चाचाजी ने चुदाई करना सिखाया : Antarvasana
- Sexy Shipra
- Jul 13
- 10 min read
नमस्ते दोस्तों मै शिप्रा हाजिर हूँ एक नई कहानी लेकर।
जब मैं और नितिन अमरीका में थे तो नितिन के दोस्त के चाचा जी का हमारे घर आना हुआ। वो अमरिका घूमने आये थे, तो हमारे घर में ही रुके।
एक दिन में ही मैं समझ गई कि चाचा जी रसिया किस्म के हैं। मेरे मम्मो पे तो उनकी खास नजर रहती.मौका मिलने पर वो मुझे छू लेते.जब नितिन आफिस जाते तो वो अक्सर अकेले में मुझसे रस भरी बातें करते।
मुझे भी मजा आता और मैं उनके साथ खूब बातें करती। धीरे धीरे हम दोनों खुलकर काफी सेक्सी बातें करने लगे। वो अपनी जवानी के किस्से बताते।
इसी बीच होली का त्यौहार आया। नितिन तो ज्यादा होली खेलते नहीं हैं और वैसे भी उस दिन उनकी कोई जरूरी मीटिग थी सो वो चले गये। मैं चाचा जी से बोली"चाचा जी मैं बोर हो रही हूँ चलो बाहर होली खेलते हैं"।
अमेरिका में सागर किनारे होली खेलने की व्यवस्था बनाई जाती है हम दोनों वहीं चले गये। वहां खूब मस्ती का माहौल था। सब लोग जमकर होली खेल रहे थे। हम दोनों भी होली खेलने लगे।मैंने लोअर और टी शर्ट पहना था और चाचा जी ने कुरता पाजामा।
थोड़ी देर में हम दोनों पूरी तरह से रंग में डूब गये।जब मन भर गया तो वे बोले"चलो शिप्रा वहाँ काटेज में चल कर नहा लेते हैं"।मैंने हामी भर दी।हम काटेज गये। चाचा जी बोले"शिप्रा मेरा मन नहीं भरा है,तुम्हारे साथ और होली खेलने का मन है"। मैं बोली"चाचा जी इतनी होली तो खेल ली,मुझे पूरा रंग दिया और कहाँ रंग लगाना बाकी है"।
चाचा जी ने जेब से गुलाल निकालकर मेरे सीने पर मारा और बोले"इन पर तो रंग नही लगाया है"।
मैं कुछ बोलती उससे पहले उन्होंने मेरे मम्मो को दबोच लिया और बोले"शिप्रा इन संतरों को भी रंग लेने दो"। मै अलग हो गई तो वे मेरा चेहरा हाथों में लेकर बोले"बुरा मान गई क्या"।
मैंने कहा"नही तो"। उन्होंने मेरी टी शर्ट के अन्दर हाथ डाल दिया । ब्रा के ऊपर से वे मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए बोला"शिप्रा मेरी रसीली बन्नो आज भरकर होली खेलेगें"। मैं कराहते हुए बोली"आहहहहहह चाचा जी प्लीज छोङ दो दर्द हो रहा है"। उन्होंने मुझे बाँहों में दबोचा और मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया और ब्रा के अन्दर हाथ डालकर मेरे मम्मो को धीरे धीरे दबाने लगे।
मैं उममम उममममममम अममममम उममममममम अममममम करने लगी। उन्होंने मेरी पैंटी में हाथ डालकर मेरी चूद सहलाने लगे। मैं गरम होकर सिसयाने लगी आहहहहहह इसससस आह आह औह छोड़ दो।
हम दोनो नंगे होकर चिपक गए और एक दूसरे को चूमने लगे। थोड़ी देर बाद मैं बोली"चाचा जी साथ में नहाते हैं,मजा आयेगा"। उन्होंने मुझे गोदी में उठाया और हम दोनों बाथरूम में चले गए। उन्होंने शावर चालू किया और हम दोनों नहाने लगे। हमने एक दूसरे के बदन को खूब रगङकर साफ़ कर दिया।
