मसाज पार्लर स्पा वाली लड़की की चुदाई - Antarvasna Sex Stories
- Kamvasna
- 7 days ago
- 8 min read
सभी लंड धारकों को और चूत देवियों को मेरा नमस्कार.
यह ट्रिपल एक्स सेक्स कहानी एक वास्तविक घटना पर आधारित है.
इस स्पा मसाज पार्लर सेक्स कहानी को शुरू करने से पहले मैं अपने बारे में बता देता हूँ.
मेरा नाम सत्यम है. मैं लखनऊ, उत्तर प्रदेश से हूँ.
मेरी हाइट 6 फीट है और लंड 7 इंच का है, जो किसी भी बुर को चोद फाड़ कर भोसड़ा बना देता है.
यह घटना अप्रैल 2023 की है.
मुझे चुदाई में बहुत ज्यादा रुचि है लेकिन आज तक कोई लड़की मेरी गर्लफ्रेंड नहीं बनी.
इसलिए मेरा काम हाथ से ही चलता था.
मुझे हमेशा लड़की की तलाश रहती थी.
एक बार मेरे एक दोस्त ने स्पा के बारे में बताया.
मैंने स्पा के बारे में पूछा कि यह क्या होता है?
उसने कहा- वहां मसाज के साथ-साथ हैंड जॉब भी मिलती है.
मैंने मोबाइल पर सर्च किया तो पता चला कि मेरे शहर में फेमस चौराहे के पास ही एक स्पा सेंटर है. उसका फोन नंबर भी दिया हुआ था.
मैंने उस नंबर को लगाया और वहां बात की.
मुझे सब कुछ सही लगा तो मैं उस स्पा का आनन्द लेने के लिए निकल पड़ा.
जब मैं वहां पहुंचा, तो मैंने बाहर से ही कॉल किया.
किसी ने कॉल पिक किया.
तो मैंने बताया कि मैंने अभी कुछ देर पहले आने के लिए फोन किया था.
उसने मुझसे कुछ सवालात पूछे जैसे कि मैंने कौन सी ड्रेस पहनी हुई है और मैं कहां खड़ा हूँ.
मैं समझ गया कि यह सब सुरक्षा की दृष्टि से पूछा जा रहा है और पक्के में पुलिस के डर से यह सब पूछा जा रहा है.
पहले तो मुझे लगा कि साला कहीं कुछ बवाल न हो जाए.
फिर मैंने सर को झटका और मन पक्का करके उस स्पा में जाना तय कर लिया.
फोन कटने के बाद एक लड़का मेरे पास आया और उसने मुझे फोन लगाया तो मैं फोन उठा कर बात करने लगा.
उसने फोन काट दिया और मेरे करीब आकर बोला- मैंने ही आपको पहचानने के लिए फोन किया था.
मैं कुछ नहीं बोला.
वह मुझे अपने पीछे पीछे आने के लिए बोल कर आगे बढ़ गया.
वह मुझे स्पा सेंटर के अन्दर ले गया.
वहां एक लड़की बैठी थी.
मैंने उस लड़की से बात की तो उसने बताया कि 2000 रुपये में फुल मसाज मिलेगी.
मैंने थोड़ा सोचा, तो वह बोली- सर, आप डरिए मत, यहां पूरी सुरक्षा है और आपको फुल मजा भी आएगा.
यह कह कर उसने आंख दबा दी.
तो मैं समझ गया कि इसका कहने का मतलब यह है कि मजा आएगा.
बस, मैंने पैसे दे दिए.
उसने पैसे रख कर इंटरकॉम पर किसी से आने के लिए कहा.
तभी एक लड़की उधर आई.
उसने मुझे देखा और मुस्कुरा कर कहा- चलिए सर!
वह मेरा हाथ पकड़ कर मुझे एक कमरे में ले गई.
वह कमरे में AC चालू करके बोली- सर, आप कपड़े उतार दीजिए.
फिर वह बाहर चली गई.
उसके जाते ही मैंने सारे कपड़े उतार दिए और सिर्फ अंडरवियर में रह गया.
कुछ देर बाद वह लड़की तेल लेकर आई.
उसने पूछा- आपकी गर्लफ्रेंड नहीं है क्या सर?
मैंने कहा- होती तो यहां क्यों आता?
वह हंसकर बोली- कोई बात नहीं. आज के लिए मैं आपकी गर्लफ्रेंड बन जाती हूँ.
मैंने उसका नाम पूछा.
उसने बताया- सनम.
मैंने पूछा- ये काम क्यों करती हो? तुम्हारे घर वालों को पता है?
वह बोली- हां वे जानते हैं कि मैं ब्यूटी पार्लर में काम करती हूँ.
मैंने कहा- ओके.
फिर वह बोली- सर, कैसी मसाज करूँ? ऑयल से या ऐसे ही?
मैंने कहा- ऑयल से ही कीजिए.
उसने मुझे पेट के बल लेटने को कहा.
मैं लेट गया.
वह मेरे चूतड़ों पर बैठ गई और मालिश करने लगी.
