top of page

नहाई हुई भाभी की रसीली चूत में प्यासा लण्ड - Indian Sex Stories

Indian Sex Stories में पढ़ें कैसे एक चुदासी भाभी अपने देवर के प्यासे लण्ड को अपनी चूत के पानी से तृप्त करती है और हमेशा के लिए अपने लिए एक मजबूत और बड़े लण्ड का जुगाड़ कर लेती है।


हैलो दोस्तो मैं ओजस अलीगढ़ से एक बार फिर हाज़िर हूँ अपनी एक नई चुदाई की कहानी के साथ जिसमें मेरी भाभी ने मेरा लण्ड सहला के अपनी चूत चटवाई और दवा के चुदवाई।


दोस्तो बात बीती सर्दियों की है जब सर्दियों की छुट्टियों में घर में मेरी बहन और उसके बच्चे छुट्टियां मनाने आये हुए थे। वैसे तो घर में मैं मेरी भाभी मम्मी पापा ही रहते हैं क्योंकि भाई फौज में है तो वो कभी कभी ही घर आता है।


आपको अपनी भाभी के बारे में बता दूं वो 29 साल की 5.5 फुट लंबी कसे हुए गोरे बदन वाली महिला हैं। उनका फिगर 34-28-36 है। ऐसा लगता है जैसे स्वर्ग से कोई अप्सरा उतर के आयी हो।


दोस्तो, हमारे घर में 2 बाथरूम हैं एक आंगन में और एक गेस्ट रूम में।


हुआ यूं कि बहन और उसके बच्चों के घर आने से मैं बाहर गेस्ट रूम में सोता था ताकि कोई डिस्टर्ब न करे। उस दिन अंदर वाले बाथरूम में बहन नहा रही थी तो भाभी अंदर गेस्ट रूम वाले बाथरूम में नहाने आ गयीं।


मैंने कभी भी अपनी भाभी के बारे में गलत नही सोचा था। उस दिन भी मैं कम्बल में लेटा हुआ था। पर भाभी को लगा कि मैं सो रहा हूँ। भाभी चुपचाप आयी और बाथरूम में नहाने चली गयीं। लेकिन भाभी कपड़े बाहर रखे सोफे पर ही रखकर छोड़ गयीं।


मैं चुपचाप कम्बल में पड़े हुए ये देख रहा था। थोड़ी देर बाद भाभी बाथरूम से बाहर निकली तो मेरी तो आंखें खुली की खुली रह गयी। भाभी ने तौलिया अपने सर पे लपेट रखा था। और नीचे कुछ भी नहीं पहना था न पैंटी न ब्रा बिल्कुल नंगी।


भाभी के सफेद रंग के बूब्स पर गुलाबी निप्पल बड़े मादक लग रहे थे। भाभी ने तभी मेरे पास आकर देखा कि कहीं मैं जाग तो नहीं रहा। मैंने भी फटाफट आँखें बंद कर ली और सोने का नाटक करने लगा। भाभी को यकीन हो गया कि मैं सो रहा हूँ।


भाभी तब थोड़ा सा दूर हुई और वापस वही खड़े होके तौलिया खोली और उससे बाल सुखाने लगीं। फिर उसके बाद भाभी ने अपनी गर्दन सुखाते हुए बूब्स को भी तौलिया से सुखाया और पेट को पोंछते हुए भाभी ने अपनी चूत को तौलिया से रगड़ के सुखाया।


भाभी की चूत पे एक भी बाल नहीं था। भाभी ने उसी दिन झाँटें साफ की थी। भाभी की गोरी चूत ऐसे चमक रही थी जैसे हीरा चमकता है। तभी भाभी ने मेरी तरफ अपनी पीठ कर ली । मैंने पहली बार ऐसी गोरी गांड अपने सामने देखी। भाभी गर्दन से लेके पैर तक अंडे जैसी सफेद रंग की बहुत सुंदर लग रही थीं। फिर भाभी ने तौलिया पीछे लेके अपनी पीठ पोंछी और गांड भी उसी से रगड़ के साफ की।


फिर भाभी झुकीं और अपने पैर तौलिया से पोंछने लगीं। भाभी जब झुकी तो उनकी चूत और गांड दोनों मेरे सामने थी। ऐसा नजारा मेरे सामने था कि मेरा 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लण्ड उफान मारने लगा। मैं कच्छा बनियान में सोया हुआ था।


फिर भाभी ने तौलिया बराबर में रखे सोफे पर फेंक दी और अपनी गुलाबी रंग की पैंटी को पहन लिया। फिर भाभी ने ब्रा उठायी और पहनी। लेकिन जब भाभी ब्रा का हुक लगाने लगीं तो वो इस तरह से मुड़ा हुआ था कि उनसे लगा ही नहीं। वो पीछे दोनों हाथ करके उसे लगाने की नाकाम कोशिश करने लगीं।


