पापा के दोस्तो ने मेरी सील तोड़ी:१ - Antarvasna Sex Stories
- Riya
- Feb 23
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मेरी उम्र 19 साल अभी कालेज में फर्स्ट ईयर है जवानी सम्हाले नहीं सम्हाल रहीं थीं ऊपर वाले ने मुझे भरपूर रसभरी बदन की हसीना पैदा किया है। मेरी जवानी देख कर कॉलेज में लड़के मेरे लिए मर-मिटने को तैयार रहते थे।
मेरा क़द 5'7" इंच और फिगर 34,30,36 है घर मैं और पापा है मम्मी 3 साल पहले चल बसी थी और भाई विदेश में नौकरी कर रहा था।
मम्मी की याद में पापा शराब पीने लगे थे मम्मी भी बहुत सैक्सी बदन की थी। पापा के 2 दोस्त हमेशा पापा के साथ शराब पीने आते थे एक का नाम महेश और दूसरे का रमेश दोनों की उम्र लगभग 45-48 होगी।
दोनों परिवार के सदस्य जैसे ही थें। जब भी शराब का दौर चलता तो मैं नमकीन चखना पानी सोढ़ा बोतलें देने जातीं तो दोनों मुझे हवस भरी नजरों से देखने लगते थे।

मैं घर में शाट्स कपड़े पहनती थी शाट्स निकर टी-शर्ट। उनको कुछ भी चाहिए होता था तो मुझे आवाज लगा देते थे या कोई सा भी किचन में आकर मेरे पीछे आ कर सट कर खड़ा हो जाता था। जिससे उसके लन्ड का उभार मुझे अपने चूतड़ों पर साफ-साफ महसूस होता था और मेरे बदन में सिहरन सी दौड़ जाती थी।
मैं उन दोनों की हरकतों को नजरंदाज किया करतीं थीं। कालेज में और बस में हमेशा लोग और लड़के मेरी चूचियों पर चूतड़ों पर अपने हाथों की करामात दिखा दिया करते थे। जिससे मुझे चुदाई की आग लगी रहती थी।
एक दिन पापा और उनके दोनों दोस्त की शराब चल रही थी और रमेश अंकल पानी लेने मेरे कमरे में आये। मैं उस समय पलंग पर उल्टे लेट कर फोन में वीडियो देख रहीं थीं। रमेश कितनी देर से मुझे ऐसे देख रहा था मुझे नहीं मालूम। और उन्होंने मुझे फोन में वीडियो देखते हुए अपने फोन से मेरी वीडियो बना लिया।
अचानक से मुझे अपने चूतड़ों पर मर्द के हाथ का स्पर्श हुआ। मैंने पलटकर देखा तभी रमेश ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोला - जानूं मस्त फिल्म देख रही है तेरे पापा को ये वीडियो दिखा कर बताया तो तेरा क्या होगा।
मैं - नहीं अंकल मैं बस ऐसे ही देख रही थी। आप पापा को कुछ मत बताना प्लीज़।
रमेश - मेरी जानू तु बहुत मस्त माल है जब से तुझे जवान होते हुए देखा तब से तूझे चोदने का सपना देख रहे हैं। तेरी मस्त जवानी ने नींद उड़ा रखीं हैं हमारी। तभी रमेश ने मुझे अपनी बाहों में लेकर अपने होंठ मेरे होंठों से लगा कर चूसने लगें।
मैंने काफी विरोध किया लेकिन उन्होंने वीडियो दिखाने की ब्लैकमेलिंग के आगे मैं उनकी बाहों में ढीली पड़ने लगी और उन्हें सम्पूर्ण समर्पित होती चली गई।
