दीदी ने गर्लफ्रेंड को चोदने की ट्रेनिंग दी: Antarvasna
मेरा नाम मैं इस कहानी में अर्जुन बता रहा हूँ और मेरी उम्र उस वक़्त 23 साल थी। मेरी गर्लफ्रेंड का नाम मैं इस कहानी में तनु बता रहा हूँ, जिनकी उम्र उस वक़्त 22 साल थी, और हम दोनों पिछले दो साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। हमारी शादी की बात भी लगभग तय हो चुकी थी, लेकिन हम दोनों में एक बड़ी दिक्कत थी, हम दोनों शारीरिक रूप से एक-दूसरे के साथ पूरी तरह से सहज नहीं हो पा रहे थे। तनु बहुत शर्मीली थी और जब भी हम करीब आने की कोशिश करते, वह घबरा जाती थी और हमारा सारा माहौल खराब हो जाता था।
तनु की बड़ी बहन का नाम मैं इस कहानी में निधि दीदी बता रहा हूँ, जिनकी उम्र उस वक़्त 29 साल थी और जो अपने पति के साथ शहर में ही रहती थीं। निधि दीदी बहुत खूबसूरत थीं, लंबी, गोरी और उनका शरीर ऐसा तराशा हुआ था जैसे किसी कारीगर ने बड़े प्यार से बनाया हो। वह हमेशा घर में सलवार-कुर्ती या फिर हल्की साड़ी पहनती थीं और उनके लंबे काले बाल कमर तक झूलते रहते थे। तनु और निधि दीदी में बहुत गहरा रिश्ता था और तनु अपनी बहन से हर बात शेयर करती थी, यहाँ तक कि हमारी शारीरिक दिक्कतों के बारे में भी।
एक दिन तनु ने मुझे बताया कि निधि दीदी हमारी मदद करना चाहती हैं और हमें अपने घर बुला रही हैं। मैं पहले तो झिझका, लेकिन तनु ने कहा कि निधि दीदी ने कहा है कि वह हमें कुछ सिखाएँगी जिससे हमारा रिश्ता और मज़बूत होगा। मैं मान गया और हम अगले हफ्ते निधि दीदी के घर पहुँच गए। निधि दीदी का घर बहुत सुंदर था और उनके पति उस वक़्त किसी काम से बाहर गए हुए थे, इसलिए घर में सिर्फ हम तीन थे।
निधि दीदी ने हमें बैठक में बैठाया और चाय पिलाई। फिर उन्होंने धीरे से कहा, |अर्जुन, तनु ने मुझे तुम दोनों की दिक्कत के बारे में बताया है। मैं चाहती हूँ कि तुम दोनों एक-दूसरे के साथ सहज हो सको, इसलिए मैं तुम्हें कुछ सिखाना चाहती हूँ| मैंने झिझकते हुए पूछा, |दीदी, आप क्या सिखाएँगी?| निधि दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा, |मैं तुम्हें सिखाऊँगी कि एक औरत को कैसे चोदा जाता है, क्योंकि तनु को तुम्हारे साथ सहज होने के लिए यह जरूरी है| मैं यह सुनकर हैरान रह गया और मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं।
निधि दीदी ने आगे कहा, |अर्जुन, मैं तुम्हें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दूँगी, ताकि तुम्हें पता चले कि एक औरत के शरीर को कैसे खुश किया जाता है| और फिर उन्होंने अपनी साड़ी का पल्लू सरकाया और अपनी ब्लाउज़ के हुक खोलने शुरू किए। मैंने हैरानी से तनु की तरफ देखा, लेकिन तनु ने मुस्कुराते हुए मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा, |अर्जुन, दीदी जो कह रही हैं, वह हमारी भलाई के लिए है, तुम उनकी बात मानो|
निधि दीदी ने अपनी ब्लाउज़ उतार दी और अपनी ब्रा भी खोलकर फेंक दी। उनके बड़े-बड़े स्तन मेरे सामने थे और उनके निप्पल सख्त हो चुके थे। मैं उन्हें देखकर अपनी आँखें नहीं हटा पा रहा था और मेरा लंड पूरी तरह से तन चुका था। निधि दीदी ने मेरे पास आकर मेरा हाथ पकड़ा और उसे अपने स्तनों पर रख दिया। उन्होंने कहा, |अर्जुन, एक औरत के स्तनों को कैसे दबाया जाता है, यह सीखो| मैंने धीरे से उनके स्तनों को दबाया और उनके निप्पल को अपनी उंगलियों से सहलाया। निधि दीदी ने गहरी साँस ली और अपनी आँखें बंद कर लीं।
