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देसी सेक्सी पड़ोसन आंटी को पटाया और पेला - Hindi Sex Stories

हैलो मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम अजय है. मैं हरियाणा से हूँ. उम्र 34 साल है. वासना तो मुझमें कूट-कूट कर भरी हुई है.

आज मैं आपको अपनी पड़ोस की देसी सेक्सी आंटी स्टोरी सुनाने आया हूँ.


आंटी का नाम रोमिला है.

क्या मस्त आंटी हैं … सच में वे पूरी की पूरी कमाल की आइटम थीं.


उनके मोटे-मोटे गोरे चूचे, उठी हुई मोटी गांड.

जब वे चलती थीं, तो हर मर्द, लड़का हो या बूढ़ा … सबके लंड में आग लग जाती थी.


मैं तो दिन-रात रोमिला आंटी को चोदने के सपने देखता था और मन ही मन न जाने कितनी बार उन्हें चोद चुका था.


हमारे अंकल आंटी के मुकाबले में थोड़े हल्के ही थे.

शायद अंकल की ढीली पोली चुदाई के कारण आंटी तो शुरू से ही चालू हो गई थीं, ये बात मुझे बाद में पता चली.


जब आंटी की शादी हुई थी, तब उनका फिगर किसी हीरोइन से कम नहीं था.

बाद में वे और गदराई हुई माल होती चली गईं.


मुझे तो ऐसी ही गुदगुदी, मोटे मोटे अंगों वाली, जिसकी मस्ती से मालिश की जा सके, ऐसे बदन वाली लेडीज़ बहुत पसंद आती हैं.


कभी-कभी आंटी हमारे घर के पास भी आ जाती थीं.

मैं उन्हें देखता रहता था.


उस टाइम हमारे गांव के खेतों में बहुत कम घर हुआ करते थे.

घरों के बाहर काफी खाली जगह होती थी. हम वहां खूब क्रिकेट खेलते थे.


खेलते समय मैं आंटी को देखता रहता था, जब वे घर से बाहर आती थीं.

कसम से, मजा आ जाता था उन्हें देखकर.


फिर मैं उनके घर भी जाने लगा.

किसी बहाने से बातें करने जाता रहता था.


उस टाइम म्यूजिक की रील वाली टेप होती थी. आंटी को म्यूजिक का बहुत शौक था.

वे सुंदर तो बहुत थीं लेकिन कम पढ़ी-लिखी थीं.


कभी-कभी उनका म्यूजिक सिस्टम नहीं चलता था तो मैं जाकर चला देता था और उन्हें खुश कर देता था.


मुझे भी उन्हें चोदने की आग लगी हुई थी, कभी-कभी मैं उन्हें छू भी लेता था.

वे सब समझती थीं.


उनके घर में उनके सास-ससुर, पति, रोमिला आंटी और उनके दो छोटे बच्चे रहते थे.

सास-ससुर अलग पास में बने घर में रहते थे.

उनका घर थोड़ा पुराने टाइप का था.


एक दिन मैं शाम को उनके घर गया.

वे नहाकर आई हुई थीं.

खुले काले बाल, चूचों की लाइन साफ दिख रही थी.


मैं तो अन्दर तक हिल गया.


उनका रूम ऊपर था.

नीचे दो कमरे और आगे खुला आंगन था.


आंटी बोलीं- अजय, वह गाने नहीं चल रहे. देख तो क्या हो गया है?


फिर वे और मैं सीढ़ियों से ऊपर जाने लगे.

आगे रोमिला आंटी चल रही थीं.


मैं तो उनकी गांड देखता ही रह गया.

मेरा लंड लोअर में तन्ना हुआ जा रहा था.

क्या मस्त कसा हुआ बदन था उनका!


रूम में जाकर उन्होंने अपनी चुन्नी उतार कर बेड पर रख दी.

फिर वे मेरे साथ खड़ी होकर देखने लगीं कि मैं कैसे ठीक करता हूँ.


कैसेट की रील थोड़ी उलझ गई थी.

मैंने उसे सही करके सिस्टम में चला दिया.

