बुआ और बकरी की बाड़े में चुदाई - Hindi Sex Stories
- Kamvasna
- 29 अक्टू॰ 2025
- 15 मिनट पठन
मेरी मम्मी मुझे लेकर अपनी सहेली के घर गई थी वहां पर वह अपनी सहेली के साथ बैठ कर बातें कर रही थी और मैं दूसरे छोटे बच्चों के साथ खेल रहा था. तभी एक पड़ोस की औरत एक बकरी लेकर आई. उस औरत ने कहा कि उसकी बकरी 2 साल की हो गई है. और वह बच्चे देने के लिए तैयार है. तभी मेरी मम्मी की सहेली उठी और अपने घर के पीछे बंधे बकरे को वहां पर लेकर आ गई.
मेरी मम्मी की सहेली का नाम सुनीता था. पड़ोस वाली आंटी जो बकरी लेकर आई थी उसका नाम अर्चना था. सुनीता आंटी ने अर्चना आंटी से कहा कि तुम अपने बकरी को बंद दो और उसको गले से पकड़ लो. सुनीता आंटी फिर बकरे को लेकर उसके पीछे चली गई. बकरा पीछे जाकर उसकी चूत को सूखने लग गया.
कभी कभी में उसकी चूत को चाटने भी लगता. एक दो मिनट तक वह ऐसा करता रहा. थोड़ी देर बाद बकरे को जोश आ गया. वह सीधा उसे बकरी के ऊपर चढ़ गया. उसका लंड बकरी की चूत में नहीं जा रहा था. उसने बहुत कोशिश की और नीचे उतर गया.
थोड़ी देर बाद में दोबारा उसकी चूत को सूखने लगा. फिर सुनीता आंटी से कहा कि तुम बकरी को सही से पकड़ लो और बकरी के पीछे बैठ गई. जैसे ही वह बकरा बकरी के ऊपर दोबारा चढ़ा, सुनीता आंटी ने अपने हाथ से उसके लंड को पड़कर बकरी की चूत में डाल दिया. अचानक हुए हमले से बकरी जोर से चिल्लाई. क्योंकि बकरी की चुदाई फर्स्ट टाइम हुई थी. फिर वह बकरा आगे पीछे होकर धक्के मरने लगा. दो-तीन मिनट बाद में दोबारा नीचे उतर गया. इसी तरह सुनीता आंटी ने उसे एक बार दोबारा चढ़कर बकरी की चूत मरवाई. फिर वह बकरे को ले जाकर बाड़े में बाँध आई.
अर्चना के जाने के बाद सुनीता आंटी मेरी मम्मी के साथ बैठकर बातें करने लगी.में जाकर उनके पास बैठ गया. मैं सुनीता आंटी से बोला कि अभी यह बकरा और बकरी क्या कर रहे थे. पहले तो उन्होंने मुझे इग्नोर करने लगी लेकिन जब मेने जिद की तो उन्होंने कहा कि वह बकरे की लंबाई चेक कर रही थी. फिर मैंने कहा कि मेरी भी लंबाई चेक करो यह सुनकर दो दोनों हंसने लग गई और आंखों ही आंखों में इशारा करने लगी.
एक दिन में जल्दी स्कूल से आ गया था. हमारे घर के पीछे जानवरों का बाड़ा था. उसमें सभी छोटे बड़े भैंस बकरी बांधा करते थे. मैं एक भैंस के पीछे और उसकी चूत को देखने लगा. उसे वक्त मेरी उम्र 14 साल हो गई थी.
साड़ी में एक बार इधर-उधर जाकर चेक किया कि कोई मुझे देखा तो नहीं रहा जब मुझे यह लगा कि कोई भी मुझे नहीं देख रहा तो मैं दोबारा उसे भैंस के पास आ गया. मुझे पता था कि वह बहुत ही अच्छी थी. मैंने उसकी चूत देखने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत को दोनों हाथो से चौड़ा किया. उसकी चूत अंदर से बिल्कुल लाल रंग की थी.
उसकी चूत को में उंगलियों से धीरे धीरे से सहराने लगा. फिर मैंने तीन उंगलियां उसकी चूत में डाली. भैंस की चूत अंदर से बहुत गर्म थी. धीरे-धीरे मैंने चारों उंगलियां उसकी चूत में अंदर डाल दी. थोड़ी देर बाद उसकी चूत गरम हो गई. अब तक मुझे चुदाई का कोई एक्सपीरियंस नहीं था. चूत गीला होने से मेरा हाथ उसके चूत के अंदर आसानी से जाने लगा तो मैंने मेरा हाथ पूरा उसके अंदर डालने की कोशिश की और मेरा हाथ पूरा उसके अंदर चला गया.
