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फूफाजी के लंबे और मोटे लंड ने मुजे प्रेग्नेंट कर दिया - Antarvasna Sex Stories

  • Riya
  • 12 hours ago
  • 9 min read

हैलो दोस्तो आपकी रिया हाज़िर है कहानी के साथ। नमस्कार मेरा नाम रिया है। मेरी उम्र 23 साल है। और मैं कालेज में फाइनल इयर में पढ़ रही हूं।


कालेज में लड़के और टीचर सब मुझे चोदने की फिराक में लगे रहते हैं मेरे बूब्स 34D, है कमर 30, चूतड 36 इंच है मैं गज़ब की सैक्सी हुं मैं अपने जीवन काल में अब उन दिनों जवान तो थी ही और मेरी कामेक्षा भी अधिक हो गई थी। क्योंकि बस में आते जाते सब मेरी चूचियों पर और गान्ड पर हाथ फेर दिया करते थे।


आज मैं अपने जीवन की सबसे सच्ची रोमान्चक घटना बताने जा रही हूँ। जो आज भी मुझे उत्तेजित करती है।


बात 2 साल पहले की है। मेरे फूफ़ा जी की बीवी यानि बुआ जी की तबियत बहुत खराब थी और उनके घर कोई नहीं था। तो मेरे माता-पिता ने मुझे उनके घर जाने को कहा। मैं वहाँ चली गई, मैं बुआ जी की देखभाल में लग गई।


एक दिन सुबह बुआ जी की तबियत ज्यादा ही खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। उनकी बच्चेदानी में घाव हो जाने से इन्फेक्शन बढ़ गया था। दिन में तो मैं उनके साथ रहती। पर शाम को वापस घर आ जाती, फूफाजी के साथ ही शाम का खाना खाते और फ़िर बातें करते और फ़िर अपने-अपने कमरे में सोने चले जाते।


एक रात मैं जब पेशाब करने बाहर गई तो मैंने फूफाजी के कमरे के दरवाजा खुला देखा और उसमें से रोशनी आती देखी।मैंने सोचा कि शायद फूफाजी को कोई परेशानी होगी। इसलिए अन्दर उनसे पूछने चली गई। जब मैंने अन्दर देखा। तो मेरे होश ही उड़ गए। मैंने देखा कि वे अपनी आँखें बन्द किए अपने लन्ड को जोर-जोर से हिला रहे हैं।


यह नजारा देखते ही मैं वापस अपने कमरे की और दौड़ पड़ी। मैं सोने की कोशिश करने लगी। पर मुझे नींद ही नहीं आ रही थी, मेरे दिमाग में बस उनके विशाल लन्ड की ही छवि आ रही थी। मैंने आज तक इतना बड़ा लंबा मोटा लन्ड नहीं देखा था मुझे भी मेरी चुत की गर्मी खुजली महसूस होने लगी। और मेरे हाथ खुद व खुद मेरी चुत पर चले गए।


करीब 5 मिनट ही हुए होंगे कि मैंने किसी के अन्दर आने की आहट सुनी। इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती। किसी ने मेरे ऊपर आते हुए मुझे कस कर पकड़ लिया। मैं चिल्लाना चाहती थी। पर उन्होंने अपने हाथ से मेरी आवाज बन्द कर दी।


फिर एक आवाज आई- रेनू तुम बहुत खूबसूरत सैक्सी हो। और मैं भी प्यासा। क्यों न एक-दूसरे की मदद करके इस आग को शान्त कर दें। फिर उन्होंने अपना हाथ मेरे मुँह से हटाया और मेरे ऊपर से उठ गए।, अब उन्होंने लाइट जला दी। मेरे सामने फूफा जी खड़े थे।