मैंने उनके लंबे मोटे लंड को अपने मम्मो के बीच में फंसा लिया और मम्मो से लंड रगङने लगी और बोली"प्लीज चाचा जी अब सहन नहीं हो रहा है जल्दी से चोदो ना"। उन्होंने मेरी एक टांग हवा में उठाई और लंङ चूद पर घिसने लगे। मैं सिसयाने लगी"प्लीज आहहहहहह इसससस आहहहह जल्दी से चोदो"। वे चूद में लंङ घुसाने लगे। लंड मोटा था तो मैं कराहते हुए बोली"आहहहहहह आह धीरे धीरे चाचा जी प्लीज"। उन्होंने मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया और धीरे धीरे लंङ अंदर सरकाने लगे।
मैंने उन्हें कसकर पकड़ा और कराहते हुए बोली"बापरे आह औह कितना मोटा लंड है चाचा जी ईईईईई धीरे-धीरे आआऊऊईई डालो आआऊऊईई"। जब पूरा लंङ अंदर हो गया तो मैं बोली"आहहहहहहह चाचा जी आपने तो मेरी जान निकाल दी आहहहहहह"। उन्होंने चुदाई शुरू कर दी और मैं सिसयाने लगी आहहहहहह ओहहहहह इसससस आह प्लीज़ धीरे आहहहहह औहहहहहह इसससस मजाहहहहहह आ रहा है"। चाचा जी बोले"शिप्रा क्या बात है क्या मस्त चूद है मजा आ गया वाह"। उन्होंने मेरे मम्मो को चूमते हुए रफ्तार बढ़ा दी और मैं मस्ती में सिसयाने लगी"वाह चाचा जी मजाहहहहहह आह ऊऊ आआ आअह्ह रहाआ है"।
थोड़ी देर बाद उन्होंने लंड निकाला और मैं घुटनो पे बैठकर लंड को चाटने लगी। वो बोले"शिप्रा कैसा लगा"। मैं लंङ चाटती हुई बोली"नितिन के लंड से ज्यादा आपके लंड से चुदने में मज़ा आ गया चाचा जी "।
उन्होंने लंङ मेरे मुँह में डाला और घिसने लगे। मैं औककककक औकककक आकककक अममममम उममममममम अममममम करने लगी। वो बोले"शिप्रा अब मैं तेरी गांड मारूंगा,चल कुतिया बन"। मैं कुतिया बन गई और बोली"चाचा जी प्यार से डालना मैं आपकी बहू हूँ"। वो मेरे उपर आकर बोले"तू चिंता मत कर शिप्रा आराम से डालूंगा"।
उन्होंने लंङ मेरी गांड पर टिकाया और दबाने लगे। मैं कराहने लगी"उफफफ्फ़ आहहहहहह आह आह ऊऊ आआ प्लीज आहहहहहह"। वे बोले"शिप्रा दर्द हो रहा है तो लंड निकाल लूँ"। मैं मुङकर बोली"नहीं चाचा जी मै सहन कर लूंगी अभी कितना घुस गया है"। वो बोले"बस आधा बचा है"। उन्होंने मेरी कमर पकङी और लंङ दबाने लगे। उनका लंड मेरी गांड में समाने लगा मैंने होंठ भींच लिए और दर्द सहन करने लगी। थोड़ी देर मे पूरा लंड मेरी गांड में फिट हो गया।
मै बोली"आहहहहहहह आह चाचा जी दर्द हो रहा है आहहहहहह ओहहहहह"। उन्होंने मुझे पीछे खींचा और मेरे मम्मो को मसलते हुए बोले"वाह शिप्रा क्या बात है क्या गांड है मज़ा आ गया"। उनहोने मेरी गांड मारनी शुरू कर दी। मै कराहने लगी"उफफफ्फ़ आहहहहहह आह आह औह छोड़ दो आहहहहह औहहहहहह इसससस आईईईई अह्ह ऊऊऊ"। करीब 15 मिनट बाद मेरी गांड का दर्द कम हो गया और मैं बोली"आहहहहहह चाचा जी स्पीड बड़ा दो दर्द कम हो गया है"।
