बीवी की चुत छोटी थी तो सास को ही चोद दिया - Hindi Sex Stories
- Kamvasna
- Apr 10
- 6 min read
मेरा नाम योगेश है, मैं चंडीगढ़ में रहता हु, मैं अभी पढाई कर रहा हु, पर क्या बताएं दोस्तों जब मैं गाँव से चंडीगढ़ आया तो मेरा दिमाग ही घूम गया, चंडीगढ़ की लड़कियां बड़ी ही सेक्सी और सुन्दर होती है, मेरे ज़िंदगी में ऐसा ही हुआ.
मैंने भी अपना दिल दे दिया था एक कुंवारी को जो की मेरे फ्लैट के बगल में ही उसका घर था, कब हम दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे पता ही नहीं चला, और फिर हम दोनों पार्क में मिलने लगे, बाजार में, माल में, उसका नाम कृतिका था वो अभी अभी अठारह साल की हुई थी और मेरी उम्र भी २१ साल की ही है.
मैंने कृतिका को पूछा कृतिका तुम्हारी मम्मी क्या करती है और तुम्हारे पापा नहीं दीखते है, तो कृतिका बोली की मेरी माँ आ अपना बुटीक है और पापा दुबई में रहते है, वो साल में एक बार ही घर आते है, मेरा कोई और भाई बहन नहीं है. कृतिका बहुत ही ज्यादा हॉट है.
जब वो मेरे साथ पार्क में या कही और सुनसान जगह पे होती तो मैं उसको किश करता, वो अपनी चूचियाँ भी दबाने देती पर अंदर से नहीं ऊपर ऊपर से ही, मुझे तो गुस्सा आ जाता क्यों की मेरे तन बदन में आग लग जाती थी उसको देखते, पर उसने मुझे अपने चूत या बूब तक आने नहीं दिया.
इस वजह से मैं और भी पागल और दीवाना हो गया उसके प्यार में, मैंने कहा तुम मुझे सेक्स करने कब दोगी तो उसने कहा, माँ ने मुझे अपनी कसम दी है की बेटी शादी के पहले तुम कुछ भी नहीं करना, मैंने तुम्हे सेक्स करने शादी के बाद ही दूंगी, मैंने कहा ठीक है मैं तुमसे शादी करना चाहता हु.
कृतिका अपनी मम्मी से बात की तो मम्मी ने उसको समझाया देख कृतिका तुम्हारी उम्र अभी शादी को नहीं हुई है, ना तो तुम्हारा शरीर अभी ऐसा है की तुम बर्दाश्त कर सको. पर कृतिका के जिद के आगे उसकी माँ को झुकना पड़ा, और हम दोनों शादी कर लिए, कृतिका के पापा भी शादी के लिए हां कर दिए, उन्होंने कहा की मेरी ख़ुशी मेरी बेटी की ख़ुशी में ही है.
दोस्तों पर मेरी सास को हमेशा यही मलाल था की बेटी अभी छोटी है, शायद वो इस बात से दर रही थी की कही मेरा मोटा लंड कृतिका की चूत को फाड़ ना दे, कृतिका काफी स्लिम है इस वजह से, तो शादी हो गई, आपको तो पता है मैं यहाँ अकेले रहता था और कृतिका का अपना मकान है, शादी भी आर्य समाज मंदिर में हुआ और शाम को हम तीनो आ गए.
रात को मेरी सासु माँ ने ही घर को सजाया था, मेरा सुहागरात का कमरा काफी गुलाब की खुसबू से महक रहा था, मैं तो काफी खुश था क्यों की आज मैं कृतिका को चोद सकता था, मैंने तो लंड में पहले से तेल लगा लिया, और पहली बार कृतिका को खुश करने के लिए मैंने कामोत्तेजक दबाई और तेल भी ले आया था.