फिर निधि दीदी ने मेरी शर्ट के बटन खोले और मेरी शर्ट उतार दी। उन्होंने मेरी पैंट का बटन खोला और ज़िप खोलकर मेरा लंड बाहर निकाल लिया। उन्होंने अपनी उंगलियों से मेरे लंड को सहलाया और फिर झुककर उसे अपने मुँह में ले लिया। उनकी गर्म जीभ जैसे ही मेरे लंड के सिरे पर पड़ी, मेरी आँखों के आगे अंधेरा छा गया। निधि दीदी ने मेरे लंड को अपने मुँह में गहराई तक लिया और अपनी जीभ से उसे चूसने लगीं। मैंने अपने हाथों से उनके बालों को पकड़ लिया और उनके सिर को हल्के से आगे-पीछे करने लगा।
निधि दीदी ने कुछ देर तक मेरे लंड को चूसा और फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया। उन्होंने अपनी साड़ी और कच्छी उतार दी और अपनी चूत को मेरे लंड पर रखकर धीरे-धीरे नीचे बैठने लगीं। उनकी चूत पूरी तरह से गीली थी और मेरा लंड उनकी चूत में आसानी से समा गया। निधि दीदी ने अपने कूल्हों को ऊपर-नीचे करना शुरू किया और मेरा लंड उनकी चूत में अंदर-बाहर होने लगा। उनके बड़े-बड़े स्तन उनकी गति के साथ उछल रहे थे और मैंने अपने हाथ बढ़ाकर उन्हें पकड़ लिया।
निधि दीदी ने मुझसे कहा, |अर्जुन, ध्यान से देखो, एक औरत को कैसे चोदा जाता है| और उन्होंने अपनी गति तेज कर दी। वह मेरे लंड पर ज़ोर-ज़ोर से उछल रही थीं और हर बार जब वह नीचे बैठतीं तो मेरा लंड उनकी चूत की गहराई में जा रहा था। तनु हमें देख रही थी और उसकी साँसें भी तेज हो गई थीं। निधि दीदी ने तनु की तरफ देखकर कहा, |तनु, तू भी आ जा, देख कैसे चोदा जाता है| तनु ने शर्माते हुए अपने कपड़े उतार दिए और हमारे पास आ गई।
निधि दीदी ने तनु को मेरे पास लिटाया और मुझसे कहा, |अर्जुन, अब तनु की चूत को चाटो, देखो वह कितनी गीली हो चुकी है| मैंने तनु की जाँघों को फैलाया और उसकी चूत को अपने मुँह के सामने किया। तनु की चूत पूरी तरह से गीली थी और उससे रस टपक रहा था। मैंने अपनी जीभ तनु की चूत पर रखी और उसके रस को चाटने लगा। तनु ने ज़ोर से कराहते हुए अपने हाथों से मेरा सिर पकड़ लिया। निधि दीदी मेरे लंड पर उछलती रहीं और मैं तनु की चूत को चाटता रहा।
कुछ देर बाद निधि दीदी ने मुझे तनु की चूत में अपना लंड डालने के लिए कहा। मैंने अपने लंड के सिरे को तनु की चूत के द्वार पर रखा और धीरे से अंदर धकेला। तनु ने ज़ोर से साँस ली, |आआह्ह्ह| और अपने पैरों को मेरी कमर के चारों ओर लपेट लिया। मैंने अपने लंड को धीरे-धीरे और अंदर धकेला और तनु की चूत की दीवारें उसे कसकर पकड़ने लगीं। जब मेरा पूरा लंड तनु की चूत के अंदर समा गया तो मैंने अपने कूल्हों को आगे-पीछे करना शुरू किया।
निधि दीदी मेरे पीछे आकर मेरी पीठ पर अपने होंठ फेरने लगीं और मुझसे कहा, |अर्जुन, तनु की चूत को धीरे-धीरे चोदो, पहले उसे आदत डालनी है| मैंने अपनी गति धीमी रखी और तनु की चूत में अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा। तनु बार-बार आआह्ह्ह, उह्ह्ह्ह जैसी आवाजें निकाल रही थी और उसकी चूत से लगातार रस निकल रहा था। निधि दीदी ने तनु के स्तनों को पकड़कर दबाया और उन्हें चूसने लगीं।
कुछ देर तक मैंने तनु को धीरे-धीरे चोदा और फिर निधि दीदी ने कहा, |अब तेज करो, तनु अब तैयार है| मैंने अपनी गति तेज कर दी और तनु को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। तनु की चूत से रस बह रहा था और वह बार-बार मेरा नाम लेकर कराह रही थी। निधि दीदी ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी और मैंने अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटना शुरू किया। अब मैं एक साथ तनु की चूत को अपने लंड से चोद रहा था और निधि दीदी की चूत को अपने मुँह से चाट रहा था।
