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मकान मालिक की दुल्हन बनके सील तोड़ चुदाई करवाई - १ : Antarvasna Sex Stories

  • Riya
  • 9 hours ago
  • 10 min read

हेलो दोस्तों आपकी रिया. फिर से आइए एक सच्ची कहानी लेकर अपनी और आप सभी को और आप सब के लंड को मेरे गुलाबी रस भरे होठों की चुम्मी.


दोस्तों यह Antarvasna Sex Stories एकदम सच्ची है इसमें जगह और पात्रों के नाम बदल दिए गए अब मैं कहानी पर आती हूं। मेरा नाम मनीषा है और मैं अपनी मम्मी और छोटे भाई के साथ एक किराए के मकान में रहते हैं। मेरी मम्मी एक फैक्ट्री में नौकरी करती है और मेरा भाई सरकारी स्कूल में पढ़ता है। 12:00 बजे स्कूल जाता है, तो शाम को 6:00 बजे आता है और मेरी मम्मी सुबह 9:00 बजे निकल जाती है और रात को 7:00 बजे के आसपास आती है।


दोस्तों मेरा साइज 34,28,36 है। उम्र 22 साल मैं अपनी माली हालत की वजह से 12वीं पास करने के बाद आगे नहीं बढ़ पाई और मैं घर का काम करती हूं। मेरे बूब्स टाइट सुडोल है, जब मैं चलती हूं तो के ढंग की तरह हिचकोले लेकर उछलते हैं। जब भी मैं किसी काम से घर से बाहर कोई सामान लेने जाती हूं तो सभी मेरे को चोदने की नजर से भूखे भेड़ियों की तरह देखते हैं। मेरा मकान मालिक मेरे ऊपर गंदी नजर रखता है, और मौका मिलने पर मेरे को दबोच लेता है। वैसे मैं ज्यादातर पाजामा को टीशर्ट ही पहनती हूं, नीचे ब्रा नहीं पहनती।


जिस मकान में हम किराए पर रहते हैं, उस मकान में मकान मालिक और उनकी बीवी और हम तीन जने रहते हैं। मकान मालिक के बेटा बहू बाहर रहते हैं। जब भी मैं नीचे पानी लेने आती हूं या और किसी काम से आती हूँ, तो मकान मालिक मौका मिलते ही मुझे अपनी बाहों में दबोच लेते है। कभी मेरा गालो को अपने मुंह में भर कर चूसते हैं। तो कभी मेरे होठों को चूसने लगते हैं।


कई बार तो उन्होंने मेरी टी शर्ट में हाथ डालकर मेरे दोनों बूब्स भी दबा कर चूसा है। मैं उनका बहुत विरोध करती हूं, लेकिन उनके आगे मेरी एक नहीं चलती। लेकिन जैसे ही हो मेरे चूतड़ों को पकड़ कर दोनों बूब्स को मुंह में भर कर चूसते हैं, तो मैं लड़खड़ा कर मकान मालिक की बाहों में ढीली पड़ती जाती हूँ। ऐसे मेरे शरीर में एक सनसनी सी दौड़ जाती और मेरे शरीर में एक लावा सा भर जाता इस कारण मकान मालिक दिनोंदिन आगे बढ़ता चला गया और मैं भी उनके सामने समर्थन करती चली गई।


मकान मालिक की उम्र 52 साल के करीब होगी अब मुझे भी अच्छा लगने लगा था और मकान मालिक चुपचाप हमारा किराया मुझे वापस करने लगा था और हमारी कई तरह से मदद करने लगा था। 1 दिन मैं और मकान मालिक घर पर अकेले थे, तो मकान मालिक अंकल मेरे कमरे में आकर मुझे अपनी बाहों में भर कर बेड पर लेट मेरे ऊपर चढ़कर मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगे। इस कारण मैं अंकल के भारी-भरकम शरीर के नीचे दब गई और मेरे दोनों बूब्स अंकल के चौड़े सीने के नीचे दब गए।


अंकल मेरे होठों को चूसते चूसते अपने हाथ मेरी टेंशन में डाल कर मेरे बूब्स को दबाने लगे और फिर मेरी टी-शर्ट ऊपर से उतार दी मैं ऊपर से बिल्कुल नंगी हो गई थी। अंकल ने मेरा एक चूची अपने मुंह में भर लिया और दूसरे को अपने हाथ से मसलने लगे बीच-बीच में वह मेरे अपने पल को अपने दांतों से काट कर चूसते तो मेरे मुंह से अब सिसकारियां निकलने लगी थी।