मैंने कहा- यह आप क्या कह रहे हैं, मैं आपकी बेटी की तरह हूँ।

उन्होंने कहा- जरूरत इन्सान को बदल देती है, मैंने उनको चिल्ला कर कहा कमरे से बाहर निकल जाने को कहा। पर वो बस मुझे मनाने में लगे रहे। और फिर मुझे दबोच लिय । मेरी दोनों चूचियों को दबा कर मसलने लगे। अपने होंठ मेरे होंठों से लगा कर चूसने लगे। मैंने उनकी गिरफ्त से बाहर निकल जाने की बहुत कोशिश की लेकिन फूफा जी ने मुझे ताक़त से दबोच रखा था।


मेरी चूत का उभार
मेरी चूत का उभार

उन्होंने मुझे दबोचे हुए मेरी टी-शर्ट ऊपर को उठा कर निकाल दी। ऊपर से मैं नंगी हो गई। मेरी दोनों चूचियों को पकड़ कर एक अपने मुंह में लेकर चूसने लगे निप्पल को मुंह में लेकर काटने लगे। दुसरी को हाथ से मसलने लगे। करीब आधे घन्टे के बाद मैंने अपनी हार मान ली। उन्होंने मुझे पूरी तरह नंगा कर दिया और मेरे ऊपर आ गए।


फ़िर मुझे ऊपर से नीचे तक चूमना और चूसना शुरू कर दिया, मुझे जरा भी नहीं लगा कि वो कोई 50 साल के बुजुर्ग हैं। मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई 30 साल का जवान मर्द मेरे ऊपर चढ़ा है। करीब 10 मिनट के बाद वो थोड़ा रुके और फ़िर मुझसे कहने लगे- रेनू तुम बहुत खुबसूरत हो। तुम्हारा जिस्म एकदम फूल की तरह कोमल है। मैं बस शर्माती हुई उनकी बातें सुन रही थी। वो बस मेरी तारीफ़ करते और चूमते रहे। चूस चूस कर मेरे शरीर पर चूचियों पर निप्पल पर निशान डाल दिए।


मेरी सिसकारियां निकलने लगीं थीं आआआआहहहहह ऊऊऊऊ।, शइइइइइइइ।, हहहहहहममममममम।। एएएएएएएए।। ऊऊऊऊऊऊछछ। फूफा जी ने अपने कपड़े उतार दिए उनका लन्ड उछाल ले रहा था। मैं डर रही थी इतना बड़ा लंबा मोटा लन्ड मेरी गुलाबी चुत में कैसे जायेगा।


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मेरे बोबे


उनका लन्ड करीब करीब 9 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा था। ओर वो चुदाई के खिलाड़ी भी थे। बुआ को चोद चोद कर उनकी ऐसी हालत कर दी है। मैं अभी कुंवारी लड़की हुं।, तभी उन्होंने मेरी टाँगों को फ़ैला दिया। खुद अपने आपको वहाँ पोजीशन में कर लिया और अपने लम्बे मोटे लण्ड को मेरी चुत में रगड़ते हुए मुझे चूमने लगे। धीरे-धीरे उन्होंने मेरे मम्मों को चूसना शुरू किया।


उनका एक हाथ मेरी एक चूची पर था जिसे वो जोर-जोर से मसल रहे थे और दूसरी चूची को अपने मुँह में ले कर चूस रहे थे। मुझे अजीब सा दर्द और मजा का अहसास हो रहा था। मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं। अब वो नीचे की तरफ़ आने लगे और अचानक उन्होंने अपना मुँह मेरी चुत से लगा दिया। मेरी हिचकी निकल गई। ऊई।,मां।मरररररर।गई।, मैं उठ कर बैठने लगी। पर उन्होंने मुझे दबोच कर लिटा दिया। मैंने कहा- ये क्या कर रहे हैं ?


