वाइफ को मनाली ले जाकर मसाज बॉय से चुदवाया: Antarvasna
यह कहानी मेरी और मेरी वाइफ की है, जो मैंने हमेशा अपने दिल में छुपाकर रखी थी, कभी किसी को बताने की हिम्मत नहीं की। अन्तर्वासना यानी Antarvasna वो गहरी इच्छा होती है जो हर इंसान के अंदर कहीं न कहीं दबी रहती है, और मेरी अन्तर्वासना यह थी कि मैं अपनी वाइफ को किसी और मर्द के साथ देखूं। मनाली की ठंडी वादियों में हमारे जीवन का वो सफर शुरू हुआ जिसने हमारी शादीशुदा जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। मेरा नाम रोहित है, उम्र 32 साल, और मेरी वाइफ का नाम शालिनी है, उम्र 28 साल। हम दोनों दिल्ली में रहते हैं, मैं एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हूं और शालिनी एक स्कूल में टीचर है। शादी को 5 साल हो चुके थे, लेकिन हमारी सेक्स लाइफ अब रूटीन हो चुकी थी। मैं उसे बहुत प्यार करता था, लेकिन मेरे अंदर एक अजीब सी इच्छा जन्म ले रही थी जिसे मैं खुद भी समझ नहीं पा रहा था।
शालिनी बहुत खूबसूरत थी, 5 फुट 6 इंच की लंबी, गोरी चमड़ी, भरे हुए स्तन, और गोल कूल्हे। उसकी आंखें काजल से भरी हमेशा शरारती लगती थीं। जब वो साड़ी पहनती तो उसकी कमर की लचक मेरे लंड को सख्त कर देती थी। लेकिन पिछले कुछ सालों से हमारे बीच वो जुनून खत्म हो गया था। सेक्स सिर्फ एक रस्म बन गया था, हफ्ते में एक बार, बिना किसी उत्साह के। मैं चाहता था कि कुछ ऐसा हो जो हमारी जिंदगी में फिर से आग लगा दे।
एक दिन मैंने ऑफिस से लौटकर शालिनी से कहा, |शालिनी, क्यों न हम कुछ दिनों के लिए मनाली चलें? बहुत दिनों से कहीं घूमने नहीं गए।| शालिनी की आंखें चमक उठीं। |वाह! मनाली तो बहुत अच्छा आइडिया है। लेकिन रोहित, तुम तो जानते हो न मैं ठंड बर्दाश्त नहीं कर पाती।| मैंने हंसकर कहा, |तो क्या हुआ? हम हीटर वाला अच्छा होटल ले लेंगे। और वैसे भी, ठंड में एक-दूसरे के करीब रहने का मजा ही कुछ और है।| शालिनी ने शरारत से मुस्कुराते हुए कहा, |अच्छा जी, तो ये बात है। चलो ठीक है, बुकिंग कर दो।|
Antarvasna
मैंने अगले ही दिन मनाली के एक अच्छे रिजॉर्ट में 5 दिनों के लिए बुकिंग कर दी। मैंने सोचा था कि यह ट्रिप हमारी शादीशुदा जिंदगी में नई जान डाल देगी। लेकिन मुझे नहीं पता था कि किस्मत मेरे लिए कुछ और ही लिख रही है। हम 15 फरवरी की सुबह दिल्ली से चल पड़े। सफर बहुत आरामदायक था, शालिनी रास्ते भर मेरे कंधे पर सिर रखकर सोती रही। मैं उसके बालों को सहलाता रहा और सोचता रहा कि आगे क्या होने वाला है।
मनाली पहुंचकर हमने रिजॉर्ट में चेक-इन किया। रिजॉर्ट बहुत ही खूबसूरत था, चारों तरफ बर्फ से ढकी पहाड़ियां, ठंडी हवा, और हमारा कमरा पहाड़ों की तरफ खुलता था। शालिनी ने कमरे में घुसते ही खिड़की खोली और बाहर देखकर कहा, |रोहित, यह तो जन्नत है! मैं यहां से जाना ही नहीं चाहूंगी।| मैं पीछे से उसके पास गया और उसकी कमर में हाथ डालकर उसे अपने से चिपका लिया। |तो मत जाओ न। हमेशा यहीं रह जाओ।| शालिनी ने मुड़कर मेरी आंखों में देखा और धीरे से मुस्कुरा दी। उस पल में मैंने महसूस किया कि हमारे बीच की वो चिंगारी अभी भी बाकी है।
