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माँ को मैंने चोदा बाद में असलम ने - Hindi Sex Stories

हैलो दोस्तों, ये कहानी मेरी माँ रचना की है जो बहुत ही सैकसी किसम की ओरत है।

ऊमर 45 साल बडे बडे मम्मे मस्त गांड गोरा रंग गदराया बदन। जब वो मटक मटक कर चलती है बुड्ढे से लेकर जवान मरद के लौड़े खड़े हो जाते हैं। हर कोई मेरी माँ को चोदना चाहता है।


मेरी नीयत भी अपनी माँ के लिए कोई साफ नहीं है। मैं कई बार माँ के मम्मों को देखकर मुठ मार चुका हूँ। मेरी ऊमर 23 साल है और मैं अभी तक कुंवारा हुं। मेरी एक दो साल छोटी बहन की शादी हो चुकी है।


मेरी माँ विधवा है। मेरे पापा की पांच साल पहले डैथ हो चुकी है। मेरी माँ बहुत ही चुदृकढ किसम की ओरत है। हम लोग जिस दुकान से घर का रासन लेते हैं, ऊस दुकानदार के मालिक का मेरी माँ के साथ अवैध संबंध है।


ऊस दुकानदार का नाम असलम खान है। वो पचास साल का हॅटा कॅटा मुस्लिम मरद है। ये सब जानते हुए भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कियोंकि मैं आपनी माँ की जरूरत को समझता हूँ।


मैं तो बस अपनी माँ की लाईव चुदाई देखना चाहता हूं के कैसे एक पचास साल का मुस्लिम र्मद मेरी माँ को बेरहमी से चोदता है ओर ऊसके अंदर अपना बीज डालकर ऊसे गरभवती बनाकर ऊसके साथ निकाह करता है।


असलम अंकल का भी ईस दुनिया में कोई नहीं है। ऊनकी बीवी काफी समय पहले मर चुकी है। ओर ऊनके बच्चे ऊनको छोड़ कर जा चुके हैं। मेरी माँ अक्सर कोई गोलीयाँ खाया करती है। मैं जानता था कि माँ को कोई बीमारी नहीं है।


जब गोलियों के खाली पत्ते मैंने अपने एक मैडीकल सटोर पर काम करने वाले दोस्त को दिखाये, तो ऊसने बताया कि ये गोलीआं गर्भ निरोधक हैं।


मैं सारी बात समझ गिया और घर आकर झूठ मुठ का नाटक करते हुए माँ को गोलियों का पत्ता दिखाकर बोला - माँ ये क्या है मैं सब जानता हूँ कि दवाई किस काम की है ओर आप ईसे खाती है।


माँ घबराहट में आ गई और नजरें नीची करते हुए - वो वो वो बेटा मुझे माफ कर दो मैं बहुत शरमिंदा हुं। वो कया है कि तुम्हारे पापा की कमी बहुत हो महसूस हो रही है। ईसलिए मैं रह ना सकी। आइंदा ऐसा नहीं होगा।


तो मैंने मुसकरा कर अपने हाथ से माँ की ठोढ़ी को ऊपर करते हुए कहा - माँ आपकी मजबुरी को समझता हूँ। आप अगर असलम अंकल से शादी करना चाहती हैं, तो कर सकती हैं मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा।


तो माँ मुसकरा कर बोली - सच बेटा?


मैं बोला - हां माँ


तो माँ ने मुझे अपने सीने से लगा लिया। माँ के बदन के स्पर्श से मेरा लौडा खड़ा हो गया।


माँ ने नाईटी पहन रखी थी। मैं माँ के चुतड़ों को मसलने लगा और गालों ओर गरदन पर किस करने लगा।


माँ कुछ नहीं बोली ओर मेरा साथ देने लगी।


मैं माँ के होठों को चुसने लगा। हम दोनों दस मिनट तक किस करते रहे। फिर मैं माँ को गोद में ऊठा कर बैडरूम में ले आया ओर माँ के ओर अपने कपड़े ऊतार दिये। माँ का चमकता गोरा नंगा बदन देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया।


मैने माँ को दीवार से सटा दिया ओर ऊसके बडे़ बडे़ बुबस को मसलने लगा। मैं एक हाथ से एक बुबस को मसलता ओर दुसरे को मुंह में लेकर चुसता। मैं निप्पल को दांतों से काटता और खीचता।


माँ आहहहह आहहह करने लगी। मैने माँ को लंड चुसने को कहा ,तो माँ घुटनों के बल बैठ कर मेरा ७ ईंच का लौडा मुंह में लेकर चुसने लगी।

माँ तो मेरा लौडा ऐसे चुस रही थी जैसे कोई लौलीपौप चुसता है। करीब दस मिनट लंड चुसने के बाद मैं माँ के मुंह में ही झड गया।


माँ मेरा सारा वीर्य पी गईं। ऊसके बाद मैने माँ को बैड पर लिखा दिया ओर ऊसके अंगों के खेलने लगा। मेरा लोडा फिर दुबारा खड़ा हो गया। मैने बिना देर करते हुए माँ की दोनों टांगों को अपनी कमर से लपेट कर लंड माँ की चुत पे सैट करते हुए मंम्मे पकडकर जोर से धक्का मारा। लंड योनी द्वार को चीरता हुआ माँ की बच्चेदानी से जा टकराया। आआआईईईई मररर गईईईईईई आहिस्ता। माँ चिल्ला ऊठी।