आंटी बहुत खुश हो गईं.


उनका फर्श कच्चा था.

ऊपर जो उनका रूम था, छोटा-सा रूम था. एक बेड, एक आईना और दीवार में से निकाली हुई दो शेल्फ थीं.

उन्हीं पर सिस्टम रखा हुआ था.


अचानक एक काफी मोटा चूहा पता नहीं कहां से आ गया और रूम में दाखिल हुआ.

जैसे ही वह आंटी की तरफ बढ़ा और उनके पैरों पर कूदा, आंटी जोर से उछल पड़ीं ‘आह्ह्ह्ह.’


क्या नजारा था भाई लोग!

वे एकदम से उछल कर मुझसे चिपक सी गईं.


मैंने भी उनके हिप्स को कमर पर जोर से पकड़ लिया और दोनों हाथ उनकी कमर पर डालकर उन्हें सीने से लगा लिया.


कसम से, मैं बता नहीं सकता कि मुझे उस पल कितना मजा आया था, उनके चूचे मेरी छाती से दब गए.


आंटी बोलीं- अजय, मूसा …

(चूहे को मूसा भी कहते हैं)


आंटी तो सब भूलकर मुझसे लिपट गई थीं.

उन्हें क्या पता मेरी क्या हालत थी उन्हें मेरे कड़े लंड का अहसास हो गया था क्योंकि लोअर में से मेरा लंड उनके पेट के नीचे, चूत के पास लग रहा था.


फिर वह चूहा बाहर भाग गया.

आंटी थोड़ी शांत हुईं.


मैं अभी भी उन्हें दबोचे हुए था.

तब आंटी बोलीं- बहुत मजे ले लिए अजय, अब तो छोड़ दो!


मैं डर गया और उनसे अलग हो गया.

मेरा चेहरा लाल हो गया था.

आंटी को भी अब वासना का अहसास होने लगा था.


जब वे बेड के पास जाकर चुन्नी उठाने लगीं, तब उनका शर्ट ऊपर हो गया और उनकी गोरी गांड दिखने लगी.

जी तो किया कि अभी वहीं चूम लूँ, चाट लूँ … लेकिन गांड में दम नहीं था.


फिर आंटी ने खुद को सही किया.


मैंने हिम्मत करके कहा- आंटी, एक बात कहूँ?

आंटी बोलीं- हां, बोल तो!


मैंने कहा- आंटी, आप बहुत सुंदर हो!

आंटी मुस्कुराने लगीं.


फिर उन्होंने कहा- अब घर जाओ, लेट हो रहा है.


मुझे लगा कि उन्होंने मेरी नियत जान ली थी.

जबकि उनके घर में सिर्फ हम दोनों ही थे.


मैंने हिम्मत करके कहा- आंटी, बस एक बार एक पप्पी दे दो.

तो वे गुस्सा हो गईं और मुझे वहां से जाने को कहा.


वे बोलीं- अजय, तुम चले जाओ, नहीं तो तुम्हारी मम्मी को बता दूँगी!

मैंने कहा- अच्छा जाता हूँ, पर किसी को बताना मत!


मैं वहां से आ गया.


फिर मैं काफी दिनों तक आंटी के घर नहीं गया.

बस खेलते हुए जब वे घर से बाहर आतीं, तभी देखता था.


वे तो ऐसे ही चूचे-गांड उछालती रहती थीं.

मैं अब उन्हें एक मर्द की नजर से देखने लगा था. रोज रात में लंड हिलाता था … रोमिला के नाम से.


फिर एक शाम रोमिला आंटी हमारे घर आईं.

मुझे उस दिन की याद आ गई, थोड़ा डर भी लगा.


आंटी मेरी मम्मी से बातें करती रहीं.

मैं भी पास में था.


जाते-जाते वे मम्मी से बोलीं- अजय की शादी करवा दो.

मम्मी बोलीं- अभी तो ये छोटा है, अभी कहां शादी होगी?


फिर आंटी स्माइल देकर, गांड हिलाती हुई चली गईं.


अब शाम को खेलते हुए जब भी आंटी घर से बाहर आतीं तो मैं उन्हें सेक्सी इशारे देने लगा था.