मैं ऐसे ही अपने हाथ को उसकी चूत में अंदर बाहर करता रहा. थोड़ी देर बाद मुझे कुछ आवाज आई तो मैं उसे छोड़कर वहां से भाग गया.
कुछ दिन बाद स्कूल में मेरे दोस्त ने मुझे कहा कि उसके पास एक सीडी है. पहले तो मुझे लगा कि वह ऐसे ही कोई मूवी की बात कर रहा होगा. मैंने उसे कहा कि वह किस तरह की है, मुझे भी सीडी देखनी है तो वह मुझे इंटरवल में अपने घर ले गया.
हम दोनों चुपके से उसके घर चले गए. उसके घर के ऊपर एक कमरा बना हुआ था जिसमें कोई जाता नहीं था. यह उस जमाने की बात है जब ब्लैक एंड व्हाइट टीवी चला करते थे. उस दिन उसके घर पर कोई नहीं था. हम ऊपर कमरा बंद करके टीवी और सीडी प्लेयर कनेक्ट करके वह मूवी देखने लगे.उस मूवी के अंदर एक लड़की और दो आदमी थे. पहले तो वह दोनों उस लड़की के पास आकर उसे चुंबन आदि करने लगे. एक आदमी उसके स्तन दबा रहा था और दूसरा उसके गले को चूम रहा था.अब तक मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि यह किस तरह का वीडियो है क्योंकि मैंने जिंदगी में इस तरह का वीडियो कभी नहीं देखा था.
धीरे-धीरे उन्होंने उस लड़की के ऊपर के कपड़े उतार दिए. यह देख कर मुझे मजा आने लगा. क्योंकि मैंने कभी किसी को इस तरह से आपका वीडियो में नहीं देखा था. तभी दूसरे आदमी ने उसके नीचे के कपड़े भी उतार दिए. उसकी चूत नीचे से बिल्कुल साफ थी. यह देखकर पहले तो मुझे बहुत हंसी आई. तभी मेरे दोस्त ने कहा कि अभी तो स्टार्टिंग हुआ है देखना यह आगे क्या-क्या करते हैं.
फिर उन्होंने लड़की को नीचे लेटा दिया. और उन्होंने भी अपने कपड़े उतार दिए. फिर एक आदमी ने अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया. दूसरा उसकी चूत को चाटने लगा. यह देखते हुई मुझे फील हुआ कि मेरी अंडरवियर में मेरा लंड बड़ा हो रहा है. मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैंने दोस्त से कहा कि यह तो बहुत शानदार वीडियो है ऐसा वीडियो कभी देखा ही नहीं था. फिर उसने कहा कि आगे देखना क्या होगा अभी तो स्टार्ट हुआ है.
थोड़ी देर बाद जो आदमी अपना लंड उसके मुंह में डाल रहा था. वह नीचे लेट गया. वह लड़की उस आदमी के ऊपर आकर अपनी चूत में उसके लंड के ऊपर बैठ गई. और ऊपर नीचे कूदने लगी. दूसरा आदमी उसके मुंह के पास खड़ा था और वह लड़की उसके लंड को अपने मुंह से चाट रही थी. यह सीन देखकर देख कर मेरा शरीर बहुत गर्म हो गया था.
मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे डेढ़ सौ डिग्री बुखार चढ़ गया हो. थोड़ी देर बाद जो आदमी खड़ा था वह उस लड़की के पीछे आया. और उसकी गांड में थूक लगाकर अपनी एक अंगुली डालने लगा. नीचे से दूसरा आदमी लगातार अपने लंड को उसकी चूत में बार-बार कर रहा था. फिर दूसरी आदमी ने थोड़ा सा थूक लगाकर उसकी गांड में दो उंगलियां डाल दी और अंदर बाहर करने लगा.
