अपने दोस्त की गडराई माँ को झाड़ी मे ले जाके चोदा - Sex Stories
- Abhi
- Jul 2
- 7 min read
हैलो दोस्तों मेरा नाम अभी है मैं कुशीनगर जिले के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 25 साल है देखने में गोर हाट्ठा कट्ठा बॉडीबिल्डर सा लड़का हूं। मेरा एक दोस्त है जिसका नाम सत्यम चौधरी है। और उसकी मां का नाम शीला है।
उनकी उम्र 40 साल है। हाइट 5 फीट 3 इंच और रंग एकदम दूध सा गोरा। शिला ऑन्टी देखने में एकदम देशी ब्लु फिल्म की हिरोइन लगातीं हैं। वो एक गदरायी हुई सेक्सी बड़ी गांड वाली महिला हैं उनको मेरे गांव का लगभग हर लण्ड चोदना चाहता है।
दोस्तों वो हमेसा बातें तो संस्कारी महिलाओं वाली करती हैं लेकिन उनके पीछे से उभरे हुए चुतड़ अलग ही कहानी बयां करते हैं।
उनकी बड़ी सुडोल् उभरी हुई गांड किसी को भी अपना दीवाना बना देती है। वह हमेशा टाइट साड़ी और ब्लाउज पहनती हैं जिन्हें उनकी गांड और बड़े-बड़े बूब्स आसानी से दिखाई ही देते हैं।दोस्तों जब भी मैं उन्हें देखता हूं बस मन करता है।की अभी पकड़ के पेल दूँ।उनकी बड़ी चौङी और सुडोल् गांड के बारे मे सोचकर कई बार मुठ्ठी मार चुका हूँ।
एक दिन जब मैं किसी काम से बाइक लेकर शहर जा रहा था तो रास्ते में मुझे शीला आंटी मिली। उन्होंने हाथ दिया तो मैं बाइक को रोक दी। उन्होंने मुझसे पूछा कि कहां जा रहे हैं तो मैंने उन्हें बताया कि कप्तानगंज जा रहा है तो उन्होंने कहा कि ठीक है मुझे भी वही जाना है मुझे लेते चलो।
मैंने तुरंत हामी भर दी। मैंने शीला आंटी को बायिक पे बैठया और कप्तानगंज के लिए निकल पड़ा।
आंटी की मुलायम गांड और जांघों का स्पर्श मुझे और मेरे लण्ड को पागल कर रहा था। मेरा लण्ड पैंट के अंदर फूल के फड़फड़ाने लगा था । और मै भी जानबूझकर जोर-जोर से ब्रेक मार रहा था ताकि उनकी बड़ी बड़ी चुचियों का स्पर्श मेरे पीठ से हो सके। शीला आंटी भी यह समझ रही थी।
लगभग आधे रास्ते जाने के बाद शीला आंटी ने नहर के पास एक सुनसान रास्ते पर बाइक रोकने को कहा
। मैंने तुरन्त बाईक रोक दी। मैंने आंटी से पूछा क्या हुआ आंटी तो उन्होंने बोला कुछ नहीं तुम यहीं रहो मैं भी आता हूं।
वह नहर के किनारे झाड़ियां में चली गई। मैं समझ गया कि आंटी को पेशाब लगा है।
मैं वहीं से देखने का प्रयास किया लेकिन कुछ नहीं दिखाई दिया। तभी आंटी की चीखने की आवाज आई। मैं तुरंत दौड़ के उनके पास गया। मैंने देखा कि आंटी के ठीक सामने एक सांप है। मैंने तुरन्त उसे को भगाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं भागा। हम दोनों कुछ देर तक वहीं पे खड़े रहे और सांप को भागने की कोसिस करते रहे।थोड़ी देर बाद मैंने आंटी को बोला ..कि आंटी आप नहर के पटरी के रास्ते चढ़कर आ जाओ। तो आंटी ने बोला पटरी बहुत ऊंची है मैं इसपे नहीं चढ़ पाऊंगी। फिर आंटी बोली की एक काम करो तुम भी इधर आ जाओ और मुझे सहारा देकर पटरी पे चढ़ा दो।
नहर की पटरी वाला रास्ता बहुत ही ऊंचा और पतला था। जिस पर दो लोगों का चलना आसान नहीं था। मैं तुरंत आंटी के पास चला गया। मैं जैसे ही आंटी के पास पहुंचा तो मेरी नजर आंटी के किए हुए पेशाब पे पड़ी। मेरा लंड फड़फड़ा उठा। आंटी के पेशाब में अगल बगल बिल्कुल गाढा झांक बना हुआ था। आंटी ने मुझे उनके किये हुए पेसाब देखते हुए देखकर शरमाने लगी।
उन्होंने मुझसे कहा कि क्या देख रहे हो? मैंने जवाब दिया कुछ नहीं आंटी।