बड़ा मजा आता था मुझे खुद पर गर्व महसूस होता था कि जिसकी सब लेना चाहते हैं, क्या पता मैं ही पटा लूँ.


एक शाम को मैं आंटी के घर के बाहर ही अंकल से बातें कर रहा था.

तभी कुछ देर बाद आंटी आईं.


कसम से, क्या मोटे दूध हिल रहे थे.

फिर वे हमें देखकर अन्दर चली गईं.


जब अंकल जाने लगे तो मैं भी उनके साथ घर के अन्दर आ गया.


मैंने घर में देखा कि आंटी चारपाई पर लेटी हुई हैं, उनके बच्चे पास वाले बेड पर हैं और टीवी देख रहे हैं.


मैं अंकल के पीछे-पीछे चल रहा था.

जैसे ही अंकल थोड़ा आगे बढ़े, पता नहीं मुझमें कहां से हिम्मत आई कि मैंने आंटी के पास से गुजरते हुए उनकी कोहनी से थोड़ा ऊपर हाथ लगा दिया और आगे जाकर बैठ गया.


जैसे ही मैंने उन्हें छुआ और आंटी को देखा, तो वे अंकल की तरफ देखने लगी थीं.

उन्होंने मेरी तरफ नहीं देखा.


उनकी इसी बात से मुझे थोड़ा यकीन हो गया था कि बात बन सकती है.


जब अंकल दूसरे कमरे में चले गए तो मैं आंटी के पास, बच्चों वाले बेड पर बैठ गया.

आंटी मुझे गुस्से से देख रही थीं.

उस दिन आंटी ने मस्त सूट-सलवार पहना हुआ था.


कुछ मिनट बाद अंकल वापस आ गए और आंटी से खाना देने को बोले.

आंटी रसोई में जाकर खाना लगाने लगी थीं और मैं, ब.च्चे व अंकल टीवी देखने लगे.


आंटी खाना लाईं तो अंकल को बेड पर थाली दे दी.

फिर मुझे देखती हुई आंटी अपनी गांड हिलाती हुई रसोई में चली गईं.


थोड़ी देर बाद अंकल ने आवाज दी- रोटी लाना!

इस बार मैं बोल उठा- अंकल, मैं लाता हूँ.


मैं भागकर रसोई में चला गया और आंटी से बिल्कुल सटकर खड़ा हो गया.

मैंने आंटी के हिप्स पर हाथ रख दिया.


आंटी अंकल के लिए रोटी में घी लगा रही थीं, तो वह मेरे लंड पर अपनी गांड की रगड़ लगाने लगीं.

फिर वे खुद ही रोटी लेकर अंकल को देने चली गईं.


आंटी रोटी देकर वहीं बैठ गईं.

मैंने उन्हें आने का इशारा किया कि एक बार अन्दर आ जाओ.


पर आंटी वहीं बैठी रहीं और अंकल से बातें करती रहीं.

जब मुझे आंटी की तरफ से कोई खास भाव नहीं मिला.

तो मैं भी घर चला आया.


उस टाइम सीडी प्लेयर होते थे.

मैं स्कूल के दोस्त से मूवी लाकर देखता था.


एक दिन अंकल ने भी कहा कि कुछ दिनों के लिए प्लेयर दे दूँ!

तो मैंने उनके घर जाकर टीवी से प्लेयर जोड़ कर लगा दिया और मूवी देखने लगा.


यह देख कर आंटी मुझे काफी इंप्रेस हो गई थीं.

थोड़ी कम पढ़ी होने की वजह से उन्हें इन चीजों का ज्यादा पता नहीं था.


इस बात का मुझे फायदा मिला.


एक शाम को मैं और आंटी के बच्चे उनके घर टीवी देख रहे थे.

तभी अंकल आ गए.


उनके साथ एक टेंपो आया था, उन्हें उस टेंपो के साथ जाना था.

अंकल ने आंटी से कहा- मैं टेंपो के साथ बाहर जा रहा हूँ, इधर बच्चों को देखना.