रमेश बोला - रिया जानूं तेरे से शादी करके अपनी बीवी बनाना चाहता हूं। रमेश ने मेरी टी-शर्ट उतार कर मेरी चूचियों को अपने मुंह में भरकर चूसने लगा।
मेरी सुडौल गोरी गोरी चूचियों को देख रमेश होशोहवास खो गया। जोर जोर से चूसने लगा। मैं सिसकारियां भरने लगी थी मुझे भी काफी अच्छा लग रहा था मैंने अपनी बाहों से रमेश को अपनी चूचियों पर भींच लिया।
रमेश ने काफी देर से मेरी चूचियों को चूस रहा था जिससे मेरी चूचियों के निप्पल फूल कर मोटे-मोटे तनकर खड़े हो गए थे।। तभी महेश अंकल ने रमेश को आवाज लगाई कहा रह गया पानी लाने गया था।, तो रमेश ने आवाज दी ला रहा हूं बाथरूम गया था।
रमेश ने मुझे अपनी बाहों में जकड़े हुए मेरे होंठों पर लिप-लॉक से लम्बी चुम्मी ली और मैंने जल्दी से टी-शर्ट पहनी। किचन से पानी दिया। जाते हुए रमेश बोला - जानूं जल्दी मिलेंगे मैं भी मुस्कुरा दी।
अचानक से पापा को 15 दिनों के आफिस काम से दूसरे शहर टूर पर जाना पड़ा।
पापा ने अपने दोनों दोस्त को मेरा ख्याल रखने को बोला। पापा के जाने के बाद मैं कालेज नहीं गई। पापा का बैग पैकिंग करना था। पापा के जाने के बाद मैं घर पर अकेली थी और टीवी पर चलाकर पोर्न फिल्म देख रही थी। तभी डोरबेल बजी।
मैं टीवी बंद करके दरवाजा खोलने गई तो सामने रमेश अंकल थें। मैंने अंदर आने के लिए कहा और वो सोफे पर आ बैठे। मैं किचन में चाय बनाने चली गई।
तभी ध्यान आया कि मैंने टीवी पर पोर्न फिल्म चला रखी थी। अगर इन्होंने टीवी ऑन करके देख लिया तो। मैं जल्दी से बाहर भागी आई लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
वे टीवी ऑन कर चुके थे। मुझे देखकर बोले- आप रिया जितनी मस्त हो उतनी ही मस्त फिल्म देख रही थी। शर्माते हुए मैंने कहा- मेरे पापा बाहर गए हैं। मैं बोर हो रही थी तो टाइम पास कर रही थी। मैंने उनके हाथ से रिमोट लेते हुए कहा- बंद कर देती हूं।
लेकिन उन्होंने मुझे हाथ पकड़ कर अपने पास गोद में खींच लिया, बोले- बंद क्यों करनी है … साथ में देखते हैं ना रिया जानूं। अब मैं कुछ नहीं बोल पाई और उनके पास गोद में चुपचाप बैठ गई। वे बोले- तुम्हारे पापा ने तुम्हारा ख्याल रखने को बोला था। इसलिए 15 दिनों तक तुम्हारी अच्छी तरह से देखभाल करनी है। और मेरे होंठों को चूमने लगे।
मैं शर्माती हुई बोली- ये सब क्या कर रहे हो आप।
वे बोले - तुम्हें सेक्स पसंद है क्या।
मैं बोली- हां, मुझे तो बहुत पसंद है
मैं बोली- आप मर्द लोग अपनी बीवी से प्यास जाकर बुझा लेते हैं, लेकिन मैं पापा से चोरी चुपके से फिल्म देख कर खुश हो लेती हूं।
