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चुदाई देखती पकड़ी गई तो मम्मी ने पापा से चुदवा दिया - Desi Kahani

Updated: Feb 21, 2025

मेरा नाम श्रुति है और मैं राजस्थान की रहने वाली हूँ।मेरे घर में मैं, मेरा छोटा भाई और मम्मी पापा रहते हैं।असल में मेरे मम्मी पापा मेरे चाचा चाची हैं. उन्होंने ही मुझे पाला है.


पापा कृषि यानि खेती का काम करते है और मम्मी घर के काम करती हैं।


यह पोर्न पोर्न फॅमिली सेक्स कहानी तब की है जब मैं अपने कॉलेज के छुट्टियों में घर आई थी।मेरी यह पहली कहानी है, मुझसे कोई गलती हो जाए हो जाए तो मुझे अपनी दोस्त समझ कर माफ कर देना.


मैं बहुत खुश थी क्योंकि बहुत दिन बाद मैं घर आई थी।


मुझे घर आई देख कर मम्मी भी बहुत खुश हो गई।उस समय पापा खेत गए हुए थे और भाई बाहर दोस्तों के साथ खेलने गया था।


मैंने हाथ मुंह धो लिया.तब तक मम्मी ने खाने के लिए परोसा.मैं फ्रेश होकर आई और खाना खाने बैठ गई।


मेरे घर में रसोई, एक हॉल और एक बेडरूम है. उसमें मेरा भाई मम्मी पापा के साथ सोता है.


मैंने मम्मी से बातें की और फिर मेरी सहेली से मिलने चली गई।


मैं शाम को लौट आई.तब तक पापा भी आ गए थे।


पापा ने मुझे देखा और वे बोले- कब आई बेटी?तो मैंने कहा- पापा दोपहर में आई. मम्मी ने बताया नहीं क्या?


पापा ने कुछ बातें की और बाहर चले गए.


फिर मैं और भाई बात करने लगे.मेरे भाई का नाम करण है वह नवम कक्षा में पढ़ता था.


फिर मैं मम्मी के साथ खाना बनाने में मदद करने लगी।


फिर हम लोगों ने खाना खाया.और सोने के लिए तो एक बेडरूम ही था.पापा और मम्मी नीचे सो गए और मैं और भाई बिस्तर पर सो गये।


रात के 12 बजे मुझे कुछ आवाज आने लगी.मैंने ऊपर से देखा तो क्या … पापा मम्मी के मम्मे मसल रहे थे ब्लाउज के ऊपर से!


मैं कुछ नही बोली, मैं सिर्फ देखती रही.


फिर पापा ने मम्मी का ब्लाउज निकाला और साड़ी भी निकाल दी.मैं मम्मी को सिर्फ ब्रा और पैंटी में देखती ही रह गई।गोरी मम्मी काली ब्रा पेंटी में माल लग रही थी.


मेरी चूत से पानी निकलने लगा था, मैं भी गर्म होने लगी थी।


फिर पापा ने मम्मी को चूमा ऊपर से नीचे तक! फिर उन्होंने मम्मी की पैंटी निकाली और माँ की चूत में उंगली करने लगे.मेरी मम्मी बहुत तेज सिसकारियां ले रही थी।


5 मिनट बाद पापा ने अपनी जीभ को मॅाम की चूत में डाल दिया और चूत को चाटने लगे.मम्मी ने पापा को जोर से पकड़ कर रखा था.


पापा ने कुछ समय बाद अपना मोटा लन्ड मम्मी की चूत पर रगड़णा शुरू कर दिया.फिर पापा ने मम्मी की चूचियों के ऊपर से ब्रा भी निकाल दी.क्या माल लग रही थी मेरी मम्मी!


फिर पापा अपने दोनों हाथों से मम्मी के मम्मे दबाने लगे.मम्मी जोर से आह आह कर रही थी।


पापा ने फिर मम्मी के निप्पल दांतों से काट दिए तो मम्मी की जोर से चिल्लाई- आह मर गई!तभी पापा ने मम्मी का मुख अपने हाथ से दबा लिया.


