दोस्त की पत्नी ने न्योता दिया - Antarvasna Sex Stories
- Kavish Rathore
- Feb 21
- 5 min read
नमस्कार पाठको। यह वास्तविक कहानी मेरी और मेरे दोस्त कपिल की पत्नी खुशबू की है।
मेरा नाम कविश राठौर है। मैं उदयपुर शहर का रहने वाला हु। मेरी उमर 38 वर्ष , कद 5’10″ और हष्टपुष्ट शरीर हैं।
गत माह मेरे दोस्त कपिल अपनी फैमिली के साथ उदयपुर गुमने का प्रोग्राम बना रहा था। अहमदाबाद से कपिल ने मुझे फोन किया तो मेने उसे अपने ही निवास पर रुकने का न्योता दे दिया।
कपिल, खुशबू भाभी और उसका 5 साल का बच्चा निर्भीक 4 अप्रैल को हमारे यह आ गये। उस समय मेरी बीवी बच्चे भी बाहर गए हुए थे।
जब मेने खुशबू भाभी को देखा तो उन्होंने क्रॉप टॉप और जींस पहनी हुई थी। एकागी में उनको देखता ही रह गया। 35 की उम्र, 5’6″ का कद, 34-31-32 के लगभग फिगर, गहरी नाभी और हाई हील के सैंडल में वह कयामत लग रही थी।
उन्हें देख कर मेरे मन में अजीब सी हलचल होने लगी।मेने उनके रहने की व्यवस्था हमारे ऊपर वाले फ्लैट में कर दी। फिर वे उन्हें दिन भर उदयपुर भ्रमण करवाया। शाम का भोजन मेरे यही निर्धारित था। हम लगभग 7 बजे तक आगये।
निर्भीक थक गया था सो जल्दी खाना खा के से गया। फिर हम तीनो ने डिनर से पूर्व ड्रिंक्स का प्रोग्राम बनाया। कपिल और मैं स्कॉच ले रहे थे और खुशबू भाभी के लिए मेने वोदका मोजितो बनाई जो इन्हे बेहद पसंद आई।
ड्रिंक का दौर 3 घंटे चला जिसमे कपिल के 8 पैग हो चुके थे और वो लगभग बेसुध हो गया था और वही सोफे पर सो गया। खुशबू भाभी और में अभी भी पैग ले रहे थे। खुशबू भाभी सुरूर में थी उन्होंने अब तक 4 पैग ले लिया थे। मेने खुशबू भाभी से पूछा ” भाभी एक बात कहें। आप 5 साल के बच्चे की मां है परंतु आप लगती नही।
अपनी फिटनेस को काफी बना कर रखा हुआ है।”यह सुनकर उन्होंने मुझे धन्यवाद किया और थोड़ा शरमा गई। बोली” बस भैया थोड़ा वर्कआउट और खानपान का ध्यान रखती हु”।
फिर बाते करते करते हमें 11 बज गई थी। सुरूर बढ़ चुका था। में भी थोड़ा खुल गया था बातों में।मेने पूछा “भाभी आप अहमदाबाद में ट्रेडिशनल कपड़े नही पहनते जैसे साड़ी”।वो बोली “पहनते है भैया कोई उत्सव या फंक्शन होता है तो”।
फिर मेने कहा “भाभी मैने आपको कभी साड़ी में नहीं देखा, क्या आप पहन के बताएंगी”।
भाभी हंसने लगी” और बोली” अरे भैया घुमने जाने पर कोन साड़ी लेके आता है”।मैं बोला ” अरे भाभी मेरी वाइफ तारिका की साड़ी ही न वो ट्राई कर लो”।
वो बोली” ok कल पहनूंगी”।मेने कहा ” भाभी कल नही अभी”।
वो आनाकानी करने लगे फिर मेरे बार बार निवेदन करने पर मान गई। मैं अपने कमरे में जा कर तारिका की वार्डरोब से हल्के पिंक रंग की साड़ी और उसके मैचिंग पेटीकोट ब्लाउज ले आया। भाभी वो लेकर ड्रेस रूम में चली गई जो हमारे बेडरूम में था।
थोड़ी देर में वो अच्छे से साड़ी पहनकर व हल्का मेकअप करके, काजल लगाया और पिंक शेड की लिपस्टिक, और बाल खुले करके बाहर आई। मेरी आंखे खुली की खुली रह गई। पिंक साड़ी में ऑफ व्हाइट ब्लाउज पेटीकोट कयामत ढा रही थी।
मैं बोला “भाभी यू आर ब्यूटीफुल एंड सुपर हॉट। आप तो बहुत अच्छे से तैयार हुई हैं।”
वो बोली “साड़ी में सुंदरता श्रृंगार से ही बढ़ती है.”में बस उनकी आखों में देखे जा रहा था और ऊपर से नीचे तक उनको निहार रहा था।
फिर पास गया और भाभी को एक टाइट हग किया। जिससे भाभी के मुंह से सिसकारी निकल गई। और मेने उनके गालों को चूमा उम्महाआ।
भाभी ने मुझे दूर किया “नही भैया यह गलत है, कपिल ने देख लिया तो अनर्थ हो जाएगा.” मैने उनका हाथ पकड़कर अपनी और खींचा “भाभी आग दोनो तरफ है। अब कपिल सुबह ही उठेगा”। ऐसा बोलकर मेने अपने होठ खुशबू भाभी के होठ से मिला लिए और एक गहरा चुम्बन उनके होठों पे लिया।
उनके जीव से जीव मिलकर उनके होठों का रसपान करीब 5 मिनट तक किया और अपने हल्के हाथी से उनका गदराया पेट सहला रहा था। भाभी मदहोश हो चुकी थी।
