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सहेली के बेटे के लंड से मजा किया - Hindi Sex Stories

  • Kamvasna
  • 3 अक्टू॰ 2025
  • 6 मिनट पठन

दोस्तो, मेरा नाम संगीता है।

मेरी उम्र 48 साल है।

लेकिन मेरी हॉटनेस और सेक्सी फिगर को देखकर कोई भी मेरी उम्र का अंदाजा नहीं लगा सकता।


मेरी हाइट 5 फीट 7 इंच है। मैं बहुत ही हॉट, सेक्सी, और कर्वी फिगर वाली औरत हूँ।

मेरा फिगर 38-42-44 है।


मेरे भरे हुए स्तन, मोटी गांड, और कर्वी कमर की वजह से लोग मुझे घूरते रहते हैं।

मैं एक ऐसी औरत हूँ, जो अपनी जवानी को अभी भी पूरी तरह जीती है।

मेरे लंबे काले बाल, गोरा रंग, और नशीली आँखें हर किसी को दीवाना बना देती हैं।


मैं अपने शहर में एक साधारण गृहिणी हूँ लेकिन मेरे अंदर की आग और वासना मुझे हमेशा कुछ नया करने को उकसाती है।


यह Hindi Sex Stories कुछ दिन पहले की है।


मेरी पुरानी सहेली शालिनी के घर मैं दोपहर के वक्त गई थी।


शालिनी और मैं कॉलेज के दिनों से सहेलियां हैं और हमारा रिश्ता बहुत गहरा है।

उसका घर मेरे घर से कुछ ही गलियों की दूरी पर है।


उस दिन मैंने एक लाल रंग की साड़ी पहनी थी, जो मेरे कर्व्स को और उभारे हुए थी।

मेरे ब्लाउज का गला थोड़ा गहरा था और मेरी ब्रा की स्ट्रैप हल्की-हल्की दिख रही थी।

मैंने जानबूझकर थोड़ा मेकअप किया था — गुलाबी लिपस्टिक, हल्का काजल, और मेरे बाल खुले छोड़े थे।


शालिनी के घर पहुँचते ही मैंने देखा कि उसका बेटा सैंडी घर पर था।


सैंडी 22 साल का जवान लड़का है, लंबा, गोरा, और हट्टा-कट्टा।

उसकी चौड़ी छाती और मस्कुलर बाहें देखकर मेरा दिल धक-धक करने लगा।


मैंने उसे पहले भी कई बार देखा था लेकिन उस दिन उसकी आँखों में एक अलग सी चमक थी।


मेरे मन में चुदाई की वासना जाग उठी।

मैं उसे बार-बार घूर रही थी, हर दो-दो मिनट में उसकी तरफ देख रही थी।


उसकी टाइट टी-शर्ट और जीन्स में वो किसी हीरो से कम नहीं लग रहा था।


मैंने उससे बात शुरू की और पूछा, “आज तुम घर पर ही हो क्या?”

सैंडी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ आंटी जी! क्यों, कोई काम था क्या?”

मैंने फिर पूछा, मेरी आवाज में थोड़ी शरारत थी।


मैं उसे फिर से घूरने लगी, और मेरी नजरें उसकी पैंट की उस जगह पर टिक गईं, जहाँ उसका मर्दाना उभार हल्का-हल्का दिख रहा था।


सैंडी मेरे पास सोफे पर आकर बैठ गया।

शालिनी उस वक्त किचन में चाय बना रही थी और हम दोनों लिविंग रूम में अकेले थे।


मेरे दिल की धड़कनें तेज हो रही थीं।


मैंने हिम्मत जुटाकर अपना हाथ सैंडी की जांघ पर रख दिया, धीरे से उसकी उस जगह को सहलाते हुए।

उसने कुछ नहीं कहा, बस मेरी तरफ देखा।


उसकी चुप्पी ने मेरी हिम्मत और बढ़ा दी।


तभी सैंडी उठा और बोला, “मॉम, मैं बाहर जाकर आता हूँ!”


