पार्क में मिली अप्सरा जैसी छोटी लडकी - Hindi Sex Stories
- Rajat Rana
- 5 जन॰
- 17 मिनट पठन
सभी पाठक पाठिकाओं को मेरे खडे लंड का सलाम। तो इस रसभरी सत्य कथा का मज़ा लीजिये और पढ़ते पढ़ते लंड हिला कर या चूत में उंगली डाल कर मज़ा लीजिये।
कोई भाभी, आंटी या लडकी चाहे तो मुझसे चुदाई का सुख प्राप्त कर सकती है वह भी मुफ्त और गोपनीय तरीके से।
दोस्तो। मेरा नाम रजत है। मैं जयपुर। राजस्थान से हूँ तो सीधा सत्यकथा पर आते हैं।
एक दिन में घर में बैठा हुआ बोर हो रहा था तो मैंने पार्क जाने का फैसला किया। मैं घर से पार्क आया। पार्क में बहुत लोग थे और कुछ कपल भी थे। कोई किस कर रहे थे। तो कोई एक-दूसरे को सहला रहे थे। मैं पार्क के एक कोने में आकर बैठ गया।
तभी मेरी नजर एक कपल पर गई।लड़का-लड़की को किस कर रहा था उसका एक हाथ लड़की के स्तन पर था और लड़की का हाथ लड़के के लंड को पैंट के ऊपर से सहला रहा था।
उन दोनो को देख कर मेरा भी मन चुदाई का होने लगा।मुझे लगा कि मैं भी उनके पास जाऊं और लड़के को हटा कर लडकी की चुदाई कर लूं। पर ऐसा हो नहीं सकता था। फिर मैं उनको देखते हुए अपना लंड सहलाने लगा मैं भूल गया कि मैं खुले में हूं और उन पर किसी की नजर नहीं जा रही थी।
तभी मेरे पीछे से किसी की एक हल्की आवाज मेरे कानो में सुनाई दी “बाबूजी कुछ दे दो। मैं पीछे पलटा तो देखा एक 16 - 18 साल की लड़की मेरे पीछे खड़ी थी और उसके कपड़े थोडे गंदे थे पर उसका रंग एकदम दूध सा गोरा था।
मैं उसे देख कर एक बार तो डर ही गया कि कहीं उसने मुझे लंड हिलाते हुए देख तो नहीं लिया पर फिर मैंने देखा उसकी निगाहें भी उन लड़के लड़की को देख रही थी जिसे मैं देख रहा था।
अब तक उस लड़के ने लड़की की स्कर्ट को उठा कर चड्ढी को उतार दिया था और उसकी चूत में उंगली कर रहा था और जहां पर हम खड़े थे वहां से उसकी चूत साफ दिख रही थी।
फिर उस लड़की ने उन दोनों से नज़र हटा कर मुझे देख कर बोला "बाबूजी कुछ पैसे दे दो"।
मैं उसे देख कर मुस्कुराया और बोला, " तुम पैसे मागने आयीं थीं या उधर देखने " मैं कुछ और बोलता उससे पहले ही वो बोलने लगी।
बाबूजी ये तो यहाँ रोज़ होता है मेरी भी नज़र चली जाती है कभी कभी मैने पूछा तुम अभी छोटी हो ये सब देखती हो तो तुम्हें शर्म नहीं आती है क्या?
वो बोली पहले अजीब सा लगता था पर अब मैं ध्यान ही नहीं देती बस कभी दिख जाता है तो देख लेती हती हूं। बाबूजी मैं तो बहुत गरीब हूं।
तो मैंने कहा- वही जो वो लड़की दे रही है उस लड़के को वो बोली नहीं बाबूजी मैं तो बहुत छोटी हूं।
मैंने कहा। “झूठ क्यों बोल रही हो तुम भी वो सब करना चाहती हो ना?”
वो कुछ नहीं बोली। मैंने कहा- देखो। मुझे अपना बॉयफ्रेंड समझो और खुलकर बोलो तुम्हें मजा आएगा!”