कुछ देर तक उसने मेरी पीठ की मालिश की और उसके बाद वह मेरे ऊपर लेट गई और अपने मम्मों से मेरी पीठ को मसलने लगी.
मैंने अहसास किया कि वह ऊपर से नंगी हो गई थी और उसके चूचों की गर्मी मुझे लज्जत दे रही थी.
यह महसूस करते ही मुझसे रहा नहीं गया और उसको पीठ से उतरने के लिए कहा.
वह उतरी तो मैंने पलट कर देखा, उसने अपनी ब्रा और कुर्ती को नीचे कर लिया था.
मैं समझ गया कि यह अपनी ब्रा और कुर्ती को ऊपर करके मेरी पीठ से अपने दूध रगड़ रही थी.
मैंने आव देखा न ताव और उसके दोनों बूब्स पकड़ लिए.
वह कुछ समझती कि मैंने उसके दूध दबाने शुरू कर दिए.
वह हंसती हुई मना करने लगी- सर, पहले मसाज तो करवा लीजिए!
फिर भी मैं कंट्रोल नहीं कर पाया.
मैंने सीधे बोल दिया- सोनाली, मसाज को एक तरफ रखो, मुझे तेरी चुत चोदना है!
उसने कहा- उसके लिए अलग से 1000 रुपये और लगेंगे सर, मैं आपको सेक्स का पूरा मजा दूँगी.
मैंने पर्स से पैसे निकाल कर उसे दे दिए.
वह मेरे सामने खड़ी होकर अपने दूध हिलाने लगी.
मैंने उसे पकड़ कर अपनी ओर खींचा और बेड पर चित लिटा दिया.
वह कुछ समझ पाती कि मैं उसके ऊपर आ गया और उसके बूब्स जोर-जोर से मसलने लगा.
वह हंस कर बोली- आराम से कीजिए न … मैं कहीं भाग नहीं रही हूँ!
लेकिन मुझसे इंतज़ार हो ही नहीं पा रहा था. मैंने उससे पूरे कपड़े उतारने को कहा.
वह झट से अपनी कुर्ती और लेगिंग उतार कर मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में आ गई
मैं उसे किस करने लगा तो वह बोली- किस नहीं करो प्लीज, यह मना है.
मैंने कहा- अच्छा साला, चुदाई में भी नियम हैं?
वह बोली- हां कस्टमर को किस करने की इसलिए मनाही है क्योंकि इससे थूक मुँह में जाता है और बीमारी होने का खतरा रहता है.
मैंने ओके कहा और उसके बूब्स को जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया.
कुछ ही देर में वह भी गर्म हो गई और बोली- अब चोद भी दीजिए सर!
मुझसे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था, तो मैंने उसकी पैंटी निकाल कर एक ओर फेंक दी और उसकी चूत में उंगली डालने लगा.
मैं एक हाथ से चुत में उंगली कर रहा था और दूसरे हाथ से उसके मम्मे दबा रहा था.
कुछ देर बाद वह झड़ गई और बोली- अब तो चोद दीजिए!
मैंने उसको वापस चित लिटाया और लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
फिर जैसे ही मैंने लौड़े को चुत के अन्दर डालना चाहा तो उसने मना कर दिया- सर, रुकिए!
मैंने कहा- अब कौन सा नियम आड़े आ गया मेरी बुलबुल!
वह हंस कर बोली- कंडोम लगा लीजिए प्लीज!
मैंने कहा- लाओ किधर है?
फिर उसने उठ कर टेबल की दराज में से एक डॉटेड कंडोम निकाला और लाकर मेरे लंड पर चढ़ा दिया.
वह लेट गई और पैर फैला कर चुत खोल कर बोली- हां अब चोदिए.
मैंने चुत पर लंड सैट किया और तगड़ा धक्का दे मारा.
मेरा सात इंच का मूसल लंड उसकी चूत को चीरता हुआ सीधा बच्चेदानी से टकरा गया.
वह जोर से चीखी- आह मर गई!
मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया.
फिर रुककर देखा तो उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे.
कुछ समय बाद वह खुद ऊपर-नीचे होने लगी.
अब मैंने उसे जोर-जोर से पेलना शुरू कर दिया.
करीब दस मिनट बाद वह फिरसे स्खलित हो गई.
मैं लगा रहा और कुछ जोरदार झटके देकर मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया. कंडोम पहना हुआ था, तो वीर्य चुत में नहीं गया था.
मैं झड़ कर उससे चिपक कर लेटा रहा.
कुछ देर बाद उठा तो उसने मेरे लंड से कंडोम निकाला और वह मेरे बीज को पी गई.
यह देख कर मेरा फिर से चुदाई का मूड बनने लगा.
उसने कहा- सर, अब नहीं … दुबारा के लिए आपको अलग से रुपये देने होंगे!
मैंने उससे मोबाइल नंबर मांगा तो उसने मना कर दिया.
मैंने कहा- तुम मेरे कमरे पर आओगी तो मैं तुम्हें एक रात के 4 हजार दूँगा!