उन्होंने कहा- तुम्हें मज़ा आएगा। बस लेटी रहो। उन्होंने मेरी चुत चाटना शुरू कर दिया मेरी चुत और गीली होने लगी। मुझे काफी मज़ा आने लगा। मैंने उनका सिर अपनी चुत की ओर खींचना शुरू कर दिया। मेरी गुलाबी चुत को भींच कर चूसने लगे। मैं अपनी गांड़ को उछालने लगी। ईईईईईईईईई। मममममममम। एएएएएएएए। ऊऊऊऊऊऊछछ। ईईईईईईईईई। खखखखगगगहहहहहहह। आआआआआइइ। ऊईईईईईईघईई। मम्मी।। कुछ देर में मेरी हालत खराब होने लगी।


मैंने सिस्कारते हुए कहा- मैं झड़ने वाली हूँ। तो वो और जोर से चाटने लगे। फ़िर मैं भलभला कर झड़ गई। मेरी चुत का सारा पानी पी गये। अब वो वहाँ से ऊपर आए और मुझसे बोले- तुम्हारी चुत कितना पानी निकालती है। अब मेरे लण्ड को प्यार करो। मैंने उनका अपने हाथ से उनका लौड़ा हिलाने लगी। उनका लिंग काफी मोटा था।


कुछ देर बाद उन्होंने मुझे लन्ड मुँह में लेने को कहा। पर मैंने मना किया। फ़िर उन्होंने जिद की। तो मैंने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे कहा- अब बस करो। चलो चुदाई करते हैं उन्होंने मेरी कमर के नीचे एक तकिया रखा और मेरी जाँघों को खोल दिया।


मेरी चुत पर थूक लगा दिया और अपने लन्ड से चूत को रगड़ने लगे। फ़िर वे झुके और मुझे कस कर पकड़ लिया, उन्होंने मुझसे कहा- मेरे लौड़े को चुत में लगा दो।, मैंने फूफा जी के लन्ड को पकड़ कर अपनी चुत के छेद पर रखा और तभी फूफा जी ने जोर से धक्का लगाया तो उनके फौलादी लन्ड का सुपारा मेरी चुत को चीरते हुए अन्दर घुस चुका था।


मेरी ज़ोर से चीख निकल गई।,ऊई। मां। मरररररर।, गई ऊईईईईईईघईई। मम्मी।। मुझे अपनी चुत में खिंचाव सा महसूस होने लगा। अचानक फूफा जी ने एक ओर जोर का धक्का मारा और उनका पूरा लन्ड मेरी चूत में मेरी सील तोड़ते हुए अन्दर घुस गया। मेरी चुत से खून निकलने लगा। मैं चीख पड़ी- ऊई मा।ऊईई। मां। मरररररर।, गई।


मेरी आंखों में आसूं आ गये। मैं रोने लगी।। वो फूफा जी बोले- बस। हो गया। थोड़ी देर रुको। फ़िर चोदना चालू करूँगा। वो मुझे चूमने लगे। मेरे होंठों को चूसने लगे, मेरी जुबान को चूसने लगे। मेरे मुँह से निकलते रस को पीने लगे।

फ़िर मुझसे कहा- रेनू जानू बस थोड़ा सा दर्द सहन कर लो। क्या तुम तैयार हो। तो मैं धक्के मारना शुरू करूँ।

मैंने कहा- बहुत दर्द हो रहा है। धीरे धीरे से करो। फूफा जी थोड़ी देर रुक कर फिर से जोर जोर से धक्का लगा कर मुझे चोदने लगे। मेरी सिसकारियां निकलने लगी आआआआहहहहह ऊऊऊऊ। शइइइइइइइ। हहहहहहममममममम। एएएएएएएए।, फूफा जी का लन्ड मेरी चुत में फंस कर तेजी से अन्दर बाहर होने लगा। इइइ।आआआआ। ऊऊऊऊऊऊछछ। ईईईईईईईईई। मममममममम। एएएएएएएए। ऊऊऊऊऊऊछछ ईईईईईईईईई।, फिर फूफा जी ने मेरी दोनों टाँगें उठा कर अपने कन्धों पर ऊपर रख दीं।, और जोर जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। कमरे में जोर से मेरी सिसकारियां निकलने लगी आआआआहहहहह। ऊऊऊऊ। शइइइइइइइ। हहहहहहममममममम।, एएएएएएएए।फट। फचफच पटपट। फचफच। पटपट फचफच। पटपट फचफच। फूफा जी का मुसल जेसे लम्बा मोटा लन्ड मेरी बच्चेदानी में घुस रहा था।, ऊऊऊऊऊऊछछ। ईईईईईईईईई। खखखखगगगहहहहहहह। आआआआआइइ।, ऊईईईईईईघईई।


