top of page

जब आरव ने मुझे सच में अपनी रंडी बना लिया - Hindi Sex Kahani

मेरा नाम रिया शर्मा है। उम्र 24 साल, 5 फुट 6 इंच लंबाई। फिगर: 34D-26-38 हाँ, मेरे बूब्स भरे हुए हैं, कमर पतली और गांड एकदम गोल-गोल, उभरी हुई। गोरा रंग, लंबे काले घने बाल जो मेरी गांड तक आते हैं। लोग पीछे मुड़कर देखते हैं, पर मैं शर्मीली हूँ… बाहर से। अंदर से मैं बहुत भूखी हूँ… बहुत ज्यादा।


मैं मुंबई के एक हाई-राइज़ अपार्टमेंट में अकेले रहती हूँ। आज की रात मेरी ज़िंदगी की सबसे गंदी, सबसे लंबी और सबसे बेशर्म रात थी। उसका नाम आरव है। 28 साल, 6 फुट का कद, चौड़ी छाती, मज़बूत बाजू और नीचे… 8.5 इंच का मोटा, काला, नसों वाला लंड। हम दो महीने से चैट कर रहे थे। उसने मुझे इतना उत्तेजित कर दिया था कि मैं रात को उँगलियाँ डाल-डाल कर पागल हो जाती थी।


आज उसने कहा था, “रिया, आज तेरी चूत का कीमा बना दूँगा।”

मैंने जवाब दिया था, “आजा… दरवाज़ा खुला रहेगा… मैं नंगी इंतज़ार कर रही हूँगी।”

रात के 10 बजे। मैंने नहाकर आई थी। पूरा बदन वैक्स किया हुआ, चूत एकदम क्लीन शेव। हल्की लाल लिपस्टिक, काजल और बस इतना ही। कपड़े? कुछ नहीं। मैं बेड पर नंगी लेटी थी, टाँगें फैलाकर खुद को सहला रही थी। चूत इतनी गीली थी कि उँगलियाँ फिसल रही थीं। डोरबेल बजी। मैंने कुछ नहीं पहना। नंगी ही गई, दरवाज़ा खोला।


आरव ने मुझे देखा… उसकी आँखें लाल हो गईं। “मादरचोद … तू तो सच में रंडी निकली,” उसने कहा और मुझे अंदर धकेलकर दरवाज़ा बंद किया। अगले 4 घंटे… वो सब हुआ जो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था।


मैं आपको एकदम बारीकी से, बिना कुछ छुपाए बताती हूँ। उसने मुझे दीवार से सटाया और मेरे होंठ चूसने शुरू किए। उसकी जीभ मेरे मुँह में, मैं उसकी जीभ चूस रही थी। उसने मेरे 34D बूब्स को इतना ज़ोर से दबाया कि निशान पड़ गए। निप्पल्स को मरोड़ा, काटा, चूसा।


मैं बस सिसकार रही थी, “आह्ह… आरव… दर्द हो रहा है… और मज़ा भी… मत छोड़…” उसने मुझे घुटनों पर बिठाया। अपनी जींस खोली। उसका लंड बाहर आया… मेरे मुँह पर दे मारा। “ले रिया… चूस मेरा लंड… आज तेरे गले तक उतारूँगा।” मैंने दोनों हाथों से पकड़ा… गर्म, सख़्त, ऊपर से चिपचिपा प्रीकम। मैंने जीभ निकालकर चाटा… सुपारा चूसा… फिर पूरा मुँह में लिया।


वो मेरे बाल पकड़कर धक्के मारने लगा। मेरा गला भर गया, आँखों से पानी, नाक से साँस रुक रही थी… पर मैं रुक नहीं रही थी।


“हाँ रंडी… चूस… पूरा गले में ले…” मैंने गले तक लिया… उसका लंड मेरे गले में धँस गया। वो झड़ने वाला था… पर रुका।


“नहीं… अभी तेरी चूत में झड़ूँगा।” उसने मुझे बेड पर फेंका। मेरी टाँगें कंधों पर रखीं। मेरी चूत को देखकर बोला, “कितनी प्यारी गुलाबी चूत है… आज लाल कर दूँगा।” लंड को रगड़ा… फिर एक ज़ोर का धक्का।

“आआआह्ह्ह… मर गई… फट गई रे…” मैं चीख़ी।

पर उसने नहीं रोका। तेज़-तेज़ धक्के। हर धक्के में मेरे बूब्स उछल रहे थे। मैंने अपने निप्पल्स खुद मरोड़ने शुरू कर दिए।


