मुंहबोली बहन की थकान लण्ड से उतारी - Antarvasna Sex Stories
- Ojas Bhardwaj
- 11 hours ago
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हैलो दोस्तो मैं ओजस अलीगढ़ से एक बार फिर हाजिर हूँ अपनी एक नई सच्ची चुदाई की Antarvasna Sex Stories के साथ जिसमें मैंने अपनी बहन जिसका नाम सृष्टि है, को सिड्यूस किया और उसकी चूत मारके उसकी थकान उतारी।
दोस्तो मेरे स्कूल के समय से मेरी एक मुंहबोली बहन है। जिसका नाम सृष्टि है। सृष्टि मेरी ही क्लास में पढ़ती थी। मेरा उसके घर में आना-जाना था और उसका मेरे घर में।
हुआ कुछ यूँ की एक बार छुट्टियों में वो मेरे घर आई कुछ दिन रहने तो एक शाम उसे मैं अपने गांव में खेतों पर घुमाने ले गया।
घंटों वहाँ घूमने के बाद शाम को लेट घर लौटे हम।
रात को खाना पीना खाके मेरे माँ पापा सो गए।
मैं और सृष्टि रूम में बैठे बातें कर रहे थे। तभी वो बोली कि भईया आज तो बहुत थक गई मैं, चलो मेरे पैर दबाओ।
मैंने कहा हाँ क्यों नहीं। तभी सृष्टि मेरी तरफ पैर करके उल्टी होके लेट गई। मैंने उसके पैर दबाना शुरू किया और नीचे तीलियों को दबाते हुए ऊपर की तरफ दबाना शुरू किया।
सृष्टि ने लोअर और टी-शर्ट पहन रखे थे।
मैं लोअर के ऊपर से ही उसकी जांघों तक उसके पैर दबा रहा था। उसे देख के साफ पता चल रहा था कि वो काफी रिलेक्स फील कर रही है।
मैंने भी थोड़ा सा आगे बढकर उसके चूतड़ों को भी दबा दिया।
इस पर उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने फिर ढंग से उसके पैर, चूतड़ों तक दबाए। सृष्टि भी मजा ले रही थी।
मैंने फिर धीरे से उसका लोअर हल्का सा नीचे किया। तो वो एकसाथ उचक के बोली भईया इसे क्यों उतार रहे हो।
मैंने कहा सृष्टि इसे नीचे करके हाथों से मसाज करूंगा तेरे पैरों की। तू ऐसे ही लेटी रह बस।
सृष्टि फिर वैसे ही लेटी रही। मैंने भी उसका लोअर पूरा उतार दिया। सृष्टि बहुत गोरे बदन की मालकिन है। उसने उस गोरे बदन पर एक सेक्सी सी काले रंग की पैंटी पहन रखी थी।
मैंने उसे पैरों पे एक बढ़िया मसाज दी और उसके चूतड़ों को भी बीच-बीच में ढंग से मसलता रहा।
फिर मैंने उसकी टी-शर्ट में हाथ डालके उसकी पीठ को भी रगड़ा। सृष्टि मस्त हो रही थी। उसकी साँसें तेज चल रही थीं। मैंने नीचे आके उसके चूतड़ों को सहलाते हुए उसकी पैंटी भी उतार दी। इस पर सृष्टि ने कुछ नहीं कहा।
मैं भी समझ गया कि वो भी पक्का चुदाई का मूड बना चुकी थी। मैं उसकी जांघों को सहला रहा था और उसकी जांघों को बीच में से सहलाते हुए उसकी गाँड़ को सहलाने लगा और मेरा हाथ उसकी चूत तक जाने लगा। सृष्टि चुपचाप उल्टी ही पड़ी रही।
तब मैंने उसके दोनों पैरों को हल्का सा चौड़ाया और उसकी चूत पर हाथ फिराने लगा। सृष्टि जोर जोर से शशीशशहसशसह करके सिसकियाँ भर रही थी और बेड पर पड़े-पड़े अपना मुँह तकिया में छुपा के सिसकियों को दबाने की कोशिश कर रही थी।
सृष्टि की चूत धीरे-धीरे गीली हो रही थी। मेरा एक हाथ सृष्टि की चूत पे था और जीभ उसके चूतड़ों को चाट रही थी।
तभी मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया। मैं उसकी चूत को जीभ से चाटना शुरू करके उसकी गाँड़ तक चाट रहा था।
मैंने तभी पहले सृष्टि के गोरे चूतड़ों पर 2 चांटे लगाए कसके और उसकी ब्रा को उसकी टी-शर्ट में हाथ डालके खोल दिया।
ब्रा खुलते ही सृष्टि एक साथ उठके बैठ गई और बोली भईया ये सब क्या कर रहे हो। ये गलत है। मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसके होठों को पीते हुए कहा अब मत रोक मुझे।
मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूँ, आज मैं तुझे बहुत प्यार करूंगा।
थोड़ी देर में सृष्टि भी मेरा पूरा साथ देने लगी। मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिये। हम दोनों बिल्कुल नंगे एकदूसरे से लिपटे हुए एकदूसरे को चूस-चाट रहे थे।
मेरा एक हाथ सृष्टि की चूत पर था और एक उसके बूब्स को कसके मसल रहा था। सृष्टि के मुँह से सिसकियां बाहर तो आ रही थीं लेकिन उसका मुँह मेरे मुँह में था इसलिए आवाज नहीं आ पा रही थी। सृष्टि की जीभ मेरे मुँह में थी और मेरी सृष्टि के मुँह में।
मेरा 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लण्ड सृष्टि की चूत के झांटों के बालों पे रगड़ खा रहा था। सृष्टि ने मेरा लण्ड हाथ में कस के पकड़ा और मसलते हुए आगे पीछे हिलाने लगी।
सृष्टि मुझसे बोली भईया जबसे ब्रेकअप हुआ है तब से प्यासी हूँ। आज मेरी चूत की गर्मी शांत कर दो अपने इस मूसल लण्ड से। आह! बहुत बड़ा है ये सच में। मुझे कभी इतना बड़ा लण्ड नहीं मिला।
तभी सृष्टि नीचे घुटनों के बल बैठ गयी और मेरे लण्ड को आगे पीछे करते हुए चूसने लगी। मेरा लण्ड उसके मुँह में नहीं आ रहा था पूरा। फिर भी वो जबरदस्ती मुँह में पूरा लेने की कोशिश कर रही थी। इससे मुझे और भी ज्यादा मजा आ रहा था और मेरे मुँह से जोर-जोर से आहआआअह करके आवाज निकल रही थीं।
मैंने उसके बालों से उसका सर पकड़ा और जोर से उसके मुँह में झटके लगाने लगा। फिर मैंने सृष्टि को खड़ा किया और बेड पर लेट गया। सृष्टि मेरे ऊपर 69 पोजीशन में आ गई। वो मेरा लण्ड चूस रही थी घपाघप और मैं उसकी चूत में जीभ अंदर तक डालकर जबरदस्त तरीके से चाट रहा था।
बहुत देर तक 69 में चुसाई और चटाई करने के बाद सृष्टि आके मेरे लण्ड पर बैठ गई और मेरा पूरा लण्ड एक बार में अपनी गीली चूत में ले लिया। मेरा लण्ड उसकी चूत में इतना टाइट गया कि उसकी चीख निकल गई। वो आह आह करने लगी पर मेरे लण्ड से उठी नहीं और मस्त होके मेरे लण्ड पर अपनी गाँड़ को हिलाने लगी।
सृष्टि इतने मस्त तरीके से गाँड़ हिला रही थी कि मेरी सिसकियां निकल रही थीं। और मैं चिल्ला रहा था, आह यस बेबी कम-ऑन यस फ़क मी।
शाबाश मेरी जान आज चुदी तू भईया के लण्ड से शाबाश।
सृष्टि जोर जोर से मेरे लण्ड से चुद रही थी और कमरा उसकी सिसकियों से भर चुका था। चारों तरफ ऊऊऊऊऊऊहहहह फ़ फ़फ़फ़फ़ ईईईईईईई आह आह आह यस यस यस प्लीज़ ऐसी आवाजें सुनाई दे रही थीं।
फिर मैंने सृष्टि को घोड़ी बनाया और उसको पीछे से चोदा। सृष्टि आहआहआह चिल्ला रही थी। मैं उसको बहुत तेज चोद रहा था।
मेरी जांघें उसकी जांघों से टकरा कर पट्ट-पट्ट की आवाजें कर रही थीं। सृष्टि कई बार झड़ चुकी थी।
फिर सृष्टि को मैने बेड पर लिटाया और उसकी चूत को फिर से एक बार जोरदार चाटा। उसकी चूत की पानी बड़ा ही जबरदस्त लग रहा था। मेरी जीभ उसकी चूत में थी और उसकी सिसकियां आहआह शीशीशीशी इसससस उसके मुँह से निकल कर कमरे में गूंज रही थीं।
फिर मैं सृष्टि के ऊपर आया और उसे मिशनरी में घंटों चोदने के बाद उसके मुँह में अपना माल झाड़ दिया
सृष्टि सारा माल पी गई।
सृष्टि बहुत खुश थी और बोली भईया आज से मैं तुम्हारी गुलाम हुई। जब चाहो जितना चाहो चोदो मुझे और मेरी और अपनी दोनों की थकान उतारो।
ये थी दोस्तो मेरी और मेरी बहन की चुदाई की कहानी। कैसी लगी मुझे मेरी mail id - bhardwajojas@gmail.com पर लिख कर जरूर बताएं।