फिर पापा ने अपना लन्ड मम्मी के चूत पर सेट किया और एक हाथ में मम्मे को पकड़ा और जोर से धक्का मारा.पापा का आधा लन्ड मम्मी की गीली चूत में घुसता चला गया.


पापा ने मम्मी के मुंह के ऊपर हाथ रख दिया था क्योंकि हम भाई बहन पास में सोये थे.


कुछ देर पापा रुके और फिर से धक्का मारा.मामी हिल कर रह गई.


और फिर पापा जोर जोर से अपने आप को आगे पीछे कर रहे थे.


कुछ मिनट के बाद मम्मी पापा के ऊपर आ गई और पापा के लन्ड पर चढ़ गई और ऊपर नीचे होने लगी.


फिर कुछ देर बाद पापा ने मम्मी को घोड़ी बनाया.मम्मी बोल रही थी- पीछे वाले छेद में नहीं घुसाना.


लेकिन पापा नहीं माने, पापा ने उनगली पर थूक लगाई और मम्मी के पीछे वाले छेद में आगे पीछे करने लगे.


उंगली से ही मम्मी की हालत खराब हो गई थी.फिर भी पापा नहीं मान रहे थे.


उन्होंने अपने लन्ड के ऊपर थूक लगाया और मम्मी के मुंह पर हाथ रख दिया और लन्ड का टोपा सेट किया.फिर पापा ने देरी न करते हुए लन्ड को मम्मी की गांड के अंदर डाल दिया.


उनका लन्ड आधा गांड में चला गया और मम्मी की आंखों से आंसू आने लगे थे.


पापा ने मम्मी के मम्मे दबाए और जोर से झटका मारा.मम्मी कराह उठी.पर पापा ने मम्मी को दबा के रखा और अपने लन्ड को आगे पीछे करने लगे.


कुछ समय बाद पापा मम्मी की गांड में ही झड़ गए और वे अपने लन्ड को मम्मी की गांड में डाले डाले सो गए।


बाद मैं मैंने अपना मोबाइल निकाला और उसमें पोर्न देखने लगी और अपनी चूत सहलाने लगी।


दूसरे दिन फिर वैसे ही हुआ.उस दिन भी पापा मेरी मम्मी की चूत में लंड पेल रहवे थे और मैं देख रही थी.


पर मैं देखती हुई पकड़ी गई. मम्मी की नजर मेरे ऊपर पड़ी तो मुझे जागी देख वे थोड़ी घबरा गई.उन्होंने पापा को बताया.तभी पापा ने चादर ओढ़ ली.


फिर मम्मी मेरे पास आई और मुझे पापा के पास ले गई.


मम्मी ने मेरे कपड़े उतारे और मेरी ब्रा को उतार फेंका और वे मेरे मम्मे दबाने लगी.मैं सिसकारियां ले रही थी.


पापा शांत थे ओ कुछ भी नही बोल रहे थे।फिर मम्मी मेरे मम्मे को चूसने लगी और मेरे हाथों से अपने मम्मे दबाने लगी.मैं भी मम्मी के मम्मे दबाने लगी.


फिर मम्मी ने मेरी पैंटी निकाली और मेरी चूत को सहलाने लगी.मैं गर्म हो चुकी थी, मेरी चूत से पानी आ रहा था.


फिर मम्मी ने मेरा हाथ लिया और पापा के लन्ड पर रख दिया.


मैं डर गई.


मेरा हाथ लेकर मम्मी पापा का लन्ड सहला रही थी.


फिर पापा ने भी मेरे मम्मे को दबाया और मुंह में लेकर चूसने लगे।


कुछ देर बाद पापा ने अपना लन्ड मेरे मुंह के पास लेकर आए और बोले- मुंह में लेकर चूस!