आहहहह सीईईईईई उहहहहहहह मममममम सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम नहहहहहहहहहहह

मैं - अंकल छोड़ दो आहहहह

अंकल - मेरी जान मनीषा जब से तो किराए पर आई है मैं तुझे तब से ही चोदना चाहता था तूने मेरी रातों की नींद हराम कर दी,

मैं - अंकल प्लीज छोड़ दो कोई आ जाएगा बस बस बहुत हो गया।

फिर अंकल ने मेरा पाजामा उतार दिया और अपने मुंह से मेरी आंख गालों और होंठों को चूसने लगे फिर उन्होंने मेरी टांगें फैला कर अपना मुंह मेरी चुत में लगातार चाट कर चूसने लगे। अब मैं कंट्रोल से बाहर होने लगी थी।


आहहहह जोररररररररररररर ससससससस मममममम सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम नहहहहहहहहहहह हममममममममम ममम ऊई उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई आहहहह जोररररररररररररर ससससससस मममममम सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम मम्मी ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम मम्मी ईईईईईईघीघ


मैं अपने चूतड़ों को ऊपर उठा कर उछालने लगी और सांसे तेज हो गई।, तभी मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं झड़ गई मेरी चुत ने ढेर सारा पानी अंकल के मुंह में छोड़ दिया और अंकल चुत का सारा पानी पी गये।


चुत को जीभ से सहलाने लगे काफी देर बाद अंकल ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगा हो कर मेरे ऊपर चढ़ गये,, अंकल का लन्ड मेरी जांघों पर ठोकर मारकर मेरी हालत खस्ता कर रहा था अंकल का लम्बा मोटा लन्ड देख कर मेरी हालत खस्ता हो गई थी


मैं - अंकल प्लीज छोड़ दो मुझे इतना लंबा मोटा मैं नहीं ले पाऊंगी।

अंकल - मेरी जान कुछ नहीं होगा बस शुरू में थोड़ा सा दर्द बर्दाश्त कर लेना फिर तो तुम इससे भी लंबे मोटे लौड़े ले लोगी।

मैं - नहीं अंकल आप का बहुत लंबा मोटा है मेरी चुत फट जाएगी। मैंने आज तक किसी का नहीं लिया मैं अभी तक कुंवारी हूं।

अंकल -मेरी मनीषा फिर तो तेरी चुत की सील मैं ही तोड़ कर और तुझे अपनी बीवी बनाऊंगा।


अंकल ने मेरे पूरे शरीर को चुम चाट कर चूस कर मेरे अंदर फिर से लावा भर दिया था और अपना लंबा मोटा लन्ड मेरी चुत पर रगड़ रगड़ कर मेरे अंदर एक आग सी भर् दी,,


अब मैं भी अपने आप को तैयार कर रही थी कि जो होगा देखा तभी हम कर देंगे कि दोनों टांगें चौड़ी कर अपने पंजों के बल बैठकर अपना लन्ड मेरी चुत से लगा दिया। मैंने अपनी दोनों आंखें बंद कर ली जैसे ही अंकल अपने लन्ड से धक्का लगा कर मेरी चुत फाड़ने वाले थे तभी दरवाजे की घंटी बज गई और हम दोनों जल्दी से अपने कपड़े पहन कर बाहर आ गए।


अंकल ने दरवाजा खोला तो देखा उसकी बीवी आ गई थी अगर अंकल ने अपना लन्ड मेरी चुत में डाल दिया होता तो शायद बहुत बड़ी मुश्किल में पड़ गए होते।, उसके बाद मौके मिलते रहते तो अंकल पहले की तरह मुझे चुसते हुए अपनी बाहों में भर कर मसलते रहते थे। बहुत बार अंकल अपने लन्ड को मेरे मुंह में डालते तो मैं मना कर देती मुझे घिन आ जाती।


लेकिन अंकल के दबाव से और अपने मुलायम हाथों से पकड़ हिलातीं तो एक बार अपनी जीभ से अंकल के भारी-भरकम लन्ड को अपनी जीभ से सहलाने लगी। मैंने धीरे धीरे से अंकल के लन्ड को अपने मुंह में भर लिया और अंकल मेरे होठों मुंह में आपने लन्ड को धीरे धीरे से धक्के लगाकर चोदने लगे। काफ़ी देर बाद अचानक अंकल ने अपने हाथ से मेरा सर पकड़ कर अपना लंबा मोटा लन्ड पूरा मेरे मुंह में भर कर ढ़ेर सारा गरम-गरम वीर्य निकाल दिया।