फिर भाभी को बाहों में उठाया और अपने बेडरूम में लेजाकर बेड पे लिटा दिया और दरवाजा लॉक कर दिया।
फिर भाभी को अपने से लिपटकर उन्हे पागलों को तरह चूमने लगा, गाल, होठ, सर। जैसे ही गले मे उन्हे काटा वो सिहर गई ” भैया पागल कर दोगे आप मुझे”। मेने उनके पल्लू को हटाकर उनके ब्लाउज के उपर लव बाइट्स दिए जिससे वो और कामुक हो गई।
उन्हे बिस्तर पे लिटाकर उनके पेट, नाभी को रगड़ा, नाभी को अपनी जिह्वा से करीब 2 मिनट तक चाटा। वो अब एक मछली की तरह छटपटा रही थी और उसकी सांसे और धड़कने तेज हो गई थी। फिर उपर आकर मेने भाभी के ब्लाउज के हुक खोले और उसे अलग कर दिया।उफ्फ काली ब्रा में भाभी कहर ढा रही थी।
मेने सीने के उपर चूस चूस के लाल कर दिया। भाभी को उल्टा लिटाया और उनकी ब्रा के हुक खोल की उनकी नग्न गोरी चिकनी पीठ को चूमने लगा। भाभी आआअह सस्सस्स करके सिसकारियां ले रही थी।अपनी जिह्वा से उनके कानो को चूसा। तब वो आनंद से चिल्लाने लगी।। उफ्फ भैयाआआ।।
फिर पीछे से हाथ डालकर मेने उनके स्तन पकड़ लिए। उफ्फ 34 के स्तन और उनकी गोलाई किसी भी मर्द को उत्तेजित कर सकती है। उन्हे सीधा कर उनके स्तनों का रसपान किया।भाभी बोली “उफ्फ भैया, चूसो इन्हे। आज मैं आपकी हु।
मेरा तन आपका है।” और मैं मस्त होकर भाभी के रसीले आम चूस रहा था, और वो असीम आनंद में थी। फिर में भाभी के पैरो में गया और भा ही के पैरो की उंगलियां चूसने लगा।भाभी बोली “पिछले 7 साल से किसी ने इतना प्यार नही किया।
आपके भैया तो बस सेक्स में इंटरेस्टेड रहते हैं। आपका फोरप्ले सच में पागल कर देने वाला है।”फिर मेने धीरे धीरे भाभी का पेटीकोट घुटनो तक लिया। उफ्फ वैक्स की हुई भरी भरी टांगे। मैं उन्हे चूमने लगा चाटने लगा और खूब सहलाया। फिर मेने भाभी का पेटीकोट का नाड़ा खींच कर खोला उर उसे उनके बदन से अलग कर दिया।
उफ्फ खुशबू भाभी अब केवल एक काली कच्छी में थी जो उपर गीली हो गई थी। उसमे कामरस की भीनी भीनी खुशबू आ रही थीं। में उनकी जांघो को चूम रहा था चाट रहा था और कच्छी के किनारे तक अपनी जीव रगड़ रहा था। भाभी पूर्ण रूप से मुझे समर्पण कर चुकी थी।मेने उनकी कच्छी को उतार दिया। उफ्फ उस योवना के नग्न दर्शन असीम आनंद देने वाले थे।
साक्षात रति लग रही थी भाभी। मैने अपनी जिह्वा उनकी चिकनी योनि में लगा देर और उसे 5 मिनट तक चाटा। इससे वो और कामुक हो गई थी। अचानक वह उठी और मुझे लेटा दिया।मेरे उपर सवारी करने लगी और मेरी छाती को चाटने लगी और निप्पल चूसने लगी।
बोली ” भैया आई लव यू” म्वाह मवाह। और उसने अपनी योनि को मेरे लिंग से सटा कर एक ही झटके में अंदर ले लिया। और मेरे उपर उछल उछल कर संभोग क्रीड़ा का आनंद लेने लगी।
5 मिनट के बाद वो खुद डोगी स्टाइल में आ गई। मेने बिना पल गवाएं पीछे से योनि में अपना लिंग डाल दिया और भाभी के बाल पकड़कर झटके देने लगा। इस दौरान उसके 32 के नितंब उछल।रहे थे जो आग को और भड़का रहे थे।
तकरीबन 15 मिनट ये अद्भुत कार्यकर्म चला। फिर मेने भाभी को।लेटा दिया और उनके पैर अपने कंधो पर ले लिए। और उनकी योनि में हलचल कर दी। फिर मेने भाभी को अपने बाहों से कवर कर दिया और चूम चूम कर उनकी योनि का भेदन करने लगा।
10 मिनट बाद भाभी अकड़ने लगी और एक तेज धार के साथ उनको योनि ने कामरस की धार छोड़ दी।उसके बाद मैने पूछा ” भाभी मेरा रस कहा निकालू.”भाभी बोली” आज आपने मुझे असली आनंद दिया हैं, आपको भी आनंद पूरा मिलना चाहिए, आप रस मेरी योनि में ही निकाले.”
यह सुनते ही मेने स्पीड बढ़ा दी और थोड़ी देर में एक गरम धार भाभी की योनि में छोड़ दीजिए भाभी सस्सास करके अपने अंदर लेली। फिर हम सुबह 4 बजे तक ऐसे ही नग्न एक दूसरे से लिपटे हुए रहे।
फिर भाभी चेंज करके अपने रूम में चली गईl
दोस्तो, लेडीज आपको यह Antarvasna Sex Stories कैसी लगी जरूर बताइएगा rathorekavish1999@gmail.com

Ahmedabad se koi he