यह कह कर वे 2-3 दिनों के लिए चले गए.


उनके जाने के बाद हम सब मूवी देखने लगे.

मूवी देखते-देखते रात हो गई थी.


आंटी भी पूरा मज़ा ले रही थीं, एंजॉय कर रही थीं.

मैं आंटी के पास बैठ गया और उनकी जांघ सहलाते हुए बोला- आंटी, मूवी कैसी लगी? आज तो आपको बड़ा मज़ा आ गया होगा!


मेरा हाथ रोककर आंटी बोलीं- ज्यादा मस्ती में मत आ अजय, अच्छा ये बता, और फिल्में भी हैं क्या तेरे पास?


मैंने कहा- सब तरह की फिल्में हैं आंटी, आप बताओ क्या देखोगी?


आंटी बोलीं- कोई अच्छी-सी ले आ घर से. आज रात को देखते हैं!


मैं समझ गया और जल्दी से घर आ गया.

कुछ हॉट-हॉट सीन वाली मूवी की सीडी ले लीं और साथ में एक सीडी पुराने सेक्सी गानों की भी ले आया.


घर में मैंने कह दिया कि आज रात अंकल के घर ही रुक जाऊंगा.

खाना खाकर मैं आंटी के घर पहुंच गया.


जैसे ही आया, देखा आंटी बेड पर लेटी हुई थीं और ब.च्चे पास वाली चारपाई पर हैं.

ब.च्चे ज़िद करने लगे- भैया, कोई अच्छी फिल्म लगाओ ना!


तो मैंने गोविंदा की कोई फिल्म लगा दी और खुद भी आंटी के पास जाकर बैठ गया.

हाथ में रिमोट लेकर आंटी मुझसे पूछती रही थीं कि ये रिमोट कैसे काम करता है?


मैं उन्हें बताने लगा था.

देसी सेक्सी आंटी के मोटे चूचे देख-देखकर मेरा दिमाग खराब हो रहा था.


फिल्म में सेक्सी गाना आया.

उसे देखकर हम दोनों ही मस्त हो गए.


आंटी को रिमोट के बारे में बताने के बहाने मैं धीरे-धीरे चादर में आ गया.


आंटी के बदन की गर्मी मुझे उत्तेजित करने लगी थी और शायद आज आंटी भी चुदने के मूड में थीं.


जैसे ही आंटी ने रिमोट हाथ में पकड़ा, मैंने अपना हाथ उनकी कमर पर रख दिया.


आंटी गर्म होने लगीं और मेरा हाथ हटा दिया.

वे बोलीं- होशियार मत बनो!


पर मैंने हिम्मत करके थोड़ा ऊपर होकर उनके गाल पर चूम लिया और बोल दिया- आई लव यू रोमिला आंटी!

आंटी शर्मा गईं.


जैसे ही मैं उनकी सलवार में हाथ डालने लगा, ब.च्चे चिल्लाए ‘भैया भैया.’


मैं एकदम से बेड से खड़ा हो गया.

आंटी हंस पड़ीं.


ब.च्चे बोले- भैया, कोई और फिल्म लगाओ ना!

तो मैंने पुराना मंदिर मूवी को लगा दिया.


आंटी तब तक बाहर जाकर गेट बंद कर आईं.

मैंने ब.च्चों को बेड पर लिटा दिया और चारपाई को थोड़ा पीछे करके दीवार से सटा दिया.

ब.च्चे आगे की तरफ मुँह करके लेटकर टीवी देखने लगे.


आंटी जैसे ही आईं, उन्हें समझ आ गया कि मैं ये सैटिंग क्यों कर रहा हूँ.

मैंने आंटी को चारपाई पर आने को कहा और कमरे की लाइट ऑफ कर दी.


आंटी मेरे पास ही लेट गईं. वे मेरी तरफ पैर करके लेटी थीं और टीवी देखने लगीं.

ब.च्चे भी लेटकर टीवी देख रहे थे.


मैंने आंटी के पैर सहलाने शुरू किए.

फिर उनकी सलवार को पकड़ कर खींचा.


आंटी ने खुद नाड़ा खोल दिया.