तभी दूसरी आदमी ने अपना लंड उसकी गांड में डालने की कोशिश की. एक दो कोशिश के बाद लंड थोड़ा सा गांड में चला गया. फिर वह धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। 8-9 धक्के लगाने के बाद उसका लंड उसकी गांड में पूरा अंदर चला गया. फिर वे दोनों आदमी उसकी चूत और गांड में लगातार धक्के लगाने लगे. 15 मिनट धक्के मरने के बाद फिर वे दोनों खड़े हो गए. लड़की घुटनों पर बैठ गई और वे दोनों अपने हाथों से लंड को आगे पीछे करके मुट्ठी मारने लगे. तभी उनके लंड से पिचकारी छूट गई. मुझे ऐसा लगा कि उनके लंड में से कुछ सफेद सा निकला है और वह लड़की उसको चाटने लगी.
फिर वह वीडियो पूरा हो गया और मैं अपने घर पर आ गया. मैं बार-बार सोच रहा था कि आखिर में वह सफेद सा क्या निकला था. उसी रात में खेत में गया जहां पर कोई नहीं देख सकता और मैं अपने लंड को बाहर निकाल कर हाथ से आगे पीछे करना स्टार्ट किया. शुरुआत में तो तुम मुझे कुछ भी महसूस नहीं हुआ लेकिन जैसे-जैसे में आगे पीछे करता रहा मुझे अच्छा फील होने लगा. मुझे मजा आने लगा तो मैं तेजी से आगे पीछे करने लगा.
15 मिनट आगे पीछे करने के बाद मुझे ऐसा फील हुआ कि यही जन्नत है, मेरी आंखें बंद हो गई, उंगलियां अकड़ गई, शरीर के अंदर एक अजीब सी सरसराहट होने लगी. तभी मेरे लंड से कुछ चिपचिपा और गरम सा निकलता हुआ मुझे मेरे हाथ में फील हुआ. मुझे मजा आ गया. फिर मैं जल्दी वहां से घर आ गया.
फिर मुझे सब समझ में आ गया. मैं यह भी समझ गया कि वह बकरा और बकरी क्या कर रहे थे. एक दिन जब घर पर कोई नहीं था तो मैं बाड़े में गया. मैंने सोचा की भैंस की चुदाई की जाए. हमारे घर पर एक छोटी भैंस थी वह बहुत ही अच्छी थी कभी मरती नहीं थी. मैं यह देख कर संतुष्ट हो गया कि वहां पर कोई नहीं आ सकता क्योंकि घर पर कोई था नहीं और सब लोग खेत में काम करने गए हुए थे जिनको आने में दो-तीन घंटे लगने वाले थे. जैसा कि मैंने वीडियो में देखा था, मैं उस भैंस के पीछे गया और अपने हाथों से फैला कर उसकी चूत को चाटने लगा.
थोड़ी देर बाद मेरा लंड टाइट हो गया. उसकी ऊंचाई थोड़ी ज्यादा थी इसलिए मैंने एक बाल्टी वहां रख ली. फिर में बाल्टी पर चढ़कर उसकी चूत में लंड डालने लगा. जैसे ही पूरा लंड भैंस की चूत में अंदर गया तो मुझे ऐसा लगा कि यही जन्नत है क्योंकि अंदर से बहुत ही गर्म लग रहा था. उस वीडियो के जैसे मैं भी आगे पीछे होकर चुदाई करने लगा. मुझे ऐसा मजा आ रहा था कि जिसका में कोई वर्णन नहीं कर सकता. 15 मिनट बाद फिर मेरे साथ वही हुआ, मेरी आंखें बंद हो गई, उंगलियां अकड़ गई, शरीर के अंदर एक अजीब सी सरसराहट होने लगी. फिर मैंने स्पीड को तेज कर दी, और मैं भैंस की चूत में झड़ ही गया. फिर मैं वहां से भाग कर अपना होमवर्क करने लग गया
दूसरे दिन में स्कूल में गया तो मैं मेरे दोस्त से कहा कि ऐसी और भी सीडी लेकर आना हम साथ में मिलकर देखेंगे तो मेरे दोस्त ने कहा कि उसके एक चाचा का लड़का है उसके पास ऐसी 4-5 सीडी है वह चार-पांच दिन में आने वाला है फिर हम उसे सीडी ले लेंगे.