रात को सासु माँ मुझे बुलाई उस समय कृतिका मेरा इंतज़ार कर रही थी कमरे में, बोली की दामाद जी, कृतिका अभी कमसिन है, अभी शायद वो इस लायक नहीं है, क्यों की उसका शरीर भरा नहीं है, कृतिका तो आपकी है, पर आप समझ रहे है ना आप की मैं क्या कहना चाह रही हु.
मैंने कहा माँ जी आप प्लीज साफ़ साफ़ बता दे, तो सासु माँ बोली चलो कोई नहीं जो होगा देखा जायेगा. वो अपने कमरे में चली गई, मैं कृतिका के कमरे में गया कृतिका उस दिन भारतीय नारी के तरह उठ कर आई और मुझे प्रणाम की, मैंने भी उसको उसी स्टाइल में उठाया, आज मैं भी बहुत खुश था, बेड पे लिटा दिया, और पूछा की आज इजाजत है.
तो बोली “आज भी पूछने का दिन है” ओह्ह्ह मेरे जिस्म में तो आग लग गया, मैंने उसको कोमल होठो को चूसने लगा, बूब्स को ऊपर से दबाने लगा, वो भी मेरे बाल को सहलाने लगी, मैंने धीरे धीरे कर के उसके ब्लाउज को खोल दिया, मैंने पूछा कौन सा नम्बर का ब्रा है, बोली 32 का है जी.
ओह्ह्ह मैंने साडी उतार दिया और पेटीकोट भी, वाओ लाल लाल ब्रा और पेंटी में गजब लग रही थी, मैंने पीछे से ब्रा का हुक खोला और टूट पड़ा, जब मेरा हाथ उसके पेंटी के अंदर गया चूत पूरी गीली हो चुकी थी, मैंने बूब्स को प्रेस कर रहा था और एक हाथ से चूत को रगड़ रहा था.
गजब का नजारा था उस समय कृतिका सिर्फ आअह आआह आआह आआह कर रही थी, फिर मैंने उसके पेंटी को उतार दिया और दोनों पैरो के बीच में बैठ कर लंड निकाल कर, उसके चूत पे रगड़ने लगा, कृतिका अंगड़ाई लेने लगी, मेरा लंड भी अंगड़ाई लेने लगा, तन के खड़ा हो गया, मोटा नौ इंच लंबा और करीब साढ़े तीन इंच मोटा.
कृतिका के चूत को अपने दोनों हाथो से फाड़ कर देखा तो हैरान रह गया, चूत का छेद इतना छोटा था की उसमे लंड क्या मेरी ऊँगली तक नहीं जा सकती. मैं समझ गया की सासु माँ मुझे क्या कर रही थी आज, मैंने कहा कृतिका तुम्हारी चूत का छेद तो बहुत ही छोटी है, लंड कैसे जायेगा अंदर वो चुप रही कुछ भी नहीं बोली.
पर मेरा लंड सलामी दे रहा था, उसके गोर गोर बूब्स उसपर से कत्थई रंग का निप्पल ओह्ह्ह्ह ल्ह्ह्ह्ह्ह मेरी नजर पड़ते ही, मैं हैवान हो गया और लंड में थोड़ा वेसलिन लगा कर चूत के ऊपर रख कर पैर फैला कर घुसाने की कोशिश करने लगा, कृतिका अपना जिस्म कडा कर दी, और पैर मेरे पेट में सटा दी.
मेरे लंड उसके टाइट चूत में जा नहीं रहा था, पर मैं करता भी क्या, मेरे बदन में विजली दौड़ रही थी, मैंने उसके होठ को फिर से चूसना सुरु कर दिया, फिर से कृतिका के चूत में घुसाने की कोशिश की पर कृतिका रोने लगी, मैंने कहा रोती क्यों है थोड़ा दर्द होगा, और मैंने फिर से कोशिश की और लंड चार से पांच झटके के बाद कृतिका का चूत फट गया और मेरा मोटा लंड अंदर समा गया.
