पडोसी ने मेरी वासना की आग ठंडी की - Antarvasna Sex Stories
- Sexy Shipra
- 6 days ago
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नमस्ते दोस्तों मै शिप्रा हाजिर हूँ एक नई कहानी लेकर।
बात तब की है जब मेरी नई नई शादी हुई थी और हम लोग किरायेदार बनकर रहते थे।
मेरा जिस्म बहुत गदराया हुआ है। मेरे जिस्म को देखकर अच्छे खासे लोग भी अपना प्रण तोड़ देते हैं। मेरी उम्र 22 साल है। मेरी शादी को 1 साल पूरे हो चुके हैं।
मैं आगे बढ़ने से पहले अपने बारे में बता दूँ। मैं 5 फुट 6 इंच लम्बी हूं,गोरी हूं और एक मस्त फिगर की मालकिन हूँ।
मेरी ब्रा की साइज 38, कमर 30 की है और गांड 36 की है। मेरे कॉलेज टाइम में लड़के मुझ पर जान देते थे। पर मैंने शादी के बाद ही पहली बार अपने पति के साथ सेक्स किया था। पर मेरे पति मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते थे और मैं वासना की आग में जलती रहती।
मुझे ब्लू फिल्म देखने का काफी शौक है। हम लोग शहर में एक किराये के मकान में रहते हैं। यहां मैं और मेरे पति ही रहते हैं।मेरे पति एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। अपने काम के कारण उनको ज्यादातर बाहर आना जाना लगा रहता है।
जिनके यहां हम लोग किराये से रहते हैं,उनके यहां चार लोग रहते हैं। मकान मालिक, उनकी पत्नी । हम लोग घर के ऊपर रूम में रहते हैं और नीचे मकान मालिक लोग रहते हैं। घर पर मैं हमेशा साड़ी ही पहनती हूं। पर कभी कभी गाउन भी पहन लेती हूं। मेरे स्तन काफी बड़े हैं, इसलिए ब्लाउज से मम्मों के बीच की लकीर साफ़ साफ़ दिखाई दिया करती है।
जब भी मैं बाहर जाती हूं, तो लोगों की नज़र मेरे दूध और गोरी कमर पर ही टिकी रहती है। मैं अक्सर अपने मकान मालिक के यहां उनकी बीवी से मिलने बातचीत करने जाती रहती हूं। उनकी उम्र 40 साल की है, फिर भी हम दोनों में काफी जमती है। उनके पति 45 साल के हैं।
वो हमेशा मुझे हवस भरी निगाह से देखा करते थे और मेरे मम्मो और कमर पर तो उनकी नजरे टिकी ही रहती थी। मै जानती थी मेरे उठते बैठते वो मेरे मम्मो को देखने की कोशिश करते रहते है, मै भी कभी कभार उन्हे अपने मम्मो का दर्शन करा देती,उनकी ललचाई नजर देखकर मुझे बहुत मजा आता। वो मुझसे बात करने का कोई न कोई बहाना निकालते रहते थे।
मुझे भी उनसे बात करने में कोई हिचक नहीं होती थी। इसका एक कारण ये भी था कि मैं भी अपनी सेक्स लाइफ से उतनी खुश नहीं थी … क्योंकि पति हमेशा बाहर रहते थे … और सेक्स में भी उनका ज्यादा इंट्रेस्ट नहीं था।
कभी कभी ही हम लोग सेक्स करते थे। उनका लंड भी साधारण ही था,मुझे चुदने में मज़ा नहीं आता था।एकदिन दोपहर मे मै घर पर अकेली थी कि तभी डोरबैल बजी,मैने दरवाजा खोला तो देखा सिराज खङे है।
मैने उन्हे अंदर आने को कहा।वो सोफे पर बैठ गए तो मै बोली"ये तो बाहर गये है"।
वो बोले"मै तुमसे कुछ मागने आया हूँ"।
मै हसकर बोली"मुझसे क्या चाहिए मै आपको क्या दे सकती हूँ"।
उन्होने मेरा हाथ पकड लिया और बोले"मुझे तुम चाहिए शिप्रा"।
मै डर गई और हाथ छुड़ाने की कोशिश करने लगी पर उन्होने ताकत से हाथ पकङा था। उन्होने मुझे जकड़ लिया और बोले"मै तुमसे प्यार करने लगा हूँ"।
मै बोली"प्लीज छोङ दो नही तो चिल्लाउगी"।वो बोले"सब दोपहर मे सो रहे है और किसी को कुछ सुनाई नही देगा"।
उन्होंने मुझे सोफे पर पटका और मेरे ऊपर चढ़ गये।
मै बचाऔ बचाओओओओओओओ चिल्लाने लगी।
उन्होने मेरा गाऊन उपर किया गर्मी मे मैने पैंटी नही पहनी थी,वो मेरी चूत तेजी से सहलाने लगे।
वो बोले"वाह शिप्रा तुमने तो अंदर कुछ नही पहना है,क्या मस्त चिकनी चूत है"।
मेरी हालत और खराब हो गई,एक तरफ वो मेरे साथ गलत काम कर रहे थे और दूसरी तरफ उनके चूत सहलाने से मुझे थोङा अच्छा लगने लगा क्योकि वैसे ही मै वासना की भूखी थी।
मेरे पति मुझे कभी संतुष्ट नही कर पाते थे। उन्होने अपनी ऊंगली मेरी चूत मे घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगे।
मेरा विरोध कम होने लगा और मै सिसयाकर बोली"आह नही आह हहह मत परेशान करो,छोङ दो न इससस अहहह सीईई".