तनु बार-बार कराह रही थी, |आआह्ह्ह, अर्जुन, और तेज करो, मेरी चूत को पूरी तरह से चोद दो| और मैं उसकी बात सुनकर और भी उत्तेजित होकर उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। तनु की चूत की माँसपेशियाँ सिकुड़ने लगी थीं और वह अपने चरम के करीब पहुँच रही थी। मैंने भी महसूस किया कि मैं झड़ने वाला हूँ और मैंने अपनी गति और तेज कर दी। आखिरकार तनु अपने चरम पर पहुँच गई और उसकी चूत से रस की धारा बह निकली। वह ज़ोर से चीख पड़ी, |आआअह्ह्ह्हह| और उसका पूरा शरीर काँपने लगा।
मैंने तनु की चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया और तनु की चूत से निकलने वाले रस को निधि दीदी ने अपने मुँह से पिया। फिर निधि दीदी ने मुझे अपने ऊपर लिटाया और मेरे लंड को अपनी चूत में डालकर ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगीं। उन्होंने कहा, |अर्जुन, अब मुझे चोदो, मुझे तुम्हारा लंड चाहिए| मैंने निधि दीदी को पूरी ताकत से चोदा और उनकी चूत से रस बह निकला। कुछ ही पलों में मैंने भी निधि दीदी की चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया।
उस दिन के बाद निधि दीदी ने हमें कई बार ट्रेनिंग दी और हर बार हमें नए-नए तरीके सिखाए। उन्होंने मुझे सिखाया कि कैसे एक औरत की चूत को चाटा जाता है, कैसे उसके स्तनों को दबाया जाता है, कैसे उसकी चूत में लंड डालकर अलग-अलग पोजीशन में चोदा जाता है। तनु भी अब पहले से ज्यादा सहज हो गई थी और हम दोनों एक-दूसरे के साथ पूरी तरह से खुल चुके थे। निधि दीदी ने हमें ग्रुप सेक्स के बारे में भी सिखाया और हम तीनों ने कई बार एक साथ चुदाई की।
एक रात की बात है, निधि दीदी ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और तनु को मेरे ऊपर बैठा दिया। तनु ने अपनी चूत को मेरे लंड पर रखा और धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी। उसकी चूत में मेरा लंड समाता गया और उसने अपनी आँखें बंद कर लीं। फिर उसने अपने कूल्हों को ऊपर-नीचे करना शुरू किया और मेरा लंड उसकी चूत में अंदर-बाहर होने लगा। निधि दीदी ने तनु के पीछे से अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी और मैंने अपनी जीभ से निधि दीदी की चूत को चाटना शुरू किया। अब मैं एक साथ तनु की चूत को अपने लंड से चोद रहा था और निधि दीदी की चूत को अपने मुँह से चाट रहा था।
तनु बार-बार कराह रही थी और उसकी चूत से रस बह रहा था। निधि दीदी अपनी चूत को मेरे मुँह पर दबा रही थीं और मेरे बालों को पकड़कर मेरा सिर अपनी चूत पर और कसकर दबा रही थीं। कुछ देर तक तनु मेरे लंड पर उछलती रही और फिर उसकी चूत से रस की धारा बह निकली। तनु ने ज़ोर से चीखा, |आआअह्ह्ह्हह| और उसका पूरा शरीर काँपने लगा। निधि दीदी ने भी अपनी चूत से रस बहा दिया जिसे मैंने अपने मुँह से पिया। फिर निधि दीदी ने तनु को हटाया और खुद मेरे लंड पर बैठ गईं।
कुछ देर तक निधि दीदी मेरे लंड पर उछलती रहीं और फिर उनकी चूत से भी रस बह निकला। मैंने उनकी चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया और निधि दीदी ने एक लंबी आह भरी। उस रात के बाद हम तीनों ने कई बार एक साथ चुदाई की और हर बार नए-नए तरीकों से एक-दूसरे को संतुष्ट किया। निधि दीदी ने मुझे और तनु को इतनी अच्छी तरह से ट्रेनिंग दी कि हम दोनों अब किसी भी औरत को चोदने में माहिर हो गए थे।
आज भी जब मैं उन दिनों को याद करता हूँ, तो मेरे लंड में वही हरकत होती है और मेरे अंदर की अन्तर्वासना जाग उठती है, जो उस पहली रात निधि दीदी के घर में जागी थी। निधि दीदी ने गर्लफ्रेंड को चोदने की ट्रेनिंग दी और यह राज मैं अपने साथ लेकर मरूँगा, क्योंकि यह वो सच है जिसे मैं कभी किसी को नहीं बता सकता, लेकिन जिसे मैं कभी भूल भी नहीं सकता।
Antarvasna

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