वो गुस्से में बोली- “आप मेरे बॉयफ्रेंड नहीं हो समझे और आप इतनी उम्र के और मैं आपसे इतनी छोटी हूँ, मैं सबके सामने आपको बॉयफ्रेंड नहीं बोल सकती"।
मैंने कहा-“ठीक है। मत बोलो! पर एक बात सच बताओ। तुम्हें भी तो वो सब करना ही होगा ना?”
वो थोड़ा शरमाते हुए बोली- “पर मैं आपको जानती नहीं हूँ तो क्या हमारा ऐसा करना ठीक है?”
मैंने उसका हाथ पकड़कर उसे बताया-“देखो तुम अब जवान हो रही हो। तुम्हारा भी दिल करता होगा कि कोई तुम्हें प्यार करे। तुम्हारे होंठ चूसे। तुम्हारे ये नींबू जैसे दूध को मसल कर संतरे बना दे और तुम्हारी निपल्स को चूसे। कोई तुम पर इतनी मेहनत करे कि तुम्हारे आम बड़े-बड़े हो जाएँ ”
वो बोली- “जी करता तो है” फिर मैंने उससे पूछा-“ क्या तुम्हारा दिल नहीं होता कि तुम्हारी प्यारी सी चूत को कोई खूब चाटे और फिर मजबूत सा लंड डालकर कोई तुम्हारी खूब चुदाई करे?”
वो अंगड़ाई लेते हुए हँसकर बोली- “पर आप तो कुछ ज्यादा ही बडे हैं ”
मैंने भी हँसकर कहा- “जानेमन लंड जितना बड़ा। मोटा और मजबूत होगा। उतना ही लड़की को ज्यादा मजा आयेगा। बाकी रही बात लंड की। सिर्फ लंड से ही कुछ नहीं होता चोदने वाले में भी दम होना चाहिए। आजकल तो तुम्हारी उम्र की लड़कियों को अपनी से ज्यादा उम्र के मर्द पसंद आते हैं”
वो बोली। “ऐसा क्यों” मैंने कहा- “क्योंकि बड़ी उम्र के मर्द ज्यादा मजा देते हैं। उन्हें एक्सपीरियंस भी ज्यादा होता है और बदनामी का डर भी नहीं रहता और कोई शक भी नहीं करता”
वो बोली। “हां बात तो सही है” मैंने कहा- “आजकल के लड़के जल्दबाजी में रहते हैं। उनका चूत पर लंड रखते ही हो जाता है उनका तो हो जाता है, पर लड़की को मजा नहीं आता और वो तड़पती रह जाती है और बदनामी का भी डर है। जो चीज मन और शरीर को मजा दे वही प्यार है जो अधूरा छोड़ दे वो प्यार नहीं है। और चूत की आग उम्र नहीं देखती है। एक बार मेरे साथ चल कर देखो। तूम जवान लडकों को भूल जाओगी।
वो मेरी तरफ देखकर मेरा हाथ दबाते हुए मुस्कुराकर बोली- “हाँ। ये बात सही है। आई लव यू ”
मैंने उस से मजाक करते हुए कहा - अरे वाह तुम तो अंग्रेजी बोलती हो।
वो बोली- मैं आठवी तक पढी हूं। मैंने बोला - फिर पढाई छोड़ दी वो बोली- घर की हालत सही नहीं थी तो कुछ साल पहले पढाई छोड़ दी और अभी आप मुझे देख रहे हो अपने सामने।
इतना कहते हुए उसकी नज़र सामने उन लड़का लड़की पर पड़ी (वो लड़की उस लड़के का लंड चूस रही थी) ये देखकर मुझसे बोली ये सब छोड़ो अब क्या करना है ये बताओ।
ये सुनकर मेरी भी नज़र उधर गई और मुझ पर फिर से चुदाई का नशा चढ़ने लगा फिर मैंने उसका हाथ पकड़ा और झड़ियों के पीछे ले जाने लगा और पीछे से उसके चूतड़ों पर हाथ फिराने लगा। वो उछलकर बोली - आह मत करो आगे कुछ गीला सा लग रहा है।
उसकी चूत गीली हो रही थी। शायद मेरी बातों से वो गर्म हो गई थी।
मैने उससे पूछा क्या तुम्हारा महीना आने लग गया है वो समझ गई और शर्मा कर बोली "हां" पर उस समय पेट में बहुत दर्द होता है।
फिर हम एक झाड़ी के पीछे जाने लगे तो वहां पहले से ही एक लड़का लड़की आपस में चिपके हुए थे और लड़का उस लड़की की गांड अपने हाथों से दबा रहा था। यह देख कर हम वहां से दूसरी झाड़ी की और चले गये। दूसरी झाड़ी के पीछे कोई नहीं था। वहां जाकर एक दूसरे को देखने लगे।