वो गाऊन के ऊपर से मेरे बङे बङे मम्मो को मसलने लगे और बोला "शिप्रा कुछ नही होगा,किसी को पता नही चलेगा"।
उनके दोनो हाथो ने मेरे मम्मो और चूत पर कब्जा कर लिया और मेरी इज्जत उनके हाथो मे खेलने लगी।
उन्होने मेरा गाउन फाड़ दिया मै पूरी नंगी हो गई।वो मेरे उपर चढ़कर मेरे मम्मो को दोनो हाथो से मसलने लगे।मैं हाथ जोड़कर बोली"प्लीज मुझे बरबाद मत करो"।
वो अपने कपड़े उतारने लगे और बोले"शिप्रा कुछ नहीं होगा किसी को कुछ पता नहीं चलेगा,मेरी बीवी और तेरा पति बाहर हैं"।
उन्होंने अपनी शर्ट उतारी और मेरे उपर चढ़ गये। मैं उनको रोकने की कोशिश कर रहीं थीं पर वो मेरे होठों को चूमते हुए मेरे बदन को सहलाने लगे और मम्मो को दबाते हुए बोले" वाह शिप्रा क्या बात है क्या चिकना बदन है,क्या थन है मज़ा आ गया"।
उनके हाथ मेरी चूत पर रूक गये और वो मेरी चूत में ऊँगली डालकर तेज़ी से हिलाने लगे। उन्होंने मेरे मम्मो को चूमना चूसना शुरू कर दिया। कुछ देर में मैं गरम हो गईं और सिसयाने लगी आहह इससस अहहह नही नहीं मत करो इससस अहहह।
वे अपनी दोनों ऊगलियो से मेरी चूत चोदने लगे और मेरा विरोध कम हो गया और मैंने उनके सामने समर्पण कर दिया। उन्होंने एक हाथ से मेरी चूत सहलाने लगे और दूसरे हाथ से मेरे मम्मो को दबाना शुरू कर दिया,बेडरूममे मेरी सिसकारी गूंज गई इससस अहहह सीईई अओह मत परेशान करो"।
मेरी आँखे बंद हो गई और मैं मस्ती में आकर अपनी गांड उचकाने लगी।वो पुराने खिलाड़ी थे तुरंत समझ गये कि मैं चुदने के लिए तैयार हूँ।
वे उठे और मुझे अपनी बाहो मे उठाकर बेडरूम मे ले आये।मुझे बिस्तर पर लिटाकर उन्होने अपने कपङे उतारकर नंगे हो गये। वो मुझसे लिपट गये और उनके जिस्म की गर्मी पा कर अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था। मैं भी उनसे लिपट गई।
हम दोनों का आलिंगन पूरे शवाब में आ चुका था। एक दूसरे को किस करते हुए हम दोनों प्यार की गहराई में उतरते जा रहे थे। वो बोले"शिप्रा कबसे तेरी जवानी को चखना चाहता था,आज मैं तेरी जवानी को जी भरकर भोगूगा"।
मेरी शर्म अब हवा हो चुकी थी मैं भी वासना भरी आवाज़ में बोली"मैं भी प्यासी हूँ,आप मेरी प्यास बुझा दो"। वासना की अति भूखी,मैं अब अपनी प्यास बुझाने को आतुर हो चुकी थी।
तभी वो झट से मेरे ऊपर चढ़ गए और मेरे चिकने जिस्म पर चुम्बनों की झड़ी लगा दी। मेरे गुलाबी निप्पलों को बारी बारी से अपने मुँह में डाल कर मस्ती से चूसने लगे।
मेरी तो हालत ख़राब होने लगी। मुँह से मादक सीत्कार अपने आप बाहर निकलने लगी “आआ आअह्ह्ह् ओओह्ह ऊह …”मैं अपना सर जोर जोर से अलट पलट रही थी।
वो मेरे दोनों दूध बेतहाशा दबाए जा रहे थे। अब उनके दबाने से मुझे दूध में जलन सी होने लगी थी। मेरे दोनों गोरे गोरे दूध लाल पड़ चुके थे।