पहला दिन हमने आराम से बिताया। शाम को हमने रिजॉर्ट के रेस्टोरेंट में खाना खाया और फिर कमरे में आकर सो गए। अगली सुबह जब मैं उठा तो शालिनी बालकनी में खड़ी चाय पी रही थी। उसने पहनी हुई थी एक टाइट स्वेटर और जींस, जिसमें उसका फिगर और भी उभर कर आ रहा था। मैं उसके पास गया और पीछे से उसे गले लगा लिया। |गुड मॉर्निंग, मिसेज शालिनी।| उसने मुड़कर मेरे गाल पर एक प्यारी सी किस किया और कहा, |गुड मॉर्निंग, मिस्टर रोहित। आज क्या प्लान है?| मैंने कहा, |आज हम स्पा जाएंगे। मैंने सुना है इस रिजॉर्ट का स्पा बहुत अच्छा है। थोड़ी मसाज करवा लेंगे, तनाव दूर हो जाएगा।| शालिनी ने तुरंत हामी भर दी, |वाह! मसाज तो बहुत अच्छा आइडिया है। मेरी कमर में भी दर्द है सफर से।|
दोपहर के करीब 2 बजे हम स्पा पहुंचे। स्पा का माहौल बहुत ही शांत और सुगंधित था। रिसेप्शन पर एक लड़की बैठी थी। मैंने उससे कहा कि हमें कपल मसाज चाहिए। लेकिन अफसोस, उसने बताया कि आज कपल मसाज के लिए थेरेपिस्ट उपलब्ध नहीं है। लेकिन हम अलग-अलग मसाज ले सकते हैं। शालिनी ने कहा, |कोई बात नहीं रोहित, हम अलग-अलग ही सही। तुम अपनी कराओ, मैं अपनी।| मैंने कहा, |ठीक है।| रिसेप्शनिस्ट ने पूछा, |मैम, आपके लिए हमारे पास एक बहुत अच्छा मसाज बॉय है, विक्की। वो बहुत एक्सपर्ट है। और सर, आपके लिए हमारी एक महिला थेरेपिस्ट है।| शालिनी ने मेरी तरफ देखा, मैंने कहा, |हां हां, कोई दिक्कत नहीं।| मेरे अंदर कुछ और ही चल रहा था। मुझे अचानक महसूस हुआ कि यह मौका है। मैंने रिसेप्शनिस्ट से कहा, |सुनो, क्या मैं अपनी वाइफ के साथ उसके मसाज रूम में रह सकता हूं? मुझे उसके साथ रहना अच्छा लगता है।| रिसेप्शनिस्ट ने कहा, |जी सर, बिल्कुल। लेकिन आपको अलग चेयर मिलेगी, आप बैठकर देख सकते हैं।| मैंने कहा, |ठीक है।| शालिनी ने हैरानी से मुझे देखा, |तुम मेरे साथ रहोगे? मसाज के दौरान?| मैंने मुस्कुराकर कहा, |हां, क्या प्रॉब्लम है? मैं तुम्हें देखता रहूंगा।| शालिनी शरमा गई, |अच्छा, जैसी तुम्हारी मर्जी।|
हमें दो अलग-अलग रूम में ले जाया गया। मेरे रूम में एक महिला थेरेपिस्ट थी, लेकिन मेरा दिमाग तो शालिनी के रूम में था। मैंने महिला थेरेपिस्ट से कहा कि मुझे हल्की मसाज चाहिए और मैं जल्दी आ जाऊंगा। उसने मसाज शुरू की, लेकिन मैं वहां से उठा और शालिनी के रूम की तरफ चल पड़ा। मेरा दिल जोर से धड़क रहा था। मैंने दरवाजा खटखटाया। अंदर से आवाज आई, |अंदर आइए।| मैंने दरवाजा खोला। शालिनी एक मसाज टेबल पर लेटी हुई थी, उसने सिर्फ एक टॉवल लपेटा हुआ था। उसके बाल खुले हुए थे और उसकी गोरी पीठ चमक रही थी। रूम में हल्की रोशनी थी और सुगंधित तेल की महक थी। एक लड़का, जिसकी उम्र करीब 25-26 साल होगी, काला-सांवला, मजबूत शरीर, शालिनी की पीठ पर तेल लगा रहा था। उसका नाम विक्की था। मैंने देखा कि उसके हाथ बहुत प्रोफेशनल थे, लेकिन उसकी नजर शालिनी के शरीर पर बार-बार जा रही थी। मैंने एक कोने में रखी कुर्सी पर बैठकर देखना शुरू किया।