तभी वो बोली अब आगे क्या करना है? अब आ जाओ हम दोनों एक दूसरे से लिपट जाते हैं। जैसे वह लड़का लड़की कर रहे थे मैने बोला अच्छा आ जाओ फिर मुझसे लिपट जाओ वो बोली इतना कहते ही मुझसे लिपट गयी और मैं जानबूझकर अपने शरीर से उसके बूब्स रगड़ने लगा। (उसके स्तन मेरी नाभि से थोडे ऊपर तक आ रहे थे और चूत लंड से कुछ नीचे थी )
अब चूमे क्या उसने कहा मैंने भी झट से उसे अपनी गोद में उठा कर अपने होंठ उसके होंठों पर रख दीए और किस करने लगा और उसकी गांड दबाने लगा। उसके किस करने से मेरे जिस्म में कुछ अजीब सी हरकत होने लगी। इतने में मैंने महसूस किया कि मेरा लंड खड़ा हो चुका था और उसके गांड की दरार मे लग रहा था।
उसने भी मेरे बाल पकड़ लिए और मुंह हटा कर बोली ऐसे ही करते हैं ना मैंने उसको अपनी ओर खींच कर और जोर से दबा लिया और लंड को गांड के उपर घिसने लगा और बोला हां मेरी जान ऐसे ही।
फिर उसने मुझसे पूछा अच्छा ये बताओ कि सुसु में उंगली करने से मजा आता है क्या, जैसे वो लड़का उस लड़की के कर रहा था।
मैंने कहा हां आता है तो वो बोली- एक बार मैंने उंगली घुसाई थी तो दर्द हुआ था तो मैंने उसे बताया कि पहली बार में होता है पर फिर बाद में पूरा मजा ही मजा आता है। और हां ये सुसु क्या है सही से नाम बोलो उस का शर्म करोगी तो मजा नहीं आएगा बेबी।
फिर मैंने उससे कहा कि मैं उंगली करूँ क्या तुम्हारी चूत में पर पहले ये फ्रॉक उतार दो। तो उसने भी झट से फ्रॉक उतार दिया अब वो सिर्फ चड्डी में मेरे सामने खडी थी।
मैं तो नियंत्रण से बाहर हो रहा था। वह वाकई में बहुत गोरी थी बस कपड़ो में नहीं लग रही थी मैंने धीरे से उसकी नीबू के जैसी चुचियों को दबाया तो वो बोली ये क्या कर रहे हो दर्द होता है इनमें जोर से दबाने पर।
तो मैंने डांटते हुए बोला फिर से इनमें अरे बाबा इनको चुचींया या बोबो बोलते हैं और ये जो तुम्हारी चड्डी के अंदर है उसे चूत बोलते हैं। जो मेरी चड्ढी के अंदर है उसको लंड बोलते हैं, ठीक है।
अगर तुम ये नहीं बोलोगी तो मैं चला जाऊंगा और कुछ भी नहीं करूंगा तुम्हारे साथ।
उसने फट से मुझे पकड कर मेरी छाती पर किस किया और बोली- नहीं अब तो मैं तुम्हें जाने ही नहीं दूंगी ये लो मैंने तुम्हारी चुचियों पर चुम्मा कर लिया और तुम मेरी चूत में उंगली कर सकते हो फिर मैं तुम्हारा लंड चाट कर मुंह में ले लूंगी जैसे वो लड़की ले रही थी अब तो ठीक है।
मैने तुरंत कहा हां डार्लिंग अब ठीक है। फिर तो मैं भी भूखे शेर की तरह उस चढ़ गया और हम दोनों नीचे लेट गए। मैं उसको किस करता रहा और उसके बूब्स चूसता रहा फिर वो मेरे कपड़े उतारने लगी और बॉडी को किस करने लगी। मैं उसके बोबे को पकड़ कर बारी-बारी से चूसने लगा।
वो पागल हो रही थी। वो ‘अह्ह्ह्ह.. अह्ह्ह्ह्..’ करने लगी। उसने कहा- थोड़ा आराम से मैंने यह सब कुछ पहले नहीं किया है। मैं उसकी बात सुनता रहा और धीरे से उसकी चड्डी उतार दी।