चाचा जी ने स्पीड बढा दी। उन्होंने शावर चालू किया और गिरते पानी में गांड मारने लगे। लंङ तेजी से गांड के अंदर बाहर हो रहा था। मैं बोली"चाचा जी काफी मजा आ रहा है। "वे बोले"वाह शिप्रा क्या मस्त गांड है वाह मजा आ गया कई औरतो को चोदा है पर तेरी जैसी चुदासी लौंडिया पहली बार चोद रहा हूँ"। करीब 15 मिनट के बाद गांड मारने के बाद उन्होंने लंङ निकाला खडे हो गये। मैंने लंङ मुँह में डाल लिया और तेजी से चूसने लगी।
उन्होंने मुझे वाश बेसिन के प्लेटफार्म पर लिटा दिया। उनहोने लंड मेरी चूद में डाला और मैंने टांगें अपने हाथों में फंसा ली। वो मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए जोर से चुदाई करने लगे। मैं उनके लंङ को अपनी चूद में अंदर बाहर होते हुए देखने लगी। मैं बोली"आहहहहहहह आहहहहहह वाहहहह चाचा जी मजाहहहहहह आह ऊऊ आआ आअह्ह रहाआ है"। चाचा जी बोले"शिप्रा क्या चूद है,चोदने मे खूब मजा आ रहा है"। उन्होंने मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया।
मैं चिल्लाई‘आह्ह चाचा जी मै झड गई हूँ प्लीज छोङ दो ना"। पर वे चोदते रहे और करीब 5 मिनट के बाद उन्होंने अपने वीर्य से मेरी चूद भर दी। वो बोले"शिप्रा कैसा लगा"। मैं बोली"हाँ चाचा जी खूब मजा आया"। फिर हमने साथ में नहाया। हम दोनों ने भरकर वासना का खेल खेला और फिर घर वापस आ गए। थोड़ी देर बाद नितिन भी आ गये और हम लोग बातें करने लगे। डिनर के बाद हम लोग सोने चले गये। बेडरूम में नितिन मूड में आ गए और मुझे दबोच लिया।
थोड़ी देर मे हमारे नंगे बदन आपस में उलझ गये। नितिन ने मेरी टांगें फैलाई और लंड मेरी बुर में डाल दिया। वे तेजी से चोदने लगे और मैं सिसयाने लगी आहहहहहह इसससस आह नितिन आह आह औह ओह पर चाचा जी के मोटे लंड से चुदने के बाद नितिन का लंड छोटा लगने लगा। मुझे मजा नही आ रहा था पर मैं क्या करती,चुपचाप चुदती रही। करीब 10 मिनट के बाद नितिन ने चूद में वीर्य भर दिया और मेरे उपर गिर गये। थोड़ी देर बाद वे अलग होकर सो गये और मैं प्यासी रह गई।
थोड़ी देर बाद नितिन के खर्राटे गूंजने लगे,मैं समझ गई कि अब वो नही उठने वाले। मैंन बेडरूम से बाहर आई और चाचा जी के बेडरूम का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने दरवाजा खोला और बोले"शिप्रा क्या हुआ"।
मैं नाईटी उतार कर बोली"चाचा जी आपके लंङ की यद् आ रही थी,नितिन तो सो गए पर मेरी गर्मी अभी नही उतरी है"। उन्होंने मुझे अंदर खींचा और दरवाजा बंद कर दिया। मैं उन्हें चूमके बोली"नितिन के साथ मजा नहीं आया,आप मुझे संतुष्ट कर दो। उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे मम्मो को दबाने लगे। मैं गरम हो गई और उनके बदन को जकड लिया।