तभी मेरा शरीर अकड़ने लगा और मेरी चुत से ढेर सारा पानी निकला मैं झडने लगी। मैंने अपनी बाहों को हार बनाकर फूफा जी के गले में डाल कर कर उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं फूफा जी को समर्पित हो गई और उन्हें अपनी बाहों में भर कर जोर से भींच लिया।। अब उन्होंने धक्के लगाना शुरू कर दिए। हम दोनों काफी गरम हो चुके थे और एक-दूसरे का भरपूर साथ दे रहे थे। मैं उनके हर धक्के का जबाव अब अपनी कमर को ओर अपनी गांड़ को उचका कर दे रही थी।


कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे कहा- क्या तुम ऊपर आना चाहोगी ?


मैंने कहा- ठीक है। शायद आप थक गए हैं। उन्होंने मुझे उनको पकड़ने को कहा और एक हाथ मेरे चूतड़ों पर रख कर मुझे अपनी ओर खींचा और कहा- बस लन्ड को बाहर मत आने देना। मैंने वैसा ही किया अपनी चूत से उनका लौड़ा निकाले बिना ही मैं उनके ऊपर आ गई। उन्होंने मुझे चोदने को कहा और मैं धक्के लगाने लगी।


थोड़ी देर बाद वो भी नीचे से धक्के लगाने लगे। मुझे लगा कि मैं झड़ने वाली हूँ और मैंने धक्के तेज़ कर दिए। कुछ ही देर में मैं दोबारा झड़ गई और उनके ऊपर लेट गई। पर वो नीचे से अब भी धक्के लगाते ही रहे।, फूफा जी वो समझ चुके थे कि मैं फिर से झड़ चुकी हूँ। इसलिए उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया था। ताकि मैं अलग न हो सकूं।


तभी मैंने उनसे कहा- फूफा जी मुझे पेशाब लगी है। यह सुनते ही उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और बाथरूम की ओर चल दिए। मैंने कहा- ये क्या कर रहे है? उन्होंने कहा- इतने साल के बाद चुत में लन्ड गया है। निकालने का मन नहीं हो रहा। उन्होंने मुझे बाथरूम में उतारा और कहा- जल्दी कर लो। मैं उनके सामने ही बैठ गई और पेशाब करने लगी।


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वे मेरे सामने ही खड़े होकर अपने लन्ड को हाथ से हिलाते हुए मुझे देखते रहे। मैं जैसे ही उठी। वे मेरे सामने आए और मुझे दीवार से लगा दिया।, फ़िर मेरी एक पैर को उठा कर लन्ड को मेरी चूत में अन्दर पेल दिया और मुझे चोदने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने मेरा दूसरा पैर भी उठा लिया। अब मैं हवा में झूल रही थी।, वो जोर-जोर से धक्के मार रहे थे, उनके जिस्म से पसीना टपक रहा था। उनकी साँसें तेज़ होती जा रही थीं।


इधर मेरी भी सिसकारियाँ तेज़ होने लगीं। ऊऊऊऊऊऊछछ। ईईईईईईईईई। मममममममम। एएएएएएएए ऊऊऊऊऊऊछछ ईईईईईईईईई।। मममममममम।।


