मौसी के लड़के को मुट्ठ मारता देख बहक गयी - Hindi Sex Stories
- Ojas Bhardwaj
- 5 days ago
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दोस्तो मैं ओजस अलीगढ़ से एक बार फिर हाजिर हूँ आप सबके बीच एक नई चुदाई की कहानी के साथ जो कि मेरी एक महिला मित्र चित्रा की चुदाई की सच्ची कहानी है।
वो मेरी कहानियाँ kamvasna पर पढ़ती है और उसी से प्रेरणा लेकर उसने लिखी है और मुझे सबको बताने को कहा तो मैंने लिखी है।
आगे की कहानी उसी की जुबानी पढ़िए।
हैलो दोस्तो, मेरा नाम चित्रा है और मैं गाज़ियाबाद की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 22 साल है। मेरे घर में मेरा भाई और मेरे मम्मी पापा ही रहते हैं। दोस्तो अभी मेरा फिगर 34-28-34 का है। मेरे बूब्स और चूतड़ों का उभार ऐसा है कि जो भी देख ले बिना मेरे नाम की मुट्ठ मारे नहीं रह सकता।
मेरी ये चुदाई की कहानी मेरी पहली चुदाई की कहानी है जब मैं 16 साल की थी, मेरे बूब्स तब छोटे-छोटे थे, ऐसे की मैं ब्रा भी नही पहनती थी, बस एक समीज पहनती थी और मेरी चूत पर हल्के हल्के बाल तब आये ही थे।
बात तब की है जब गर्मियों की छुट्टियां हुई थी और मैं अपनी मम्मी की एक सहेली जिनका नाम सरिता है उनके यहां कुछ दिन रहने गई थी। वो अलीगढ़ में रहती हैं। उन्हें मैं मौसी ही कहती हूँ और उनके बच्चे मेरी मम्मी को मौसी कहते हैं।
उनके घर में मेरी मौसी, उनके पति और उनका एक बेटा जिसका नाम नितिन है, वो ही रहते हैं। नितिन की उम्र उस समय 21 साल थी और वो इतना सुंदर था कि कोई भी लड़की उसे देखते ही उसे दिल दे बैठे।
मेरा मन न होते हुए भी मुझे उससे भइया कहना पड़ता था। मौसा जी सुबह अपनी दुकान पर चले जाते थे और रात को ही आते थे। दिन में हम तीनों, मैं, मौसी और नितिन ज्यादातर सोते ही थे।
मैं और मौसी एक कमरे में सोते थे और नितिन अलग कमरे में सोता था। मुझे उनके घर में रहते हुए 3 दिन हो चुके थे। उस दिन मैं और मौसी दोपहर 12 बजे सोये। मौसी तो लेटते ही भयंकर नींद में सो चुकी थीं।
मुझे नींद नहीं आयी तो मैंने सोचा कि अगर नितिन भी न सोया हो तो क्यों न उसके साथ थोड़ी देर लूडो या फिर कुछ और खेल लिया जाए। दोस्तो मैं उठकर जब नितिन के कमरे के बाहर पहुंची तो उसकी लाइट जली हुई थी।
मैं समझ गयी कि सोया तो वो भी नहीं है। उसने कमरे का दरवाजा बंद कर रखा था पर लॉक नही किया था। मैंने धीरे से उसके कमरे का दरवाजा खोला और अंदर झांक कर देखा।
अंदर का सीन देखकर मेरी ऑंखें खुली की खुली रह गयी। नितिन की आंखें बंद थीं और उसने अपने शार्टस और कच्छे को उतार रखा था। उसका बहुत मोटा और लम्बा लण्ड ऊपर की तरफ एकदम टाइट होके खड़ा था।
नितिन लण्ड को हाथ में लेके तेजी से हिला रहा था उसका टोपा बार-बार उसके लण्ड पे चढ़ता और फिर नीचे आ जाता। मैंने एक बार एक ऐसी ही वीडियो देखी थी जो मुझे एक सहेली ने दिखाई थी पर कभी किसी लड़के का लण्ड सामने से नहीं देखा था।
मैंने पहली बार अपने उस भाई का ही लण्ड देखा जो इतना बड़ा था कि देखते ही अंदर डर बैठ गया। क्योंकि वीडियो में देख के ये तो पता था कि लड़कों का लण्ड हम लड़कियों की चूत में जाने के लिए होता है।
हम लड़कियाँ आपस में बातें करती थी तब ऐसा लगता था कि न जाने कब किसका देखने और लेने को मिलेगा। तभी मुझे एक आईडिया आया और मैं अंदर कमरे में घुस गई और कमरे का दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया।