“चोद मुझे… और ज़ोर से… फाड़ दे मेरी चूत…” उसने मुझे घोड़ी बनाया। मेरे बाल पकड़े, गांड ऊपर उठाई और पीछे से घुसाया। “ले… ले… आज तेरी गांड भी मारूँगा…” मैं डर गई, “नहीं… वो बहुत मोटा है…” पर उसने थूक लगाकर उँगली डाली… फिर दो… फिर लंड का सुपारा। धीरे-धीरे पूरा अंदर। मैं रो रही थी और चीख़ भी रही थी… पर मज़ा भी इतना था कि मैं खुद पीछे धक्के मारने लगी।


“हाँ… गांड मार… दोनों छेद तेरे हैं…” हमने 6 अलग-अलग पोज़िशन बदली। मिशनरी, डॉगी, काउगर्ल, रिवर्स काउगर्ल, स्पूनिंग, और आख़िर में स्टैंडिंग – मुझे दीवार से सटाकर। हर बार मैं झड़ी… कम से कम 5 बार। बेडशीट पूरी गीली। मेरे रस, उसका प्रीकम, सब मिलाकर। आख़िरी बार उसने मुझे गोद में उठाया। मेरी टाँगें उसकी कमर पर लिपटीं। लंड अंदर… और वो मुझे उछाल-उछाल कर चोदने लगा।


“रिया… मैं झड़ने वाला हूँ… अंदर ही डालूँ?” मैंने उसका मुँह चूमा और कहा, “हाँ… भर दे मुझे… मैं तेरी रंडी हूँ… अपनी बीवी बना ले…” फिर उसने ज़ोर का धक्का मारा… उसका लंड मेरी चूत में फूल गया… गर्म-गर्म वीर्य की तेज़ धार अंदर छूटने लगी। इतना सारा कि मेरी चूत से बाहर बहने लगा… मेरी जाँघों पर, फर्श पर। मैं भी साथ में झड़ी… मेरी चूत ने उसके लंड को इतना कस लिया कि वो चीख़ उठा। हम दोनों फर्श पर गिर पड़े। मेरा बदन उसके वीर्य से लथपथ।


चूत से अभी भी वीर्य लीक हो रहा था। मैंने उँगली डाली और चाटी… नमकीन, गाढ़ा। उसने मुझे सीने से लगाया और कहा, “रिया… तू मेरी हो गई… अब हर रात ऐसी ही होगी।” मैंने मुस्कुराकर कहा, “बस एक शर्त है… हर बार मुझे नंगी ही रखना… और जितना गंदा हो सके, उतना गंदा करना।” रात के 3 बज रहे थे। हम फिर से शुरू हो चुके थे…


स पहली रात के बाद मैं तीन दिन तक ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। चूत और गांड दोनों में हल्का-हल्का दर्द, पर हर कदम पर याद आता था कि कितना मज़ा आया था।


आरव रोज़ रात को फ़ोन पर गंदी-गंदी बातें करता और बोलता, “रिया, तैयार रहना… शुक्रवार को फिर आ रहा हूँ… इस बार कुछ और ही खेल खेलेंगे।”


शुक्रवार रात, 9 बजे। मैंने पहले से तैयारी कर रखी थी। काला लेस वाला ब्रा-पैंटी सेट पहना, ऊपर से सिर्फ़ एक छोटा सा ब्लैक साटन रोब। चूत फिर से क्लीन शेव, गांड में हल्का सा तेल लगा रखा था (पता था आज फिर मारेगा)। घर में लाइट्स पूरी तरह डिम, हल्की लाल वाली। बेड पर नई वॉटरप्रूफ़ बेडशीट बिछाई थी, क्योंकि मुझे पता था आज फिर सब भीग जाएगा। डोरबेल बजी। मैंने रोब का नाड़ा ढीला किया और दरवाज़ा खोला।


आरव अकेला नहीं था। उसके साथ उसका दोस्त विक्की खड़ा था। मैं एकदम शॉक हो गई। आरव मुस्कुराया और बोला, “रिया… आज तुझे दो लंड खिला रहा हूँ। बोल, तैयार है मेरी रंडी?” मैं कुछ बोल पाती उससे पहले आरव ने मुझे अंदर खींचा, दरवाज़ा बंद किया और रोब एक झटके में खींच लिया। मैं सिर्फ़ लेस की ब्रा-पैंटी में खड़ी थी। विक्की की आँखें मेरे बूब्स पर अटक गईं।


आरव ने मेरे बाल पकड़े और विक्की से बोला, “देख भाई… ये मेरी पर्सनल रंडी है… आज तू भी मज़ा ले ले।” मैं काँप रही थी… डर भी लग रहा था, पर चूत अपने आप भीग गई। आरव ने मेरी ब्रा फाड़ दी। मेरे 34D बूब्स बाहर आ गए। फिर पैंटी नीचे खींची। मैं फिर से पूरी नंगी। आरव ने मुझे सोफ़े पर झुकाया। पीछे से अपना लंड निकाला और एक झटके में चूत में घुसा दिया।