मेरे मुँह से निकलने लगा- और अन्दर और अन्दर। वो और तेज़ गति से चोद रहे थे। उन्होंने मुझसे कहा- मेरा निकलने वाला है।मैंने कहा- फूफा जी निकाल दो। फ़िर जोरदार धक्कों के साथ उन्होंने अपना ढेर सारा गाढ़ा गाढ़ा वीर्य मेरी चुत के अन्दर मेरी बच्चेदानी में निकाल दिया और मैं भी तीसरी बार झड़ गई। करीब 5 मिनट तक हम उसी अवस्था में पड़े रहे। फ़िर हम अलग हुए। मैंने अपनी चुत को साफ़ किया और फूफा जी के लन्ड को पकड़ कर साफ़ किया। और हम दोनों अन्दर चले गए।


कुछ आराम के बाद फूफा जी फ़िर शुरू हो गए। फिर बेड पर लिटा कर मेरी ताबड़तोड़ चुदाई करने लगे। मैं भी भरपूर सहयोग कर रही थी। फूफा जी ने हर बार मेरी चुत में अपना गाढ़ा गाढ़ा वीर्य बच्चेदानी तक भर दिया था। उस रात फूफा जी ने मेरी 3 बार जमकर चुदाई की।


मेरी चुत बुरी तरह से सूज कर मोटी भरी भरी हो गई थी। सुबह हम दोनों की हालत खराब हो चुकी थी। पूरे जिस्म में दर्द था। सुबह तो मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। मेरी जाँघों में चुत में दर्द और अकड़न सी हो गई थी। मेरी दोनों चूचियों में दर्द से ओर उठ कर तन गई थी।


मैं उनके यहाँ करीब 30 दिन रुकी थी और फूफा जी ने दिन रात मुझे अपनी बीवी की तरह मुझे खुब चोदता रहा। हर दिन हम दोनों ने जी भर कर चुदाई की। यहाँ तक कि जब दिन में मौका मिलता तब भी लण्ड चूत का खेल शुरू हो जाता था। पूरे घर में में ऐसी कोई जगह नहीं थी जहां फूफा जी ने मुझे ना चोदा हो।, फूफा जी ने मुझे चोद चोद कर लड़की से भरपूर औरत बना दिया। कई बार तो फूफा जी ने मुझे बुआ जी की शादी की साड़ी में मुझे अपनी दुल्हन बनाकर मेरी मांग में सिंदूर भरकर सुहागरात भी मनाई।


मैं जब तक फूफा जी के पास रहीं मैं भी उनकी बीवी की तरह चुदतीं थी। मैं अब फूफा जी को बुआ जी की कमी महसूस नहीं होने देती थी।


नतीजा यह हुआ कि मैं फूफा जी से गर्भवती प्रेगनेंट हो गई। यह बात मैंने फूफा जी को बताईं कि मैं तुम्हारे बच्चे की मां बनने वाली हुं। उस रात फूफा जी ने मुझे खुशी से खुब जमकर चोदा। और बच्चे का सुनकर उस रात मेरी चुत की तरह ही मेरी गान्ड का भी उद्घाटन करते हुए मेरी गान्ड की सील तोडी। उस रात फूफा जी ने मेरी 3 बार चुत मारी और 2 बार मेरी गान्ड मारी। मैंने जैसा सोचा था। इसका उल्टा हुआ था। वे 50 साल के होने के बाद भी उनमें एक 30 साल के जवान मर्द की तरह ताकत थी। जिसको मैं अच्छी तरह से भुगत रही थी।


फिर फूफा जी ने किसी जानकार लेडिस डाक्टर से बच्चे की सफाई करवा कर गिरवा दिया। अब जब भी हमें मौका मिलता है और जब मैं फूफा जी के यहां जाना होता है मौका मिलते ही फूफा जी मेरी जमकर चुदाई करते।


आपकी रिया।, आपको मेरी Antarvasna Sex Stories कैसी लगी जरूर बताना । rs9533749@gmail.com

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