवस्था में नापा हुआ है और ये साढ़े सात इंच का है. मैं किसी भी यौवना की योनि को सम्भोग करके तृप्त कर सकता हूँ.

मेरी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी होने के बाद मुझे कहीं भी नौकरी नहीं मिली … तो मैं घर चला गया. वहां पर मैं सरकारी नौकरी की तैयारी करने लगा. मैंने एक अच्छी सी कोचिंग क्लास ज्वाइन कर ली. नैना ने भी वहीं ज्वाइन किया था. वो भी क्लास में नई थी और मैं भी नया था.

शुरू शुरू में हम दोनों बात नहीं करते थे. लेकिन जब मैं रोज क्लास में जाने लगा, तो मेरी नजर सभी पर दौड़ने लगी. नैना मुझे पहली नजर में ही भा गई थी. मैं बहाने से रोज उसको चोर नजरों से देखता रहता था. कई बार मेरी उससे नजरें भी मिल जाती थीं, तो मैं अपनी नजर हटा लेता था. ये बात कई बार वो नोटिस कर चुकी थी.

मेरी रीजनिंग और मैथ्स बहुत अच्छा था, तो धीरे धीरे मैंने क्लास टीचर का और सभी लोगों का दिल जीत लिया. इस बात से नैना का दिल मुझ पर आ गया.

एक दिन में रोज की तरह क्लास में प्रैक्टिस वर्क कर रहा था, तभी वो भी आ गयी. हमारे बीच में बातचीत शुरू हो गई. सामान्य परिचय के बाद हम दोनों में दोस्ती हो गयी. फिर मैंने और उसने व्हाट्सैप नंबर शेयर कर लिए. अब हम दोनों में रोज चैट पर बात होने लगी. मुझे कुछ दिनों की चैट से ऐसा लगा कि वो मुझ में कुछ ज्यादा इंटरेस्ट ले रही है.

मैं रोज क्लास जल्दी जाता, तो वो भी क्लास जल्दी आ जाती थी. हम दोनों क्लास शुरू होने से पहले एक दूसरे से खूब बात करने लगे थे.

इसी बीच एक और लड़की, जो कि कोचिंग के कैश काउंटर पर बैठती थी, उसका नाम श्यामली था. वो मुझे बहुत घूरती रहती थी. मुझे और नैना को साथ देख कर वो बहुत जलती रहती थी. उसके मन में क्या था, ये तो नहीं पता, पर हम दोनों के बीच में वो बहुत टांग अड़ाती थी.

नैना ने भी इंजीनियरिंग की थी तो हम दोनों बराबरी वाले थे, दोनों में खूब कॉम्पिटिशन होता था.

एक बार क्लास के एक बन्दे का गवर्मेंट एग्जाम में पास होने पर हमारे टीचर ने एक बहुत अच्छे होटल में रात को डिनर की पार्टी दी, वो होटल शहर से थोड़ा बाहर था. नैना अपनी स्कूटी से आयी थी. लेकिन डिनर करने के बाद घर जाने के टाइम उसकी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई. उसने मुझसे मदद मांगी, तो मैंने भी बहुत प्रयास किया, लेकिन गाड़ी नहीं चालू हुई.

फिर मैंने उससे कहा कि गाड़ी यहीं होटल की पार्किंग में छोड़ दो और मेरे साथ चलो, मैं तुमको घर छोड़ देता हूँ.

दोस्तो, कह नहीं सकता क्या मौसम बनने लगा था. पर रात के वक्त एक जवान लड़की का साथ पा कर मुझे हल्का सा सुरूर चढ़ने लगा. मेरी बाइक पर वो मेरे पीछे बिल्कुल चिपक कर बैठी हुई थी.

फिर उसने एक सुनसान जगह पर बाइक रोकने को कहा.मैंने गाड़ी रोक दी और पूछा- क्या हुआ?वो बोली- मुझे घर जल्दी नहीं जाना, कुछ देर और यहां रुकते हैं.मुझे समझ नहीं आया कि इसके मन में क्या है.उसने बोला- मिंटू मौसम कितना अच्छा है.मैंने कहा- हां है तो.