उसकी चूत पर बहुत बारीक छोटे-छोटे बाल थे। बिल्कुल सफाचट जन्नत के द्वार का दीदार करके मैंने चूत पर एक किस किया तो वो चिहुक उठी और बोली ये क्या है फिर मैंने उसे बोला यार तुम चुप रहो जो भी होता है मैं वही कर रहा हूं। अगर तुम्हें पता है तो तुम कर लो।
तो वो बोली ठीक है अबकी बार मैं कुछ भी नहीं बोलूंगी आप जो करना है वो करो। पर मजा तो आ रहा है। उसने मेरे कपडे पहले ही उतार दिए थे अब मैं बस चड्ढी में था और मैंने वो भी उतार दी मेरा साढे 6 इंच का लंड उसके सामने आ गया।
उसे देखते ही वो बोली "हाए दईया इतना बड़ा ये मेरे मुंह में नहीं आएगा" मैंने उसको उठाया और खडे होकर उसको 69 की अवस्था में अपनी गोद में उठा लिया और उससे मेरा लंड चूसने को कहा।
इस हालत में उसकी दोनो टांगे मेरी गर्दन के दोनो तरफ से निकल कर ऊपर की तरफ उठी हुई हवा में लहरा रहीं थी। उसकी प्यारी सी चूत मेरी आंखों के सामने थी और उसका मुँह मेरे लंड के पास था और खुले हुए बाल नीचे मेरे घुटनों के पास लटक रहे थे।
मैं उसकी चूत को मेरे जीभ से चाटने लगा.. वो पागल सी हो रही थी और मैं भी पागल हो गया था नई और सील पैक चूत मिलने की खुशी में। वो मेरा लंड पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी और मुंह मे भरने लगी लेकिन उसके दांत लंड पर लग रहे थे तो मैंने उसे बोला दांत मत लगा फिर उसने दोनों हाथों की मुट्ठियों से मेरा लंड थाम लिया और मसल-मसलकर मुठ लगाने लगी।
दोनों हाथों की मुट्ठियों में पकड़े जाने के बावजूद मेरे लंड का सुपाड़ा और सुपाड़े के नीचे का कुछ हिस्सा उसकी मुट्ठियों से बाहर था। तब उसने लंड के सुपाड़े को मुँह में भरने की कोशिश की पर वो अंदर नहीं जा रहा था पर फिर भी वो चूसते हुए मसल-मसल कर मुठ मारने लगी।
मैं ठंडी-ठंडी आहें भरने लगा अबकी बार उसने दांत नही लगाए थे मुझे बेहद मजा आ रहा था। लौड़े को चूसते हुए अभी 10 मिनट ही हुए होंगे कि लंड सख्त होने लगा और पूरा खडा हो गया।
फिर मैंने उसे धीरे से नीचे उतारा और वहीं एक पत्थर पर बैठ गया और उसको अपने पास खींच लिया और फिर धीरे से मैंने किस करना स्टार्ट किया मगर उसे किस करना नहीं आ रहा था तो मैं बोला "जीभ मुंह से बाहर निकाल दे और मेरी जीभ तू चूस" तो उसने अपनी रसीली जीभ मुंह से बाहर निकाली मैंने उसे मुंह में ले लिया और चूसने लगा और वो मेरी।
ऐसा करने से उसका अंग अंग चुदने को व्याकुल हो गया वो तीव्र आवेश से भर गयी और ““म्हह्ह्ह….म्ह्हह्हह….. .… उ उ उ उ उ…” बोलकर जीभ चुसवाने लगी। हम पूरे जोर शोर से स्मूच करने लगे। अब वो भी शर्म छोड़ कर मुझे लिपट गयी और किस करने लगी। मैंने भी उसके होंठों में होंठ में डाल कर किस किया और उसकी जीभ मुंह में लेकर चूसने लगा हमारी जीभ भी एक्सचेंज होने लगी और हम किस में खो गये और हम बीच-बीच में सांस लेते मैं उसके गले, गाल, कान, दूध को चूसने लगा।
वो भी मेरे गले, कान, गाल, छाती को चूसती और चाटती हुई पूरी मस्त हो चुकी थी फिर जब उसको मज़ा आने लगा तो मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी। उसकी चूत बहुत टाईट थी और बड़ी मुश्किल से मेरी बीच की ऊँगली उसके अंदर जा पा रही थी मगर मैं धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा।