विक्की ने मुझे देखा और मुस्कुराकर कहा, |सर, आप बैठिए। मैम की मसाज अभी शुरू हुई है।| मैंने सिर हिलाया। शालिनी ने अपनी आंखें बंद कर रखी थीं, शायद उसे आराम आ रहा था। विक्की ने उसकी पीठ पर तेल डाला और धीरे-धीरे हाथ फेरने लगा। उसकी उंगलियां शालिनी की रीढ़ की हड्डी पर ऊपर से नीचे तक जा रही थीं। मैं देख रहा था कि कैसे शालिनी की सांसें धीरे-धीरे गहरी हो रही थीं। विक्की ने उसके कंधों को मालिश करना शुरू किया, फिर उसकी गर्दन, फिर उसकी बाहें। उसके हाथ बहुत ही कुशल थे, लेकिन मैं यह भी देख रहा था कि वो जानबूझकर अपनी उंगलियां शालिनी की बगल के पास ले जा रहा था। शालिनी ने एक बार आंखें खोलीं और मेरी तरफ देखा, मैंने उसे मुस्कुराकर देखा। वो फिर आंखें बंद करके लेट गई।
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विक्की ने अब शालिनी की पीठ से नीचे की तरफ बढ़ना शुरू किया। उसके हाथ अब उसकी कमर पर थे। शालिनी की कमर बहुत पतली और लचीली थी। विक्की ने उसकी कमर पर तेल लगाकर गोल-गोल घुमाना शुरू किया। मैंने देखा कि शालिनी के होंठों से एक हल्की सी आह निकली, |आह्ह्ह…| विक्की ने पूछा, |मैम, प्रेशर ठीक है?| शालिनी ने धीरे से कहा, |हां… अच्छा लग रहा है।| विक्की के हाथ अब धीरे-धीरे शालिनी के कूल्हों की तरफ बढ़ रहे थे। टॉवल ने उसके कूल्हों को ढका हुआ था, लेकिन विक्की के हाथ टॉवल के ऊपर से ही उसके कूल्हों को दबा रहे थे। मैं वहां बैठा सब देख रहा था, और मेरा लंड धीरे-धीरे सख्त होने लगा। मुझे यह देखकर अजीब सा उत्तेजना हो रही थी। मैंने अपनी पैंट के ऊपर से अपने लंड को दबाया।
विक्की ने अब शालिनी की टांगों की तरफ बढ़ना शुरू किया। उसने टॉवल को थोड़ा ऊपर किया और शालिनी की जांघों पर तेल लगाने लगा। शालिनी की जांघें बहुत चिकनी और गोरी थीं। विक्की के हाथ धीरे-धीरे ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैंने देखा कि शालिनी की सांसें तेज हो गई हैं। उसकी आंखें अभी भी बंद थीं, लेकिन उसके चेहरे पर एक अजीब सी लाली दौड़ गई थी। विक्की ने अब अपने हाथ शालिनी की जांघों के अंदर की तरफ बढ़ाए। शालिनी ने एक बार हल्का सा हिलकर अपनी टांगें कस दीं, लेकिन फिर ढीली कर दीं। विक्की ने धीरे से कहा, |मैम, आप रिलैक्स कीजिए। मैं कोई गलत काम नहीं कर रहा।| शालिनी ने कोई जवाब नहीं दिया, बस अपनी आंखें बंद रखीं।