मैं बहुत वासना भरी आवाज में बोली- बस्स करो …मत मसलो जलता है अब।
उन्होंने मेरे मम्मों से अपने हाथ हटा लिए और अपने होंठों को मेरे चेहरे पर लाकर मेरे पूरे चेहरे को जोर जोर से चूमने लगे। उनकी दाढ़ी की चुभन मेरे गालों में हो रही थी।
फिर कुछ ही पल में वो उठकर मेरे पैरों के पास बैठ गए और मेरी टांगे फैला दी। मेरी फूली हुई चूत उनके सामने थी। मैं शर्मा कर अपने हाथों से चूत को छुपाने लगी।
वो बोले"शिप्रा अपनी चूत मत छिपा,आज तो इसे चोदकर रहूँगा"अपने हाथों से मेरे हाथों को हटाकर चूत को देखने लगे। मेरी फूली हुई चूत उनकी आंखों से चुदने लगी।
मेरी चुत देख कर वो बोले- "अरे जान, तुम्हारी जवानी की कद्र तुम्हारा पति ने की ही नहीं। ऐसी मस्त चूत तो किस्मत वालों को मिलती है।
आज से तुम्हारा मैं अच्छी तरह से ध्यान रखूँगा" और उन्होने मेरी दोनों टांगों को जहाँ तक हो सकता फैला दिया।
हाय … आगे का सीन सोच कर ही सिहरन होने लगी मेरे पूरे शरीर में!
सिराज ने मेरी चूत के होंठों को हाथ से अलग किया और मुंह रख दिया चूत पर!मैंने तो हिचक के चूत को अंदर दबा लिया और मेरी टांगें आगे की ओर आ गई और सिराज मेरी टांगों के बीच दब गए।
सिराज ने फिर टांगों को जोर से अलग करके पकड़ लिया और चूत में अपनी जीभ घुसा दी।मैंने जोर से बेड पर अपना हाथ और सिर पटका।
अजीब सा मजा था!वो पागलों की तरह चूस रहे थे मेरी चूत को!
मै सिसयाकर बोली"प्लीज इसससस मत परेशान करो … ऊं … उई मां … ओह … आह!”मैंने उत्तेजना से बेड को कस के पकड़ लिया।
अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। सिराज को पता नहीं क्या मजा आ रहा था … मेरी चूत से मुंह हटा ही नहीं रहे थे।
बहुत देर हो गई, मुझे लगा अब मर जाऊंगी मैं- जल्दी चोद दीजिए जी … ओह … आह … आह!वो मेरी चूत को चाटते जा रहे थे और मैं मछली की तरह छटपटा रही थी।
उन्हें मुझ पर जरा भी दया नहीं आ रही थी। और वैसे भी … दूसरे की बीवी पर कौन दया करता है,मेरे लिए यह ऐहसास नया था क्योकि मेरे पति ने कभी मेरी चूत को नही चाटा था।
उन्होने अपनी जीभ चूत के अंदर घुसा दी ।चूत के अंदर जीभ का अहसास पाते ही मुझमें तो जैसे तेज़ लहर दौड़ गई। मैंने दोनों हाथों से चादर को जकड़ लिया और अपने आप मेरी गांड हवा में उठ गई। मेरी दोनों जांघें अपने आप खुल कर फैल गईं।
वो भी अपने हाथ से चूत की लाइन को फैला कर जीभ से अन्दर तक चाटने लगे। मै बिस्तर पर तङपने लगी ,मेरे दोनों पैर मस्ती में आगे पीछे होने लगे।
इतना मजा मुझे सहन नहीं हुआ और मैं तुरंत ही झड़ गई। उनहोने अपनी चड्डी भी उतार फेंकी। उनका नाग जैसा काला लंड फनफ़ना कर मेरे सामने आ गया।
मुझे इस टाइप के लंड की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। आज तक तो मैंने बस अपने पति का ही देखा था। पति का लंड मुश्किल से 4-5 इंच का था। मगर ये तो 9 -10 इंच लम्बा और काफी मोटा था ,मेरी कलाई के समान मोटा था।