नितिन पूरी तरह से अपने लण्ड को हिलाने में मग्न था। उसके हाथ के बराबर में हाथ लगाके उसके लण्ड को अपने हाथ में पकड़ा पर हाथ में आया ही नहीं करीब 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लण्ड था उसका। और मेरे हाथ लगाते ही नितिन ने भी हड़बड़ाते हुए आँखें खोलीं और मुझसे बोला, चित्रा तू यहां क्या कर रही है।
मैंने होठों पर उंगली रखके उसे शान्त रहने का इशारा किया और उसके लण्ड को उससे भी तेज हिलाने लगी। वो अपनी अलग दुनिया में मजा ले रहा था।
दस मिनट हिलाने के बाद उसके लण्ड ने सफ़ेद रंग का चिपचिपा सा माल मेरे हाथों में ही छोड़ दिया। मैंने हाथों से ही उसके लण्ड की, उसी के माल से तेल की तरह मालिश कर दी। और फिर मैं कमरे से बाहर आके हाथ धोके चुपचाप मौसी के पास सो गयी।
उसी दिन शाम को हम सबको एक शादी में जाना था पर नितिन ने कहा कि उसका मन नहीं है कहीं जाने का। तभी मैंने भी तुरंत कहा कि मौसी जी आप लोग ही जाइये न, मन तो मेरा भी नहीं है जाने का।
तो मौसा जी बोले ठीक है तुम दोनों बहन भाई पढ़ाई करो घर में रहो हम आते हैं थोड़ी देर में। यह कहके मौसी और मौसा जी घर से निकल गए मैंने घर का दरवाजा बंद किया।
तभी पीछे मुड़के देखा तो नितिन अपना एकदम सख्त लण्ड हाथ में लिए खड़ा था। मैंने कहा भइया ये क्या कर रहे हो? वो बोला चित्रा यार दिन में जो तूने किया था वो एक बार और कर दे न यार मुझे बहुत अच्छा लगा था।
मैंने उसका लण्ड हाथ में पकड़के हिलाते हुए कहा ठीक है कर दूंगी पर उसके बदले मुझे क्या मिलेगा? वो बोला जो तुझे चाहिए वही मिलेगा।
मैंने कहा ये तुम खुद देखो मुझे क्या दे सकते हो? और इतना कहके में रूम में चली गयी। नितिन तभी मेरे पीछे-पीछे आया और मुझे कसके अपनी बांहों में जकड़ लिया। और पीछे से ही उसने मेरे बूब्स को कसके पकड़ लिया और मुझे गर्दन पे किस करने लगा।
तभी उसने मेरी टी शर्ट मेरी समीज सहित निकाल दी। और मुझे ऊपर से बिल्कुल नंगा कर दिया। फिर उसने मुझे अपने सामने घुमा लिया और मेरे होठों को किस करने लगा। मैं भी उसका साथ देने लगी हम दोनों की जीभ आपस में लड़ने लगीं।
नितिन मेरे छोटे-छोटे चूचों को तेजी से दबाने लगा। मैं तेजी से सिसकियाँ भरने लगी। उसने तभी मेरी चूचियों को दबा-दबा के चूसना शुरू कर दिया। एकतरफ वो मेरी चूचियों को मसल रहा था, चाट रहा था तो दूसरी तरफ उसने मेरी लोअर को नीचे उतार दिया।
फिर एक हाथ से वो मेरी जाँघों को सहलाने लगा। फिर उसने मुझे उठाया और बिस्तर पर लिटा लिया और मेरी पैंटी उतार दी। मैं शर्म से हाथों से ही अपनी चूत को छुपाने लगी। पर उसने मेरी चूत से मेरे हाथ को हटाया और मेरी चूत पर अपनी जीभ फिराने लगा और जीभ को मेरी चूत में अंदर तक डालकर चाटने लगा। इतने में नितिन ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए थे।
फिर वह मेरे पास आकर लेटा और मुझे अपने ऊपर ऐसे लिटा लिया कि हम दोनों 69 की पोजीशन में थे। नितिन ने अपनी जीभ को मेरी चूत में अंदर तक डाल रखा था और जीभ से ही मेरी चूत को चोद रहा था।
उसका लण्ड मेरे सामने था लेकिन उसका साइज देखकर मुझे डर लग रहा था की आज यह लण्ड मेरी चूत फाड़ देगा। मैंने धीरे-धीरे उसके लण्ड को जीभ से चाटना शुरू किया और फिर उसको पूरा मुंह में लेकर चूसना शुरू किया।