घर जाकर में दोबारा बाड़े में चला गया. मैंने आसपास देखा कि कोई मुझे देखा तो नहीं रहा. जब मुझे यह लगा कि वहां पर कोई नहीं है तो मैं दूसरी तरफ चला गया जहां पर बकरियां बंधी हुई थी. हमारे घर में तीन बकरियां थी. एक बकरी की चूत पीछे से बहुत ही गोरे कलर की थी. मैं उसके पास गया और उसके शरीर को सहलाने लगा. हमारा बाड़ा बहुत बड़ा था उसमें जाने के दो दरवाजे थे. मैंने एक दरवाजा पहले से बंद कर दिया था. बड़ा लंबा होने के कारण बीच में एक खिड़की थी.
में बकरी को सहलाते हुए उसके पिछले टांगों के पास जाकर बैठ गया. और हाथों से उसके स्तनों को सहलाने लगा. बकरी बहुत ही सयानी थी उसका दूध चाहे कोई बड़ा या छोटा कोई भी निकल सकता था वह कभी दौड़ भाग नहीं करती थी. मैं एक हाथ से उसके स्तनों को सहला रहा था और दूसरे हाथ से धीरे-धीरे उसके पीछे ले जाकर उसकी चूत पर रखा. ऐसा करने से बकरी हिली नहीं और चुपचाप खड़ी रही. मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत को सहलाना शुरु किया. फिर मैं खड़ा होकर उसके पीछे चला गया. मैंने धीरे-धीरे 1 अंगुली उसकी चूत में डालना शुरू किया. जब मेरी अंगुली पूरी अंदर जाने लगी तो मैंने 2 अंगुली डालने की कोशिश की. 2 अंगुली डालने से बकरी धीरे से मिमयाने लगी. मुझे पता नहीं चला लेकिन पीछे से खिड़की में मेरी बुआ मुझे यह करते हुए देख रही थी.
तभी बुआ मेरे पीछे आगे खड़ी हो गई. मैं तब भी बकरी की चूत में उंगली कर रहा था. उसने एकदम से कहा क्या कर रहा है अनिल. जैसे ही मेरे कानों में यह बात पड़ी तो मेरे को ऐसा हुआ जैसे काटो तो खून नहीं. चूत से हाथ निकाल कर हुआ की तरफ हाथ जोड़कर खड़ा हो गया. बुआ से मैं थोड़ा डरता था. मेरी बुआ की उम्र उस वक्त 22 साल की थी. उसने कहा कि यह बात वह मेरे पापा को बताएगी. मैंने कहा कि मुझे माफ कर दो आप जो बोलोगी मैं वही करूंगा यह बात आप किसी को मत बताना. पता नहीं बुआ के दिमाग में उसे वक्त क्या चल रहा था उसने कहा कि मैं जो बोलेगी वही करेगा. बोला ठीक आप जो बोलोगी मैं वही करूंगा. फिर मैं वहां से भाग कर अपना होमवर्क करने लग गया.
जब शाम को खाना खाकर सब सोने लग गए तो बुआ बोली तू आज मेरे साथ सोएगा. मैं उस वक्त इतना नादान था कि उसकी इस बात को नहीं समझ पाया कि वह साथ सोने के लिए क्यों बोल रही है. फिर बुआ मेरे से पूछने लगी की दिन में उस बकरी के साथ क्या कर रहा था. मैंने बुआ को मेरे दोस्त की सीडी के बारे में और सब चीजों के बारे में बता दिया. फिर बुआ बोली कि तू अपने दोस्त से कल वह सीडी लेकर आना. दूसरे दिन में दोस्त के घर से सीडी लेकर आ गया. बुआ चुदाई का मतलब तो समझती थी लेकिन उसने भी कभी इस तरह की सीधी नहीं देखी थी.
उसने पड़ोस से सीडी प्लेयर लेकर ऊपर वाले कमरे में रख लिया था जिसमें बुआ सोई थी. बुआ बोली कि हम रात को सबके सोने के बाद सीडी देखेंगे. मैंने बोला कि आप ही देख लेना, मेरे को डर लगता है मैं नीचे सो जाता हूं. तो वह बोली कि डरने की जरूरत नहीं है मैं किसी को नहीं बताऊंगी और अगर मेरी बात नहीं मानी तो बकरी वाली बात पापा को बता दूंगी.
गांव में सब 9:00 बजे तक सो जाते हैं बुआ ने 10:00 बजे तक इंतजार किया फिर उसने कमरा बंद करके सीडी को चालू किया. सीडी में फिर वही सीन स्टार्ट हो गए जो मैंने दोस्त के साथ देखे थे. सीडी देखते हुए मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था. जब बुआ की नजर मेरी पेंट पर पड़ी तो समझ गई थी कि मैं एकदम से तैयार हो गया हूं.