अंकल का लन्ड जड़ तक मेरे मुंह में होने के कारण सारा गरम-गरम वीर्य मेरे गले से नीचे उतर गया मेरे पेट में चला गया।, इस तरह से अंकल मौका मिलते ही मुझे अपने आगोश में ले लिया करते थे। फिर काफी दिनों बाद दशहरे पर मेरे भाई की 10दिन स्कूल छुट्टी हुई और अंकल की बीवी मकान मालकिन को भी दशहरा पूजा और किसी काम से अपने गांव जाना था। तो मकान मालकिन मेरी मम्मी को अपने साथ ले जाना चाहती थी। इसलिए मम्मी का साथ मिल गया और मम्मी भाई को भी साथ ले जाना चाहती थी। इसलिए प्रोग्राम बनाया सभी ने। तो कुछ दिनों बाद घर पर मैं और अंकल अकेले रहने वाले थे।


दो दिन बाद ही मकान मालिक, आन्टी और मेरी मम्मी और भाई को पहली बस में बैठाने 7 बजे सुबह चले गए। अब सारे घर पर मैं अकेली थी तो मैं अंकल के बेडरूम में थी। मैंने बड़ी सी ड्रेसिंग टेबल और बड़ा शीशा उसमे मेकअप का बहुत सारा सामान था जिसको देखकर मन ललचा गई और वहां पर अंकल का आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड देखा तो उसके हिसाब से अंकल की उम्र 45 साल थी, मैं अंदाजा लगा रही थी 52 साल ।


मैंने वीट लेकर अपनी चुत के बाल साफ करने लगी डबल बेड पर ही बाल साफ होने के बाद मेरी चुत काफी चिकनी हो गई। मैं पूरी नंगी होकर ड्रेसिंग टेबल के शीशे में अपने शरीर को और अपने अंगों को देखकर मैं शर्म से पानी पानी हो रही थी। करीब 2 धंटे बाद अंकल आ गए और आते ही मुझे अपनी बाहों में भर मेरे होठों से अपने होंठों से चूसने लगे।


मैं - इतनी बेसब्री किस लिए अब तो मैं 10 दिन के लिए आपकी हूं।

अंकल - मनीषा डार्लिंग तेरे को देखकर कंट्रोल नहीं होता दिल करता है तेरे को अपनी बीवी बना कर पूरी जिंदगी चोदता रहा हूं।


मैं -मुझे अपनी बीवी कैसे बनाओगे आंटी भी तो है

अंकल -मनीषा मैं तुझ से शादी करके सुहागरात मनाना चाहता हूं और शायद तुम्हें नहीं मालूम तुम्हारी आंटी को कैंसर है काफी सालों से वह बीमार है और डॉक्टर ने आखिरी जवाब दे दिया ज्यादा से ज्यादा 1 साल यह पायेगी। इसलिए मैं पिछले कई सालों से बीवी के सुख से वंचित हूं।

मैं - ओहहह

अंकल -मनीषा तुम मुझसे शादी करोगी मैं अपने सारे मकान जायदाद पैसा तुम्हारे नाम करके तुम्हें मालकिन बना दूंगा।

मैं -लेकिन लोग क्या कहेंगे और तुम्हारा बेटा बहू भी तो है

अंकल -बेटा बहुत ज्यादा मतलब नहीं रखते हैं। वह भी विदेश में है और अपनी लाइफ जी रहे हैं और लोगों की परवाह क्यों करें हमारी लाइफ है हम पति-पत्नी की तरह आगे की खुशहाल जिंदगी जिएंगे।

मैं पूरी जिंदगी तुम्हारी गुलामी करूंगा जो तुम कहोगी मैं वह मान लूंगा तू मेरे दिल पर और मेरी जायदाद की मालकिन बनोगी।

मैं - हम शादी कहां करेंगे अंकल -हम कोर्ट में कानून शादी करेंगे और तुम क़ानून मेरी पत्नी बन कर मेरी सारी जायदाद की मालकिन बनोगी, यह मेरा तुमसे पक्का वादा है। मनीषा डार्लिंग हम आज पति पत्नी बन कर अपनी सुहागरात मनाएंगे।

मैं - मैं अपनी सुहागरात को एक दुल्हन की तरह ही यादगार के तौर पर अनुभव करना चाहती हूं क्या आप मेरा साथ दोगे?