विक्की ने अब शालिनी की पीठ पर वापस अपने हाथ रखे और धीरे-धीरे नीचे की तरफ जाने लगा। उसकी उंगलियां अब शालिनी की रीढ़ के निचले हिस्से पर थीं। उसने वहां तेल लगाकर मालिश की, और फिर अपनी उंगलियां शालिनी के कूल्हों के बीच की दरार पर ले गया। शालिनी ने अचानक आंखें खोल दीं और मेरी तरफ देखा। मैंने उसे देखा, मेरी आंखों में शायद कुछ और ही था। शालिनी ने धीरे से कहा, |रोहित…| मैंने कहा, |क्या हुआ? आराम करो।| विक्की ने अपना हाथ वहां से हटा लिया और फिर शालिनी की टांगों की तरफ बढ़ गया। उसने शालिनी की बाईं टांग को धीरे से मोड़ा और उसकी पिंडली की मसाज करने लगा।
मैं उठकर शालिनी के पास गया। मैंने उसके सिर के पास जाकर उसके बालों को सहलाया। शालिनी ने मेरी तरफ देखा और धीरे से मुस्कुरा दी। मैंने उसके कान में धीरे से कहा, |तुम्हें अच्छा लग रहा है न?| शालिनी ने धीरे से सिर हिलाया। मैंने कहा, |तो रिलैक्स करो।| मैं वापस अपनी कुर्सी पर बैठ गया। विक्की ने अब शालिनी की दूसरी टांग की मसाज शुरू की। उसके हाथ अब और ऊपर तक जा रहे थे। शालिनी की सांसें अब और तेज हो गई थीं। उसके होंठों से लगातार हल्की आहें निकल रही थीं, |आह्ह्ह… उह्ह्ह…| विक्की ने अब शालिनी की जांघों के अंदरूनी हिस्से पर अपने हाथ रखे। शालिनी ने इस बार कोई विरोध नहीं किया। विक्की की उंगलियां धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ रही थीं, टॉवल के किनारे की तरफ। मैंने देखा कि शालिनी की चुत की तरफ टॉवल का किनारा थोड़ा सा खिसक गया है और उसके काले बालों की झलक दिख रही है। मेरा लंड अब पूरी तरह से सख्त हो चुका था।
विक्की ने अब अपना हाथ शालिनी की जांघ के अंदरूनी हिस्से से हटाकर उसकी पीठ पर वापस रखा और कहा, |मैम, आप पलट जाइए। अब सामने की तरफ मसाज करनी है।| शालिनी ने हिचकिचाते हुए मेरी तरफ देखा। मैंने सिर हिलाकर हामी भरी। शालिनी धीरे से करवट लेकर पलट गई। अब वो अपनी पीठ के बल लेटी थी। उसने अपनी आंखें बंद कर लीं। टॉवल उसके स्तनों को ढके हुए था, लेकिन उसकी गोरी गर्दन, कंधे और बाहें खुली हुई थीं। विक्की ने उसके कंधों से मसाज शुरू की। उसके हाथ अब उसके गले से नीचे की तरफ बढ़ने लगे। शालिनी की सांसें और तेज हो गईं। विक्की ने धीरे से टॉवल के ऊपरी किनारे को थोड़ा सा नीचे किया, जिससे शालिनी के स्तनों का ऊपरी हिस्सा दिखने लगा। शालिनी ने कोई विरोध नहीं किया।
विक्की ने अब शालिनी के स्तनों के ऊपर अपनी हथेलियां रखीं और धीरे-धीरे दबाने लगा। शालिनी ने अचानक आंखें खोलीं और मेरी तरफ देखा। मैंने उसे देखा और धीरे से कहा, |रिलैक्स, शालिनी।| वो फिर आंखें बंद करके लेट गई। विक्की के हाथ अब उसके स्तनों पर गोल-गोल घूम रहे थे। टॉवल अब और नीचे खिसक गया था और शालिनी के स्तनों का ज्यादा हिस्सा दिखने लगा था। उसके निप्पल्स सख्त होकर टॉवल के नीचे उभर रहे थे। विक्की ने धीरे से टॉवल को और नीचे किया और शालिनी के एक स्तन को पूरी तरह से खोल दिया। शालिनी ने कोई विरोध नहीं किया। विक्की ने उसके निप्पल को अपनी उंगलियों के बीच लिया और धीरे-धीरे सहलाने लगा। शालिनी के मुंह से एक तेज आह निकली, |आआह्ह्ह्ह…|