वो बाहर गया और करीब दस मिनट बाद वापस आया।

मैंने शालिनी को पास बुलाया और हँसते हुए कहा, “तेरा बेटा तो जवान हो गया है! काफी बड़ा और हट्टा-कट्टा दिख रहा है, उसका हथियार भी कमाल का लगता है!”


शालिनी ने हँसकर जवाब दिया, “अरे, मेरा लौंडा है, बड़ा तो होगा ही! तू ये सब क्यों पूछ रही है?”


मैंने शरारत से कहा, “मैं उसे बहुत देर से घूर रही हूँ! कुछ तो बात है!”

शालिनी ने हैरानी से कहा, “अच्छा! तू भी ना, संगीता!”

तभी सैंडी वापस आया और बोला, “आंटी, मेरे बेडरूम में आ जाना, आपको कुछ पूछना है!”


मेरे दिल में लड्डू फूटने लगे।


मैंने शालिनी की तरफ देखा और धीरे से कहा, “इसे चोद लूँ क्या?”

शालिनी ने तुरंत मना किया, “नहीं संगीता, ये गलत है! वो मेरा बेटा है!”


मैंने हँसकर कहा, “अरे, देखती हूँ मैं क्या कर सकती हूँ!”


मैं सैंडी के बेडरूम में गई।


कमरा छोटा सा था लेकिन साफ-सुथरा।

एक सिंगल बेड, दीवार पर कुछ पोस्टर, और हल्की सी परफ्यूम की खुशबू।


सैंडी ने कहा, “आओ आंटी!”


वो बेड से उठा और रिमोट से बेडरूम का दरवाजा लॉक कर लिया।

मेरे दिल की धड़कनें और तेज हो गईं।


उसने मुझसे पूछा, “क्या घूर रही हो इतनी देर से, आंटी?”

मैंने शरमाते हुए कहा, “कुछ नहीं, बस ऐसे ही!”


सैंडी ने इधर-उधर की बातें शुरू कीं, लेकिन मेरी नजरें बार-बार उसकी पैंट पर जा रही थीं।


मैंने फिर से हिम्मत की और अपना हाथ उसकी उस जगह पर रख दिया।

इस बार मैंने सीधे पूछ लिया, “चोद दोगे मुझे?”


सैंडी ने बिना हिचक के कहा, “हाँ, क्यों नहीं!”

उसने बताया, “मैं नीचे कंडोम का पैकेट और कुछ गोलियाँ लेने गया था!”


मैंने तुरंत कहा, “बिना कंडोम के चोदो मुझे! मुझे असली मजा चाहिए!”


मैं बाहर आई और शालिनी को सारी बात बता दी।

शालिनी ने हैरानी से मुझे देखा, लेकिन कुछ बोली नहीं।


मैंने किचन में जाकर सैंडी के लिए दूध तैयार किया और उसे लेकर उसके कमरे में गई।


मैंने उसे अपने हाथों से दूध पिलाया और वो मेरी आँखों में देख रहा था।


उसकी नजरें मेरे ब्लाउज के गहरे गले पर टिकी थीं।

सैंडी ने फिर से दरवाजा लॉक किया।


मैंने धीरे-धीरे अपनी साड़ी उतार दी।

अब मैं सिर्फ पेटीकोट और काली ब्रा में थी।


मेरे भरे हुए स्तन ब्रा में कैद थे और सैंडी की आँखें उन पर टिक गईं।


मैंने उसका मुँह अपने पेटीकोट के नीचे अपनी पैंटी पर दबा दिया।

उसने एक झटके में मेरी पैंटी फाड़ दी और मेरी चूत को जोर-जोर से चूसने लगा।


उसकी जीभ मेरी चूत पर ऐसे चल रही थी जैसे वो भूखा हो।

मैंने पूछा, “एक्सपीरियंस लग रहा है तू!”


वो कुछ नहीं बोला, बस मेरी चूत को और जोर से चूसने लगा।

उसने इतना चूसा कि मेरा पानी निकल गया।


सैंडी ने मेरा निकला हुआ पानी भी पी लिया और मेरे शरीर में सिहरन दौड़ गई।


फिर उसने पूछा, “संगीता, कितनों से चुद चुकी हो जवान लौंडों से?”

