देवर ने बुझाई भाभी की अधूरी प्यास - Free Sex Kahani
- Deepraj Singh
- 6 hours ago
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देवर भाभी स्टोरी में जवान भाभी अपने देवर के कड़ियल बदन को देख कर अपनी चुत सहलाने लगती थी क्योंकि उसका बड़ी उम्र का पति उसे पूरा मजा नहीं देता था।
यार, ये नेहा कमाल की औरत है, अगर एक बार मुझे मिल जाए तो मज़ा ही आ जाए. आज मुझे पता नहीं क्या हुआ, जब से उसे नहाते हुए देखा है, दिल-दिमाग ठिकाने पर नहीं है. लेकिन मैं आखिर उसका देवर ही हूँ, ये सब गलत है. अपने कमरे में लेटा रवि यही सब सोच रहा था.
वह कर्नल भाटी का छोटा भाई था. वह कर्नल भाटी से 12 साल छोटा था लेकिन नेहा उससे बस 2-3 साल ही बड़ी थी. रवि एक औसत सा, लेकिन फिट 22 साल का लड़का था, जिसे कसरत का कुछ ज़्यादा ही शौक था. उसकी ताकत के किस्से गांव की हर लड़की में मशहूर थे!
नेहा शहर में रहने वाली बला की खूबसूरत औरत थी. उसकी उम्र करीब 27 के आस-पास हो गई थी. तीन बच्चों की माँ थी लेकिन उस पर लगता था कि यौवन आया तो वापस ही नहीं गया. उसका एक-एक अंग जैसे नापकर बनाया गया था. नेहा कर्नल भाटी की दूसरी बीवी थी.
कर्नल भाटी से शादी उसने घरवालों की मर्ज़ी से की थी. नेहा ने अपनी सारी जवानी और रस अपने पति के लिए बचा रखा था लेकिन 35 साल के कर्नल साहब उसकी जवानी का रसपान कुछ कर नहीं पाए. कर्नल भाटी एक रूखा-सा, छोटे कद का आदमी था जिसके चेहरे पर हंसी कभी नहीं आती थी. प्यार करना शायद उसे कोई गुनाह लगता था.
नेहा उसके तीन बच्चों को पालती, घर के सारे काम करती और फिर वह आए दिन रसिका को गालियां देता और उसके दिल को दुखाता रहता था. अपनी रस से भरी नेहा बस तड़पती ही रह जाती थी. उसे मर्द का वह सुख कभी मिल ही नहीं पाया जिसकी वह हकदार थी.
उसकी जवानी का अधूरापन और प्यार की कमी उसकी आंखों में दिखती थी. नेहा की ज़िंदगी में एक ही था, जिसे वह दोस्त कह सकती थी, जिससे वह हर तरह की बातें शेयर करती थी. रवि भी उसकी बहुत इज़्ज़त करता था. लेकिन तन की आग और प्यार की कमी छुपाए नहीं छुपती. एक सुबह नेहा ने रवि को कसरत करते देखा, उसकी प्यासी चूत वहीं गीली हो गई. वह लालची नज़रों से रमेश के जिस्म से चिपकी एक-एक बूंद को देख रही थी. उसने जल्द ही खुद को संभाला और वहां से भाग निकली.
लेकिन पूरा दिन रवि का मज़बूत जिस्म और उसकी अंडरवियर पर उभरा 7 इंच का लंड उसके दिमाग में घूमता रहा. आज दोपहर में नहाने जाते वक्त उसकी दरवाज़े की कुंडी खुली छूट गई जिससे रवि ने उसके रसीले बदन के एक-एक अंग को अपनी आंखों से पी लिया. लेकिन उसने आगे कुछ नहीं किया. रवि ने आज किसी तरह खुद को संभाल लिया लेकिन तब से वह किसी न किसी तरह उसके जिस्म को देखने लगा.
कभी सफाई करते हुए नेहा का ब्लाउज़ उसकी रस भरी चूचियों को मुश्किल से संभाल पाता था, जिससे नेहा की चूचियों के दर्शन हो जाते. नेहा भी उसकी इन अलग तरह की भूखी आंखों को पढ़ चुकी थी. लेकिन शायद वह भी अब यही चाहती थी. आखिर वह रात भी आ ही गई जब घर के सारे लोग एक शादी में गए थे और नेहा की तबीयत खराब होने की वजह से वह घर पर ही रह गई थी.
असल में नेहा के पीरियड्स खत्म हुए एक ही दिन हुआ था. उसके सिर पर सेक्स का भूत सवार था! वह आज कुछ ज़ोरदार सेक्स करना चाहती थी. उसने आज बॉडी के हर हिस्से पर हेयर रिमूवल क्रीम के कई डिब्बे खर्च किए थे. लेकिन उसका खड़ूस पति उससे लड़ाई करके उसे अकेला रोता छोड़कर पार्टी में चला गया था.
