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प्यासी मकान मालकिन आंटी को चोदा - Antarvasna Sex Stories

हैलो मेरे कामवासना के पाठक दोस्तो

मेरा नाम रुद्र प्रताप है उम्र 27 साल और मैं राजस्थान का रहने वाला हूं।

अभी मुंबई में रहकर जॉब करता हूं।

ये कहानी मेरी और मेरी मकान मालकिन की सच्ची कहानी है।

ये तब की बात है जब मैं कॉलेज में था और अपनी सरकारी नौकरी की तैयारी करने के लिए पास के ही शहर में जाना पड़ा उस समय मेरी उम्र 19 साल थी।

मैंने एक कमरा किराए पर ले लिया।

नीचे मेरी मकान मालकिन रहती थी और उपर छत पर मेरा रूम था।

मकान में बस हम 2 लोग थे मालकिन का नाम भारती था और उनकी उम्र 39 साल थी उनकी एक बेटी थी जो दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही थी और हसबैंड सीआरपीएफ में थे और अभी असम में ड्यूटी चल रही थी।

उनको मैं अंकल कहता था और मकान मालकिन को आंटी ।

अंकल की उम्र 50+ थी।

आंटी के साइज की बात करे तो वो थोड़ी मोटी थी उनका साइज 38-40-44 था।

मुझे शुरू से ही बड़े बड़े बूब्स और बड़ी सी गांड़ बहुत पसंद है।

मुझे रूम लिए 1 महीने से ज्यादा हो चुका था और हम एक दूसरे से काफी खुल चुके थे।

आंटी काफी मजाकिया थी मजाक मजाक में हर तरह की बात कर देती थी कभी कभी नॉनवेज जोक्स भी बोल देती थी।

वैसे भी घर में हम दोनों ही रहते थे तो एक दूसरे से बहुत सारी बात हो जाती थी कभी कभी गर्लफ्रेंड के बारे में भी पूछ लेती थी।

काफी बार आंटी की गांड़ देख के लन्ड खड़ा हो जाता था और ये बात आंटी को भी धीरे धीरे पता चल गई कि उनको देख के मेरा लन्ड सलामी देने लगता है ।


पहले मुझे सुबह शाम की चाय आंटी ही पिला देती थी और धीरे धीरे खाना भी वही खिलाने लग गई थी।


एक दिन की बात है सुबह चाय देने आई तो उनको मेरे पजामे के अंदर से खड़े लन्ड का आभास हुआ सुबह सुबह तो हम लड़कों का लन्ड खड़ा ही रहता है।

आंटी मजाक में बोली... लगता है गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए तरह रहा है तू।

मैं अनजान बन कर बोला कि आंटी मैं समझा नहीं आप क्या कहना चाहती है।

आंटी बोली इतना भोला भी मत बन सब दिख रहा है।

और हल्का सा पेंट की तरह इशारा करके चली गई।


उस दिन के बाद जब सुबह आंटी के चाय देने का टाइम होता था उससे पहले मैं जानबूझ कर अपने लन्ड को ऐसे सेट कर लेता था कि उनको क्लियर दिखे।

कभी कभी कमेंट करके चली जाती लेकिन मैं कुछ नहीं बोलता।

एक दिन आंटी बोल के जा ही रही थी कि अपने कबूतर को सम्भल आजकल बहुत उड़ रहा है।

मैंने हिम्मत करके बोल ही दिया की लगता है आपके आस उड़ कर आना चाहता है।

आंटी ने बोला... बहुत मारूंगी तुझे ज्यादा ही जवानी फूट रही है।

लेकिन उनकी आवाज में गुस्सा कम और शरारत ज्यादा थी।

उस दिन मैने सोच लिया कि आंटी को चोद के की दम लूंगा और रोज रोज उनको चोदने की तरकीब सोचने लगा।

एक दिन मेरे दिमाग में एक आइडिया आया और मैंने अपने कूलर का एक वायर काट दिया और आंटी से जा के बोला कि आंटी मेरा कूलर चल नहीं रहा और पंखे का कैपेसिटर/ कंडेंसर खराब है रूम में इतनी गर्मी है कि नींद नहीं आ रही।

आज आपके यहां नीचे हॉल में सो जाऊं क्या। तो आंटी बोली हॉल का भी एसी (AC)काम नहीं कर रहा तू यही मेरे पास सो जा काफी बड़ा बेड है।