उसने मुझे पास बुलाया और बोली की तू भी मेरे साथ ऐसा करेगा क्या.
मैंने बोला हां, लेकिन मुझे डर लगता है.
उसने बोला की डर किस बात का. तो मैंने बोला कि मुझे आपका ऐसे ही डर लगता है आप मारती हो. फिर वह मुझसे पूछने लगी कि तुझे कल बकरी के साथ ऐसा करते हुए मजा आ रहा था क्या.
मैंने बोला हां
फिर वह बोलने लगी कि अगर तू मेरे साथ सीडी के जैसा करेगा तो में बाड़े में तेरा ध्यान रखूंगी और तू बकरी के साथ कर लेना. मैं तैयार हो गया. उसने मेरे से कहा कि अपने कपड़े उतार. वह मेरा लंड देखकर चौंक गई. तो मैंने पूछा क्या हुआ बुआ.
उसने बोला कि तेरा लंड तो बहुत बड़ा है. तो मैंने पूछा कि आपको कैसे पता कि मेरा बड़ा है. वह बोली की वह मेरे पापा और मम्मी को कई बार चुपके से चुदाई करते हुए देख चुकी है मेरी साइज मेरे पापा से भी बड़ी थी. फिर बुआ ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए. मेरी बुआ के बोबे बहुत मोटे थे, और उसकी चूत नीचे से काली थी उस पर एक भी बाल नहीं था. बुआ बोलने लगी कि पहले हम थोड़ी देर सीडी देखते हैं. वह बोली तू ऐसा कर नीचे बैठ जा और मैं तेरी गोद में बैठकर सीडी देखती हूं. वहीं पास में एक सोफा रखा हुआ था मैं सोफे पर बैठ गया और वह मेरी गोद में बैठ गई. जैसे ही बुआ मेरी गोद में बैठी मेरा लंड उसकी जांघों को चीरता हुआ उसकी चूत के पास आ गया.
मैं पीछे से अपने हाथों से उसके दोनों बोबे को सहलाने लगा. बुआ की सांस बहुत गर्म हो गई थी. 2 मिनट बाद वह उठ गई और बेड पर जाकर लेट गई. और मुझे बोला कि तू भी इस आदमी की तरह करना स्टार्ट कर.
मैंने बिना देर किया किए उसके टांगों के पास जाकर बैठ गया और उसकी टांगों को ऊपर हवा में उठाकर अपनी जुबान उसकी चूत पर लगा दी.
जैसा कि मैंने उसे वीडियो में देखा था मैं भी खतरनाक तरीके से बुआ की चूत को चाटने और खाने लग गया. 5 मिनट बाद बुआ मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत में दबने लग गई. और बोली की और जोर से कर. मैं जोर-जोर से चाटने लग गया और अंदर जुबान भी डालने लगा थोड़ी देर बाद बुआ झड़ गई.
फिर मैंने बुआ से बोला कि आप अपनी टांगों को थोड़ा चौड़ा करके पकड़ लो. मैंने अपने हाथ से लंड को बुआ की चूत के मुंह के लगाया और धीरे-धीरे जोर लगाने लगा. वह अंदर नहीं जा रहा था क्योंकि बुआ ने केवल उंगलियों और मोमबत्ती से ही अभी तक अपनी चूत की चुदाई की थी.
मैं पूरे जोश में था मैंने कहा कि आप अपने टांगों को थोड़ा और फेलाओ. जैसे ही बुआ ने अपनी टांगों को फैलाया तो मैंने जोर से धक्का लगाया. एक ही धक्के में मेरा लैंड 2 इंच बुआ की चूत में चला गया. बुआ की आंखों में आंसू आ गए. मैं थोड़ा डर गया कि क्या हुआ तो वह बोली कि रुको मत आराम से करो लेकिन धीरे-धीरे. फिर मैं 5 मिनट तक ऐसे ही आगे पीछे करता रहा. बुआ के दर्द कम हो गया.
