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दीदी की सास की मस्त गांड चोदी - Indian Sex Stories

मेरा नाम मयंक है मैं यूपी में रहता हूँ अभी हाल में ही मेरी दीदी की शादी हुई है. मैं उनके घर गया था दीदी जीजाजी हनीमून के लिए बाहर गयी थी वहां की देखभाल करने के लिए बुलाया गया था. मैं वहां पहुंचा तो मेरी दीदी की सास काफी खुश हुई घर बड़ा था इसलिए एक ही कमरे में सोने का प्रोग्राम बना.


रात में दीदी की सासु जी ने कहा बेटा थक गए होंगे लाओ मैं बॉडी की मालिश कर दूँ. मैं बोला थक तो गया हूँ पुरे 300किमी गाड़ी चला के आया हूँ खैर रहने दीजिए. लेकिन वो नहीं मानी और फटाफट तेल लेके आ गयी मैं बिस्तर पे लेटा हुआ था वो पहले मेरे सर की मालिश की.


फिर वो मेरे हाथ की मालिश करने लगी मेरे नजर उनकी बड़ी बड़ी चुचिओ पर थी जो आधा बाहर दिखाई दे रही थी. उनकी चूची वाकई गजब की थी फिर वो मेरे पैर की मालिश करने लगी उनकी नजर मेरी कच्छी पर थी वो जानबूझकर अपने हाथ को मेरे कच्छी तक ले आती थी उनके टच करने से मेरा लंड खड़ा हो गया था वो देख रही थी.


अचानक सासु जी मेरा लंड पकड़ के बोली बेटा इसकी भी मालिश कर दूँ. मेरे मुहं से आवाज़ नहीं निकली मैं चुप रहा तो वो मेरी कच्छी को सरका के मुझे नंगा कर दी और मेरे लंड को पकड़ के सहलाने लगी और ढेर सारा तेल लेके मेरे लंड की मालिश करने लगी मेरा लंड उनकी हाथ में आते ही टाइट होने लगा.


वो अपने हाथों से मेरे लंड को ऊपर निचे करके मालिश करने लगी उनकी पेट की नाभि जो बड़ी और काफी गहरी थी मुझे दिखाई दे रही थी. औरतो की नाभि का मैं दीवाना था चाहे जैसे औरत हो बस उसकी नाभि गहरी होने चाहिए. फिर सासु जी उठकर मेरे कमर के निचे अगल बगल टांग करके बैठ गयी मेरा लंड उनकी बुर की झांटो से टच होने लगा.


अब वो मेरे सीने और पेट की मालिश करने लगी उनकी हाथों की उंगलिया मेरे निप्पल्स को सहला रही थी. फिर सासु जी एक बार उठ के पीछे सरकी कि मेरा लंड सीधे चिकना होने से उनकी बुर में घुस गया. जैसे ही मेरा लंड सासु की बुर में घुसा वो मुझे पागलो की तरह मेरे होंठो को चूमने लगी.


फिर वो मेरे सीने की मालिश करने लगी मेरा लंड पूरा सासु जी के बुर में घुस गया था. वो मेरे लंड पे अपने बुर को अंदर-बाहर करने लगी पता नहीं क्यों उनकी बुर बहुत टाइट लग रही थी. मेरा लंड इस समय काफी बड़ा और मोटा हो गया था लगभग 5मिनट के बाद वो बोली राजू बेटा अब तुम मेरी बुर को चोदो.


मैं बोला सविता मैं कैसे चोदु आपकी बुर.


वो बोली वाह बेटा मेरा नाम जानते हो, अच्छा लगा मेरे वो 20 साल पहले ऐसे ही बुलाते थे.


मैंने बोला सविता तुम क्या कहती थी उनको.


तो वो बोली सैयां अपने लंड से अपनी सविता का बुर पेलो ना.


मैंने उन्हें पूरा नंगा कर दिया सासु की बुर में ढेर सारी झांटे थी. बहुत दिनों से झांटे न बनाने के कारण उनकी झांटे लम्बी हो गयी थी. सविता की झांटे वाली बुर को सहलाने लगा और एक ऊँगली सविता की बुर में पेल दिया वाकई टाइट बुर था सविता का. मैं जोर जोर से सविता की बुर में ऊँगली कर रहा था.


सविता आह आह ओह ऑफ़ कर रही थी फिर मैं अपना लंड सहलाने लगा. लंड को सविता की बुर के ऊपर रगड़ने लगा फिर मैंने एक झटके मैं सविता की बुर में अपना लंड पेल दिया. सविता जोर से चीखी ओह राजू धीरे मेरी बुर फट जाएगी फिर मैं सविता के ऊपर लेट कर उसके होंठो को चूसने लगा और सविता की दोनों चुन्चिओ को मसलने लगा.