मैंने बोला कि आंटी मुझे इधर उधर हाथ पैर रखने की आदत है तो हॉल में ही ठीक रहेगा हो सकता है आपको परेशानी उठानी पड़े।

आंटी बोली कोई बात नहीं है तू आराम से सो जा।


मुझे तो बस एक बार उनके करीब जाने का मौका चाहिए था और यही एक मौका था आंटी को चोदने का।

रात के 12 से भी ज्यादा का टाइम हो चुका था और मुझे नींद नहीं आ रही थी बस यही सोच रहा था कि कैसे आंटी को टच करूं।

आंटी सीधी सोई हुई थी हिम्मत करके मैने आंटी की तरफ मुंह किया और एक हाथ उनके पेट पर रख दिया बिल्कुल बूब्स से जस्ट नीचे।

आंटी की तरफ से कोई हरकत नहीं हुई तो मैने एक पैर उनके ऊपर इस तरह से रखा की मेरा घुटना उनकी चूत के ऊपर आ जाए।

मेरे पैर रखते ही आंटी ने थोड़ी सी हरकत की लेकिन मेरा पैर हटाया नहीं और मेरे पैर के ऊपर अपना हाथ रख के सो गई।

मैं आंटी को चोदने के ख्यालों में इस कदर खोया हुआ था कि मुझे पता ही नहीं चला कि मेरा लन्ड खड़ा हो चुका है और आंटी की जांघ को छू रहा है।


थोड़ी देर बाद मैने हिम्मत करके अपना हाथ पेट से हटा के आंटी की चूत पर रख दिया और उनकी चूत की गर्मी को महसूस करने लगा

उनकी चूत फूली हुई थी और काफी मांस था।

उनकी चूत की दरार को महसूस करना चाहता था इसलिए मैने उंगली से हरकत करना शुरू की।

लेकिन हल्के हल्के से।

मुझे डर था कि आंटी के मन में मेरे साथ चुदाई करने की इच्छा नहीं हुई तो बहुत मार पड़ेगी।

इसलिए मैने धीरे धीरे हरकत करना ही सही समझा।

अगर आंटी मेरे साथ चुदाई करना चाहती है तो हो सकता है वो भी मेरी तरह जाग रही हो और मेरे तरफ से पहल करने का इंतजार कर रही हो।

और हुआ भी कुछ ऐसा ही।

जैसे ही मैने और अच्छे से चूत को छूने की कोशिश की आंटी ने तुरन्त मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली रुद्र ये ठीक नहीं है।

मैं वहीं रुक गया और सोने का नाटक करने लगा।

आंटी बोली कि मुझे पता है तू जाग रहा है लेकिन जो तू कर रहा है वो गलत है।

मैने आंटी को सॉरी बोला और दूसरी तरफ मुंह करके सोने लगा आंटी ने भी कुछ नहीं बोला।

फिर थोड़ी देर बाद आंटी ने आवाज लगाई कि तु सो गया क्या।

मैं आंटी को फिर से सॉरी बोला और कहा कि जो भी हुआ वो नींद में हुआ मुझे माफ कर दो आपको बुरा लगा तो।

तो आंटी बोली..... अच्छा बेटा मेरे से झूठ बोल रहा है और तुझे लगता है मैं सच मान लूंगी।


मेरे पास कोई जवाब नहीं था इसलिए चुप रहना ही सही समझा।

आंटी फिर से बोली गर्लफ्रेंड से मिले हुए कितने दिन हो गए।

मैने बोला 2 महीने पहले मिला था तो आंटी बोली सेक्स हुआ था या नहीं।

मैने जवाब दिया कि वो ऐसा कुछ नहीं करने देती।

आंटी बोली तभी तो मेरी ही चुदाई करने चला था।


मैं कुछ नहीं बोला लेकिन आंटी के मुंह से चुदाई शब्द सुन के लन्ड फिर से खड़ा होने लगा।

आंटी ने फिर से बोला ... अब कुछ बोलेगा भी ....

मैने बोला सॉरी आंटी आप इतनी हॉट हो इसलिए गलती से आपके बारे में वो सब करने का सोच लिया था।

आंटी बोली.. वो सब ..? क्या क्या सोच लिया था।


मैने डरते हुए बोला.... सब कुछ।

आंटी .. सब कुछ जैसे .....


मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या जवाब दु।


तभी आंटी बोली कि चल करके बता क्या क्या करना चाहता था लेकिन ये बात मेरे और तेरे तक ही रहेगी किसी और को बताना मत । और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर फिर से अपनी चूत के ऊपर रख दिया।


मैं यही तो चाहता था।

मैने तुंरत अपने हाथ से आंटी की चूत को मसलना शुरू कर दिया और आंटी को किस करने लगा उनके होंठ चूसने लगा आंटी भी मेरा साथ दे रही थी।

2 मिनट के अंदर ही आंटी सिसकारी भरने लगी।

मैंने उनकी नाइटी को उतार दिया और देखा कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी हुई है उनके बड़े बड़े बूब्स मेरे सामने थे बिल्कुल सफेद।

मैं सीधा उनके बूब्स पर भूखे शेर के जैसे टूट पड़ा और जोर जोर से चूसने लगा और काटने लगा।

आंटी की और तेज होने लगी।

उन्होंने मेरे पजामे में हाथ डाल कर मेरे लन्ड को सहलाना शुरू कर दिया।

मैं एक हाथ से उनके बूब्स दबा रहा था और एक बूब्स मुंह से चूस रहा था।

मैने भी उनकी पेंटी में हाथ डाल कर चूत को सहलाना शुरू कर दिया।

उनकी चूत गीली थी और किसी भट्टी की तरह तप रही थी।

अचानक से उन्होंने मुझे धक्का दे कर सीधा होने के लिए बोला और मेरी अंडरवर उतार कर मेरा लन्ड अपने मुंह में भर लिया और जोर जोर से लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी।

ऐसा लगा जैसे मेरे शरीर से आत्म ही बाहर आ जाएगी दोस्तो मैं शब्दों में बता नहीं सकता कि मुझे कितना ज्यादा मज़ा आ रहा था।

मैने भी उनकी पेंटी नीचे खिसका के उनकी चूत में अपनी 2 उंगलियां डाल दी और जोर जोर से अंदर बाहर करने लगा।

आंटी को भी बहुत मजा आ रहा था और वो और मज़े से लन्ड को चूसने लगी।

काफी देर बाद मेरा पानी निकलने वाला था तो आंटी को बोला कि मेरे पानी निकलने वाला है आंटी मेरा गाढ़ा माल पीना चाहती थी इसलिए उन्होंने मेरा लन्ड और जोर से चूसना शुरू कर दिया।

पूरा अंदर लेने लगी।

एक दम से मेरा पानी आंटी के मुंह में ही निकल गया आंटी ने पूरा माल चाट चाट के साफ किया।

मेरी उंगली उनकी चूत के अंदर थी और उनकी चूत का पानी मेरे हाथ को गीली कर दिया।

उनका भी पानी निकल चुका था।


बाथरूम जा के कर मैने अपना हाथ साफ किया और आंटी ने अपना चेहरा साफ किया क्योंकि वीर्य की कुछ बूंद उनके चेहरे पर भी लगती हुई थी।

वापस बेड पर आने के बाद हम दोनों फिर से शुरू हो गए।।

एक दूसरे को किस करने लगे और एक दूसरे के अंगों से खेलने लगे।

आंटी को नीचे लिटाया और मैने उनके दूध को मसलना शुरू कर दिया।

आंटी जोर जोर से सिसकारी लेने नहीं।

नीचे से अपने लन्ड को उनकी चूत पर रगड़ने लगा।

जब आंटी से रहा नहीं गया तो उन्होंने बोला बस बूब्स से खेलता ही रहेगा या चूत भी मरेगा।

उनकी ये बात सुन कर मुझे भी थोड़ा जोश आ गया और मैने उनकी चूत पर एक जोर का किस करके उनकी चूत में अपना लन्ड डाल दिया।

उम्र के हिसाब से उनकी चूत का छेद थोड़ा बड़ा था लेकिन मैने दोनों जांघ चिपका के उनको चोदने शुरू किया।

दोनों को बहुत मजा आ रहा था।

आंटी गाली देने लगी और मज़े मज़े में बहुत कुछ बड़बड़ाने लगी और जोर से झटके मार साले आह.........काफी दिन बाद बहुत मजा आ रहा है।