वो मेरे और करीब आकर बोले- तुम चाहो तो मैं तुम्हारी प्यास मिटा सकता हूँ और किसी को पता नहीं चलेगा। मैं कुछ बोल पाती इससे पहले ही उन्होंने मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया और मेरे मम्मों को भींचने लगे।
उन्हें मैं रोकने लगी। लेकिन वे मेरे मम्मों को दबाते हुए बोले- मत रोको रिया। जब से तुन्हें देखा है तुम्हारा दीवाना बन गया हूँ , रिया मुझे अंकल नहीं सिर्फ रमेश बोलों। मैं अब तुम्हारा रमेश हूं।
मैं बोली - ओके मेरे रमेश जानू मेरे सोना मोना रमेश। रमेश लगातार मेरे चूचियों को दबाते जा रहे थे और मेरे होंठों में अपनी जीभ डालने की कोशिश कर रहे थे।
मैं चाहकर भी अपने मुंह को खुलने से रोक नहीं पाई और उन्होंने मेरे मुंह में जीभ दे दी। अब मेरी चूत में हलचल पैदा होने लगी। और जब तक मैं उन्हें रोकती मैं खुद ही गर्म हो गई। मैंने समर्पण कर दिया और वे मेरे बदन से खेलने लगे।
वे मेरे कपड़े उतारने लगे और थोड़ी देर में ही मैं नंगी उनकी बाँहों में मचल रही थी। वे ब्लू फिल्म देखकर मेरे साथ वो सब करने लगे जो फिल्म में हो रहा था।
उन्होंने मुझे सोफे पर ही लिटा दिया और मेरी टाँगें फैला कर चौड़ी कर दीं। मेरी चिकनी चूत उनके सामने थी। फिर उन्होंने मेरी चूत सहलाना शुरू कर दिया और मैं सिसियाने लगी- आह्ह … इस्स्स्स … मत करो … उम्म … ओह्ह।
मेरी तो हालत ख़राब हो गई और मैं मछली के समान सोफे पर उछलने लगी- आह्ह ओह्ह इस्स्स नहीं ईईई … अह्ह ह्ह! उन्होंने अपनी जीभ से मेरी जांघों को चाटना शुरू कर दिया और चाटते हुए मेरी चूत तक पहुंच गए। अब उन्होंने चूत को जीभ से चाटना शुरू किया और मैं तड़पने लगी- अह्ह अईई … मत करो ना … आऊऊऊ ओह्ह ऊईईच मम्मी।
मैंने पहली बार ये सब झेला था। इससे पहले ये सब फिल्मों में ही देखा था। करीब 10-15 मिनट बाद मेरा बदन ऐंठने लगा और मैं झड़ गई। मेरी चुत से ढेर सारा पानी निकला। जिसे रमेश अपने मुंह से पी गये। मुझे ऐसा अहसास पहली बार हुआ था।
मैं हांफती हुई बोली- आपने तो मुझे ऐसे ही झड़वा दिया जबकि मुझे आपके लंड से चुदना था। वे खड़े होकर बोले- चिंता मत कर रिया। तेरी सारी तमन्ना आज पूरी होगी।
मैं घुटनों पर बैठी और उनकी पैंट नीचे सरका दी। अंडरवियर के उभार से मैंने अंदाजा लगा लिया कि उनका लंड काफी बड़ा मोटा होगा।
वे बोले- देर मत कर रिया, अपना खिलौना देख ले। मैंने उनका अंडरवियर नीचे किया तो उनका लंड झटके से मेरे सामने आ गया। बाप रे … क्या लंड था।
बिल्कुल ब्लू फिल्मों के हीरो के जैसा … मेरी कलाई से भी मोटा था और लगभग 8-9 इंच लम्बा तो होगा ही।
वे बोले- क्यों मेरी रिया जान, कैसा लगा अपना खिलौना। मैं आँखें फाड़कर बोली- बाप रे … रमेश अंकल, ये क्या है और ये मेरी नन्ही सी चूत में कैसे घुसेगा?