फिर मैं सविता के होठो को चूसते हुए सासु माँ के बुर को पिलाने लगा. मेरा लंड सविता की बुर को जमकर चोद रहा था कमरे में चुदाई की तूफ़ान चल रही थी. मेरा लंड सासु की बुर को पेल रहा था. मेरी दीदी की सासु सविता भी अपनी गांड उठा उठा के अपने बुर में मेरा लंड लील रही थी.


मैं उनके होठो को चूसते हुए उनके बुर पे अपने लंड का धक्का मार रहा था. लगभग 30मिनट की जमकर चुदाई में उनकी बुर की नस नस को ढीला कर दिया. वो 4 बार झड़ चुकी थी लेकिन मेरा लंड उनकी बुर को पेले जा रहा था वो बोली बेटा अब रहने दो न मेरे बुर की प्यास बुझ गयी है राजा छोड़ दो न साजन थक जाओगे.


मैं बोला सविता डार्लिंग मैं घंटो पेलता हूँ कोई फर्क नहीं पड़ता. तो सविता बोली किसे पेलते हो सैयां. मैं बोला अपनी सगी माँ के बुर को रोज पेलता हूँ और डेली अपनी माँ का गांड भी मारता हु. वाह राजू तू तो बड़ा छुपा रुस्तम निकला अब मेरी बुर की चुदाई छोड़ चल अब मेरी गांड मार. मैं बोला अरे सविता तुम जानती हो क्या गांड मरवाना.


तो वो बोली ऐसी बात नहीं है रे जैसे तू चोदता है अपनी माँ के बुर को वैसे मेरा बेटा भी फर्क इतना है तुम अपनी माँ का बुर चोदते हो और मेरा बेटा मेरा गांड मारता है. मैं बोला ऐसा क्यों. तो वो बोली वो साला गांडू निकल गया था मोहल्ले के कई लड़को का गांड मार चूका था उसे गांड का चस्का लग गया था.


एक दिन मैंने उसे काम करने वाली का गांड मारते देख लिया वो चिल्ला रही थी लेकिन ये उसकी गांड को कस कस के मार रहा था. वो मेरे को देख लिए था मैं छुपके उसे देख रही थी वो अपने लंड को पूरा बाहर निकाल के उसकी गांड में पेल देता था मेरे बेटे का लंड भी काफी मोटा था तुम्हारी तरह.


मैं बोला तुम कैसे गांड मरवाई. वो बोली एकदम आसन में एक दिन उल्टा लेती हुई थी अपनी गांड को नंगी कर रखी थी मेरा बेटा आया वो नशे में था उसने मेरी गोल बड़ी गांड को देखा और मेरे ऊपर टूट पड़ा मेरी गांड को देखते ही उसका लंड खड़ा हो गया वो तुरंत नंगा हो के अपने लंड में वैसलीन लगा के आया.


और मेरे गांड को फैला के मेरी गांड में धीरे-2 वैसलीन लगाया और अपना लंड मेरी गांड में घुसा के मेरे ऊपर लेट गया मैं जगी और बोली अर्जुन क्या कर रहे हो तो बोला माँ मेरी जान कितना मस्त गांड है तेरी मार लेने दो ना इतना कहके जोर का धक्का मारा और उसका पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया और वो मेरी गांड को जमकर चोदने लगा.


मैं बोला सविता चल अपनी गांड को फैला तेरी कहानी सुनके मेरा लंड और टाइट हो गया है फिर मैंने अपना लंड सासु की बुर में से निकाल कर उनकी गांड की छेद में डालने लगा. वो अपने गांड को चीयारने लगी मेरा लंड आसानी से उनकी गांड में घुस गया और मैं उनके होंठो को चूसते हुए उनकी गांड में अपना लौड़ा पेलने लगा.


मेरा लंड सटा सट सासु की गांड को चोद रहा था वो भी जम के सहयोग दे रही थी. फिर मैंने सासु के गांड में से लंड निकाल लिए और उनको डॉगी स्टाइल में कर दिया और उनकी गांड को पीछे से आकर मारने लगा. वैसे मुझे बड़ी उम्र की औरतो का गांड बुर चोदने में काफी मजा आता है.


मैं उनकी गांड को खूब कस कस के मार रहा था वो भी अपनी गांड को हिला हिला के मरवा रही थी. आह राजू मेरे बुर के राजा आज फाड़ दो ना मेरी बुर को और कस कस के मारो गांड मेरी. मैं एक दोनों हाथो को आगे ले जाकर उनकी चुचिओ को पकड़ के जोर जोर से दबाने लगा और अपने लंड से उनकी गांड मारने लगा.