अंकल - मनीषा मैं हमेशा हर पल पूरी जिंदगी तुम्हारा साथ दूंगा यह मैं भगवान को साक्षी मानकर तुम्हें वचन देता हूं।

मैं - ठीक है मैं दुल्हन की तरह सोच समझकर मैं अपने आपको तुम्हें समर्पित कर दूंगी इसके लिए मुझे दुल्हन की तरह सजना होगा। और अंकल ने अलमारी से आंटी की शादी का जोड़ा निकाल कर दिया तो वह साइज में मेरे से बड़ा था।

मैं - यह तो मुझे लुज आयेगा इसको एडजस्ट करना पड़ेगा और मुझे शापिंग मॉल से अपने कपड़े लेने पड़ेंगे और ब्यूटी पार्लर में काम करवाना पड़ेगा।

अंकल - अब तुम बीवी की तरह हुक्म दिया करो।

और अंकल 10 हजार रुपए दिए और मैं अंकल को शाम तक आने को बोल कर पार्लर के लिए निकल गई। मैंने अपने लिए कपड़े, ब्रा पेंटी के कई सेट और 4 नाईटी ओर चुड़ियों के सेट खरीद कर फिर पार्लर में पूरे शरीर की वैक्सीन और पालिशिंग, फेशियल, हेयर स्टाइल, मेहंदी का काम होते शाम हो गई ब्यूटीशियन को साथ लेकर घर आ गई।


घर आकर देखा तो अंकल काफी सामान लेकर आ गये थे। तन्दूरी चिकन, 2 दारु शराब की बड़ी बोतल और खाने का बहुत सारा सामान था। ब्यूटीशियन शादी का जोड़ा निकाल कर तैयार कर रही थी तब मैं चाय बना रही थी, सबने चाय पी और फिर तैयार करने लगी।


तकरीबन 2 धंटे में मैं पूरी दुल्हन की तरह से तैयार हो गई। अंकल मुझे देखकर मुस्करा रहे थे और अपने होशोहवास खो रहे थे। 9 बजे अंकल ने ब्यूटीशियन को पैसे देकर आटो रिक्शा में बैठा आयें।


अंकल - मनीषा तुम तो आसमान से उतरी अप्सरा हो काश तुम मुझे पहले मिली होती। तुम्हें दुल्हन के रूप में देखकर नजरें नहीं हट रही है।

मैं - अब मैं आपकी दुल्हन हूं।

अंकल - मनीषा मेरी दुल्हन मैं तुम्हें एक सरप्राइज देना चाहता हूं क्या तुम मुझे इसकी इजाजत दोगी।

मैं - अब मैं आपकी हूं मेरे ऊपर आपका पूरा अधिकार है आपको किसी चीज की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है आपको मेरे ऊपर पूरा हक है।

ऐसा सुनकर अंकल ने मेरे सुर्ख लाल होठों पर एक चुंबन जड़ दिया और मेरा लम्बा सा घुंघट निकाल दिया । और आंटी की ड्रेसिंग टेबल से उनकी सिंदूर की डिब्बी से सिंदूर लेकर मेरा घुंघट उठा कर सिंदूर मेरी मांग में भर दिया। और मेरा मुंह दिखाई ₹100000 मेरी गोद में डाल दिये।

अंकल - आज से तुम मेरी पत्नी हो और कुछ दिनों में कानूनन तुम्हें पत्नी का हक मिल जाएगा जिससे तुम मेरी सारी जायदाद की मालकिन होगी।

मैं - मेरे देवता आज से आप मेरे पति हो और मैं आपकी पत्नी आज से आपका मेरे ऊपर पूरा अधिकार है। और मैंने आगे बढ़कर अंकल के पैर छूकर अपनी मांग में सिंदूर की तरह से छुआ कर उनके सीने से लग गई।, अंकल ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे रस भरे लिपिस्टिक लगे होंठों को चूम लिया। फिर अंकल दारु शराब की बोतल से गिलास में पैग बना कर पी गया।

2 गिलास मैंने अपने मेहंदी लगे और चूड़ियां से भरे हाथों से बनाकर अंकल को दिए। अंकल ने मेरे हाथ से गिलास लेकर मेरे होठों से छुआ कर पी गए। और थोड़ी सी मुझे भी पिला दी। अब अंकल मुझे अपनी बाहों में लेकर धीरे से बेड पर मुझे लिटा कर मेरे होठों को चूमने लगे।


मैं आप की रिया
मैं आप की रिया

मैं - मेरे देवता मैं आपसे एक बात बोलूं बुरा तो नहीं मानोगे?