यह सुनकर उसने मुझे अपना नंबर दे दिया.
फिर उसने अपने कपड़े पहने, मुझे भी पहनाया और बोली- कैसी रही सर्विस सर?
मैंने कहा- बहुत अच्छी, लेकिन कमरे वाली सर्विस में मुख मैथुन का मजा भी लूँगा!
वह बोली- हां सर उधर तो आप मेरी गांड भी मार लेना!
मैं हंस दिया.
फिर मैं वहां से निकल लिया.
दो दिन बाद मैंने उसे फोन किया तो वह बोली- ठीक है आप बताइए, कब आना है?
मैंने कहा- आज शाम को आठ बजे आ जाना.
उसने ओके कहा और मुझसे लोकेशन मांगी.
मैंने अपने घर की लोकेशन भेज दी.
शाम को आठ बजे उसका फोन आया कि सर मैं आपकी लोकेशन पर ही हूँ, मुझे किधर आना है … बताइए?
मैंने उससे कहा- रुको मैं देखता हूँ कि तुम किधर खड़ी हो. फोन चालू रखना.
मैंने बाहर निकल कर देखा तो वह मेरे दरवाजे के पास ही खड़ी थी.
मैं फोन पर ही उससे कहा- इधर दाईं तरफ देखो.
उसने मुझे देखा और बोली- हां मैं आ रही हूँ आप दरवाजा खुला रखिए.
मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया और वह मेरे घर में आ गई.
मैंने दरवाजा बंद किया और उसे अपनी बांहों में भर लिया.
जल्द ही हम दोनों बेडरूम में आ गए और मैंने उससे पानी आदि के लिए पूछा.
वह अंगड़ाई लेती हुई बोली- पानी की क्या पूछ रहे हो सर … कुछ और पिलवाओ!
मैंने कहा- ओके व्हिस्की पियोगी या रम?
वह बोली- व्हिस्की लूँगी.
मैंने ब्लेन्डर की बोतल से दो पैग बनाए और हम दोनों दारू पीते हुए बातें करने लगे.
मैंने उससे पूछा- उस दिन मेरा परफ़ोर्मेंस कैसा लगा था?
वह हंस कर बोली- मूसल है आपका … मेरी तो समझो फट ही गई थी!
हम दोनों हंसी मजाक करने लगे.
उसी दौरान उसने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए और वह केवल ब्रा पैंटी में आ गई.
मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और एकदम नंगा हो गया.
मैंने सिगरेट सुलगाई और उससे लंड चूसने का इशारा किया.
वह मेरे हाथ से सिगरेट लेकर लंड चूसने लगी और सिगरेट का धुआं लौड़े पर छोड़ने लगी.
मैं उसकी ब्रा के कप को हटा कर उसके दूध दबाने लगा.
दारू की मस्ती के साथ लौंडिया लंड चूस रही हो तो मजा दुगना हो जाता है.
उस दिन मैंने एक वियाग्रा भी खाई हुई थी तो लंड एकदम तनतना रहा था.
कुछ देर बाद वह बोली- सर आपको भी चूसना है क्या?
मैंने कहा- हां क्यों नहीं, आओ 69 में करते हैं.
वह 69 में लेट गई.
मैंने उसकी चुत पर व्हिस्की डाली और चूसने लगा.
वह मस्त हो गई और जल्द ही सीधी होकर चुदने के लिए कहने लगी.
मैंने उस रात उसकी दो बार चुत चोदी और एक बार गांड मारी.
सुबह चार बजे वह जाने की कहने लगी तो मैंने कहा- पांच बजे चली जाना वरना फ्री में चुद जाओगी.
उसको समझ में नहीं आया कि वह फ्री में कैसे चुद जाएगी.
तो उसने पूछा- मतलब?
मैंने कहा- अंधेरा है अभी … कोई पकड़ कर चढ़ गया तो पैसे थोड़ी ही देगा.
वह हो हो करके हंसने लगी और हम दोनों एक घंटा आराम करने लगे.
पांच बजे जब मॉर्निंग वाक करने वाले लोग निकलने लगते हैं, तब वह मेरे कमरे से निकल कर अपने घर चली गई.
तब से मेरी उससे आए दिन बात होने लगी.
उसने मुझे और भी दूसरी लड़कियों की चुत दिलवाईं.
फिर उसकी कोई बहुत बड़ी परेशानी आ गई, तो उसने मुझसे 50000 रुपये मांगे.
मैंने उसे दे दिए.
वह बोली- मैं आपका ये अहसान कभी नहीं भूलूँगी.
कुछ दिनों बाद उसने मेरे पैसे वापस कर दिए और पता नहीं कहां चली गई.
वह मुझे भी कुछ बताए बिना चली गई थी.
मैं आज भी उसे याद करता हूँ तो लंड खड़ा होकर सलामी देने लगता है.
फिर मुझे मुठ ही मारनी पड़ती है.
अब मैं फिर से किसी भाभी और आंटी की तलाश में हूँ.
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