उसने कहा- तुम्हारी कोई जीएफ़ है क्या?मैंने कहा- होती तो क्या तुम साथ मेरे होती?उसने एकदम से मुझे ‘आई लव यू …’ बोला.मैंने उसको बड़े प्यार से देखा, तो वो फिर वो बोली- डू यू लव मी?मैंने उसके हाथ को चूमते हुए उससे कहा- यस आई लव यू टू.

वो ये सुनते ही मेरे गले लग गयी. मैंने उसको अपनी पूरी ताकत से हग किया. तो उसने भी मेरा साथ दिया.

उसका शरीर क्या बताऊं, बॉलीवुड की कृति सेनन जैसा दिखता था. मस्त भरे पूरे शरीर से वो एक अल्हड़ कमसिन आइटम लग रही थी. मैंने उसको गले लगा कर जो दबाया, तो मजा आ गया. मैं उस पल का आनन्द वो बयान ही नहीं कर सकता.

फिर मैंने उसको धीरे से किस किया, तो वो भी मेरा साथ देने लगी. इधर मेरी जींस में मेरा लंड तना जा रहा था. जो उसे भी अपने पेट पर महसूस हो रहा था.

मैंने अपना एक हाथ उसकी ब्रा में डाल दिया. आह क्या सॉफ्ट सॉफ्ट चूचे थे. मुझे तो मज़ा आ गया.फिर उसने बोला- ये सब कुछ सड़क पर ही करोगे क्या?

मैं अपने आपको संभालते हुए वहीं रुक गया. उसको इस वक्त उसके घर छोड़ना ही मुनासिब लग रहा था. मैंने उसको उसको घर छोड़ दिया. मैं भी घर आ गया.

उस रात मेरी उससे दो बजे रात तक व्हाट्सैप सेक्स चैट होती रही. मैंने फोन सेक्स से उसका पानी भी निकाला और मेरे लंड को मुठ मार कर ठंडा किया. फिर मैं सो गया.

अगले दिन हम कोचिंग में जल्दी मिले. मैं फिर से शुरू हो गया, लेकिन श्यामली ने देख लिया था, तो हमने खुद पर कण्ट्रोल कर लिया.

उसके दो दिन बाद नैना का कॉल आया- आज मेरे घर कोई नहीं है, तुम मेरे घर आ जाओ.मेरी तो मानो लॉटरी लग गयी.

मैं उसके घर गया, अन्दर जाते ही दरवाजा लगा कर मैं उसको किस करने लगा. कुछ ही देर में मैंने उसकी टी-शर्ट और लोअर को उतार दिया. उस दिन वो पर्पल ब्रा और पेंटी में थी. मैंने भी जींस टी-शर्ट निकाल दी. इसके बाद उसकी ब्रा निकाल कर उसके मम्मों को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया. वो गर्म गर्म सिसकारियां ले रही थी.

पांच मिनट तक उसके मम्मों को सहलाने के बाद मैंने उसकी पेंटी को निकाल दिया और उसकी चुत के दीदार किये. उसकी चुत एकदम चिकनी थी. एक भी बाल नहीं था. ऐसे लगा कि जैसे आज ही उसने चूत की सफाई की हो.

मैं एक पल की भी देर न करते हुए, उसकी चुत पर किस करने लगा. उसकी चुत से मादक कौमार्य रस की खुशबू आ रही थी. मैं थोड़ी देर उसकी चुत चाटता रहा. कुछ पलों बाद ही उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया.

अब मैंने उसको लंड चूसने का बोला, तो उसने पहले तो मना कर दिया लेकिन मेरे जोर देने पर वो मान गयी और धीरे धीरे लंड को सहला कर किस करने लगी. फिर वो पूरे लंड को अच्छे से चूसने लगी.