अंकल - मेरी मनीषा डार्लिंग अब तुम मानती हो मैं तुम्हारी किसी बात का बुरा कभी नहीं मानूंगा तुम हुक्म करो।

मैं - मैं अपनी सुहागरात को एक यादगार के रूप में अपने पास रखना चाहती हैं क्या तुम मेरे मोबाइल से पूरी सुहागरात की हसीन यादें बना दोगे।


फिर अंकल ने मेरा मोबाइल ऐसे ऐंगल पर रखकर फोन चालू कर दिया जिससे पूरा डबल बेड और ज्यादा से ज्यादा रूम फोन के ऐंगल में आ गया।, अंकल बेड पर आकर मुझे अपनी बाहों में लेकर मेरे होंठों को मेरे गुलाबी गालों को चुमने लगे। अंकल मुझे दुल्हन के रूप में देखकर अपने होशो हवास खो रहे थे। मेरा नीचे वाला गुलाबी होंठ अपने मुंह में लेकर चूसते हुए हाथ से मेरे बूब्स को दबाने लगे।


मेरी सांसे जोर-जोर से चल गई थी जिस कारण मेरे दोनों बूब्स ब्लाउज को फ़ाड़ कर बाहर आने को तैयार थे। अंकल काफी देर तक मेरे रस भरे होठों का रस चूसते रहें और मेरे दोनों को दबा रहे थे।


मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगी थी,, आहहहह सीईईईईई उहहहहहहह मममममम सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम मम्मी,, अंकल ने अपना पाजामा निकालकर नीचे से नंगे हो गए। उनका लन्ड हिचकोले लिए कड़क हुआ था। अंकल ने मेरी साड़ी नीचे से पेटीकोट समेत ऊपर को उठा कर कर दी और मेरे मेहंदी लगे पैरों को झूमते चाटते हुए मेरी जानू को चूमने लगे और फिर मेरी पैंटी उतार कर अलग कर दी और अपने मुंह से मेरी चुत पर लंबा चुंबन दे कर चूसने लगे।


अब मेरे मुंह से जोर जोर से सिसकारियां निकलकर पूरे कमरे में गूंज रही थी। आहहहह जोररररररररररररर ससससससस मममममम सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम मम्मी ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम नहहहहहहहहहहह हममममममममम ममम ऊई उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई आहहहह सीईईईईई उहहहहहहह मममममम सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ।


मैं अपने चूतड़ों को ऊपर उछाल उछाल रही थी। आहहहह जोररररररररररररर ससससससस मममममम सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम मम्मी ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम मम्मी ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम मम्मी ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम नहहहहहहहहहहह।


अंकल ने मेरी दोनों टांगों को चौड़ा कर ऊपर उठा कर अपनी जीभ को मेरी चुत से रगड़ने लगे।,, मैं अपने होश खो बैठी और जोर जोर से अपने चुतड उछाल कर सिसकारियां निकलने लगी। सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम मम्मी ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम नहहहहहहहहहहह हममममममममम ममम ऊई उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई मां उई आहहहह जोररररररररररररर ससससससस मममममम सीईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईईघीघ ऊईईईईईईईममममममममम।


फिर अंकल मेरी टांगों के बीच में आकर अपने होठों से मेरे होठों को चूसने लगे।, अंकल का मोटा लंबा मुसल जैसा लन्ड मेरी चुत पर ठोकरें मार रहा था।। अंकल कभी मेरे दोनों गालों को अपने मुंह में भर कर चूसते तो कभी मेरे होठों को।


अंकल ने कैसे सुहागरात में मेरी चुत की सील तोडी और मुझे लड़की से भरपूर औरत कैसे बनाई । शेष Antarvasna Sex Stories अगले भाग २ में जरुर पढ़े।

आपकी रिया। rs9533749@gmail.com

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