मैंने हँसकर कहा, “अब तक तो नहीं, तू पहला है!”

उसने मजाक में कहा, “झूठ! तेरी चूत तो क्लीन शेव और ढीली है!”


मैंने हँसते हुए जवाब दिया, “अरे, मेरी उम्र देख, 48 की हूँ! फिर भी टाइट हूँ!”

उसने कहा, “ठीक है, अब देखता हूँ!”


उसने मुझे पूरी नंगी कर दिया और खुद भी अपने कपड़े उतार दिए।

उसका लंड लोहे के रॉड जैसा खड़ा था, लंबा और मोटा।


जैसे ही उसने अपना लंड मेरी चूत में डालना शुरू किया, मुझे तेज दर्द हुआ।

मैं जोर-जोर से चिल्लाई, “आह! धीरे कर, सैंडी!”


उसने थोड़ा और अंदर किया, और मैं और जोर से चिल्लाई।


जब उसका लंड आधा अंदर गया, मेरे आँसू निकल आए।

मैं चिल्ला रही थी, “बस कर, बहुत दर्द हो रहा है!”


तभी बाहर से शालिनी की आवाज आई, “संगीता, रुक जा! क्यों इतना चिल्ला रही है?”

मैंने दर्द भरी आवाज में कहा, “शालिनी, बहुत दर्द हो रहा है!”


शालिनी ने कहा, “थोड़ा रुक जा, फिर कर!”

लेकिन सैंडी रुका नहीं … उसने एक और जोरदार शॉट मारा, और उसका पूरा लंड मेरी चूत में चला गया।


मैं इतना जोर से चिल्लाई कि मेरी आवाज कमरे के बाहर तक गई, “छोड़ भेनचोद! मुझे छोड़! मुझ पर ऐसा मत कर!”

मेरे आँसू बह रहे थे और मैं थोड़ी देर के लिए बेहोश सी हो गई थी।


सैंडी ने दरवाजा अनलॉक किया और बाहर जाने को कहा।


मैंने गुस्से और वासना के मिश्रण में कहा, “चोद तू! फिर फाड़ दे मेरी चूत! दरवाजा लॉक कर ले, राजा!”


सैंडी फिर शुरू हो गया।

उसने मुझे चार बार ठोका।


मेरी चूत उसे ढीली लग रही थी लेकिन मेरे लिए वो बहुत टाइट थी।

सैंडी 22 साल का था उसकी ताकत भी कम पड़ रही थी लेकिन उसने आराम से मेरी चूत को चोदा।


उसने मेरी चूत का भर्ता बना दिया।

मैं पूरी तरह संतुष्ट हो गई थी।

मेरे शरीर में एक अजीब सी तृप्ति थी, जैसे सालों की सेक्स की भूख मिट गई हो।


मैंने सैंडी से कहा, “साली, तेरी रंडी मादरचोद संगीता जवान हो गई तेरे लौंडे से! अब गांड मार दे, बेटा!”


मेरी गांड बहुत मोटी थी और सैंडी की आँखें उस पर टिक गईं।


जैसे ही मैं उसके लंड पर बैठी, उसका लंड दर्द करने लगा।

फिर भी मैं चुदती रही।


वो नीचे से जोर-जोर से शॉट लगा रहा था। करीब पचास मिनट बाद मैं झड़ गई।


मैंने अपनी गांड भी मरवा ली और सैंडी से पूरी तरह संतुष्ट हो गई।


उस दिन सेक्स के बाद से मेरा और सैंडी का रिश्ता बदल गया।


अब मैं हफ्ते में कम से कम चार बार सैंडी से चुदवाती हूँ।

हर बार वो मुझे नई ऊँचाइयों तक ले जाता है।

उसकी ताकत, उसका जोश, और उसका लंड मुझे दीवाना बना देता है।


मैं अपनी सारी चुदाइयाँ शालिनी को भी बता देती हूँ.

और वो अब मेरी हरकतों पर सिर्फ हँस देती है।


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