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मैं उठकर उनके पास गया। मैंने शालिनी के चेहरे को देखा, उसकी आंखें बंद थीं, लेकिन उसके होंठ कांप रहे थे। मैंने विक्की से कहा, |इसे जारी रखो।| विक्की ने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराया। उसने अब शालिनी के दूसरे स्तन को भी खोल दिया। अब शालिनी के दोनों स्तन पूरी तरह से खुले हुए थे। उसके बड़े-बड़े गोल स्तन, जिन पर हल्के भूरे निप्पल्स थे, हवा में खुले हुए थे। विक्की ने दोनों हाथों से उन्हें दबाना शुरू किया। शालिनी की सांसें अब बहुत तेज थीं। उसके शरीर से पसीना निकल रहा था। विक्की ने अब अपना मुंह शालिनी के एक निप्पल पर रख दिया और चूसने लगा। शालिनी ने जोर से आह भरी, |आआअह्ह्ह्हह… रोहित…| मैंने कहा, |शालिनी, आराम करो।|
विक्की ने अब अपना हाथ शालिनी की जांघों की तरफ बढ़ाया। टॉवल अब पूरी तरह से खुल चुका था और शालिनी की चुत सामने थी। उसके काले बालों से भरी चुत, जिसके होंठ गुलाबी और मोटे थे। विक्की ने अपनी उंगलियां उसकी चुत पर फेरनी शुरू कीं। शालिनी ने जोर से करवट बदलने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। |शालिनी, रुको। इसे करने दो।| शालिनी ने मेरी आंखों में देखा, उसकी आंखों में डर और उत्तेजना दोनों थे। |रोहित, ये…| मैंने कहा, |तुम्हें अच्छा लग रहा है न?| उसने धीरे से सिर हिलाया। |तो फिर रिलैक्स करो।| विक्की ने अब अपनी उंगलियां शालिनी की चुत के होंठों पर फेरनी शुरू कीं और फिर धीरे से उसकी चुत में डाल दीं। शालिनी ने जोर से आह भरी, |आआआह्ह्ह्ह…|
विक्की ने अपनी उंगलियां अंदर-बाहर करनी शुरू कीं। शालिनी की चुत से चिकनाई निकल रही थी। विक्की ने अपनी उंगलियों को चुत में डालकर ऊपर-नीचे करना शुरू किया। शालिनी की सांसें अब और तेज हो गईं। उसके हाथों ने मसाज टेबल के किनारों को पकड़ लिया। उसके होंठों से लगातार आहें निकल रही थीं, |आह्ह्ह… उह्ह्ह… आआह्ह्ह…| विक्की ने अब अपनी उंगलियां निकालीं और अपने मुंह को शालिनी की चुत के पास ले गया। उसने अपनी जीभ से शालिनी की चुत को चाटना शुरू किया। शालिनी ने जोर से चीख मारी, |आआआअह्ह्ह्ह्ह… रोहित… ये…| मैंने उसका हाथ पकड़कर कहा, |शालिनी, चुप रहो। मजा लो।| विक्की अब पूरी तरह से शालिनी की चुत चाट रहा था। उसकी जीभ शालिनी की चुत के होंठों पर, भगशिश्न पर, और अंदर तक जा रही थी। शालिनी का शरीर अब कांप रहा था। उसने मेरा हाथ बहुत जोर से पकड़ लिया था।