फिर 40मिनट सासु की गांड मारने के बाद मैं उनकी गांड में अपने लंड का सारा रस गिरा दिए. फिर हमलोग नंगे ही एक दूसरे की बाहों में चिपक के सो गए. रात ज्यादा होने की वजह सो गए. सुबह नींद देरी से खुली पहले मैं जगा दिन के उजाले में उनकी झांट चमक रही थी. मैं अपना सेविंग बॉक्स निकाल के ले आया और उनकी झांट पर क्रीम लगाने लगा.


फिर मैंने रेजर से अपनी सासु जी के झांटो को साफ करके उनकी बुर को चिकना कर दिया. उनकी गांड पर के बालो को भी साफ कर दिया. वो चुपचाप देख रही थी फिर हम लोग बाथरूम में साथ साथ गए और नहाने के बाद मैं उनकी बुर में और गांड में खूब साबुन लगा के धो डाला. उनकी बुर और गांड चमक रही थी.


मैं उनकी बुर को हांथो से फैला के अपनी जीभ से चाटने लगा. वो मस्ती में मेरे सर को पकड़ के अपने बुर को मेरे मुँह पे रगड़ने लगी. फिर मैं उन्हें आगे झुका कर उनकी चूतड़ को फैलाके उनकी गांड के छेद को चाटने लगा. अब मेरा लौड़ा अकड़ गया था वो भी गर्म हो गयी. फिर मैंने सीधे होकर खड़े खड़े ही उनकी बुर में लंड डालके पेलने लगा.


वो अपने दोनों हाथो को मेरे कन्धे पे रख के मुझे कस के पकड़ ली. मैं भी अपने दोनों हाथो से उनके गले में बांह डालकर पकड़ लिए. फिर हम दोनों आपस में एक दूसरे को धक्का मारने लगे ऊपर से शावर का पानी सीधे बुर लंड पर गिर रहा था जिस से फच फच की आवाज़ निकल रही थी. वाकई मजा आ रहा था.


कुछ समय बुर चोदने के बाद मैंने अपना लंड उनकी बुर से बाहर निकाला और लंड पे साबुन लगा के उनको पीछे घुमाकर खड़े खड़े ही उनकी गांड में घुसाकर उनकी गांड मारने लगा. वो अपने गांड से मेरे लंड को दबा रही थी फिर मैं उनकी गांड को कस कस के मारने लगा और जो ही मेरा लंड झड़ने वाला था उनकी गांड से निकल कर उनको जमीन पे बिठाके उनके मुँह में घुसेड़ डाला और लंड का पानी उनकी मुँह में गिरा दिया.


वो मेरे लंड का सारा रस चाट चाट के पी गयी और मेरे लंड को जीभ से चाटने लगी. फिर मैंने उनकी बुर में ऊँगली डाल कर तब तक अंदर बाहर करता रहा जब तक वो झड़ न गयी. फिर हमलोग बाहर आ गए मुझे आज घूमने जाना था मैं अप-टू-डेट होकर तुरंत बाहर गाँव घूमने निकला और दिन भर आसपास के गाँव को देखने लगा.


फिर जब शाम होने को आयी तो मैं घर की तरफ चला और अँधेरा होते होते मैं घर लौट आया और मैं जैसे ही घर में कदम रखा मुझे गश आ गया. मैंने देखा सासु जो विधवा थी वो सजधज के खड़ी थी और मुझे देखके मुस्करा रही थी. मैंने देखा लाल साड़ी हाथो में चूड़ी होंठो पे लिपिस्टिक, मांग में सिन्दूर नहीं था.


मैं झट से फाटक बंद करके उनके पास आया तो वो मेरा पांव छूने लगी. मैं समझा वो मेरा लंड चूसने जा रही है, फिर मैं उन्हें ऊपर उठाया और उन्हें बिस्तर पे घूंघट करके बिठाया. फिर मैं दीदी के कमरे में गया और वहाँ जाके सिन्दूर खोजने लगा सिंदूर लेकर वापस आया देखा तो सासु डार्लिंग वैसे बैठी हुए थी.


मैं उनके पास गया एक हाथ में चुटकी सिंदूर लेकर दूसरे हांथो से उनके घूँघट को खोल दिया और उनकी मांग में सिन्दूर डाल दिया. वो मेरे गले लग गयी फिर मैं उनके लाल लाल होंठो को चूमने लगा और एक हाथ से उनके पेटीकोट में हाथ डालकर उनकी बुर को सहलाने लगा वो मेरे पेंट को खोल के मेरी कच्छी निचे सरका के मेरे लंड को पकड़ ली और उसे सहलाने लगी.


आज उनकी बुर चिकनी होने की वजह से ज्यादा अच्छी लग रही थी. मैं उनकी बुर को मसल रहा था और उनके होंठो को चूस रहा था मेरा लंड उनकी हाथ में था और अकड़ के उनकी बुर को फाड़ने के लिए तैयार था. फिर हम 69पोजीशन में लेट गए. मैं उनकी बुर को चूस रहा था वो मेरे लंड को चूस रही थी.