वो पूरी तरह से वर्जिन थी और उसे दर्द हो रहा था लेकिन थोड़ी देर के बाद उसको मज़ा आने लगा। फिर मैंने ताकत से दो उंगली अन्दर डाल दी और उसे चोदने लगा।
वो “आआआअह्हह्हह…..मर गईईईईईईई..........." चिल्लाई मगर मैंने उंगली बाहर नहीं निकालीं और मैं उसकी चूत में उंगली डालकर चोदने लगा कुछ देर बाद उसको मेरी उंगलियों से चुदने में मज़ा आ रहा था और वो “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी………मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ आह्ह्ह औऊ अह्ह्ह आअहह जानू और आआआहह और करो आहह बोलती जा रही थी।
15 मिनट तक फिंगरिंग करने के बाद वो झड़ गई और मुझसे बोली जानू मेरा पेशाब निकल गया पर ये पेशाब कुछ अलग सा था मजा आया। इतना कह कर वो मुझसे लिपट गई।
अब उसका सारा माल मेरे हाथ में आ गया और मैंने उसके माल से सनी उंगली उसके मुंह में घुसा दी या उसे चाटने को बोला और वो चाट गई कुछ मैंने भी चाटा। फिर मैंने उसको नीचे सुला दिया और टांगे खोलने को कहा उसने टांगे खोल दी तो मैंने उसकी छोटी सी चूत को देखा उस पर एक भी बाल नहीं था मैंने उसकी चूत की खुशबू ली और उसे अपनी जीभ फिराकर चूसने लगा।
वो ज़ोर ज़ोर से मोन करने लगी अफउईईइइ माँ अह्ह्ह छोड़ो मुझे अई..मम्मीईईईईईईईई और में उसकी चूत के दाने को ज़ोर ज़ोर से चूसता रहा और उसे काट भी लेता और वो छोड़ दो.. में मर जाउंगी सी..... सी..... सी.....ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँउफ़फ्फ़ या हमा उूउउ.. करती रही और फिर से झड़ गई और मुझ से बोली जानू मेरा फिर से मुत निकल गया।
मैंने कुछ नहीं कहा और बोला अब मेरा लंड चाट तो वो खड़ी हुई और मेरे लंड को पकड़ कर जीभ से चाटने लगी।
मैंने बोला अंदर डाल तो वो अंदर लेने की कोशिश करने लगी मगर लंड का टोपा भी अंदर नहीं जा रहा था, तो मैंने उसे एक बड़े पत्थर पर पीठ के बल लेटा कर उसका मुंह पत्थर से नीचे लटका दिया।
अब उसकी चूचीं ऊपर की तरफ थीं और मैं उसके बालों की तरफ से जा कर उसके मुंह में लंड घुसाने लगा। तब उसने अपना मुँह खोल कर मेरा लंड मुँह में लेने की कोशिश की जैसे ही उसने अपना मुंह खोला मैंने जोर से लंड उसके मुंह में घुसा दिया। आधा लंड उसके मुँह में घुस गया और उसकी आखें बड़ी हो गईं।
वो मुझे धक्का देने लगी तो मैंने थोड़ी देर बाद लंड बाहर निकाल लिया वो खांसने लगी और बोली मेरी सांस रुक गई मारोगे क्या? मैंने बोला अभी तो आधा लंड ही तेरे मुँह में गया था। अबकी बार पूरा लंड घुसाना है। थोड़ा झेल लेना यार तेरे गले में मेरा लंड दिखेगा घुसते हुए तुझे भी देखना है।
क्या वो बोली हां मगर मैं कैसे देखूंगी तब मैंने मोबाइल निकाला और बोला मैं वीडियो बना कर दिखा दूंगा। अब फिर से पत्थर पर मुंह लटका कर लेट जाओ।
वो फिर से लेट गई और मैं उसकी गर्दन के नीचे से अपना एक हाथ लगा कर अपने लंड को फिर से उसके मुंह में घुसाने लगा और दूसरे हाथ से वीडियो बनाने लगा उसने अपना मुंह खोला और मैंने लंड में जोर का धक्का मारा आधा लंड उसके मुंह में घुस गया उसकी आंखो में आंसू निकल आए।