मैं माँ के दर्द को भुलकर जोर जोर से माँ को चोदने लगा। माँ की सिसकियां पुरे कमरे में गुंज रहीं थी। माँ की सिसकीऔं से पता चल रहा था कि माँ को कितना मजा आ रहा था।


माँ मुझे अपनी बाहों में खींच रहीं थी। मैं पुरी ताकत से माँ को चोद रहा था। माँ चिल्लाते हुए झड़ गईं। मैने माँ को आधे घंटे तक चोदा। ईतने में माँ दो बार झड चुकी थी और मैं भी जडने वाला था।


मैं लंबी सांस लेते हूऐ माँ के ऊपर गिर गया। मेरे लंड से माल की पिचकारीयां निकल कर माँ के अंदर गिरने लगीं। माँ ने मुझे कसकर लिपट गई। मैं माँ के होठों को चुसने लगा।


माँ बोली - मोहित क्या तुम सचमुच मेरे और असलम की शादी के लिए राजी हो?


तो मैने कहा - हां माँ आपकी खुशी में ही मेरी खुशी है। लेकिन मेरी एक शरत है।


माँ बोली - वो कया?


तो मैने कहा - असलम अंकल को आपको मेरे सामने चोदना होगा।


तो माँ बोली - ठीक है मैं असलम से बात करुगी।


ऊसके बाद मैने माँ को दो बार ओर चोदा और रात को तीन बार फिर चोदा।


फिर अगले दिन माँ ने असलम से सारी बातें कर के ऊसी रात असलम को घर बुलाया।


असलम ने मुझे बोला - बेटा तुमे मेरी और रचना की शादी में कोई ऐतराज तो नहीं होगा ना ?


मैने कहा - असलम अंकल कोई ऐतराज नहीं होगा।


तो फिर तुम आज से मुझे अब्बा जी कहोगे।


तो मैने कहा - ठीक है अब्बा जी।


फिर ऊसके बाद हमने खाना खाने के बाद माँ के बैडरूम हम तीनों आ गए। हम तीनों एक साथ ही नंगे हो गये। मैं असलम पापा का लोडा देखकर हैरान हो गया। लंबा और मोटा जानवरों जैसा। ईसी लिए तो माँ असलम पर मरती थीं। मै नंगा हो कर सोफे पर बैठ गया ओर असलम और माँ की चुदाई देखने लगा।


असलम और माँ की चुम्मा चाटी करने लगे। असलम माँ के बुबस को चुसने चाटने और दबाने लगा और निप्पल दांतों से काटने लगा। माँ सिसकारियां लेने लगी। असलम ने माँ के अंग अंग को चुसने चाटने लगा फिर कुछ देर माँ असलम के लंड चुसने लगी।


अब दोनों पुरी तरह से गरम हो चुके थे। फिर असलम ने बिना देर किये माँ की दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख कर लंड माँ की चुत पर सैट करते हुए मम्मों को जोर से मसलकर कसकर धक्का मारा। लंड एक ही बार में माँ की चुत चीरता हुआ माँ की बच्चे दानी से जा टकराया।


आआआईईईई मररर गईईईईईई आहिस्ता माँ चिल्ला ऊठी आआआईईईई


असलम बिना परवाह किये माँ को जोर जोर से चोदने लगा। माँ की सिसकारियां पुरे कमरे में गुंजने लगी। मैं सोफे पर बैठे बैठे आपनी माँ की लाईव चुदाई देख रहा था और अपने लंड को जोर जोर से हिला रहा था। मेरी माँ को एक मुस्लिम लौडा बेरहमी से चोद रहा था।


करीब चालीस मिनट तक असलम ने मेरी माँ को जोरदार चोदा। माँ तीन बार झड चुकी थी। मैं भी तीन बार झड चुका था । अपना सारा माल मैने फरश पर गिरा दिया। अब असलम भी माँ के अंदर ही झड गया। अपना बीज माँ की कोख में डाल दिया।


बहुत मजा आया माँ की चुदाई देखने में। असलम ने ऊस रात माँ को चार बार चोदा। फिर हम सब सो गए


अगले दिन हम सब ऊठकर नहा धो कर जब नाशता कर रहे थे, तो मैने कहा आप दोनों शादी करोगे?


तो असलम बोला - शादी जब तुम्हारी माँ कहेगी।


माँ बोली - जब आप कहो।


तो मैने कहा - अगले हफ्ते कर लो।


तो असलम बोला - शादी के बाद में रचना को अपने घर ले जाना चाहता हूं। तो मैने और माँ ने हामी भरदी।


असलम बोला लेकिन शादी से पहले रचना को ईसलाम कबुल करना होगा। कियुकी शादी के लिए दोनों का मुसलमान होना जरूरी है।


तो मैने और माँ ने हामी भरदी। फिर हम सब शादी की तैयारी करने लगे। शादी से एक दिन पहले माँ को असलम ईसलाम कबुल करवाने के लिए मस्जिद ले गया।


फिर माँ को कलमा पडवाया गया और अब माँ रचना से नाजीआ बन गई और दोनों का निकाह हो गया।


माँ अपने शौहर के घर चलीं गई और ईघर मैने भी शादी कर ली। अब ईस बात को दस साल हो चुके माँ ने तीन बच्चों को जनम दिया ओर मेरे भी दो बच्चे हो गये।


तो दोस्तों ये थी मेरी माँ की Hindi Sex Stories

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