ससुरजी के साथ रिश्ते की शुरुआत भाग - १ : Antarvasna Sex Stories
- Rinki
- 15 hours ago
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कैसे हो दोस्तों ? मेरा नाम रिंकी है और मुझे सेक्स कहानिया पढ़ना पसंद है.
वैसे में शादीशुदा हु हमारी शादी को दो साल हो चुके है. मेरे पति एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते है.
घर मे में मेरे ससुर और मेरे पति की दादी रहते है, मेरी सास बीमारी की वजह से हमारी शादी से पहले ही गुजर गई थी. मेरे पति की जॉब दूसरे शहर मे थी इसी लिए वो वहा अकेले ही रहते थे क्यों की उनका कहना था की अगर में उनके साथ रहने चली गई तो मेरे ससुर और दादी का काम कौन करेगा?
इसी लिए में दादी और ससुर के साथ ही रहती थी और वैसे भी मेरे ससुर की एक बड़ी मेडिकल की शॉप थी जो की अच्छी चलती थी. मेरे पति महीने मे एक दो बार एक-दो दिनों के लिए घर आ जाया करते थे.
वो जब भी घर आते तो मेरे साथ समय बिताने के बजाय अपने दोस्तों के साथ देर रात तक घूमते रहते और रात में देर से घर आते कभी कभी तो में उनका वेइट करकर के सो चुकी होती थी, में उनको गरम करने के लिए रात में सेक्सी कपडे पहन के सोती लेकिन उसका उनपे कोई ज्यादा फरक नहीं पड़ता.
कभी उनका मन हो तो मेरी लेते या कभी ऐसे ही सो जाते. इस तरह से हमारी सेक्स लाइफ उतनी अच्छी नहीं थी.
एक दिन मेने दोपहर की रसोई बनाई और मेरे ससुर के खाने के लिए आने का वेइट कर रही थी. दादी कुछ दिनों के लिए अंकल के घर गई हुई थी इसी लिए घर मे में और मेरे ससुर ही थे.
दोपहर के बाद शाम मे हमें एक रिश्तेदार के यहाँ शादी मे जाना था. मेने सोचा ससुरजी आए तब तक में ऊपर छत पे सुखाने के लिए डाले हुए कपडे ले आती हु. मेने छत से सरे कपडे लाए और मेरे ससुरजी के रूम में बेड पे रखे उतने मे डोरबेल बजी.
ससुर जी आ चुके थे. वो हाथ मुँह धोने गए और मेने खाना टेबल पर निकाला फिर हम दोनों ने खाना खाया. खाने के बाद वो बोले रिंकी में थोड़ी देर रूम मे आराम करता हु .फिर तैयार हो कर हम रिश्तेदार के यहाँ चलेंगे, तब तक तुम भी थोड़ा आराम कर के तैयार हो जाओ.
मेने कहा ठीक है. फिर वो अपने रूम मे गए और में किचेन मे काम निपटाने लगी, में काम निपटाके अपने रूम मे गई तभी याद आया की मेने छत से लाए हुए सरे कपडे ससुरजी के रूम में रख दिए थे.
उसमे मेरे भी कपडे थे पर सोचा अभी ससुरजी सोए होंगे इसी लिए थोड़ी देर बाद ले आती हु. फिर में भी थोड़ी देर बेड पे लेट गई. थोड़ी देर बाद में उठी और सोचा अभी ससुरजी नहाने चले गए होंगे तो में मेरे कपडे ले आती हु.
में मेरे रूम से बाहर आई और धीरे से ससुरजी के रूम का दरवाजा खोला और अंदर का नजारा देख कर में हैरान रह गई.
ससुरजी बेड के पास सिर्फ छोटी सी अंडरवेअर में खड़े थे उसके एक हाथ मे मेरी ब्रा थी वो मेरी ब्रा के कप को चुम रहे थे और दूसरे हाथ में मेरी पेन्टी थी.
उनका लंड अंडरवियर से बाहर निकला हुआ था और मेरी पेन्टी को अपने लंड पे सेहला रहे थे.