और उसके माथे पर हो कर नीचे बहने लगे फिर मैं लंड को धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा। 7-8 धक्को के बाद मैंने फिर से जोर का धक्का मारा और पूरा लंड उसके मुंह में घुसा दिया।
अबकी बार उसके गले में मेरा लंड साफ साफ दिखने लगा और मैं वीडियो बनाते हुए लंड मुंह में अंदर बाहर करने लगा।
उसके आंसू बह रहे थे और वो मुझे जोर से धक्का देने लगी। मगर उसके छोटे हाथों में मेरे बराबर ताकत नहीं थी तो मैंने अपनी ताकत लगा कर लंड को 10 - 12 बार जल्दी जल्दी उसके मुंह में अंदर बाहर किया और वीडियो बना ली। फिर मैंने लंड को उसके मुंह से बाहर निकाल लिया लंड बाहर निकलते ही उसने उल्टियां करना स्टार्ट कर दिया।
करीब 2 - 3 मिनट तक उल्टी करने के बाद मुझे एक थप्पड़ मारते हुए बोली मारने का इरादा था क्या?
उसकी आवाज थोडी भारी लग रही थी और उसने बताया कि बोलते समय गले में दर्द हो रहा है। मैंने उसे अपने पास खींच कर अपनी जांघ पर बिठाया और प्यार से उसके होठों पर किस करते हुए बोला, मेरी जान देख तो ले मेरा लंड तेरे मुंह में कितना अंदर तक गया?
फिर हम वीडियो देखने लगे। वो बोली हां यार ये तो मेरे गले में साफ दिख रहा है। तभी दर्द हो रहा है मेरे गले में।
फिर मैंने बोला चलो अब चुदाई करते हैं।
वो बोली ठीक है पर अबकी बार धीरे करना।
मेंने कहा ठीक है।
और उसको नीचे लिटा कर उसकी टांगे चौडी कर दीं फिर मैं अपनी ऊँगली को थूक से गीला किया और चूत की दरार में ऊँगली नीचे से उपर करने लगा।
वो बिना पानी की मछली की तरह तड़पने लगी। मैं जल्दी जल्दी उसकी चूत की घाटी में ऊँगली करने लगा वो मस्त हो गयी।मैंने उसके पैर सहलाये और किस किया फिर उसकी चूत चाटने लगा।
वो मजा लेने लगी। मैं अपनी जीभ से जल्दी जल्दी उसकी रसीली चूत चाट रहा था। हल्के बाल चूत पर थे। मैं उसके चूत के दाने पर बार बार अपनी जीभ लगा रहा था वो तडप रही थी। उसकी चूत का स्वाद नमकीन सा था जो मुझे अच्छा लग रहा था।
मैं उसकी चूत चाटने में लगा था और वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ…हूँ..आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी………मम्मी.अई…अई…अई…आ...... ” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी।
मुझे उसकी कुवारी चूत दिख रही थी। मैं बुर चाट रहा था और वो कमर आगे पीछे कर रही थी। लग रहा था की उसकी चूत में आग गयी है। वो तडप रही थी और अपनी कमर को आगे पीछे कर रही थी। वो अपनी चूत की तरफ ही देखने की कोशिश कर रही थी। पर उसे कुछ दिखाई नही दे रहा था।
फिर मैंने चूत पर अपनी जीभ घुमाई तो वो मुझे दूर हटाने लगी। पर मैं ताकत से किसी कुत्ते की तरह उसकी चूत चाट रहा था।
अब तक उसका शरीर पसीने से भर गया था और मैं भी पसीने में नहा गया था उसका तो बुरा हाल था। मैं मेरी जीभ बार बार उसके छेद में घुसाने की कोशिश कर रहा था। मैंने 10 मिनट तक उसकी चूत का मजा लिया।
फिर वो चिल्ला कर बोली - चूत में कुछ घुसा दो प्लीज बहुत खुजली हो रही है मुझसे रहा नही जा रहा। मुझे कुछ हो रहा है। अंदर प्लीस जल्दी करो।
तब मैंने उसकी चूची पर 1 चांटा मारा और उसके पैर खोल दिए। फिर मैंने अपने लंड को पकड़ कर उसकी चूत के मुँह पर रखा और चूत पर रगड़ने लगा और उससे पूछा कैसा लग रहा है?