विक्की ने अब अपना मुंह शालिनी की चुत से हटाया और अपनी पैंट खोलने लगा। उसका लंड पहले से ही सख्त होकर उभरा हुआ था। उसने अपनी पैंट और कच्छा नीचे किया और उसका लंड बाहर निकला। वो बहुत मोटा और लंबा लंड था, करीब 8 इंच का। शालिनी ने उसे देखा और उसकी आंखें फैल गईं। |रोहित…| मैंने कहा, |शालिनी, आज तुम इसे चुदवाओ। मैं देखना चाहता हूं।| शालिनी ने हैरानी से मेरी तरफ देखा, |क्या?| मैंने कहा, |हां, मैं तुम्हें इसके साथ देखना चाहता हूं। प्लीज।| शालिनी कुछ बोल नहीं पाई। विक्की ने उसकी टांगें फैलाईं और अपने लंड को उसकी चुत के मुंह पर रखा। शालिनी ने आंखें बंद कर लीं। विक्की ने धीरे से अपना लंड शालिनी की चुत में डालना शुरू किया। शालिनी ने जोर से आह भरी, |आआआह्ह्ह्ह… बहुत बड़ा है…| विक्की ने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया। शालिनी की चुत उसके लंड को पूरी तरह से लपेट चुकी थी। विक्की ने अंदर-बाहर करना शुरू किया।
पहला झटका: विक्की ने धीरे से अपना लंड बाहर निकाला और फिर जोर से अंदर डाला। शालिनी ने जोर से चीख मारी, |आआआअह्ह्ह्ह्ह…| उसकी चुत विक्की के लंड को कसकर पकड़ रही थी। विक्की ने फिर धीरे से बाहर निकाला और फिर अंदर डाला। इस बार उसने थोड़ा जोर लगाया। शालिनी की आहें लगातार निकल रही थीं। विक्की ने अब अपनी गति बढ़ाई। वो अब लगातार अंदर-बाहर कर रहा था। उसके लंड की रगड़ से शालिनी की चुत से चिकनाई की आवाज आ रही थी, |चप-चप-चप…| शालिनी के स्तन उसके झटकों से ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैं वहां खड़ा सब देख रहा था। मेरा लंड पैंट में ही सख्त हो चुका था। मैंने अपनी पैंट खोली और अपना लंड बाहर निकाला। मैं अपने लंड को सहलाने लगा।
विक्की ने अब शालिनी की टांगों को अपने कंधों पर रखा और और जोर से चोदने लगा। शालिनी अब जोर-जोर से आहें भर रही थी, |आह्ह्ह… उह्ह्ह… आआअह्ह्ह्ह… रोहित… मैं…| मैंने कहा, |हां शालिनी, चुदवाओ। मजा लो।| विक्की अब पूरी ताकत से शालिनी की चुत चोद रहा था। उसके लंड की हर धक्के से शालिनी का पूरा शरीर हिल रहा था। शालिनी की चुत से अब सफेद झाग निकल रहा था। विक्की ने अब शालिनी को पलटकर उसके घुटनों के बल किया। शालिनी अब चारों पैरों पर थी, उसकी गांड हवा में थी। विक्की ने पीछे से अपना लंड शालिनी की चुत में डाला और जोर से चोदने लगा। इस पोजीशन में लंड और गहराई तक जा रहा था। शालिनी की आहें अब और तेज हो गईं, |आआआअह्ह्ह्ह… बहुत गहरा…| विक्की ने उसकी गांड को पकड़कर और जोर से चोदना शुरू किया।
मैंने अब अपनी पैंट पूरी तरह से निकाल दी और शालिनी के सामने जाकर खड़ा हो गया। मेरा लंड उसके मुंह के पास था। मैंने शालिनी के बाल पकड़कर उसका सिर ऊपर किया और अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया। शालिनी ने पहले तो हिचकिचाई, लेकिन फिर वो मेरा लंड चूसने लगी। मैं उसके मुंह में अपना लंड अंदर-बाहर कर रहा था, जबकि विक्की पीछे से उसकी चुत चोद रहा था। शालिनी अब दोनों तरफ से भर चुकी थी। उसके मुंह से लार टपक रही थी। विक्की ने अब शालिनी की गांड पर अपनी उंगली रखी और उसे धीरे-धीरे गांड में डालने लगा। शालिनी ने जोर से कराह मारी, |आआआ…| लेकिन वो रुकी नहीं। विक्की ने अपनी उंगली उसकी गांड में डाल दी और फिर उसे अंदर-बाहर करने लगा। शालिनी का शरीर अब तीन जगहों से उत्तेजित हो रहा था।