फिर मैं थोड़ा जोर लगा लगा कर करना स्टार्ट किया. ऐसे ही तीन-चार मिनट के बाद मेरा लंड पूरा बुआ के अंदर चला गया. फिर मैंने लगातार धक्के लगाने स्टार्ट कर दिए. वह बार-बार बोल रही थी कि तेरा बहुत बड़ा है ऐसा तो उसने कभी देखा ही नहीं. तो मैंने पूछा कि अपने पापा के अलावा और किसका देखा है. तो वह बोली कि उसने अपने पापा का यानी मेरे दादाजी का भी देखा है. फिर जैसे कि मैंने वीडियो में देखा था मैं नीचे से बुआ की चूत चोद रहा था और ऊपर मैंने अपनी जुबान बुआ के मुंह में डाल दी. बुआ भी मेरी जीभ को चाटने और चूसने लगी जैसे कि वह कोई आइसक्रीम हो.
मैं नीचे लगातार चूत मैं धक्के लगा रहा था. धक्के लगाते हुए मुझे 20 मिनट हो गए थे. बुआ की हालत खराब हो गई थी. वह मेरे से बोली की और कितना टाइम लगेगा तेरे को.
मैं बोला कि बुआ मैंने कभी किसी लड़की को आज तक नहीं चोदा. आज आपके साथ पहली बार कर रहा हूं. वह बोली कि थोड़ा जल्दी कर यार.
मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगा. तभी मैंने बुआ को बोला कि वह मेरा निकलने वाला है. इस वक्त में प्रेगनेंसी के बारे में कुछ नहीं समझता था लेकिन मेरी बुआ जो की कॉलेज में थी उसे पता था कि कब प्रेगनेंसी का खतरा रहता है और कब नहीं.
वह बोली की अंदर ही कर ले. मैं और जोर जोर से धक्के लगाते हुए बुआ के ऊपर ही देर हो गया. मैं 10 मिनट तक बुआ के ऊपर ऐसे ही चूत में लंड डाले पड़ा रहा.
जब मैं उठा तो बुआ की चूत से खून और मेरे सफेद सीमन का मिक्स बाहर आने लगा. अपने पास ही पड़ी कपड़े से बुआ ने अपनी चूत साफ कर ली और मेरे लंड को भी साफ कर दिया. तब तक वह वीडियो भी पूरा हो चुका था तो हम कपड़े पहन कर सो गए. जब मैं सुबह उठा तो बुआ कि मेरे प्रति विचार और नजर ही बदल गई.
अब वह मेरे होमवर्क में भी मदद करने लग गई.
ऐसे ही एक महीना निकल गया और इस महीने में बुआ ने मेरे से 12 बार चूत मरवाई. 1 दिन मैंने बुआ से कहा कि तुमने कहा था ना कि हम एक बार बकरी के साथ भी करेंगे. वह कहने लगी कि दो दिन बाद मामा जी के शादी है तो वहां सभी चले जाएंगे, मैं और तुम यहीं रह जाएंगे तब करेंगे. दो दिन बाद जब सब घर वाले मामा जी के चले गए तो मैं और बुआ ही घर पर रहे.
बुआ बोली कि मैं एक-दो घंटे में घर का पूरा काम कर लेती हूं फिर मैं फ्री हो जाऊंगी.मैं बेसब्री से उस टाइम का इंतजार करने लगा. मेरे को यह 2 घंटे इतने बड़े लग रहे थे जैसे की 2 साल हो. जैसे ही बुआ ने सारा काम खत्म कर लिया तो हम दोनों बाड़े में चले गए. बुआ कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी इसलिए उसने मुझे कहा कि तुम एक बार जाकर छत पर यह देखो की आसपास की कोई इधर आ तो नहीं रहा. मैंने जाकर चेक कर लिया फिर मैं नीचे आ गया.
बुआ ने बड़े के दोनों दरवाजे बंद कर दिए और खिड़की के अंदर एक कपड़ा लगा दिया कि कोई अंदर ना देख सके.
फिर मैं और बुआ बकरी के पास चले गए. बुआ ने मेरे से पूछा कि बताओ अब तू अब क्या करना चाहता है. मैं बोला जैसा मैंने आपके साथ किया था वैसा ही इस बकरी के साथ करें.
अब तक मैंने बहुत सी सीडी देख ली थी तो मुझे अच्छा खासा एक्सपीरियंस हो गया था.