उसने कहा - अच्छा लग रहा है।
उसने इससे पहले कभी सेक्स नहीं किया था। पहली बार किसी का लन्ड लेने वाली थी। मैंने उसके थूक से सने मेरे लन्ड को चूत पर सेट किया और एक झटका मारा इससे लन्ड का आगे का हिस्सा अंदर चला गया। उसे बहुत दर्द हुआ और रोने लगी।
तभी मैंने मेरे होठों से उसके होठों को बंद कर लिया और चूमने लग गया और लन्ड मे एक और धक्का मारा जिससे आधा लन्ड घुस गया।
शायद उसकी चूत की झिल्ली टूट गयी। मेरा लंड अंदर चला गया। "आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई" वो चिल्लाई। उसकी आखों से आसू निकल रहे थे और उसने मुझे जोर से खींच कर सीने से चिपका लिया।
मैं उसके सीने से चिपक गया और थोडी देर तक यूं ही चिपक कर उसे चूमने लग गया। मैंने पहले भी कई लौंडियों की सील तोडी थी तो मुझे काफी अनुभव था।
जब वो थोडी शांत हुई तो मैंने एक लंड को थोडा सा बाहर खींच कर एक और जोरदार धक्का लगाया जिससे पूरा लन्ड उसकी चूत को चीरते हुए अंदर घुस गया।
वो खुद को छुड़ाने की नाकाम कोशिश कर रही थी पैर फड़फड़ा रही थी जैसे करंट का झटका लग गया हो। मेरे लंड उसके हिसाब से बहुत मोटा था।
इसलिए उसकी चूत के होंठों को ज़रूरत से ज़्यादा चौड़ा होना पड़ा। मुझे भी कुछ परेशानी हुई मगर मैंने लंड का उसकी चूत में स्वागत करवा दिया।
मेरा मूसल जैसा बड़ा लौडा उसकी चूत में गहराई तक पहुंच गया था उसे घबराहट सी होने लगी थी और अपनी चूत के अन्दर घुसता हुआ नाग के जैसा महसूस हो रहा था।
मैंने बिल्कुल भी जल्दबाज़ी नहीं की और बड़ी सज्जनता से उसकी चूत में लंड को पूरी गहराई तक पेवस्त कर दिया। फिर मैं रुक गया लन्ड अंदर ही रहा फिर जब दर्द कम हुआ और मुझको पता चला तो मैं लन्ड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा।
कुछ देर के बहुत ज्यादा दर्द के बाद अब उसे मजा आने लगा था। उसकी चूत से खून निकल रहा था पर मैं उसे फिर भी चोदता रहा। मेरी कमर उपर नीचे हो रही थी।
मेरा लंड गहराई तक उसकी चूत में जा रहा था और उसे चोद रहा था। वो मुझे सीने से लगा कर मेरी पीठ पर अपने नाखून गढा रही थी। अब चुदाई के नशे में उसका शरीर तडप रहा था।
मैं जोर - जोर से उसे चोद रहा था। “भोसडी की रंड़ी आज तेरी चूत को फाड़ के रख दूंगा ले मेरा मोटा लंड अपनी चूत में अब तो तेरी मां भी आ जाएगी तो मैं उसे भी चोद दूंगा”
मैंने कहा और चोदता जा रहा था।
उसने कहा- साले मादरचोद तू बहुत मस्त है चोद। अब हमारी गालियों भरी चुदाई शुरू हो गई।
मैंने कहा – हां साली भोसड़ी की रांड ले मेरा लंड।
वो बोली - तुम मुझे मस्त कर दो मुझे जितनी गालियाँ देनीं है दो पर मेरी चूत को चोद चोद कर चिथड़े उड़ा दो।
मैंने कहा- रंडी की औलाद चुद ले मैं चोदता हूँ तेरी चूत को। वो – हा.… आहा.. हा… सी…अई… अहह्ह्ह्हह…….सी…ऐसे ही मेरे राजा ऐसे ही चोदो और चोदो… अह्ह्ह्ह... मैंने कहा- देख कैसे पानी छोड़ रही है चूत।