उसका सुपारा ही इतना मोटा और बड़ा दिख रहा था कि मैंने मन में सोचा … बाप रे ये क्या है … कोई लंड इतना बड़ा भी होता है,ये मेरे अंदर कैसे घुसेगा।
वो मेरे मन की बात समझ गये और बोले"क्या देख रही हो शिप्रा,ऐसा लंड पहली बार देखा है क्या"।
मैंने हामी भर दी,आज मैं इसी से चुदने वाली थी।
मैं सोच रही थी कि क्या करूं इसका! मैं बस आंखे फाड़ कर देख रही थी। फिर मैंने उसे अपने हाथ में पकड़ा। सिराज बोले"डार्लिंग, इसे मुंह में लो!"अभी तक तो मैंने अपने पति का भी लन्ड मुंह में नहीं लिया था।
मैं सोच ही रही थी कि सिराज ने मुंह को पकड़ कर लन्ड अंदर डाल दिया।
सिराज मेरे बालों को पकड़कर मुंह में लन्ड अंदर बाहर करने लगे।मेरे गले में गहराई तक लन्ड जा रहा था और मेरे मुंह लार सी निकालने लगी।
लो बोले- तुझे तो लन्ड भी चूसना नहीं आता! पता नहीं अभी तक चुदाई भी हुई या नहीं तेरी?
मैं चुप रही। उनहोने मोबाइल पर ब्लू फिल्म लगाई और बोले"मादरचोद इसे देखकर लंड चाट"।
मै ब्लू फिल्म की हिरोइन को देखकर लंङ को चुसने चाटने लगी।लंङ काफी मोटा था मैं मजे ले लेकर लंड चाटने लगी।वो मेरे बालों को सहलाते हुए बोले"चाट साली रांड चाट,क्या बात है क्या मस्त लंङ चाटती है मादरचोद मजा आ गया"।
मैंने लंङ मुँह में डाल लिया और अपने सर को आगे पीछे करते हुए लंङ चूसती रही।उन्होने सर पकड़ा और तेजी से मुँह में लंङ रगङने लगे।
मैं औककककक औकककक आकककक अममममम उममममममम करने लगी।थोड़ी देर बाद मेरा मुँह दुखने लगा और मैंने लंङ निकाल लिया।
वो मुझे चूमते हुए मेरे मम्मो को दबाने लगे।मैं बोली"प्लीज इसससस आह आह ऊऊ आआ आअह्ह दर्द हो रहा है धीरे धीरे मसलो"।
उन्होने मुझे बिस्तर पर पटका।।मैंने टांगें फैलाकर बोली"प्लीज जल्दी से लंड घुसा दो नाअअअअअ प्लीज"।वो बोला"मादरचोद आज तो तुझे खूब चोदूगा हरामजादी"।
उन्होंने लंड चूत पर घिसना शुरू कर दिया और मैं सिसयाने लगी आहहहहहह इसससस आह जल्दी डालो अब सहन नहीं हो रहा है जल्दी से चोदो नाअअअअअ"।
उन्होने लंड को मेरी चूत पर टिकाकर दबाने लगे।लंड मोटा था तो अंदर नहीं जा रहा था परंतु उन्होंने मेरी टांगें फैलाकर ताकत लगाई और सुपारा चूत में समाने लगा। मैं दर्द से कराहते हुए बोली"आहहहहहह आह आह प्लीज़ लंड मोटा है नही घुस रहा है सिराज छोड़ दो आहहह औहहह आआआ धीरे दर्द हो रहा है आईइइइइ"।
वो बोले"मादरचोद टांगे फैला ले तो कम दर्द होगा"।मैंने टांगे फैलाई और उन्होंने पूरी ताकत लगा दी और उनका सुपारा मेरी चूत में घुस गया।
मैने थोङा उठकर देखा तो देखती रह गई, मेरी चूत पूरी फैल गई थी और उसके लंड पर कस गई।