इसी बीच भाभी की निगाह मेरी खुली आँखों पर पड़ी। और वो तेजी से मेरी तरफ आयीं और मेरी आँखों में देखने लगीं। मैंने भी आँखें बन्द कर लीं। लेकिन भाभी को यकीन हो गया था कि मैं जागा हुआ हूँ और उनके हुस्न का दीदार कर चुका हूँ।


भाभी मेरे पास बैठ गयी और उन्होंने अपना हाथ कम्बल में होते हुए सीधे मेरे लण्ड पर डाला और मेरा खड़ा लण्ड हाथ में लेके मेरे करीब आके बोलीं लाला सोये हुए आदमी का हथियार खड़ा नही होता देवर जी। अब नाटक मत करो आँखें खोलो और मेरी मदद करो, देखो ये ब्रा का हुक नहीं लग रहा इसे लगाओ।


मैंने आँखें खोलीं और भाभी को अपने ऊपर खींच लिया और उनके होठों को कसके अपने होठों में जकड़ लिया। भाभी को बहुत दिनों से लण्ड नहीं मिला था इसलिए भाभी भी सब भूल के मुझे कस के किस करने लगीं। भाभी और मैं एकदूसरे के होठों को ऐसे चूस रहे थे जैसे दोनो जन्मों के प्यासे हों।


मैंने भाभी की आधी खुली ब्रा को उनके शरीर से अलग किया और उनके बूब्स को जोर से दबाना शुरू किया। भाभी की सांसें बहुत तेज चलने लगीं और भाभी आआआहहह आह करके चिल्लाने लगीं। मैंने तभी भाभी को अपने नीचे लिटाया। और अपनी बनियान उतार के उनके ऊपर आ गया।


मैंने भाभी को उनके बूब्स जोर से दबाते हुए उनके सर से चाटना शुरू किया और उनकी गर्दन पे भी किस किया। भाभी जोर-जोर से सिसकारियाँ भर रही थीं। और ऐसे तड़प रही थीं जैसे मछली पानी के बिना तड़पती है। फिर मैंने भाभी के बूब्स जोर से ऐसे चूसे जैसे कपडों को निचोड़ा जाता है।


भाभी आह अह ओह ऊह आह आह कम-ऑन देवर जी बस देवर जी, ऐसी सिसकारियाँ भर रही थीं। भाभी के चूचे बहुत देर तक रगड़ने और चूसने के बाद मैं थोड़ा सा नीचे आके उनका पेट चाटने लगा, उनकी नाभि में अपनी जीभ ऐसे घुमाई की उनकी सिसकारियाँ और तेज हो गयीं। फिर मैं चाटते हुए थोड़ा और नीचे आया और जीभ और मुँह से ही उनकी पैंटी नीचे कर के उतार दी।


अब भाभी एक बार फिर पूरी तरह से मेरे सामने नंगी थीं। मैंने भाभी के पैर ऊपर उठाके हाथों से पकड़े और उनकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया। भाभी की चूत से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी। भाभी ने अपनी आँखें बंद कर लीं। और उस प्यार भरे एहसास को महसूस करने लगीं। भाभी की चूत पानी छोड़ चुकी थी।


भाभी ने जोर से मेरा मुंह उनकी चूत पर दबा लिया। मैंने भी पूरे मन से अंदर तक जीभ डालके उनकी चूत को चाटा और उनकी सससससशशशश जैसी सिसिकरियाँ निकाली। मैंने भाभी की चूत चाट-चाट के लाल कर दी और उसका पानी निकाल दिया।


तब भाभी बोलीं - देवर बहुत दिन से लण्ड नही लिया अब तू जल्दी डाल दे, और मत तड़पा। मैं भाभी के बराबर में लेट गया। तुरंत भाभी मेरे ऊपर आके मुझे चाटने लगीं और मेरे होठों को चूसने लगीं। फिर तभी भाभी ने मेरा कच्छा भी उतार दिया और मेरा लण्ड हाथ में लेके बोलीं ये तो बहुत बड़ा है यार। तेरे भइया का तो छोटा है इससे।


मैंने कहा भाभी आपकी चूत का सारा पानी पी जाएगा ये बहुत प्यासा है। भाभी बोलीं केवल चूत का पानी पियेगा ही क्यों? मैं इसे मुंह से ही तृप्त कर दूंगी। भाभी ने इतना कहा और झट से मुँह में लण्ड लेके चूसने लगीं।


भाभी लण्ड बहुत तेजी से चूस रही थीं। और उसे हिला भी रही थीं बहुत जोर-जोर से। लगभग 15 मिनट चुसाने के बाद मैंने अपना लण्ड उनके मुँह में ही झाड़ दिया। भाभी ने एक भी बूंद मेरे गाढ़े माल की बेकार नहीं जाने दी। वो सारा माल गटक गयीं। और मेरे लण्ड को भी चाट-चाट के साफ कर दिया। भाभी ने फिर से लण्ड चूसना शुरू किया और तुरंत ही खड़ा भी कर लिया।