मैंने सलवार खींचकर पूरी निकाल दी.


अब मैं आंटी के पैरों से चूमता हुआ ऊपर आने लगा.

बहुत नरम, गुदगुदी काया थी आंटी की … कसम से.


उनकी मखमली जांघों पर पहुंच कर मैंने उनके मोटे चूतड़ों पर चूमना शुरू किया, मुँह में भर-भरकर चाटने लगा.


आंटी ने बड़ी-सी कच्छी पहनी हुई थी.

मैंने उसे उतारकर नीचे गिरा दिया.


आप यकीन नहीं करेंगे … मुझे इतना जोश चढ़ गया कि मैं आंटी की गांड के छेद को चाटने लगा.


आंटी ने खुद अपनी गांड और चौड़ी कर दी.

उन्हें भी असीम आनन्द मिल रहा था.


काफी देर तक गांड और जांघें चाटने के बाद मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए.

आंटी का कमीज निकाला, ब्रा खोलकर उन्हें पूरी तरह नंगी कर दिया और ऊपर लेट गया.


ब.च्चे फिल्म का मज़ा ले रहे थे, उन्हें कोई डर नहीं लग रहा था.

मैं आंटी की चूत सहलाते हुए उनके मोटे चूचे मुँह में लेकर चूसने लगा.


आंटी सिसकारती हुई गाली देने लगीं- आह्ह … मत कर कुत्ते!


मेरा लंड आंटी की गांड पर लगा हुआ था.

मैं सच में कुत्ते की तरह हिलने-डुलने लगा.

पर लंड तो गांड के पास ही लगा हुआ था.


मैं काफी देर तक आंटी के चूचों को मुँह में लेकर चूसता रहा.


फिर मैंने आंटी की पीठ चाटते हुए धीरे से उनके कान में कहा- आंटी … चूत में लंड ले लो ना … चोदने के लिए तड़प रहा हूँ!


आंटी बोलीं- मादरचोद, तू मुझे मरवा देगा अजय … रहने दे … ब.च्चों ने देख लिया तो दिक्कत हो जाएगी. ये अपने पापा को बता देंगे!


मैंने आंटी की चूत में उंगली डाल दी.

आंटी मस्त हो गईं.


फिर मैं उठकर बाहर आ गया.


पीछे-पीछे चादर लेकर आंटी भी दीवार से होते हुए बाहर आ गईं.

हम दोनों सीढ़ियों से नीचे आ गए .. अंधेरे खुले आंगन में.


मैंने आंटी को पकड़ लिया और बोला- आह्ह आंटी … चूत दे दो ना … कब से लंड खड़ा है!


आंटी बोलीं- अजय, तुम उम्र में छोटे हो और ऐसी हरकत करते हो!


मैंने कहा- सच में आंटी … आपके मोटे चूतड़ और चूचे देखकर नियत खराब हो जाती है.


मैंने कसकर आंटी के चूतड़ों पर थप्पड़ मारा.

फिर उन्हें वहीं सीढ़ियों पर घोड़ी बना दिया और पीछे से चूत में लंड पेल दिया.

आंटी मुझे अच्छे से चुदाई करवाने लगीं.


मैं उनके मोटे चूचों को दबा-दबाकर जोर-जोर से चोदता रहा.

चाची को चोद कर बहुत मज़ा आ रहा था.


करीब आधा घंटा चोदने के बाद मैंने लंड का गाढ़ा रस आंटी की चूत में छोड़ दिया.

आंटी बोलीं- बस हो गया … अब खुश!


नीचे भी दो कमरे थे, जहां अंधेरा था.

मैं आंटी को वहां ले गया,चूचे मुँह में लेकर, हिप्स, कमर, गांड सहलाते हुए फिर चूचे चूसने लगा.


‘आह्ह आंटी … सच में आप क़यामत हो!’


मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.

आंटी ने उसे पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया.

मैंने पूछ लिया- आंटी, सच बताओ … आप कितनों से चुदाई कर चुकी हो?