उसके चूत से खून निकलने लगा, कृतिका रो रही थी, दो तीन बार अंदर बाहर किया पर वो दर्द से छटपटा रही थी, तो बोली, आज जो होना था हो गया, दो तीन दिन बाद ही थोड़ा फैला हो जायेगा फिर आप जितना मर्जी आप मुझे चोदना, मुझे भी ठीक लगा और मैंने चोदना बंद कर दिया, मुझे लगा की चलो बाथरूम में जा कर अपना वीर्य गिरा दू.
मैंने जैसे ही दरवाजा खोला सासु माँ दरवाजे के बाहर कड़ी थी, मैंने कहा आप और यहाँ वो चुचाप अपने कमरे में चली गई, मैं सिर्फ टॉयलेट किया और वापस आकर देखा तो कृतिका सो रही थी, मुझे लगा की सासु माँ से पूछनी चाहिए, शायद वो कुछ कमरे से लेने तो नहीं चाह रही थी.
मैंने उनके पास जाकर पूछा आप कुछ कह रहे थे, तो बोली, दामाद जी, यही मैं आज आपको समझाने की कोशिश कर रही थी की कृतिका अभी उस लायक नहीं है, वो बहुत छोटी है और उसका पार्ट अभी उस लायक नहीं हुआ है, आपसे मेरी ये रिक्वेस्ट है की आज चाहो तो मुझे कर लो जो करना है, पर कृतिका को धीरे धीरे स्टार्ट करना.
ओह्ह्ह इतना सुनते ही मेरा नजरिया बदल गया और मेरा नजर सासु माँ के भरे पुरे बदन पे पड़ा, वो गजब की हॉट लग रही थी, मैं उनके बूब्स की उभार को देखा क्या गजब का लग रहा था, गांड गोल गोल चौड़ी चौड़ी उनको लेके मैं उनके बेड पे लेट गया, और उनके सारे कपडे उतार दिए गजब का शरीर था, जवान लड़की फ़ैल थी.
उनके जिस्म को देखकर, मैंने उनके होठ चूसना सुरु किया और बूब्स प्रेस करने लगा, वो आअह आआह आअह आअह करने लगी, वो भी मुझे खूब साथ दे रही थी, करीब आधे घंटे तक उनको सहलाया और खूब गरम किया, ओह्ह फिर मैंने अपना मोटा काला लंड निकाल कर उनके चूत के ऊपर लंड का सुपाड़ा रखा और जोर से धक्का दिया और पूरा लंड पेल दिया.
अब वो भी अपना गांड उठा उठा के चुदवाने लगी, और मैं भी चोदने लगा, वो मुझे भद्दी भद्दी गाली देने लगी, कह रही थी, मादरचोद पहले मुझे तो शांत कर फिर मेरी बेटी को चोदना, साले, अठारह साल की लौंडिया के पास लंड फहरा रहा था, मैंने सब देख रही थी दरवाजे के छेद से, ले मुझे देखती हु कितनी ताकत है, आज तक मेरा पति तो मुझे संतुष्ट कर ही नहीं पाया है और तुमसे क्या होगा, ओह्ह्ह्ह दोस्तों फिर क्या था, मैंने भी जोर जोर से लंड घुसाना सुरु किया, और कहने लगा ले साली चुदवा देख मेरा लंड का कमाल.
फिर तो मैंने इतने जोर जोर से झटके मारे की शर्दी में भी पसीना ला दिया, और कहने लगी थोड़ा धीरे आज मैं पहली बार इतने मोटे लंड से चुद रही हु, और फिर करीब एक घंटे तक चोदा वो निढाल हो गई, बोली अब नहीं, आज मेरा चूत फट गया, आज मैं संतुष्ट हो गई, क्या बताऊँ दोस्तों अब तो मेरी दो दो पत्नी है, जब भी जिसको मन करता है चोदने का उसकी को चोदता हु, ये बात अभी तक कृतिका को नहीं पता है की मेरी माँ भी मेरे से चुद रही है.
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