मैं बुआ से बोला कि मेरे पास एक प्लान है. बुआ से बोला कि आप बकरी को सामने से थोड़ी देर पड़कर खड़ी रहो. मैं पीछे जाकर बकरी की चूत मैं जीभ डालकर कर चाटने लगा. बकरी की चूत का स्वाद बुआ की चूत से बिल्कुल अलग था. उसमें एक अजीब सी गंध थी लेकिन वह मुझे अच्छी लग रही थी और टेस्ट भी थोड़ा अलग ही था. चार-पांच मिनट चाटने के बाद में खड़ा हुआ और बुआ से पीछे आने को बोलो. बुआ के बकरी को छोड़ने के बाद भी बकरी भाग नहीं चुपचाप खड़ी रही. शायद बकरी को भी चूत चटवाने में मजा आ रहा था. बुआ पीछे आकर बोली अब बता क्या करना है.
मैं बोला बुआ तुम अपना सलवार खोलो. बुआ समझ गई थी कि मैं क्या करना चाह रहा था उसने अपना सलवार खोल दिया. मैंने बुआ से कहा कि तुम बकरी के ऊपर पीछे आकर खड़ी हो जाओ जिस तुम्हारी और बकरी की चूत पास-पास आ जाए. इससे पहले बुआ ने कहा कि तुम एक बार बकरी की चूत में अपना लंड डालकर चेक कर लो कि वह अंदर जा रहा है या नहीं क्योंकि तुम्हारा बहुत मोटा है.
मैंने कहा बुआ यह तो बहुत अच्छी बात कही तुमने. मैं एक हाथ से अपना लंड बकरी की चूत में डालने की कोशिश करने लगा लेकिन वह डल नहीं रहा था. फिर मैंने बुआ से कहा कि तुम अपने हाथ से मेरा लंड बकरी की चूत में डालो मैं दोनों हाथों से बकरी को पीछे से पकड़ लेता हूं जैसे कि एक बकरा बकरी को चोदते हुए उसके ऊपर चढ़ता है. मैं बकरा जैसी पोजीशन में हो गया. बुआ ने बोला कि जब मैं कहूं तब जोर लगाना. बुआ ने मेरा लंड बकरी की चूत पर सेट कर दिया और कहा कि अब जोर लगाओ. मैंने जोर लगाना स्टार्ट किया. मैंने चार-पांच धक्के लगाए लेकिन लंड फिसल कर कभी ऊपर और कभी नीचे चला जाता. मैंने बुआ से कहा कि तुम टाइट पकड़ कर रखो मैं दोबारा जोर लगाता हूं. फिर मैंने एक जोरदार धक्का मारा मेरा लंड आधा बकरी की चूत में चला गया.अंदर जाने पर बकरी जोर से चिल्लाई.
तभी बुआ बोली एक दो मिनट रुको. एक दो मिनट रुकने के बाद मैं मैंने थोड़ा सा बाहर निकाल कर दोबारा धक्का मारा, इस बार पूरा अंदर चला गया. इस बार बकरी धीरे से चिल्लाई. बकरी की चूत में लंड देखकर बुआ की चूत में पानी टपकने लगा जो साफ-साफ दिखाई दे रहा था. 5 मिनट बकरी की चूत मारने के बाद मैंने बुआ को बकरी के पीछे ऊपर आने को कहा. जैसे ही बुआ बकरी के पीछे ऊपर आई तो मैंने बकरी की चूत से लंड निकाल कर बुआ की चूत में डाल दिया. और जोर-जोर से धक्के मारकर बुआ की चुदाई करने लगा. 5 मिनट बाद मैंने दोबारा बुआ की चूत में से लंड निकाल कर बकरी की चूत में डाल दिया. जैसे ही मैंने लंड बकरी की चूत में डाला तो मुझे बकरी की चूत बुआ की चूत से कहीं गुना गर्म लगी.
ऐसे ही बुआ और बकरी की बारी बारी से चुदाई करने के बाद.
मैंने लंड दोबारा बकरी की चूत में डाल दिया, फिर मैंने बुआ से कहा कि अब मेरा होने वाला है तो वह बोली की बकरी की चूत में ही निकाल दो. मैंने बुआ से कहा, बुआ कहीं बकरी प्रेग्नेंट हो गई तो वह कहने लगी कि जानवरों का डीएनए और इंसानों का डीएनए अलग-अलग होता है इनमें कभी प्रेगनेंसी नहीं हो सकती इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है अंदर ही कर दो. फिर मुझे लगा मैं झड़ने वाला हूं तो मैं बकरी को पकड़ कर जोर-जोर से धक्का मार के अंदर ही निकाल दिया.
फिर बुआ ने बोला कैसा लगा, मैंने बोला शानदार मजा आ गया.
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