कुछ ही देर में मेरा लंड कुछ ज्यादा ही टाइट हो गया. मैं उसकी दोनों टांगों के बीच में आ गया और उसकी चुत में मेरा लंड डालने लगा.

एक दो बार कोशिश की लेकिन लंड फिसल जाता रहा. उसका भी पहली बार था. मैंने कमर पकड़ कर लंड को फिर से चुत पर सैट करके एक झटका दिया.

इस बार मेरा लंड उसकी कुंवारी चुत को चीरता हुआ आधा अन्दर चला गया. उसकी दर्द से भरी चीख निकली … लेकिन मेरा मुँह उसके मुँह से लगा होने के कारण उसकी आवाज दबी रह गयी.

थोड़ी देर बाद मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए. अब उसे भी मजा आने लगा. वो बस ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ करके मजे लेने में लगी थी. मैं पूरी स्पीड से उसकी चुदाई करे जा रहा था.

तभी वो कुछ गर्म ज्यादा हो गई और बोली- आह … और तेज़ तेज़ करो … फाड़ दो मेरी चुत को … यस यस औह यस..

मैं भी लगातार चुदाई किए जा रहा था. इस तरह करीब आधे घंटे उसकी चुदाई की. इस दौरान वो 2 बार झड़ी.

इसके बाद मैंने उसको घोड़ी बना कर चोदा. मैं अपना लंड उसकी चुत में पीछे से डाल कर उसकी ताबड़तोड़ चुदाई करने लगा. जब-जब मेरा पूरा लंड उसकी चुत में जाता, उसकी चुत के अन्दर गर्भाशय में अन्दर तक टकराता, तो उसकी आवाज ‘आह हूँ … मममम ओह मिंटू फक मी फ़ास्ट आह अह … इस्सस हुम्म्म … निकल जाती.

जब हम दोनों एक साथ झड़ने को हुए, तो उसने बोला- मैं भी आ रही हूँ … मेरा भी होने वाला है.मैंने भी बोला- आज मेरी जान … मैं भी आ रहा हूँ … बोल कहां माल छोड़ूँ?वो बोली- मेरा पहली बार है … तुम अन्दर ही छोड़ दो.

मैंने मेरे लंड का गर्म लावा उसकी चुत में भर दिया.

झड़ने के बाद हम दोनों ऐसे नंगे ही पड़े हुए थे. वो उठ कर बाथरूम जाने लगी, तो उससे चला नहीं जा रहा था. वो लंगड़ा रही थी. मैंने उसको सहारा दिया. हम दोनों एक साथ बाथरूम में गए. उधर फव्वारे के नीचे हम दोनों ने फिर से एक राउंड खेला.

कोई 3 घंटे बाद मैं अपने घर आ गया. इसके बाद जब भी हम दोनों का मन होता है, हम दोनों जगह तलाश करके खूब चुदाई कर लेते.

हम दोनों सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में साथ में फॉर्म भरते थे तो हमारे परीक्षा सेंटर भी साथ ही आते थे.

एक बार हम दोनों मेरी बाइक पर साथ गए. वो मेरे साथ परीक्षा देने गयी थी. उस दिन उसने पिंक टॉप और ब्लू जीन्स पहना था.वो बड़ी दिलकश लग रही थी.

खुले रास्ते पर आते ही उसने मेरे लंड पर हाथ रख दिया.मैं भी अपनी पीठ पीछे को दबा कर उसके मम्मों को रगड़ने का सुख ले लिया.

वो बोली- आज बड़ा मन कर रहा है.मैंने कहा- हां यार … काफी दिन से नहीं किया है.

वो बोली- फ्लैट किसका है … क्या वो भी उधर होगा?मैंने कहा- नहीं, वो हर शनिवार को अपने घर चला जाता है.

वो खुश हो गई.उसने अपनी जीभ से मेरे कान की लौ को छेड़ना शुरू कर दिया.