रात के 11 बज गए. बारिश बहुत तेज़ शुरू हो गई थी और लाइट एकदम से चली गई. नेहा को अकेले डर लग रहा था तो वह रवि के कमरे में चली गई. रवि अपने फोन में पॉर्न फिल्म देख रहा था जिसकी आवाज़ें बाहर तक आ रही थीं.
रवि ने नेहा को अपने दरवाज़े पर देखा, तो घबराकर फोन बंद कर दिया.
नेहा- ये क्या देख रहे थे? बहुत जवानी फूट रही थी क्या?
रवि- अरे भाभी, वह गलती से लग गई थी … किसी को बताना मत प्लीज!
नेहा- चल, नहीं बताऊंगी, लेकिन एक शर्त है … मुझे भी देखनी है ये!
रवि- क्या बात कर रही हो भाभी?
नेहा- हां, सच कहूँ तो तेरे भैया बहुत बोरिंग हैं! उन्हें सिर्फ एक तरीके से करना आता है. उनके लिए ये सब एक ज़रूरी काम जैसा है, जिसे बस किसी तरह ख़त्म किया जाए. मैंने उनसे कई बार कहा कि इन वीडियो में प्यार करने के कई तरीके दिखाए जाते हैं, लेकिन ना उन्होंने खुद कभी देखी, ना मुझे देखने दी!
रवि- हां भाभी, लेकिन मेरे साथ इसे देखने … ऐसे में …
नेहा- अरे क्यों डरता है? किसी को पता नहीं चलेगा!
नेहा और रवि एक ही कंबल में लेट गए. नेहा रवि की तरफ पीठ करके लेट गई. रवि की गर्म सांसें नेहा की गर्दन से टकरा रही थीं. दोनों ने वीडियो देखना शुरू किया. जैसे-जैसे वीडियो आगे बढ़ता गया, दोनों की सांसें तेज़ होने लगीं. नेहा अपनी गांड पर रमेश के लंड के बढ़ते हुए साइज़ को महसूस कर पा रही थी. नेहा के जिस्म की गर्मी और मदहोश करने वाली खुशबू रवि को मस्त कर रही थी.
रवि ने धीरे से अपने हाथ नेहा की कमर पर रखे. नेहा के जिस्म को इस तरह पहली बार किसी मर्द ने छुआ था. उसके दिल की धड़कनें बहुत बढ़ गई थीं. धीरे-धीरे रवि के हाथ नेहा की रसीली चूचियों पर आ गए. उसने पहले धीरे-धीरे, फिर ज़ोर ज़ोर से उन्हें निचोड़ना शुरू कर दिया. किसी मर्द के मज़बूत हाथों ने पहली बार उसका रस निचोड़ा था.
नेहा को हल्का दर्द और उससे कहीं ज़्यादा मज़ा आ रहा था. रवि के होंठ अब नेहा की गर्दन को भिगो रहे थे. रसिका अब किसी दूसरी दुनिया में थी. फिर रवि ने नेहा को अपनी तरफ घुमाया. उसकी आंखें बंद थीं. रवि ने उसके रसीले नर्म होंठों को अपने होंठों में कैद कर लिया. नेहा ने रवि के बालों को ज़ोर से पकड़ा हुआ था और उसका पूरा साथ दे रही थी.
ना जाने कब रवि ने नेहा की रसीली चूचियों को ब्लाउज़ की कैद से आज़ाद कर दिया. अब वह मस्त रसीली चूचियों को चूस रहा था. नेहा के भूरे निप्पलों को वह हल्के-हल्के काट रहा था. रवि के मज़बूत हाथ उसकी दूसरी चूची को बुरी तरह निचोड़ रहे थे. नेहा बारी-बारी से अपनी चूचियां रमेश के मुँह में दे रही थी. अब रवि के होंठ धीरे-धीरे उसके पेट से होते हुए नीचे की तरफ बढ़े. उसने एक झटके में नेहा और अपने बाकी कपड़ों को उतार फेंका! नेहा अपनी टांगें मज़बूती से जोड़े हुए थी. रवि ने उसे प्यार से देखा और उसके एक पैर को उठाकर उसकी उंगलियों को चूसने लगा.
अब नेहा खुद को और नहीं रोक सकती थी! उसने रवि के लिए स्वर्ग का दरवाज़ा खोल दिया. नेहा की चिकनी रसीली चूत को देखकर रवि पागल हो गया और उसकी चूत को आइसक्रीम की तरह चाटने लगा. नेहा बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी. उसकी आहें पूरे कमरे में गूँज रही थीं. इतने सालों में उसके पति से उसे ऐसा मज़ा कभी नहीं मिला था.