मैंन उनका लंड निकाला और अपनी चूत पर रखा और बोली"प्लीज चाचा जी जल्दी डालो अब सहन नहीं हो रहा है"। उन्होंने लंङ मेरी चूद में सरकाया और मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए जोर से चुदाई शुरू कर दी। मैं सिसयाने लगी आहहहहहह इसससस आह आह औह ओह प्लीज आहहहहहह ओहहहहह धीरे धीरे आहहहह। वो बोले"धीरे कराहो शिप्रा नितिन जग जायेगा"। मैं बोली"वो नही जगेगे,उनकी नींद गहरी है"। उन्होंने कपड़े उतारे और मुझे चूमना शुरू कर दिया।
मैंने उनकी कमर कस ली और टांगें हवा में उठाली। करीब 15 मिनट के बाद मैं झङ गई और हांफने लगी"प्लीज चाचा जी निकाल लो"। उन्होंने लंङ निकाला खडे हो गये और बोले"तू तो झड गई पर मेरा क्या होगा"। मैं मुस्कुराते हुए कहा"चाचा जी मैं आपकी बहू हूँ आपका पूरा ख्याल रखूगी"। मैं खडे हुई और घुटनो पे हाथ रखकर झुक गई।
चाचा जी ने लंड मेरी गांड पे टिकाया और बोले"शिप्रा तू सबसे अच्छी बहू है" और उन्होंने सुपारा मेरी गांड में फिट कर दिया। उनहोने मेरे हाथों को पकडा और एक धक्के मे पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया। मैं बोली"आहहहहहहह चाचा जी आपने तो मेरी जान निकाल दी"।
वे हंसने लगे और तेजी से गांड मारनी शुरू कर दी। मैं आअह आअह उम्म्ह आहहहहहह इसससस आह आह औह करने लगी। उन्होंने मुझे खींचकर चिपका लिया और मेरे मम्मे दबाने लगे। मैं बोली"खूब मजा आ रहा है चाचा जी"और मुड़कर उनके होंठों को चूमने लगी और हम खडे होकर चुदाई करने लगे। करीब 20 मिनिट तक वो गांड मारते रहे और फिर उन्होंने लंङ निकाल लिया।
मैं घुटनो पे बैठी और मुँह खोल दिया। उनहोने मेरे चेहरे और मम्मो को वीर्य से नहला दिया। मैं अपने मम्मो के वीर्य को चाटते हुए बोली"अच्छा लगा चाचा जी अब मैं चैन से सोउगी"। मैंने नाईटी पहनी और वापस नितिन के पास सो गई। सुबह मेरी नींद जल्दी खुल गई और मुझे रात का ख्याल आ गया,मैं गरम हो गई और उठ गई।
चाचा जी ड्राइंगरूम में ही बैठे थे,मुझे देखकर बोले बोले"शिप्रा इतनी सुबह उठ गई"। मैं बोली"हाँ चाचा जी नितिन को टूर पे जाना है,नास्ता बनाना है"। उन्होंने मुझे अंदर खींचा मैं उनसे चिपक गई और बोली"चाचा जी अभी नही नितिन जागने वाले हैं"। वो मुझे अपने कमरे में ले गए और दरवाजा बंद किया।
मैं न न करती रही पर वो मेरे जिस्म से खेलने लगे। वो मेरी नाईटी उतारकर बोले"चलो सुबह की शुरूआत करते हैं"। मैं उहने रोक रही थी पर वो नही माने। मेरी हालत ख़राब हो गए। मैं सोचने लगी कि नितिन जाग गए तो लय होगा। उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और अपना गाउन उतारकर मेरे उपर चढ़ गए। उन्होंने मेरे होंठों को चूमना चूसना शुरू कर दिया और मैं रोकने में लगी थी। पर उनकी हरकतों से मैं भी गर्म हो गई और सब भूलकर उनसे चिपकने लगी।