“आह्ह्ह… स्स्स…” विक्की ने सामने से अपना लंड निकाला और मेरे मुँह में ठूँस दिया। अब मेरे दोनों छेद भरे हुए थे। आरव पीछे से ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था। “बोल रिया… कितने लंड चाहिए तुझे?” मैं मुँह में लंड होने की वजह से बस “उँम्म… उँम्म…” कर पा रही थी।


विक्की मेरे बाल पकड़कर मुँह चोद रहा था। फिर उन्होंने मुझे बदल-बदल कर चोदा। एक चूत मारता, दूसरा मुँह। फिर दोनों ने मुझे बेड पर लिटाया। आरव ने मेरी चूत में लंड डाला और विक्की ने गांड में। मैं बीच में सैंडविच बन गई। दो मोटे लंड एक साथ अंदर-बाहर।


मैं चीख रही थी, “बस… फट जाएगी… आआह्ह्ह… मर गई… पर मत रुको… चोदो मुझे… दोनों मिलकर फाड़ दो…” मैंने उस रात 8 बार झड़ी। हर बार इतना रस निकला कि सोफ़ा, बेड, फर्श… सब तर हो गया। आख़िर में दोनों ने मुझे घुटनों पर बिठाया।


दोनों ने एक साथ हिलाना शुरू किया। “ले रिया… मुँह खोल… आज तुझे नहलाएँगे।” पहले विक्की झड़ा… पूरा मुँह, चेहरा, बूब्स पर। फिर आरव ने मेरे मुँह में पूरा वीर्य उड़ेल दिया। इतना सारा कि मैं निगल भी नहीं पाई, गालों से बहने लगा। मैंने दोनों का लंड चाट-चाट कर साफ़ किया। फिर ज़मीन पर लेट गई। मेरा पूरा बदन वीर्य से लथपथ। चूत और गांड से अभी भी लीक हो रहा था।


आरव मेरे पास बैठा, मेरे बालों में उँगलियाँ फेरते हुए बोला, “रिया… अब तू सिर्फ़ मेरी नहीं… जब मन करे, मैं तुझे किसी को भी दूँगा। बोल, राज़ी है?” मैंने उसकी आँखों में देखा और मुस्कुराकर बोली, “हाँ मालिक… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… जैसे चाहो, वैसा इस्तेमाल करो।” वो दोनों हँसे।


फिर आरव ने मुझे गोद में उठाया और बाथरूम में ले गया। दोनों ने मुझे नहलाया… फिर वहीं शावर के नीचे फिर से चोदा। सुबह 6 बजे वे गए। मैं बेड पर नंगी पड़ी थी… बदन पर नीले-लाल निशान… चूत और गांड में हल्का दर्द… और दिल में एक अजीब सा सुकून। मैंने फ़ोन उठाया और आरव को मैसेज किया: “थैंक यू… आज मैं सच में तुम्हारी हो गई।


अब अगली बार कब आ रहे हो… और कितनों को ला रहे हो? 😈” उसका जवाब आया: “जल्दी ही, मेरी रंडी। बहुत जल्दी।” तो हाँ… ये थी मेरी दूसरी रात। अब मेरी ज़िंदगी बदल चुकी है। मैं अब सिर्फ़ रिया नहीं… मैं आरव की पर्सनल, बेशर्म, भूखी रंडी हूँ।


कैसी लगी मेरी चुदाई की Hindi Sex Kahani?

मेरा मेल आईडी : tempmail01997@gmail.com


Recent Posts

See All
दोस्त की मम्मी की वाटरपार्क में थ्रीसम चुदाई - Free Sex Kahani

पिछली कहानी 'दोस्त की मम्मी की चूत और गांड चुदाई' में आपने पढ़ा था कि किस तरह मैंने अपने दोस्त की मम्मी की रात में गांड मारी और उसके बाद हम दोनों सो गए. फिर हमने घूमने का प्लान बनाया। मैंने वरूण और उस

 
 
 

Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Desi Stories, Antarvasna, Free Sex Kahani, Kamvasna Stories 

कामवासना एक नोट फॉर प्रॉफिट, सम्पूर्ण मुफ्त और ऐड फ्री वेबसाइट है।​हमारा उद्देश्य सिर्फ़ फ्री में मनोरंजन देना और बेहतर कम्युनिटी बनाना है।  

Kamvasna is the best and only ad free website for Desi Entertainment. Our aim is to provide free entertainment and make better Kamvasna Community

bottom of page