वो मुझे देखके हैरान हो गए और में भी तुरंत वहा से अपने रूम मे आ गई. में बेड पर बैठे बैठे सोच ने लगी अब क्या करू. मेने जो देखा उस से मुझे पता चल गया था की ससुरजी मेरे साथ क्या करना चाह रहे थे.
मेने सोचा अब तैयार तो हो जाती हु क्युकी रिश्तेदार के यहाँ शादी मे जाना था. में खड़ी हुई और अपनी साड़ी उतार दी और ब्लाउस के बटन खोलने लगी मेने बटन खोले ही थे की मेरे रूम का दरवाजा अचानक से खुला और ससुरजी अंदर आए वो सिर्फ टॉवल लपेटे हुए थे.
मेरे ब्लाउज के सारे बटन खुल चुके थे उसे देखते ही में दोनों हाथो से अपने ब्लाउस को ढकने की कोशिश करने लगी. वो एक एकदम से मेरे पास आ चुके थे पास आकर वो बोले रिंकी अभी जो तुमने देखा प्लीज़ किसी को मत बताना.
वो बोले तुम्हारी सास के जाने के बाद में बिलकुल अकेला पड़ गया हु. रूम में तुम्हारे सेक्सी कपडे देख के में गरम हो गया था और अपने आप को रोक नहीं पाया. में चुपचाप खड़ी थी. वो बोले रिंकी प्लीज़ किसी को बताना मत.
ऐसे बोलते हुए वो मेरे एकदम करीब आ गए और मेरे कंधो पे हाथ रख बोले रिंकी नहीं बताओगी न किसी से ? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था और में शर्मा भी रही थी मेने धीरे से ना मे सर हिलाया. अब भी उन्होंने मेरे कंधे पे हाथ रखा हुआ था वो बोले रिंकी अगर तुम्हे एतराज ना हो तो एक बात कहु? मेने धीरे से हम्म्म मे आवाज दी वो बोले रिंकी मुझे पता है मेरा बेटा अय्याश है वो जब भी घर आता है तो तुम्हारे साथ समय बिताने के बजाय अपने दोस्तों के साथ चला जाता है.
इस बारे मे मेने भी उसे एक दो बार कहा है पर उसका कोई असर नहीं है. तो रिंकी अगर तुम चाहो तो हम एक दूसरे का साथ दे सकते है और ये बात सिर्फ और सिर्फ हम दोनों मे ही रहेगी.
आखिर ससुरजी के मुँह पे ये बात आ ही गई क्युकी उसे देखकर मुझे लगा ही था की वो मेरी लेना चाहते है.
मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था में चुपचाप खड़ी थी. वो बोले रिंकी अगर तुम्हे नहीं पसंद तो तुम मना कर सकती हो और में वादा करता हु ये बात किसी को पता नहीं चलेगी.
वो वही खड़े खड़े मुझे बाहोंमे पकड़ने लगे मेने कहा छोड़ दीजिये प्लीज़ कोई देख लेगा. वो बोले रिंकी प्लीज़ मेरा साथ दो ये बात सिर्फ हम दोनों मे ही रहेगी. ऐसे बोलते हुए वो मेरी गर्दन पे चूमने लगे.
उनके चूमने से मेरे रोंगटे खड़े हो रहे थे पता नहीं क्यों मुझे अजीब सी फिलिंग आने लगी थी. वो लगातार मेरी गर्दन चूमे जा रहे थे. मेरी आँखे बंद होने लगी थी. मेने जैसे तैसे उन्हें कहा रहने दीजिये प्लीज़ कोई आ जाएगा वो बोले रिंकी कोई नहीं आएगा प्लीज़ तुम भी मेरा साथ दो.
ऐसे बोलते हुए उन्होंने मुझे घुमा के खड़ा कर दिया और पीछे से मेरे कंधो पे काटते हुए अपने दोनों हाथ आगे मेरी ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मो को जोर से पकड़ लिया. मेरे मुँह से अह्ह्ह की आवाज निकल गई क्यों की ऐसा मेरे साथ बहुत समय बाद हो रहा था.