चोद साले चोद।

फाड़ दे मेरा भोसड़ा।

मैं भी आंटी को गालियां दे के चोद रहा था।

साली रण्डी ले मेरा लन्ड अपने भोसड़े में और बुझा अपनी प्यास।

उनको मां बहन गाली दे के चोदने मे बहुत मजा आ रहा था।

आंटी की चूत अंदर से कुछ ज्यादा ही गरम लग रही थी।

पूरा कमरा फ़च फच की आवाज से भर गया।

उनकी चूत से लगातार पानी आ रहा था।

उसके बाद उन्होंने मुझे नीचे आने के लिए बोला।

और खुद मेरे ऊपर बैठ के मेरे लन्ड पर उछलने लगी।

उनके बड़े बड़े बूब्स उछलने हुए बहुत प्यारे लग रहे थे।

मैं उनकी पकड़ के दबाने लगा और ऊपर से आंटी मेरे लन्ड पर उछल उछल के चुद रही थी।

उनकी चूत का पानी मेरे लन्ड से होते हुए मेरे पेट तक आ था।

उनका पानी कई बार निकल चुका था।

जब भी पानी निकलता वो जोर जोर से गाली देने लगती और जोर जोर से ही चूत मे लन्ड लेने लगती थी।

थोड़ी देर बाद मेरा भी पानी निकलने वाला था।

तो आंटी नीचे आई और मेरा लन्ड मुंह में ले के चूसने लगी फिर से उन्होंने साला माल अपने मुंह में भर के पी लिया और चाट के लन्ड साफ कर दिया आंटी लन्ड चूसने में परफैक्ट लग रही थी जैसा लन्ड आंटी ने चूसा वैसा तो मेरी गर्लफ्रेंड ने भी नहीं चूसा आंटी निढाल हो के मेरे बगल में लेट गई।

उन्होंने मेरे सर को प्यार से सहलाया और थैंक यू बोला।

मैने आंटी से कहा कि थैंक क्यों।

तो कहने लगी काफी दिन बाद इतना प्यार डिस्चार्च हुआ है और पूरी तरह संतुष्ट हुई है।

अंकल को डायबिटीज होने की वजह से उनके स्टैमिना कमजोर हो गया है और उनकी उम्र भी मेरे से ज्यादा हो चुकी है इसलिए ठीक से चोद नहीं पाते।

मैने कहा आज के बाद आपको कभी भी चुदाई के लिए तड़पना नहीं पड़ेगा।

हम दोनों नंगे ही एक दूसरे से चिपक के सो गए।

सुबह काफी लेट नींद खुली और आंटी को बगल में नंगी देख के फिर से लन्ड खड़ा हो गया।

मैने आंटी को जी भर के नंगा देखा और उसके बाद आंटी को किस करने लगा आंटी भी जाग चुकी थी और मेरा साथ देने लगी।

थोड़ी देर बाद उन्होंने बोला कि बाद में फिर से चुदाई करेंगे लेकिन में कहां मानने वाला था।

आंटी ने बोला कि उनकी चूत थोड़ी दर्द कर रही है शाम को फिर से जितना मर्जी हो चोद लेना।

लेकिन मैं अभी चोदने के लिए बोलने लगा तो उन्होंने कहा कि ठीक है मैं तेरा लन्ड चूस के पानी निकल देती हूं तभी मेरे मन में एक आइडिया आया।

आंटी सीधी लेती हुई थी तो क्यों न चूत के जैसे आंटी के मुंह में झटके मारे जाए।

यही सोच के मैने आंटी के मुंह में अपना लन्ड डाल दिया और उनके मुंह को चोदने लगा।

मेरा पूरा लन्ड आंटी के गले के अंदर तक जा रहा था।

उनके मुंह से गु गु गु की आवाज निकल रही थी।

उनके मुंह की गर्मी मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी।

थोड़ी देर उनके मुंह को चोदते हुए उनके मुंह में अपना पानी छोड़ दिया।

फिर दोनों साथ नहाए और खाना खा कर मैं अपनी कोचिंग के निकल गया पूरा दिन आंटी के साथ हुई चुदाई के बारे में सोचता रहा।

मैने आंटी को अलग अलग तरह से काफी बार चोदा और उनकी एक सहेली को भी आंटी के सामने चोदा उसके बारे में अगली कहानी मैं बताऊंगा।


तो दोस्तों किसी लगी मेरी रियल Antarvasna Sex Stories मुझे अपनी प्रतिक्रिया ईमेल जरूर करे।


मुझे भाभी और आंटी के ईमेल का इंतजार रहेगा।

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