साली मादरचोद गांड फट जायगी तेरी जब तेरी गांड मारूंगा। साली बहन की लोड़ी। साली मादरचोद। तेरी माँ को चोदूँ रांड बना कर ले साली चुद मेरे लंड से।
वो - हाँ आःह्ह सी.......ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ उफ़फ्फ़ या हमा उूउउ सी… अह्ह हाय… हरामी जोर से चोदो… फाड़ डालो अपनी रंडी की चूत…हाँ हरामी। जल्दी करो। मैं मरी जा रही हूँ… अह… अह… अह… आह… आह…ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ अहह… सी… सी… सी… चोदो मुझे।
मैंने कहा – साली… माँ चुदावायेगी अपनी मेरे लंड से…तूझे तो मैंने अपनी रांड बना ही लिया है। ले साली मेरा लण्ड जोर से तेरी चूत में आह… अह… ले साली… रांड की बच्ची… ले… चुदा… सही जा रहा है ना साली चूत के अन्दर…
वो – हाँ कुत्ते। आह… मौकाआआआह… मिला तोओओओओ...मेरी मांआआआआ ऊ.. ऊ... ऊ को भीईईईई ….ऊँ. .ऊँ… चुदवा दूंगीईईईईई उफ़फ्फ़… आह… चोदो… ऐसे ही आने दोओओओ… पूरा डाल दो… आह…
मैंने कहा- ले साली… ले रांड… अभी तो तेरी चूत में घुसा है। तेरी गांड भी फाड़ूँगा साली… साली बहन की लोड़ी की… उसके मुंह से “अई…..अहह्ह्ह्हह.….…” निकल रहा था।
कुवारी चूत की वजह से मुझे बहुत मेहनत लग रही थी। मैं जल्दी जल्दी लंड अंदर बाहर कर रहा था। हम दोनों को बहुत पसीना आ रहा था। उसकी पकड ढीली हो गयी थी। शायद उसका पानी निकल गया था। मगर वो अभी भी अपने पैर खोलकर मजे से चुदावा रही थी।
मैने उसकी चूत को चोद चोद के भोसड़ा बना दिया। वो झड़ चुकी थी पर मैं उसे चोदता रहा।
जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने बोला - जानू मुँह खोल अमृत पिलाऊं तुझे। उसने मुंह खोल दिया और मैंने उसके मुंह मे लंड का सारा माल निकाल दिया और बोला पी जा। और वो स्वाद से सारा माल गटक गई। फिर हम दोनों लेटकर थोडा आराम करने लगे।
हम दोनों ही हांफ रहे थे। मैंने उसके हाथ में अपना लंड पकडा दिया जो कि अभी भी आधा खडा था। फिर मैंने उसे कहा चल बहुत हुआ आराम अभी गांड भी मारनी है।
वो बोली नहीं बाबूजी चूत का छेद तो गांड से बड़ा है फिर भी हमें इतना दर्द हुआ तो गांड तो फट ही जाएगी।
तब मैंने कहा चूत में भी तो शुरू में दर्द हुआ था फिर मजा आया ना।
वो बोली हां यार मजा तो बहुत आया तो मैंने कहा हां बस ऐसे ही गांड में भी पहले दर्द होगा और बाद में मजा आएगा।
उसने कहा - सच में। मैंने बोला - हां डार्लिंग मेरी बात तो मानो।
तो वो तैयार हो गई फिर मैंने उसकी गांड भी मारी वो मैं बाद में बताऊंगा।
तो दोस्तो और सहेलियो। मुझे लगता है आपको मेरी Hindi Sex Stories पसंद आई होगी। अगर नहीं भी आई हो तब भी आप मुझे बता सकते हैं मैं कहां गलत था।
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