उनका लंङ मेरी चूद से टकराने लगा। उन्होंने करवट ली तो मैं उनके उपर आ गई। मैंने उनके लंङ को अपनी चूद में डालकर बैठ गई। वो बोले"वाह शिप्रा लंड की सवारी करेगी"। मैं हंसी और लंङ पे उछलने लगी"उफफफ्फ़ आहहहहहह इसससस आहहहह ओहहहहह इसससस आह आह चाचा जी मजाहहहहहह आह गया"। वे मेरे मम्मो को निचोड़ते हुए नीचे से धक्के मारने लगे। तभी बाहर नितिन की आवाज आई"शिप्रा कहाँ हो"। मैं रूक गई पर चाचा जी नहीं रुके और चोदते रहे। मैं उन्हे रोकने लगी"चाचा जी रुको नितिन उठ गये हैं"। वे उठे तो मैं पीछे गिर गई। उनका लंङ मेरी चूद में ही फंसा था। मैंने कहा"प्लीज़ चाचा जी छोड़ दो"
वो बोले"शिप्रा जो होगा देखा जायेगा"उन्होंने मेरी टांगें फैलाई और तेजी से चोदने लगे। नितिन मुझे बाहर ढूंढ रहे थे और मैं अंदर चाचा जी से चुद रही थी। करीब 20 मिनिट बाद चाचा जी ने वीर्य से मेरी चूद को भर दिया। वे मुझ पर गिर गये और मुझे चूमने लगे और मैं उन्हे रोक रही थी"चाचा जी छोड़ दो नितिन बाहर हैं। "थोड़ी देर तक चूमने के बाद वो उठे और बोले"शिप्रा मैं नितिन को बाहर ले जाता हूँ"।
वो कपड़े पहनकर बाहर गये और बोले"क्या हुआ नितिन शिप्रा बाहर होगी, चलो देखते है"। नितिन बोले"चाचा जी आप ठीक कहते हो वो कभी कभी बाहर घूमने जाती है"। वे दोनों बाहर गये। मैंने बेडरूम की खिडकी से दोनों को बाहर जाते हुए देखा। मैंने चैन की सांस ली और नाईटी पहनकर किचिन में चली गई।
थोड़ी देर बाद दोनों वापस आ गए। नितिन बोले”शिप्रा कहाँ चली गई थी,”मैंने कहा”थोडा छत पे घुमने गई थी, आपका नास्ता बन गया है, तैयार होकर खा लीजिये”।
नितिन फ्रेश होने चले गये और चाचा जी ने मुझे फिर दबोच लिया। मैं मना करती रही पर उन्होंने मुझे झुका दिया। झुकने से मुझे बाथरूम का दरवाजा दिख रहा था। चाचा जी ने मेरा गाउन ऊपर किया और मेरी गांड मारने लगे।
मैं होठ भीचकर मजा लेने लगी,मुझे इस तरह से चुदने में काफी मजा आ रहा था। चाचा बोले”क्यों रसीली केसा लग रहा है,तेरा पति नहा रहा है और तू यहं गांड मरवा रही है”मैं कराहते हुए कहा”आप बड़े वो है, नितिन को पता चल गया तो मैं कहीं की नहीं रहूंगी”वो मेरे मम्मो को मसलते हुए बोले”मेरी जान, मैं तुझे अपनी रानी बना लूँगा”
करीब 15 मिनिट बाद बाथरूम का दरवाजा खुला और नितिन बाहर आये। चाचा जी तब भी मेरी गांड ही मार रहे थे। नितिन मुझे देखकर बोले”क्या हुआ शिप्रा,दरवाजे के पास क्यों खड़ी हो”। मैं मुस्कुरा कर बोली”मुझे लगा आपने मुझे आवाज दी”।
नितिन हंसने लगे और बोले”चाचा जी का नास्ता बना देना”। मैंने बोला”मैंने सुबह उठते साथ ही उन्हें जी भरकर खिलाया था और अभी भी वो मेरी कुकिंग का मजा ले रहे है”।