आंटी ने सब बता दिया- शादी से पहले गांव में ही मेरे बहुत आशिक बन गए थे … मुझे कई लोगों ने पेला था. इसीलिए स्कूल भी बंद कर दिया गया और जल्दी-जल्दी मेरी शादी कर दी गई.


आंटी के दहेज में लाया हुआ सोफा था.

मैं आंटी को लेकर उस पर लेट गया.

‘आंटी, सच में तभी तो आपके चूचे-गांड इतने मस्त हैं!’


आंटी बोलीं- तेरे अंकल में इतना दम नहीं है जो मेरे जैसी औरत को ठीक से चोद सके.


मैंने कहा- हां आंटी, सही कह रही हो … अंकल तो आपके आगे ब.च्चे जैसे हैं!


यही सब बातें करते-करते मेरा लंड फिर तैयार हो गया.

मैंने आंटी को एक बार और सोफे पर लिटा लिया और घुप्प अंधेरे में जोरदार तरीके से चोद दिया.


फिर हम दोनों नंगे ही ऊपर आ गए. ब.च्चे सो रहे थे.

अभी रात पूरी जवान थी.


आंटी और मैंने एक-एक करके ब.च्चों को उठाया और नीचे कमरे में सुला दिया.

फिर हम आंटी के रूम में आ गए.


मैंने फिल्म निकाल कर गानों की सीडी लगा दी.

वे सेक्सी-सेक्सी, अधनंगे गाने थे.


आवाज कम करके उन्हें देखते हुए आंटी और मैं खूब मस्ती करने लगे.

मैंने आंटी के बदन का एक-एक हिस्सा चाट डाला.


फिर तीसरी बार आंटी की चूत बजा दी. आंटी मेरे लंड की दीवानी हो गईं.


घर के पीछे की साइड में आंटी की भैंस बंधी होती थीं.

सुबह जब आंटी 4 बजे उठ गईं, तो मैं भी उठ गया. मैंने उन्हें कपड़े नहीं पहनने दिए.

जब आंटी पशुओं का चारा करने लगीं, तो मैंने उन्हें वहीं पकड़ लिया.


आंटी बोलीं- तेरा जी नहीं भरा क्या? अच्छा पागल है … अब काम करने दे!


पर मैं कहां मानने वाला था.

मैंने वहीं पेल दिया.


जब आंटी तूड़ा लेने गईं, कसम से बता नहीं सकता, कितना मजा आ रहा था.

आंटी की टोकरी नीचे गिर गई और मैंने उन्हें कोने में लेकर जोरदार चोद दिया.


लंड का रस उनकी गांड पर निकाल दिया. फिर जल्दी से सारा काम भी करवा दिया.


सुबह होने लगी.

जब हम ऊपर कमरे में थे, तो लाइट ऑन करके देखा कि आंटी के चूचों पर दांतों के निशान थे, जो मेरी मस्ती के गवाह थे.


फिर आंटी नहाने चली गईं.

मैं थोड़ा सो गया.


एक बार सोने पर तो दिन में ही आंख खुली.


मैंने उठकर कपड़े पहने और बाहर आया.

आंटी और ब.च्चे कहीं नहीं थे.


जब मैं घर से बाहर निकला तो देखा आंटी अपनी सास के पास हैं.

मैं वहां चला गया.

बातें होने लगीं.


आंटी बोलीं- लगता है अजय ने काफी फिल्म देख लीं, जो इतनी देर तक सो लिए!


मैंने मुस्कुरा कर कहा- आंटी, फिल्म तो आज रात भी देखूँगा … और कल से तो और ज्यादा मजेदार फिल्म होगी!


आंटी की आंखों में शरारत और शैतानी चमकने लगी.


मैं जल्दी से घर गया, नहाया, तैयार हुआ और दोस्त के पास जाकर एक पूरी नंगी फिल्म की सीडी ले आया.

फिर रात होने का इंतज़ार किया.


रात में फिर से आंटी के घर पहुंचा. इस बार आंटी ने ब.च्चों को अपनी सास के पास भेज दिया.

हमने नंगी फिल्म लगा दी और सारी रात खुद की नंगी फिल्म बनाते रहे.