मेरे दोनों तरफ पैर करके मेरा लण्ड अपनी चूत में लेके मेरे ऊपर बैठ गयीं। भाभी अब मेरे लण्ड को उछल-उछल के अपनी चूत में ले रही थीं। थोड़ी देर बाद मैंने उनका मुँह अपनी तरफ खींचा और उनके होठों को चूसने लगा।


भाभी ने अब उछलना बंद कर दिया तो फिर मैं नीचे से उनकी चूत में लण्ड से झटके लगाने लगा। भाभी की चूत बहुत दिनों से नहीं चुदी थी इसलिए बहुत टाइट लग रही थी। मेरा लण्ड उनकी चूत की दीवारों से रगड़ के बार-बार उनकी चूत को चीरता हुआ अंदर जा रहा था। थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद मैंने भाभी को गोद में उठाया और खड़े होकर उनकी चूत में लण्ड पेला।


भाभी की चीखें और सीत्कारों ने कमरे को भर दिया। भाभी की चूत अपने पानी से मेरे लण्ड को नहला चुकी थी। फिर मैंने भाभी को गोद से उतार के खड़ा किया और भाभी को पीछे घुमाया और वही उन्हें घोड़ी बना लिया। और उनके गोरे-गोरे बड़े-बड़े चूतड़ों पे खींच के कई थप्पड़ मारे। इतने की उनके चूतड़ एकदम लाल हो गए। भाभी को बहुत मजा आया।


भाभी की चूत से पानी निकल के उनकी जांघों तक वह रहा था। भाभी को आज बहुत दिनों बाद भरपूर चुदाई मिली थी। फिर मैंने उनके बालों को कस के पकड़ा और अपना लण्ड पीछे से उनकी चूत में पेला। भाभी बहुत तेज चिल्लाईं, बोलीं आह अरी मैया आज दम निकाल दोगे क्या? मैंने कहा नही मेरी जान आज महीनों का रुका हुआ चूत का पानी निकाल दूँगा।


फिर थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद मैंने भाभी को बेड पे लिटा लिया। और उनके ऊपर आके उनकी चूत में लण्ड पेला। मैं इतनी स्पीड से झटके लगा रहा था कि भाभी की आँखें बंद और मुँह खुला हुआ था और मुँह से शशशश करके सिसकारियाँ निकल रही थीं। मेरा लण्ड भाभी की चूत में बहुत अंदर तक जा रहा था। अंत मे जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने भाभी की चूत में ही बहुत अंदर पूरा माल झाड़ दिया। जिससे भाभी की गरम चूत कुछ ठंडी हुई।


इस पूरी चुदाई के बाद हम दोनों एकदूसरे से लिपट गए और एकदूसरे के चूतड़ लण्ड और चूत बूब्स को सहलाने लगे। भाभी आज बहुत खुश थीं। वो मुझसे बोलीं आज से हम डेली चुदाई करेंगे। तेरे भइया तो कभी कभी घर आते हैं। उससे मेरी पूरी चुदाई ना हो पाती। मैं


ने भाभी के माथे पे एक किस किया और कहा ठीक है मेरी जान। फिर भाभी उठके कपड़े पहन के घर के काम में लग गईं। दोस्तों उस दिन से आज तक मैं रोज अपनी भाभी को चोद रहा हूँ और उनको खुशी दे रहा हूँ।


दोस्तों ये थी मेरी और मेरी भाभी की पहली चुदाई की Indian Sex Stories। कमेंट करके जरूर बताएं कैसी लगी। bhardwajojas1@gmail.com

Recent Posts

See All
मेरे जेठ की जबरदस्त स्टैमिना - Antarvasna Sex Stories

मेरे पति का लंड छोटा था। मेरी जेठानी मेरे से फ्रैंक थी तो मैंने उनको अपनी सुहागरात के बारे में बताया। मेरे जेठ को पता चल गया। उन्होंने अपनी मर्दानगी का मुजे अहसास करवाया।

 
 
 
मामा की लड़की को घोड़ी बनाया :१ - Indian Sex Stories

मैं मामा के घर गया था। वहाँ जाके मुजे पता चला की मेरे मामा की लड़की को सब लड़के घोड़ी से जानते थे। क्युकी गांव के कई लड़को ने उसे घोड़ी बना ने चोदा था। मैंने भी चांस मारने को सोचा।

 
 
 

Comments


Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Desi Stories, Antarvasna, Free Sex Kahani, Kamvasna Stories 

कामवासना एक नोट फॉर प्रॉफिट, सम्पूर्ण मुफ्त और ऐड फ्री वेबसाइट है।​हमारा उद्देश्य सिर्फ़ फ्री में मनोरंजन देना और बेहतर कम्युनिटी बनाना है।  

Kamvasna is the best and only ad free website for Desi Entertainment. Our aim is to provide free entertainment and make better Kamvasna Community

bottom of page