चाचा जी ने मेरी चुद मारनी शुरू कर दी। नितिन कपडे पहनने लगे और मैं उन्हें देखते हुए चुदने लगी। चाचा जी की रफ़्तार बढ़ गई थी। नितिन बोले”कुछ आवाज आ रही है शिप्रा”।
मैं बोली”नही मुझे कुछ सुनाई नही दिया,आप जल्दी तैयार हो जाओ,लेट हो जाओगे”। मैं झड़ने वाली थी। मैंने अपने होठ कसकर भींच लिए पर जेसे ही मैं झड़ी मेरी कराह निकल गई अह्ह्ह । नितिन मुड़कर बोले”क्या हुआ शिप्रा,तुम क्यों कराही”मै सयंमित होकर बोली”कुछ नही एकदम से पेंटी में कुछ हुआ”।
नितिन हँसते हुए बोले”अभी क्यों होगा,रात में होगा जो होना है”।
मैं मुड़कर बोली”चाचा जी जल्दी कीजिये,मुझे नहाने जाना है”। नितिन बोले”चाचा जी क्या कर रहे है”मैं बोली”मुझे सुबह से परेशान कर रहे रहे हैं,कभी बोलते ये करो कभी बोलते हैं ऐसे करो,मजा नही आ रहा है”,नितिन हँसते हुए बोले”तुम चाचा जी का ध्यान रखो,जो वो बोले वैसा ही करो,वो हमारे मेहमान है”। मै मुड़कर बोली”चाचा जी जल्दी करो न”चाचा ने स्पीड बड़ा दी और 10-15 धक्कों में मेरे अन्दर अपना लावा गिराने लगे। उन्होंने लंड निकाला और मेरा गाउन ठीक कर दिया।
चाचा सामने आकर बोले”शिप्रा ये लो हो गया,अब तो तुम्हे अच्छा लगा न,मजा आया कि नही”। मैं बोली”हाँ चाचा जी खूब अच्चा लगा,आपने जल्दी फ्री कर दिया”। नितिन बोले”चाचा जी मैं 2-4 दिन टूर पे जा रहा हूँ,शिप्रा आपका पूरा ख्याल रखेगी”। चाचा बोले”तुम चिंता मत करो। ये सबसे अच्छी बहु है,मैं जो कहता हूँ,वही करती है”। हम लोग नास्ता करने लगे।
नितिन जाने लगे और मैं उन्हें छोड़ने दरवाजे तक आ गयी। चाचा दरवाजे के पीछे से मेरा गाउन उठाकर फिर से मेरी चुद चोदने लगे। मैं नितिन को हाथ हिलाकर बाय बाय कर रही थी। नितिन बोले”अच्छा डार्लिंग,मैं चलता हूँ,जल्दी आऊंगा”। चाचा मेरे पीछे से आकर बोले”ध्यान से जाना नितिन, शिप्रा का ध्यान मैं रखूँगा” और तेजी से मेरी चुद मारने लगे। मजे से मेरी आँखे बंद होने लगी।
नितिन की कार कंपाउंड से बाहर हो गई। चाचा जी ने मुझे खीचा लिया और मैंने दरवाजा लगा दिया। चाचा मेरी चुद मारते हुए मुझे मेरे बेडरूम में ही ले गए और फिर पुरे दिनभर उन्होंने तबियत से मुझे चोदा। इतनी भयानक चुदाई तो मैंने कभी ब्लू फिल्म में भी नही देखि थी।
नितिन चार दिन बाहर थे । उन चार दिनों में चाचा ने मेरी कमरतोड़ चुदाई की। मेरी चुद को भोसडा और गांड को खाई बना दिया। हम लोग अमेरिका में 3 साल रहे और चाचा लगभग हर महीने 3-4 दिन के लिए आते और मुझे चोदकर चले जाते।
जब हम इण्डिया वापस आये। तो चाचा ने मुझे अपने ऑफिस में जॉब दिलवा दी। मेरा काम सिर्फ चाचा से चुदना ही था और मैं अपना काम पूरी ईमानदारी से करने लगी।
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