इस बार तो मैंने आंटी की गांड भी मार ली.


मैं नीचे लेटकर आंटी को ऊपर लेकर चोदने लगा था.

आंटी अपने मोटे चूचे उछालती हुई चुदाई करवा रही थीं.


उस रात मैं आंटी को कभी घोड़ी बनाकर पेलने लगता था तो कभी साइड से टांग उठा कर चोदने लगता था.

वे भी मस्ती से मेरे लंड का मजा ले रही थीं.


आंटी मुझे गाली देती हुई कह रही थीं- साला तू भी बड़ा वाला कमीना है, मैंने सोचा था कि तू मेरा कुछ नही उखाड़ पाएगा … लेकिन तूने तो मेरी मां चोद दी.

मैं हो हो करके हंस दिया.


अब तो ऐसा होने लगा है कि एक तरफ टीवी में चुदाई चल रही होती है, तो दूसरी तरफ मैं आंटी को अपनी रियल लाइफ की नंगी नायिका बनाकर चोदता हूँ.


उस रात भी आंटी और मैं सारे घर में चुदाई करते रहे.

अंधेरे में हर जगह Xxx देसी आंटी चुदाई.


दोनों कमरों में, नीचे आंगन में चाँद की रोशनी में, बाहर छत पर.

गांड में तो जीभ डालकर खूब मस्ती की.


मैं सुबह तक रोमिला आंटी से चिपका रहा.

उस रात हम सोए ही नहीं.


सुबह भैंसों को चारा करते हुए भी लिपटा रहा.


आंटी ने मेरे साथ पहली बार नंगी फिल्म देखी थी.

उनकी वासना चरम पर थी, जिसे मैं पूरा करता रहा.

आंटी मेरी दीवानी हो गईं.


आंटी का गोरा, भरा हुआ बदन मुझे पागल बना देता था.

चूत और गांड में जो मजा आता था, वह मैं कभी नहीं भूल सकता.


इसके बाद तो हम दोनों ने न जाने कितनी चुदाइयां कीं.

अंकल के होते हुए भी उनके ही घर में चोद देता था.

कभी आंटी मेरे घर आ जाती थीं.


पर एक दिन आंटी की सास को शक हो गया.

वे आंटी पर नजर रखने लग गईं.


एक शाम ब.च्चे बाहर खेल रहे थे.


मैं सीधा आंटी के घर गया.

जैसे ही पहुंचा, सास ने मुझे देख लिया और पीछे-पीछे आ गईं.


मैंने जाते ही आंटी को नंगी कर दिया और चोदने लगा.


फिर हम रसोई में आ गए.

आंटी चाय बनाने लगीं.

मैंने आंटी की टांग उठाई और पीछे से चूत में पेल दिया.


तभी आंटी की सास आईं और गेट पर आवाज देने लगीं.

हम दोनों डर गए, आंटी ने आगे होकर देखा कि सास आ रही हैं.


वे मुझसे छुपने को बोलीं.

मैं रसोई की शेल्फ के नीचे, बड़ी-सी टंकी के पीछे छुप गया.


आंटी ने जल्दी जल्दी में सलवार चढ़ाई और मम्मों पर चुन्नी लपेट ली.

कसम से, चुन्नी में उनका बदन बहुत सेक्सी लग रहा था, एकदम मंदाकिनी लग रही थीं.


सास अन्दर आईं और पूछने लगीं- रोमिला, अजय आया था? कहां है?

आंटी बोलीं- पता नहीं माँ जी.


फिर आंटी गांड हिलाती हुई सास को लेकर कमरे में चली गईं.

कुछ देर बाद सास चली गईं तब मैं रसोई से बाहर आ गया और आंटी को पकड़ कर फिर से चालू हो गया.


आंटी बोलीं- बुढ़िया को शक हो गया है, अब तू अपने इस लंड को काबू में रख!

मैंने हंसते हुए कहा- इसको काबू में रखने की मशीन तो आपके पास है!


एक बार फिर से मैंने आंटी को जोरदार चोद दिया और घर आ गया.


इसके बाद से मैंने आंटी को काफी बार पेला है.

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