उसका बड़ा लण्ड मेरे छोटे मुंह में आ नहीं रहा था। मेरे दांतों में बार-बार फस रहा था। फिर थोड़ी देर बाद नितिन उठकर जमीन पर खड़ा हो गया और मुझे अपनी गोद में उठा लिया। हम दोनों ने कस के एक दूसरे को बाहों में भरे हुए था। नितिन ने खड़े-खड़े ही अपना लण्ड मेरी छोटी सी चूत पर टिका दिया। मेरी चूत इतनी गीली थी कि उसमें से पानी निकल के बाहर नितिन के लण्ड पर आ गया था।
नितिन ने अपना लण्ड मेरी छोटी सी चूत में घुसाना शुरू किया मुझे बहुत तेज दर्द हुआ मैंने उससे कहा भैया इसे अंदर मत डालो मेरी चूत फट जाएगी, मुझे जीभ से ही चोद दो ना प्लीज।
लेकिन उसने मेरी एक न सुनी और अपने लण्ड का सुपारा मेरी चूत में घुसा दिया। मैं दर्द से बहुत तेज चिल्लाई और छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन नितिन ने मुझे कस के पकड़ लिया और अपना पूरा लण्ड एक साथ मेरी चूत में घुसा दिया।
मुझे होश ही नहीं रहा की मेरे साथ क्या हो गया। मेरी चूत में से खून की फुहार बाहर निकलने लगी मेरी सील टूट चुकी थी। नितिन ने अपने लण्ड पर ही मुझे कई बार ऊपर नीचे उछाला।
मेरी चूत में भयंकर दर्द हो रहा था जैसे मानो दम निकल जाएगा। तभी मेरे जोर-जोर से चिल्लाने की वजह से नितिन ने मुझे नीचे उतार दिया। मेरी आंखों से आंसू बाहर निकल रहे थे।
फिर नितिन ने अलमारी में से टिशू पेपर निकाले और मेरी चूत और अपने लण्ड पे लगे खून को साफ किया। तब मैं बैड पर उल्टी लेट गयी और नितिन से बोली भैया मुझे नहीं लेना आपका लण्ड।
मुझे उल्टी लेटे हुए देखकर नितिन पीछे से मेरी गर्दन और मेरी पीठ पर किस करने लगा और मेरी पीठ और मेरे सेक्सी गोरे-गोरे चूतड़ों को चाटने लगा। थोड़ी देर में मेरी चूत का दर्द कम हो गया और मैं भी सहज हो गई मैं सीधी हुई और नितिन को अपने ऊपर खींचकर उसे जोर से किस करने लगी।
नितिन ने भी मौके का फायदा उठाते हुए मेरे ऊपर आकर अपना लण्ड मेरी चूत पर टिका दिया और फिर उसने धीरे से अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा दिया। मेरी चूत बहुत गीली हो चुकी थी और खुल चुकी थी उसका लण्ड अंदर जाने से अब मुझे मजा आ रहा था।
वो तेजी से अपने लण्ड को मेरी चूत में अंदर बाहर कर रहा था मैं बहुत तेज सिसकियाँ ले रही थी और अअअअअअ हहहहह ओओऊऊऊ हहह आआह करके चिल्ला रही थी। थोड़ी देर इस पोजीशन में चोदने के बाद नितिन ने मुझे खड़े होकर अपनी गोद में उठा लिया और उसका लण्ड मेरी चूत में था।
वह मुझे अपने लण्ड पर उछालने लगा। इस पोजीशन में मुझे अपनी चूत की गहराई तक उसका लण्ड महसूस हो रहा था और मुझे बहुत मजा आ रहा था। थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद उसने मुझे बिस्तर के सहारे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी चूत में अपना लण्ड पेल दिया और मुझे बहुत तेज-तेज चोदने लगा।
मेरी चूत बहुत ज्यादा पानी छोड़ चुकी थी फिर जब नितिन झड़ने को हुआ तो उसने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और मेरे चूतड़ों पर अपना सारा गाढ़ा-गाढ़ा माल झाड़ दिया। तब फिर मैंने बाथरूम में जाकर अपने चूतड़ों को साफ किया और कपड़े पहनकर वापस रूम में आ गई।
थोड़ी देर बाद मौसी जी और मौसा जी भी फंक्शन से वापस आ गए और सब कुछ नॉर्मल जैसा हो गया। उसके बाद मैं और मेरे प्यारे भाई ने कई बार जब भी मौका लगा ताबड़तोड़ चुदाई की और एकदूसरे को खुश किया।
तो दोस्तो ये थी मेरी पहली चुदाई की Hindi Sex Stories।
कमेंट करके जरूर बताना कैसी लगी।