मैं अपनी पूरी जीभ उनके बुर में घुसेड़ के उनके बुर के रस को पी रहा था वो भी मेरे लंड को जोर जोर से चूस रही थी. फिर मैं उनकी गांड के छेद को चाटने लगा. वो भी अपने गांड के छेद को फैला ली थी वजह उनका लड़का अपने मोटे लंड से उनकी गांड मारकर गांड को फैला दिया था. मेरी जीभ आसानी से उनके गांड के छेद में घुस रही थी.


मैं मस्ती में उनके गांड को चाट रहा था वो भी अपने गांड को मेरे मुँह पे रगड़ रही थी. फिर मैंने कहा सविता डार्लिंग लोग बुर चोद के सुहागरात मानते है मैं तुम्हारी गांड मारकर सुहागरात मनाऊंगा. फिर मैं उनको डॉगी स्टाइल में झुका दिया. उनकी साड़ी पेटीकोट को ऊपर उठा दिया और अपना लंड उनकी गांड के छेद पे रगड़ने लगा.


वो भी अपने दोनों हाथो से गांड को पकड़ के फैला ली थी मैं उनकी गांड में अपना लौड़ा डाल के उनकी गांड को मारने लगा. वो भी जोश दिला रही थी ओह सैयां मेरे बुर के राजा आज मेरी गांड को फाड् दो और मारो मेरी गांड राजा. मेरे लंड की स्पीड बढ़ गयी थी, मैं तेजी से उनकी गांड मार रहा था वो भी बोल रही थी और कसके राजा और कसके खूब पेलो मेरे बालम आह ओह यह ह ह ओह ह ह.


फिर मैं उनकी गांड मारते मारते उनको खड़ा कर दिए और खड़े खड़े उनकी गांड मारने लगा. मैं उनकी दोनों चुन्चिओ को पकड़ के जोर से मिजने लगा और अपने लंड से उनके गांड की प्यास बुझाने लगा. एक घंटे के बाद मेरे लंड का रस मैंने उनकी गांड के अंदर गिरा दिया फिर मैं उन्हें बेड पे लेटा दिया और उनके होंठो कानो गालो गले को चूमने लगा.


वो मेरे लंड को पकड़ के सहलाने लगी मैं अब उनकी चूंची को चूसने लगा. फिर मैं उनकी नाभि ढोढ़ी को जीभ से चाटने लगा. फिर वो मेरे सर को पकड़ के अपने बुर के ऊपर कर दी आज उन्होंने बुर पे चन्दन के साबुन का इस्तेमाल किया था क्यों की बुर महक रही थी. मैं धीरे धीरे उनके बुर को चूमने चाटने लगा. वो भी अपने बुर को मेरे मुँह पे रगड़ रही थी.


फिर मैंने अपनी जीभ उनके बुर के अंदर घुसेड़ दी और उनकी बुर के रस को चूसने लगा. फिर मैंने अपना लंड अपनी दीदी की सासु जी के बुर में पेल दिया और उनके ऊपर लेट कर उनके होंठो को चूसते हुए जमकर चुदाई करने लगा. मैं अपने लंड से सासु के बुर में कस कस के धक्का मार रहा था. वो भी जोर जोर से चिल्ला रही थी राजा मेरी बुर दर्द कर रही है थोड़ा आहिस्ता पेलो ना मेरे सैयां आह उफ़ यह उफ़ ओह ओह हो. मैं बिना रुके उनकी बुर को जमके चोद रहा था.


उनके लाल लाल होंठो को चूसते हुए मैं अपना लंड उनकी बुर में पेल रहा था. लगभग एक घंटे की चुदाई के बाद मेरे लंड का पानी उनकी बुर में गिरने वाला था. मैंने झट से बुर से लंड निकाल कर सासु के मुँह में डाल दिया और उनकी मुँह को चोदने लगा. दो चार धक्को के बाद मेरे लंड का सारा रस मेरी सासु के मुँह में गिर गया वो उसे पी गयी और मेरे लंड को चूस कर चाट कर साफ कर दी. फिर हम एक दूसरे से चिपक के नंगे ही सो गए वो मेरे लंड को पकड़ी हुई थी मैं उनके चूतड़ और गांड के छेद को सहला रहा था फिर हमे नींद आ गयी.


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मैं अपनी दीदी के सास को तो नहीं लेकिन उसकी नन्द की चुदाई किया हूं और कई बार किया हूं एक बार वो दीदी के साथ आई थी घर तो एक महीने तक रोज चोदे थे ये बात मेरी बहन जानती है उसकी सील हम ही खोले थे

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