उन्होंने फिर दोनों हाथों से मेरे गालों को थामते हुए मेरे होंठ को चूमते हुए बोले- तैयार हो जान? “हां!”और उन्होंने मेरे मम्मो को पकड़ा और एक जबरदस्त तेज़ धक्का देकर अपना पूरा लंड एक बार में चूत में उतार दिया।मैं दर्द से चीखी “ मम्मीईई ईईईईई आआआअह्ह!” और मैं उनके सीने से लपट गई।उसके बाद तो उन्होंने रुकने का नाम नहीं लिया और मेरी धमाकेदार चुदाई शुरू हो गई।
उनकी धुआंधार म चुदाई करने से मुझे झड़ने में ज्यादा समय नहीं लगा क्योंकि मैं पहले से ही बहुत उत्तेजित हो चुकी थी।मैं उन्हे रोकने लगी बस रूको आहह आऊ छोङ दो न मत परेशान करो न,मगर वो नहीं रुके और दनादन मेरी चूत चुदाई करते रहे।
उनका पूरा लंड मेरी चूत की गहराइयों में उतर रहा था। अब वो चोदते हुए मुझसे बातें भी करने लगे- शिप्रा मज़ा आ रहा है? मैं
- हां आ रहा है।
अपने बहुत अच्छा चोद रहे हो वो- कितना?
मैं- बहुत।
वो-तेरा पति ऐसी चुदाई करता है क्या ।
मैं-अगर करते तो मैं तुम्हारे नीचे नहीं लेटती ।
वो-मेरा लंड कैसा लगा ।
मैं-बिल्कुल मूसल है।
वो-तेरा चूत मस्त है।
मैं-अब ये चूत आपकी है।
वो- तुम तो लंड की बड़ी प्यासी लग रही हो?
मैं- हां मैं बहुत प्यासी हूं। उन्होंने मुझे अपनी दमदार बांहों में जकड़ लिया और पूरी ताकत से मुझे चोदना शुरू कर दिया।
‘आआईई ईईई ऊऊऊ आआअह्ह आआह … मम्मीईई … नहींईई … बसस्स …’
वो- तुम्हारी चूत इतनी टाईट है जान … लगता है … पहली बार चुदाई कर रही हो।
मैं- तुम्हारा भी तो इतना मोटा है।
वो- आज फाड़ ही दूंगा।
मैं- फाड़ दो ना।
वो- पहले क्यों नहीं मिली।
मैं- तुम बोले क्यों नहीं।
वो- अब तो बोल दिया न।
मैं- हां तो चोद लो ना … अब जी भर के पेल लो।
वो- अब तेरी प्यास मैं ही हमेशा बुझाऊंगा।
मैं- हां क्यों नहीं … मैं तैयार हूं काफी देर लिटाकर चोदने के बाद फिर घोड़ी बना कर चोदा, फिर मुझे उल्टा लेटा कर चोदा, खड़ी करके चोदा, हर तरह से उन्होंने अपने शौक मुझसे पूरे किए,मैं “उंह उंह उंह हूँ… हूँ… हूँ… हमम मम अहह्ह्ह्हह… अई… अई… अई बचाओओ आहह बसस्स छोङ दो प्लीज उईइइइइ …” चिल्ला रही थी।
वह अपने मोबाइल से मेरी चुदाई का वीडियो बनाने लगे मैंने उनको रोकना चाहा पर वह बोले "चिंता मत कर मादरचोद तेरे वीडियो सिर्फ मैं देखूंगा और किसी को नहीं दिखाऊंगा" मैंने अपना चेहरा छुपा ना चाहा तो उन्होंने मेरे हाथ हटा दिए,उनके मोटे लंड ने मेरी चूत का भोसडा बना दिया,मेरी चूत अब उनका लंड पूरा लीले जा रही थी।
बड़ा रोमांटिक समा बन गया था। उन्होंने मुझे दबा के चोदा।
उसकी जबरदस्त चुदाई से मैं जल्दी झड गई और उसे रोकने लगी" बस सिराज बस रुको आहहहहहह मैं झड गई हूँ प्लीज उईइइइइ आहहहहहह छोङ दो ना"।
वो बोले"साली बहनचोद अभी तो शुरूआत है रंडी आज तुझे जी भरकर चोदूगा हरामजादी।"उन्होंने चुदाई करते हुए मेरे मम्मों को चूसना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर बाद मैं गरम हो गई और मैं अपनी गांड उचकाते हुए बोली"हाँ मेरे राजा मैं तुम्हारी लौंडिया हूँ खूब चोदो,मुझे भी तुम्हारे जैसा चोदने वाला पहली बार मिला है,मैं भी इसी चुदाई की प्यासी हूँ"।