मैं मम्मी की तरफ देखने लगी.मम्मी बोली- कुछ नहीं होगा!


फिर मैंने लन्ड मुंह में लिया.मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था मुंह में!


पापा ने मेरा सर पकड़ा और जोर से हिलाने लगे.उनका लन्ड मेरे मुंह में नहीं जा रहा था.


फिर पापा ने मुझे लेटाया और मेरी चूत को चाटने लगे।


मम्मी ने अपनी चूत मेरी मुंह पर रख दी.मैं उनकी चूत को चाटने लगी थी.


फिर पापा ने मेरी टांगें ऊपर की और मेरी चूत पर वैसलीन लगाई और उंगली करने लगे.


5 मिनट बाद पापा ने अपना लन्ड मेरी चूत के ऊपर सेट किया और झटका मारा.मेरी चीख निकल गई.


मम्मी मुझे सहला रही थी.मैं दर्द के मारे बोल नहीं रही थी, मैंने सिर्फ कराह रही थी.


पापा बोले- बेटी पहली बार है, बाद में मजे आयेंगे.


तभी पापा ने और एक जोर का झटका मारा और मेरी सील टूट गई.


मेरी बेचारी चूत से खून निकलने लगा था.पापा ने कुछ भी नहीं देखा और जोर से झटके मारने लगे.


इतने में मैं झड़ गई थी लेकिन पापा का अभी नहीं हुआ था.पापा बहुत जोर से झटके मार रहे थे.


कुछ देर बाद उनका होने को था तो उन्होंने उनका माल उन्होंने मेरे मुंह के ऊपर डाल दिया।हम तीनों ऐसे ही लेट गए.मम्मी मुझे होंठों पर चूमने लगी, मुझे प्यार करने लगी.मैं भी खुश थी, मुझे अच्छा लगा था.पर आगे क्या होने वाला है, इसका मुझे आभास नहीं था.


कुछ देर बाद पापा का लंड फिर से खड़ा हो गया.अब मम्मी ने मेरी गांड में वैसलीन लगाईं और उंगली अंदर घुसाने लगी.मुझे दर्द हो रहा था.


मैं समझ गई कि अब पापा मेरी गांड मारेंगे. मैं इसके लिए तैयार थी.


पापा मेरी गांड में अपना लंड डालने के लिए तैयार थे.


तब पापा ने अपनी उंगली मेरी गांड में लगाई. वे मेरी गांड में उंगली करके उसे लंड लेने लायक बनाने लगे.


फिर उन्होंने मुझे घोड़ी बनाया और लंड को मेरी गांड के छेद पर रख कर जोर लगाया.धीरे धीरे लंड आधा लंड चला गया.


सेक्स में मुझे काफी दर्द हो रहा था, मैं रो रही थी.


कुछ देर रुकने के बाद पापा ने एक झटका मारा और जोर से झटके मारने लगे.मेरी गांड फट गई, ऐसा लगा मुझे.मुझे मजा नहीं आ रहा था.


ल्व्किन मैं पापा से अपनी गांड मरवाती रही.


थोड़ी देर बाद पापा ने मेरी गांड के अंदर ही अपना माल गिरा दिया और सो गए।


अगले दिन मुझसे चला भी नहीं हो रहा था.मम्मी ने मुझे हल्दी डाल कर दूध पिलाया.


अगली रात तो भाई के सोते ही मैं खुद मम्मी पापा के बीच में आकर लेट गई.और पिछली रात वाली पूरी चुदाई क्रिया दोहराई गयी.मुझे बहुत मजा आया.


अभी भी हम तीनों रोज रात को थ्रीसम करते हैं।पोर्न पोर्न फॅमिली Desi Kahani में आपको जरूर मजा आया होगा. मुझे मेल और कमेंट्स में जरूर बताएं.धन्यवाद. gakharedhiraj850@gmail.com

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