मैंने कहा- सब्र रख जान … नहीं तो अभी किसी गड्डे में ले जाकर चोद दूंगा.वो इठला कर बोली- जिधर चाहे ले चलो मेरे बलमा … बस मुझे तो तेरे उसका प्यार चाहिए.

मैंने कहा- साली खुल कर बोल ना. मेरे किसका प्यार चाहिए?वो बोली- बड़ा हरामी है तू.मैंने कहा- और तू बड़ी सीधी सादी है.वो हंस दी.

मैंने कहा- बोल न … मेरे किसका प्यार चाहिए?वो मेरे कान में बोली- तेरे लंड से चूत चुदवानी है मुझे!

मैंने कहा- आज तेरी चूत के साथ गांड का मजा भी चाहिए है मुझे!वो बोली- साले उधर की तो तू सोचना भी नहीं.

मैंने कहा- क्यों … गांड में क्यों नहीं लेगी?वो बोली- फट जाएगी.

मैंने कहा- मैं तेल लगा कर पेलूँगा बेटू … तेरी गांड में बड़े प्यार से लंड जाएगा.वो बोली- तेल लगाने से दर्द नहीं होगा क्या?

मैंने कहा- पहली बार चूत में लंड लिया था, तब दर्द हुआ था कि नहीं?वो बोली- हां हुआ तो था.

मैंने कहा- बस ऐसे ही पहली बार में किसी भी जगह लंड पेलने से दर्द होता है.वो कुछ देर चुप रही.

मैंने कहा क्या हुआ … चुप क्यों हो गई?वो बोली- तुम मेरी जान लेकर रहोगे.

मैंने कहा- अच्छा एक काम करते हैं.वो बोली- क्या?

मैंने कहा- दारू पियोगी?वो बोली- पागल है क्या?

मैंने कहा- क्यों बियर तो पीती ही है … दारू में कौन से कांटे लगे होते हैं?वो बोली- नहीं बियर तक ही ठीक है.

मैंने कहा- चलो बियर पी लेना मगर मुझे तो दारू पीने का मन है.वो बोली- नहीं … ना तुम दारू पियोगे और न ही मैं … हम दोनों सिर्फ बियर लेंगे और वो भी एग्जाम के बाद.

मैंने ओके कह दिया और वो बात उधर ही खत्म कर दी.हम दोनों घर से शाम चार से पहले इंदौर पहुंच गए.

मैंने अपने एक दोस्त को बोला था कि फ्लैट की चाभी दे जाना.वो उधर अकेला रहता था.

उस दिन शनिवार था तो वो अपने घर निकल गया था.उसने बता दिया था कि फ्लैट की चाभी कौन से गमले के नीचे रखी है.

सरकारी नौकरी की परीक्षाएं रविवार को ही होती हैं तो हमें उसके खाली कमरे का लाभ मिल गया था.

उस शाम को हम दोनों रीजिनल पार्क घूमने गए, फिर खाना बाहर ही खाकर फ्लैट में आ गए.

उसने शॉवर लेकर कपड़े बदल लिए. मैं जब तक घर फ़ोन पर बात कर रहा था.

फिर मैंने भी शॉवर लिया और हम दोनों गप्पें लड़ाने लगे या यूं बोलो हमारे बीच सेक्सी बातें शुरू हो गईं.

नैना ने काले रंग का लोवर और क्रीम कलर का टॉप पहना.मैं एक ढीले बरमुंडा और बनियान में था.

नैना को मैंने बांहों में ले लिया और किस करने लगा.मैं लड़की को चोदने से पहले बहुत ही ज्यादा गर्म कर देता हूँ जिससे चुदाई में मजा बढ़ जाता है.

नैना मेरे लौड़े से पहले भी चुद चुकी थी तो उसने बरमुंडा के अन्दर हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी.