उन्होंने मेरी टांगें अपने कंधों पर फंसा ली और तेजी से चोदने लगे,मेरा बदन दोहरा हो गया था और दुखने लगा पर वो नहीं रूके।
मैं दो बार झड गई थी,मैं हाथ जोड़कर बोली"प्लीज सिराज मैं थक गई हूँ थोड़ा रूक जाओ ना"।
वो बोले"बस मादरचोद मैं भी झड़ने वाला हूँ।"
उनकी स्पीड बड़ा दी मेरी बुर ने पानी छोड़ दिया और कमरे में फच फच फच की आवाज होने लगी,मैने पहली बार ऐसा महसूस किया था,मेरे पतिदेव कभी भी मेरा पानी नही निकाल पाये थे और सिराज ने मेरी चूत से नदी निकाल दी।
थोड़ी देर बाद वो चिल्लाये"आह शिप्रा मै आ गया आहहहहहह ओहहहहह साली मादरचोद क्या बात है मज़ा आ गया"।उन्होने मेरी चूत में वीर्य की बौछार कर दी।
वीर्य की गरमी से मैं फिर झड गई।मैं बोली"सिराज मजा आ गया वाह क्या चोदते हो,मैं तो तुम्हारी फैन बन गई"।हम दोनों का बदन पसीने से सराबोर हो गया था,वो मेरे होंठ चूसने लगे और लंड धीरेधीरे चूत मे रगड़ने लगे।
जब उनका लंड चूत मे ही सुसत हुआ तब उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला और बगल में लेट गए,।कुछ देर के बाद हम दोनों की साँसें सामान्य हुई।
जब मेरा जोश ठंडा हुआ तब मुझे एहसास हुआ क्या कर दिया है और मैं रोने लगी तो वे मेरे आँसू पोछते हुए बोले "चिंता ना करो शिप्रा तेरी चूत पहली बार तो चुदी नही है,जो तेरे पति को पता चलेगा। मुझे तो खूब मजा आया,अगर तुझे फिर से मजा करना है तो कल मेरी बीवी एक महीने तक बाहर रहेगी,जब तेरी मजा करने की इच्छा हो तो आ जाना।
मुझे औरतो की चूत और गाण्ड ही पसंद है,जब तुझे पहली बार देखा था तभी मैने सोच लिया था कि तुझे जरूर चोदूगा और आज मैने अपनी हसरत पूरी कर ली। तू एक काफी सेक्सी है इसलिए मुझे पसंद है,मैने कई औरतो को पेला है,पर तूझे चोदने मे जो मजा आया वो किसी औरत मे नही था।"
उन्होने मुझे खूब पुचकारा ,थोङी देर बाद मै शांत हो गई। उन्होने मुझे समझाते हुये फिर बिस्तर पर लिटा लिया और फिर चोद दिया। करीब 40 मिनट तक मुझे अलग अलग तरीके से रगड़ने के बाद उन्होंने अपने रस से मेरी चूत को सराबोर कर दिया,उनके गरमा गरम वीर्य से मेरी चूत की सिकाई हो गई।
सिराज मेरे उपर ही लेट गए और थोङी देर बाद उनका लंङ मेरी चूत मे ही मुरझा गया।
मुझसे अलग होकर सिराज बोले"शिप्रा मजा आ गया,अब तेरी गांड मारनी है"।
मै बोली"मगर मैंने कभी गांड नही मरवाई,एक बार पतिदेव ने कोशिश की थी पर मुझे काफी दर्द हुआ था"।
वो मेरे मम्मो को सहलाते हुए बोले"मादरचोद तू डर मत धीरे धीरे गांड मारूंगा"।
दोस्तों इसके आगे की कहानी अगली बार सुनाऊँगी,तब तक के लिए बाय बाय
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