वे बोले- तू उसकी चिंता मत कर, आराम से घुस जायेगा। पहले तू इसका स्वाद तो चख ले रिया जानूं। मैंने उनका लंड सहलाना शुरू कर दिया, मेरे हाथ लगते ही लंड और तन गया , मैंने लंड को चाटना शुरू कर दिया। मुझे बड़ा मज़ा आया।
मैं तो उसको चाटने में खो गई। वे बोले- चूसकर देख रिया जान … मैं बोली- ये मुंह में अंदर कैसे जाएगा। वे बोले- जाएगा, कोशिश तो कर रिया। मैंने मुंह खोला और वो लंड को मेरे मुंह में देने लगे। बहुत मोटा लम्बा लंड था।
थोड़ा सा गया था कि रमेश ने धक्का दे दिया और लंड मेरे गले में फंस गया। मेरी सांस रुकने लगी। फिर उन्होंने बाहर निकाला तो मेरी जान में जान आई। वे हंसने लगे और बोले- पहली बार में मेरी बीवी की भी यही हालत हुई थी। मैं बोली- कोई बात नहीं।
मैं एक बार फिर से ट्राई करती हूं। मैंने फिर से लंड को मुंह में लिया क्योंकि लंड चूसने की अब मेरी बहुत इच्छा हो रही थी। इस बार मुझे रमेश का लौड़ा निगलने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।
वो बोले- देखा, इस बार तू कितनी आसानी से लंड को निगल गई। अब मैंने धीरे-धीरे लंड को चूसना शुरू कर दिया। वे मुझे देखने लगे और बोले- चूस साली रिया चूस … मजा आ गया मादरचोद … क्या बात है … आह्ह क्या लंड चूस रही है।
उनके मुंह से गाली सुनकर मैं और ज्यादा गर्म होने लग गई और तेजी से मुंह आगे पीछे करके उनका लंड चूसने लगी। उन्होंने मेरा सिर पकड़ा और तेजी से लंड मेरे मुंह में घुसाने लगे। मुझे लगा कहीं मेरा मुंह ना फट जाए।
कुछ देर बाद मैंने उन्हें रोक दिया। जब रमेश ने लंड बाहर निकाला तो मैं बुरी तरह से हांफ रही थी। फिर उन्होंने मुझे उठाया और नीचे कालीन पर लिटा लिया। वे मुझे अपने नीचे दबा कर मेरे ऊपर आ चढ़े। फिर उन्होंने एक बार फिर मेरे मुंह में लंड फंसा दिया और मुंह को चूत समझकर चोदने लगे। मेरी सांस रुकने लगी। मैं आक् आक् करके उल्काई कर रही थी लेकिन वे रुक नहीं रह रहे थे।
मैं समझ गई थी कि अब ये मेरे मुंह में अपना माल गिराकर ही रुकेंगे। असल में मैं भी उनके वीर्य का स्वाद चखना चाहती थी।
फिर उनके लंड में आखिरकार वीर्य का विस्फोट हुआ मेरे मुंह में गर्मागर्म ढेर सारा वीर्य जाने लगा। सारा माल मैं भीतर ही गटकने लगी। मुझे उबकाई आती थी लेकिन इतना ज्यादा वीर्य निकल रहा था कि मैं लगातार पी रही थी। इतना माल तो मैंने फिल्म में भी नहीं देखा था।
मैंने उनके लंड का पूरा वीर्य पी लिया। वे उठे और सोफे पर ही बैठ गए। मैं उनकी गोद में बेठी और बोली- आज तो खूब मजा आया फिल्म की तरह से। मुझे यही सब चाहिए था मेरे रमेश। वे मेरे मम्मों को दबाते हुए बोले- अभी तो शुरुआत है रिया जानूं।
अभी तो आगे और मज़ा आने वाला है … पहले एक चाय पिला दे। जब तक मैं तेरे पापा से बातें करता हूँ। मैं उठी और नंगी ही किचन में चाय बनाने चली गई।
वे मोबाइल में मेरे पापा से बातें करने लगे। मैं नंगी ही चाय ट्रे में ले आई और उन्हें दी। वे मेरे पापा से बात करते हुए बोले- जी, रिया ने मेरे लिए चाय बना ली है, लीजिये आप बात करिए।
मैं अपने पापा से फोन पर बोली- आप पापा अपना ख्याल रखना और खाना समय-समय पर खाते रहना। पापा बोले - रिया बेटी तुम्हारे अंकल जब आयें तो चाय नाश्ता खाना खिला दिया करना। दोनों बीच-बीच में आते रहेंगे तुम्हारी देखभाल करने के लिए।
मैं बोली- आप चिंता मत करिए। मैं इनका पूरा ख्याल रखूंगी … आप इनसे ही पूछ लो।
शेष अगले भाग में।
आपकी रिया।, rs9533749@gmail.com
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