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बहन के ननद की चुदाई - Antarvasna Sex Stories

हेलो दोस्तों और मेरी प्यारी रसभरी भाभियों अगर आपकी जवानी सो चुकी है तो अपने हाथ को अपनी चूत सहलाना शुरू कर दोगी और दोस्तो लंड हिलाना शुरू कर दोगे……, “मेरा नाम जीवन है। (बदला हुआ) मै बिहार का रहने वाला हूं ये मेरी सच्ची कहानी है मेरी बहन के ननद के साथ प्यार और फिर चूदाई की।


हमारी भाषा में इसे कहते है पहले भोजन फिर चोदन, उसका नाम राधा (बदला हुआ) l जब मैं 12वी में था तब उनसे मेरा संपर्क हॉस्पिटल में हुआ उस समय मेरी बहन की सास यानी उनकी माता जी का इलाज चल रहा था, तब वो उनके पास थी। में अस्पताल में चक्कर लगाता रहता था तो उससे काफ़ी बार बात हुई।


तब उसी रात से वो मुझे देखकर मर मिटी और सभी के सो जाने के बाद पूरी रात हम दोनों ढेर सारी बातें करके रात गुजार दिएl


ऐसा ही सिलसिला चलता रहा और दोनों एक दूसरे को अच्छी तरह से जान चुके थे मै बताना भूल गया, उसकी उम्र करीबन १९ साल थी। वो कॉलेज के पहले वर्ष में पढ़ती थी। उनके फिगर का साइज ३२-२६-३० थी पूरे तरह से स्लिम और एक हॉट फिगर थी। हर कोई उसे निचोड़ना चाहे साथ ही वो दूध से गोरी थी।


ऐसी बीच एक सालों में हम दोनों के बीच प्यार का सिलसला शुरू हो चुका था। मै उनके घर हर साल सुबह मिलने के बहने चला जय करता था, घर के सभी लोग हमे अच्छा लड़का समझते थे। हमदोनो के बीच हाथापाई हंसी मजाक खूब होते थे।


रात में सेक्सी बाते भी होने लगी, जिससे अब एक दूसरे को और भी पास खींच रही थी। अब लिप किस तक यह बात पहुंच चुकी थी। मौका पाते ही मैं इशारा करता वो ऊपर वाले रूम में मेरा इंतजार करती कुछ समय बाद मैं ऊपर आकर उनको अपनी बाहों में लेकर खोदबा दबा कर उनकी चूत में आग लगता। ऐसा दिनचर्या अब रोज होने लगा।


एक बार हमे चुत चोदने का मजा लेना हम दोनों के लिए अब जरूरी हो गया। अब रहा भी नहीं जा रहा था। एक दिन मेरे घर पे कोई नहीं था तब हमने अकेले में मिलने का प्रोग्राम बनाया। चुपके से वो मेरे घर आई। तब में फिर उसे ऊपर भेजकर वापिस रुम में पहुंचा और एक दूसरे को अपने आगोश में ले लिए। फिर चुम्मा चाटी 15 मिनट तक चला।


मजा आ गया तब तक उसके चूत ने सफेद रस छोड़ दिया। ओह बता नहीं सकता क्या सुगंध होती है। अब मैं उसे बेड पर पटका और नाइटी को ऊपर किया। वो फूली पाव रोटी सी फूली चुत मरे नजर के सामने खुली चुनौती दे रही थी।


आ बैल मुझे मार अब मैं आव न देखा ताव अपनी जीभ उसके मखमई चूत पर लगा दिया वो सन्नसी हो गई, शायद पहले बार वो जीभ से चूद रही हो।


मै अपनी पूरी ताकत से उसके उसके बूर को पीने में लगा था पूरी जीभ बूर के अंदर हड़कंप मचा रखा था। वो पागल हो रही थी ऊं मां अं और जोर से करो उसकी सिसकारी मुझे पागल कर रही थी वो मेरा सर अपने बूर के अंदर दबा कर अन्दर करने की कोशिश कर रही थी। तब तक वो एक बार झड़ चुकी थी।


मैने चट कर पूरी मलाई को साफ किया पूरी तरह संतुष्ट हो चुकी थी। एक बार आप भी अपनी बीबी के बूर को इसी प्रकार से चाट कर संतुष्ट किया करो खुश रहेगी।


मेरी सभी भाभी जो पढ़ रही होगी अब बारी थी लण्ङ चुसाई का। जैसे ही उसने मेरा पैंट सरकाया फ़न्फनता हुआ मेरा 7.5 इंच का लौड़ा तैयार था।

उसका मुंह चोदने को वो देख कर शौक हो गई, कहा मेरी बूर की चटनी बनाना है क्या? मैं नहीं लूंगी मर जाऊंगी।


मैने समझाया उसको कुछ नहीं होगा ये गिला करो। फिर आसानी से चला जाएगा, पता भी नहीं चलेगा। फिर उसने लौड़े को मुंह में लिया चूसना शुरू किया ओह मैं जन्नत में सीधा पहुंच गया। मै मदहोश हो चुका था। उसका चेहरा दोनो हाथों से पकड़ कर सहला रहा था और उसका मुख चोदन घपाघप किए जा रहा था। जिससे मेरा लौड़ा और भी लोहे जैसा हार्ड लग रहा था। सभी नसे जैसे फट कर बाहर आने को लग रहा था।


मुंह चूदाई का सिलसिला 20 मिनट तक चला। मै असली खिलाड़ी की तरह अभी भी पिच से नहीं हिला। तब उसने कहा, अब चोद भी दो। रहा नहीं जा रहा।


मैने उसे बेड पर लिटाया और अपने टोपा से बूर कि क्लीट को थोड़ा घसना शुरू किया, वो पागल हो रही थी, सिसकारी मार रही थी। आं उ ई


मैने टोपा को थोड़ा झटका दिया सीधे बूर को चीरता हुआ 3 इंच अन्दर गया। वो दर्द में रोते हुए अपने बाहों में खींच कर कैद कर लिया। मै आऊ न देखा ताऊ दूसरी धक्के में लौड़ा को पूरी तरह से बूर के दीवारों को चीरता हुआ बच्चेदानी को छू गया।


वो दर्द में कराह रही थी, मर गई, मार दिया तूने बहिनचोद भोसरी के रण्डी की औलाद।


हम एक दूसरे के साथ चिपके निढाल हो चुके थे। मुझे भी मजा आ रहा था, गाली सुन के। थोड़ी देर में बूर दर्द कम होने के बाद आगे पीछे करना शुरू किया। अब वो भी साथ देने लगी मेरे चूतड़ को पकड़ कर खुद धक्के लेने लगी।


वो और जोर से धक्के की अपील कर रही थी। मै धक्के दे रहा था और उसकी चूची को पी रहा था। चोदते हुए चूची पीना ओह फिर चूची के बीच में जीभ से चाटना उसे तृप्त कर रहा था। 40 मिनट से अधिक समय में मैने उसके दोनों पैर को कंधे के ऊपर रख कर खूब चोदा।


कभी घोड़ी बनाकर तो कभी वो लंड की सवारी कर के खूब चूदाई के मजे लीये। अब दोनों झड़ चुके थे उसकी बूर दोनों के मक्खन से लबा लब हो चुकी थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ निढाल हो चुके थे। कुछ समय बाद हमने एक दूसरे को किस किया और घर वापिस आ गए।


उसके बाद में हमारी चूदाई कई बार हो चुकी थी। अब हमे अलग हुए 4 साल हो चुके है फिर कोई नहीं मिली जो मेरी प्यार बुझा दे l


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भाभी की सेवा को देवर हमेशा तत्पर है।

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