वो बिना रुके पीछे से मुझे चूमते हुए मेरे मम्मो को मसलने लगे. पता नहीं क्यों में भी गरम होने लगी थी. मेरी आँखे बंद हो चुकी थी. वो पीछे से मेरी गर्दन और कंधो को चूमते हुए दोनों हाथो से मेरे मम्मो को मसलने लगे. में कुछ बोलती उस से पहले ही उन्होंने मुझे बेड के पास निचे झुका के खड़ा किया और मेरे पेटीकोट को कमर तक ऊपर कर दिया.
फिर वो मेरे पीछे निचे बैठ गए मेरे कूल्हों को पेन्टी के के ऊपर से ही चूमने लगे और एक हाथ सीधा मेरे दोनों पैरो के बिच चुत पे ले आए और उंगलियों से मेरी चुत को पेन्टी के ऊपर से ही मसलने लगे.
ओह्ह में पूरी गरम हो चुकी थी मेरी चुत मे पानी आ रहा था. उन्होंने मेरी पेन्टी निचे कर दी और पीछे से सीधा अपना मुँह मेरी चुत पे रख दिया.
आअह्ह्ह में तड़प उठी थी. वो अपनी जीभ से मेरी चुत को चाट रहे थे. में भी अब जो हो रहा था उसका मजा ले रही थी. फिर वो थोड़ी देर बाद खड़े हुए मुझे पता नहीं था पीछे क्या हो रहा है.
उतने मे ही मोटे लंड का मुँह मेरी चुत पे आया और वो अपने लंड के मुँह से मेरी चुत को ऊपर से निचे तक सहलाने लगे. थोड़ी देर सहलाने के बाद उसने अपना लंड मेरी चुत पे टेक दिया और मेरी कमर पकड़ के जोर से धक्का दिया.
मेरे मुँह से आअह्ह्ह्ह की आज निकल गई. उसका बड़ा सा मोटा लंड मेरी टाइट चुत को खोलता हुआ पूरा अंदर जा चूका था. फिर वो मेरी कमर पकड़ कर एक के बाद एक धक्के देने लगे. अह्ह्ह बहुत समय बाद मुझे ऐसे कोई चोद रहा था. बहुत मजा आ रहा था पर फिर भी थोड़ी देर बाद मेने उन्हें रोका में प्रोटेक्शन के बिना रिस्क नहीं लेना चाहती थी.
मेने कहा अब नहीं प्लीज़. में खड़ी हो कर बेड पे बैठ गई. मेने उनके लंड की तरफ देखा. एक बड़े से केले जितने साइज का मोटा लंड पूरा टाइट खड़ा था. वो बोले क्या हुआ रिंकी? मेने कहा अब नहीं प्लीज़. वो बोले कोई बात नहीं रिश्तेदार के यहाँ शादी से आने के बाद रात मे आराम से करेंगे. फिर वो बोले चलो अब तैयार हो जाओ फिर हम शादी में चलते है.
फिर वो अपने रूम मे नहाने चले गए और में भी नहाने चली गई. नहाते हुए मेने महसूस किया ससुरजी के मोटे लंड मेरी चुत को पूरा खोल के नरम कर दिया था. नहाकर आने के बाद में सोच रही थी ससुरजी रात मे वापस घर आ कर फिर से मेरी लेने वाले ही है.
वो एकदम रंगीले मिजाज के है इसी लिए मेने ड्रॉवर मे से सेक्सी ब्रा और पेन्टी का सेट निकाला और पहन लिया जिसकी पेन्टी एकदम छोटी सी बिकिनी जैसी थी.
फिर मेने ऊपर साड़ी पहन ली और बाहर आ गई तब एक ससुरजी भी तैयार हो कर आ गए और फिर हम रिश्तेदार के यहाँ शादी के लिए निकल गए.
दोस्तों आगे क्या हुआ उसकी Antarvasna Sex Stories भाग - २ मे बताऊगी। मुजे मेल करे rekha679@gmail.com

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