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विक्की ने अब अपना लंड शालिनी की चुत से निकाला और उसकी गांड के छेद पर रखा। शालिनी ने डरकर मेरी तरफ देखा। मैंने कहा, |शालिनी, रिलैक्स।| विक्की ने धीरे से अपना लंड शालिनी की गांड में डालना शुरू किया। शालिनी ने जोर से चीख मारी, |आआआअह्ह्ह्ह… दर्द…| लेकिन विक्की ने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डाल दिया। शालिनी की गांड उसके लंड को कसकर पकड़ रही थी। विक्की ने अब धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। शालिनी की चीखें धीरे-धीरे आहों में बदल गईं। वो अब मेरा लंड चूस रही थी और विक्की उसकी गांड चोद रहा था।
कुछ देर बाद विक्की ने शालिनी को लेटा दिया और उसकी टांगें अपनी कमर पर लपेटकर उसकी चुत में फिर से अपना लंड डाल दिया। अब वो मिशनरी पोजीशन में था। वो धीरे-धीरे चोद रहा था, लेकिन हर धक्का गहरा था। शालिनी की आंखों से आंसू निकल रहे थे, लेकिन वो मजे से आहें भर रही थी। मैंने अपना लंड उसके मुंह से निकाला और उसके स्तनों पर फेरने लगा। विक्की ने अब अपनी गति और तेज कर दी। वो अब जोर-जोर से चोद रहा था। शालिनी की चुत से चिकनाई की आवाजें और तेज हो गईं। विक्की ने आखिर में एक जोरदार झटका दिया और अपना सारा पानी शालिनी की चुत में गिरा दिया। शालिनी ने भी जोर से चीख मारी और उसका शरीर ऐंठ गया।
विक्की अपना लंड बाहर निकाला। उसका लंड अब भी थोड़ा सख्त था। शालिनी मसाज टेबल पर लेटी हुई थी, उसकी चुत से विक्की का वीर्य बह रहा था। मैंने अपना लंड शालिनी की चुत के पास ले जाकर उसमें डाल दिया। शालिनी की चुत अब भी गर्म और चिकनी थी। मैंने अंदर-बाहर करना शुरू किया। मैं अब बहुत उत्तेजित था। कुछ ही झटकों में मैंने भी अपना पानी शालिनी की चुत में गिरा दिया। मैं शालिनी के ऊपर गिर पड़ा। शालिनी ने मेरी पीठ पर अपने हाथ रखे और धीरे से सहलाया।
हम दोनों कुछ देर वैसे ही लेटे रहे। विक्की ने अपनी पैंट पहनी और चुपचाप कमरे से बाहर चला गया। शालिनी ने धीरे से कहा, |रोहित…| मैंने उसकी आंखों में देखा। उसकी आंखों में शर्म थी, लेकिन साथ ही एक अजीब सी खुशी भी। |तुमने मुझे किसी और से चुदवाया।| मैंने कहा, |हां, मैं तुम्हें खुश देखना चाहता था।| शालिनी ने धीरे से मुस्कुराकर कहा, |मुझे अच्छा लगा।| मैंने उसे गले लगा लिया।
उस दिन के बाद हमारी शादीशुदा जिंदगी में एक नया जुनून आ गया। हम मनाली से लौटे, लेकिन वो दिन हमारी यादों में हमेशा के लिए बस गया। मैंने अपनी अन्तर्वासना को जी लिया था, और शालिनी ने भी अपनी सीमाओं को पार किया था।
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