फिर मैंने भी धीरे से उसका टॉप निकाल दिया.उसके जिस्म की खुश्बू मुझे मदहोश कर रही थी. सच कहूँ बहुत ही गोरी गोरी चूचियां थीं उसकी … बिल्कुल गुलाबी निप्पल थे.

उसने क्रीम कलर की ब्रा और ब्लैक जाली वाली पैंटी पहनी थी, जिसे मैंने झट से निकाल दी.

मैंने किस करते हुए उसकी ब्रा पैंटी दोनों को निकाल दिया और उसके दोनों मम्मों को मुँह में बारी बारी से लेकर चूसने लगा.

उसकी भी सिसकारी निकलने लगी.वो कहने लगी- आह आह मिंटू दुखता है यार … काटो नहीं प्लीज़!

मैं एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा और दूसरे हाथ से उसके दूसरे मम्मे का हलुआ बनाने लगा.वो बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गयी.उसने मेरा लंड मुँह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी.

कुछ देर बाद हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.वैसे मैंने कभी चूत पर किस नहीं किया था लेकिन उसकी क्लीन शेव चूत देख कर मैं उसकी बुर चूसने लगा.

मुझे बहुत मजा आ रहा था. वो कभी मेरे लंड को चूसती, कभी मेरी गोटियां चूसती.कुछ देर बाद मैं सीधा होकर बेड नीचे खड़ा हो गया और उसकी चूत में लंड रगड़ने लगा.

वो कामवासना में जल रही थी और कह रही थी- आंह और न तड़पा … डाल भी दे ना … बहुत खुजली होती है. साले एक बार तेरा औजार अन्दर क्या ले लिया … रात को मेरी चूत मुझे सोने नहीं देती है.

मैंने धीरे से लंड चूत में डाल दिया. उसकी मीठी सी आह निकली और उसको उसको चूत में मज़ा आने लगा.

एक दो झटकों में मैंने भी पूरा का पूरा लंड चूत में उतार दिया. वो सुख के सागर में गोते खाने लगी और आह आह करने लगी.

मेरे लंड की स्पीड धीरे धीरे बढ़ती गयी.

कुछ ही पलों में मैंने इतनी जोरों से चुदाई चालू कर दी कि उसकी चीखें निकलना शुरू हो गईं.

नैना- आह आह मिंटू धीरे करो … लग रही है यार … कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ आंह आंह रुक जा साले … आह धीरे चोद न!लेकिन मैं आज उसकी एक नहीं सुनने वाला था.

पहली बार में उसकी चूत का रस कुछ ही मिनट में निकल गया लेकिन मैं रुका ही नहीं, मैंने ताबड़तोड़ चुदाई चालू रखी.

फिर वो दूसरी बार झड़ी. मेरा अभी रस नहीं निकला था.

वो थक रही थी तो मैंने लंड निकाल कर उसकी चूत पर मुँह लगा दिया और चूमना और चाटना शुरू कर दिया.

उसने भी मेरा सर पकड़ कर चूत पर दबाना चालू कर दिया.

कुछ देर बाद एक बार फिर से मैंने उसकी चूत में लंड डाल दिया और गांड फाड़ चुदाई शुरू कर दी, उसकी चूत की मेरे लंड से घिसाई शुरू कर दी.

मेरा लंड जैसे जैसे उसकी चूत में आ-जा रहा था, उसकी चुद बहुत टाईट और कसी होती जा रही थी.वो अपनी टांगों को सिकोड़ कर लंड को दबोच सी रही थी. जबरदस्त रगड़ाई हो रही थी.

बीस मिनट तक चूत चोदने के बाद मेरा कामरस निकलने को हो गया और मैंने उसकी चूत में ही रस छोड़ दिया.मेरे साथ में वो भी झड़ गई.

उसकी चूत से हमारा मिक्स माल निकल कर बहने लगा.वो बहुत थक गयी थी. हम दोनों लेट गए और सो गए.

सुबह परीक्षा के लिए जाना था. सुबह दोनों जल्दी जल्दी तैयार होकर अपने परीक्षा सेण्टर चले गए.