रवि की जीभ नेहा की चूत की नई-नई गहराइयां खोज रही थी. वह उसकी चूत के दाने को हल्के-हल्के काट रहा था. नेहा अब अपने होश में नहीं थी! रवि बेड से उतर कर खड़ा हो गया! उसका 7 इंच का मोटा लंड हवा में झूल रहा था. इतना लंबा और मोटा लंड नेहा ने कभी नहीं देखा था. रवि ने नेहा से मुँह खोलने को कहा! नेहा ने कभी अपने पति का लंड नहीं चूसा था. ये उसके लिए बिल्कुल नया था. लेकिन उसने मुँह खोला और वह रवि के लंड को मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.
धीरे-धीरे रवि का लंड उसके हलक तक जा रहा था. शायद वह भी उस लंड को पूरा खा जाना चाहती थी. रवि को लंड चुसवाने में बहुत मज़ा आ रहा था. उसने नेहा के बाल पकड़ रखे थे और नेहा के मुँह में वह अपने लंड को आगे-पीछे कर रहा था. आखिर में उसकी सांस रुक गई और उसे पीछे हटना पड़ा. रवि ने नेहा को खींचा और उसे बेड के सिरे तक ले आया.
उसने उसकी गांड के नीचे एक मोटा तकिया लगाया, उसकी गीली चूत को थूक से और गीला किया. नेहा ने बेडशीट को ज़ोर से अपनी मुट्ठी में पकड़ कर खुद को दर्द के लिए तैयार किया. रवि ने अपना मोटा लंड नेहा की चिकनी चूत पर सैट किया और एक ज़ोरदार शॉट मारा.
उसका पूरा लंड नेहा की चूत को चीरता हुआ उसमें समा गया. ‘आह्ह्ह … मर गईई!’ नेहा की चीख शायद पूरे घर में गूँज उठी थी. नेहा चिल्लाई- उफ्फ आह्ह्ह हाय ज़ालिम, एक बार में ही चूत फाड़ दी तूने आह्ह्ह उफ्फ्फ! रवि थोड़ा रुका. जब नेहा का दर्द थोड़ा कम हुआ, तब उसने अपनी गांड हिलाना शुरू कर दिया! रवि ने नेहा के पैर अपने कंधों पर रखे और धीरे-धीरे शॉट मारना शुरू कर दिया.
हर शॉट के साथ नेहा का दर्द अब मज़े में बदल रहा था. उसकी चीखें अब मदभरी सिसकारियों में बदल रही थीं ‘आह्ह स्स्सी … स्स्सी … आह्ह और तेज़ आह तेज़ तेज़ आह्ह!’ नेहा अब स्वर्ग में थी. रवि ने धक्कों की स्पीड और पावर दोनों बढ़ा दी. नेहा की पायल की आवाज़ हर धक्के के साथ छन-छन कर रही थी. वह खुद अपनी चूचियों को बुरी तरह नोंच रही थी. ‘छट-छट … छन-छन … आह्ह आह्ह!’ ये सारी आवाज़ें रवि के जोश को और बढ़ा रही थीं.
रवि कुछ देर के लिए रुका. उसने नेहा को उठाया और खिड़की के पास ले जाकर झुका दिया. नेहा पूरी तरह आगे की तरफ झुक गई. उसने खिड़की को ज़ोर से पकड़ा और अपने पैर फैलाकर खड़ी हो गई. उसकी रसीली चूचियां हवा में झूल रही थीं. रवि ने पीछे से नेहा की चूत में वह सख्त लंड डाल दिया! ‘आह्ह्ह उफ्फ येस्स्स येस्स्स!’ उसका लंड अब और भी गहराई तक जा रहा था. बारिश की बूंदें नेहा के चेहरे को भिगो रही थीं और नेहा हर धक्के में मज़ा ले रही थी!
रवि ने नेहा के रेशमी लंबे बालों को घोड़ी की लगाम की तरह पकड़ा और उसकी गोरी गांड पर ज़ोरदार चांटे लगाने लगा. हर एक चांटे में नेहा की जान निकल रही थी. लेकिन ये दर्द उसके मज़े को कई गुणा बढ़ा रहा था. वह मदहोशी में चिल्ला रही थी- आह्ह आह्ह … और तेज़ तेज़ … हाय राजा कब से प्यासी थी ये चूत … इसी दर्द के लिए … आह्ह!
नेहा की ये बातें रवि को और जोश दिला रही थीं. वह और ज़ोरदार और तेज़ धक्के लगा रहा था. नेहा की गोरी गांड अब लाल हो चुकी थी. अचानक रवि के धक्के बहुत ही तेज़ हो गए और रवि और नेहा दोनों का लावा एक साथ नेहा की चूत से होता हुआ फर्श पर टपकने लगा. जोशीली चुदाई करने के बाद वे दोनों वहीं फर्श पर ढेर हो गए. कुछ देर बाद दोनों साथ नहाए और एक-दूसरे की बांहों में सो गए.
उसके बाद से ना कभी रवि को किसी चुत की … और ना नेहा को किसी जोशीले मर्द की कमी महसूस हुई.
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