सुबह 8 बजे से पेपर शुरू हुआ, तो 11 बजे खत्म हुआ.

अब हम दोनों फिर साथ थे.हमने जूस पिया, हल्का फुल्का नाश्ता किया.

फिर हम 2 बीयर और चखना लेकर वापस दोस्त के फ्लैट पर आ गए.

गर्मी ज्यादा होने की वजह से मैं शॉवर लेने चला गया.शॉवर लेकर मैंने नैना को टॉवल के लिए आवाज दी तो वो भी शॉवर लेने के लिए तैयार थी.

मैंने उसको बाथरूम में खींच लिया. हम दोनों साथ में शॉवर लेने लगे.

मैंने उसकी ब्रा पैंटी निकाल दी और एक दूसरे को किस करने लगे.वो भी मुझे किस करने लगी.

मेरा लंड कड़क हो गया तो मैंने उसकी चूत में लंड डाल दिया और शॉवर के नीचे खड़े खड़े उसकी चूत चोदने लगा.

रात की चुदाई के बाद और इस बार की चुदाई 20 मिनट तक चली. इस बार हम दोनों साथ में झड़े.

चुदाई के बाद हम दोनों नहाये और कमरे में आ गए.हमने एक एक बियर पी.नैना को हल्का फुल्का सुरूर आने लगा.वो और बियर पीने की जिद करने लगी.

मैंने कपड़े पहने और अकेला ही शॉप पर जाकर 4 बियर ले आया.हम दोनों फिर से पीने लगे.

वो नंगी ही मेरी गोद में थी और बियर पी रही थी. फिर उसे मस्ती चढ़ने लगी तो वो अपने मुँह में बियर भर कर मुझे पिलाने लगी.मैं भी उसकी चूचियों को बियर में डुबोकर चूसने लगा.

उसे और मुझे बहुत मज़ा आने लगा.फिर मैंने उससे उसकी गांड चोदने की इच्छा जाहिर की, तो उसने थोड़ा मना किया. बाद में मान गयी.

मैंने उसको बेड पर लिटा कर उसकी गांड में उंगली डालना चालू की और साथ में उसकी चूत को चूसना भी चालू किया.वो बहुत मदहोश होने लगी.

फिर मैंने अपने लंड को तेल से नहला कर उसकी गांड में लंड का टोपा रगड़ना शुरू कर दिया.

वो टांगें खोल कर लंड पेलने की कहने लगी. मैंने लंड गांड में डाला और धीरे धीरे अन्दर पेलना शुरू कर दिया.उसकी आवाज बहुत कांप रही थी.

मैंने तेल के साथ धीरे धीरे अपना लंड गांड में डालने लगा. मेरी हॉट गर्लफ्रेंड दर्द से चीख रही थी.वो पहली बार गांड में लंड ले रही थी.

मैंने गांड चुदाई चालू रखी और 20 मिनट तक जम गांड मारी.फिर अपना सारा माल उसकी गांड में छोड़ दिया.

उसके बाद मैंने एक बार शाम में और गांड मारी.हम दोनों शाम को चल कर वापस घर आ गए.

उसके बाद फोन पर बातें तो होती ही रहती थीं पर मिलना नहीं हो पाता था.मैं भी थोड़ा बिजी हो गया था.अब ज्यादा हमारे बीच कुछ रह नहीं गया था.

नैना को कोई और मिल गया था और उसने मुझे एक दिन कोचिंग में रिसेप्शन पर बैठी लड़की के साथ देख लिया तो हमारी बात होना ही बंद हो गयी.

वो रिसेप्शन वाली लड़की की चूत मैंने कैसे ली, ये अगली कहानी में लिखूंगा. अभी के लिए इतना ही.

आशा करता हूँ कि आपको मेरी ये रियल स्टोरी पसंद आयी होगी.मुझे आपके मेल का इंतज़ार रहेगा. mintugitu483@gmail.com

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