मैंने आंटी को बोला कि आंटी एक काम करो मेरा हाथ का सहारा लेकर नाली कि पटरी पर चढ़ जाओ। आंटी ने कोशिश की पर हाथ का सहारा लेकर आंटी पटरी पे ना चढ़ सकी। तभी आंटी ने बोला कि एक काम करो तुम मुझे पीछे से थोड़ा सा धक्का दो। मेरा तो मन एकदम मदमस्त हो गया पहली बार इतनी बड़ी गांड को छूने का मौका मिला था। आंटी ने जैसे ही अपना एक पर आगे बढ़ाया मैं उनके बड़े व मुलायम चुतड़ों को पीछे से पकड़ के जोर से उपर की ओर पुस किया। मेरे हाथ को आंटी की कामुक बड़ी सुडोल् गांड का स्पष्ट मिलते ही मेरा लण्ड पैंट के अंदर ही फूल से बिल्कुल किसी मुषर की तरह फड़फड़ाना लगा।
आंटी एक बार में ना चढ़ पायी तो फिर मैं अपने हाथों से आंटी की बड़ी सुडौल गांड को दबोचा और जोर से उठाया। आंटी को भी एहसास हो गया कि मैं उनकी गांड से खेल रहा हूं। फिर तीसरी बार जब मैंने उन्हे उठाया तो मैने अपनी दो उंगली को ऑन्टी के बड़े चुतड़ों के दरार के बीच मे घुसेड़ दिया।
अब उनका भी मूड बनने लगा था। उन्होंने मुझसे कहा कि क्या कर रहे हो मैंने बोला कुछ भी तो नहीं तो उन्होंने बोला कि तुम्हारा वो इतना फुला हुआ क्यों है मैंने बोला क्या फुला हुआ है तो उन्होंने बोला कि तुम्हारा बड़ा लण्ड ।
आंटी के मुंह से इतना सुनते ही मैंने उन्हें जोर से खींचकर अपनी बाहों में भर लिया। और उनके चूतड़ों को पकड़ के जोर-जोर से मसलने लगा। आंटी छुड़ाने लगी और बोलने लगी क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे मैंने उनके चुतड़ों को जोर-जोर से दबाते हुए बोला आंटी प्लीज एक बार कर लेने दो प्लीज आंटी। मै आपके इन बड़े चुतड़ों के बारे मे सोचकर रोज मुट्ठी मरता हूँ। आज मुझे इन बड़े चुतड़ों को चोद लेने दो प्लीज।
फिर मैं अपने मुंह को आंटी के रसीली चुचियों बीच में घुसा दिया उनकी चुचियों को चूसने लगा।आंटी पूरा जोर लगाकर दूर धकेलने की कोशिश कर रही थी पर मैंने उन्हें बहुत ही मजबूती से जकड़ लिया था। अब मैं आंटी के गांड के बीच में अपने हाथ को घुस कर रगड़ने लगा। आंटी बोली क्या कर रहे हो छोड़ो मुझे? मैं और तेजी से आंटी के चूतड़ों के बीच में अपना हाथ रगड़ रहा था उनके बूब्स को अपने मुंह से चूम रहा था। मैंने आंटी के गुलाबी होठों पर किस करने की कोशिश की पर उन्होंने अपना मुंह हटा दिया। फिर मैंने अपना एक हाँथ उनके की बड़े बड़े मम्मो घुसाया और उन्हें जोर-जोर से मसलने लगा। आंटी का विरोध अब धीरे-धीरे कम होने लगा। लगभग 2 मिनट ऐसे ही मसलने के बाद आंटी का भी मूड बन चुका था और वह कर रही थी। क्या कर रहे हो छोड़ो? प्लीज छोड़ दो।
मैंने अपने 8 इंच लंबे और 3 इंच मोटे लण्ड को निकाला और आंटी के हाथ में थमा दिया। आंटी के तो होस ही उड़ गए शायद ही इतना मोटा लण्ड उन्होंने कभी पहले लिया था। लेकिन उनकी आंखों में एक अलग सी चमक भी थी। शायद वह भी अपनी चुत को इतनी मोटी और बड़े लण्ड का एहसास करवाना चाहती थी।
मैंने आंटी का हाथ पकड़ा और अपने लण्ड को उनके हाथों मे पकड़ाकर मसलने लगा।अब मैं आंटी के साड़ी को सरकार की उनकी कमर के ऊपर कर दिया। यार क्या बताऊं इतनी बड़ी चौड़ी और मदहोश गांड मैंने आज तक नहीं देखी थी। उन्होंने रेड कलर की ट्रांसपेरेंट पेंटी पहनी हुई थी। मैंने उनकी पैंटी के पट्टी को साइड की और उनके चुतड़ों के बीच में अपने मुंह को घुसेड दिया। और उनके चूतड़ों के रस का स्वाद लेने लगा। उनके चूतड़ों को चूमने और लगा।
2 मिनट बाद मैंने अपनी जीभ उनकी की चुत के अंदर घुसा दिया। और उनकी चुत को चाटने लगा। आंटी बिल्कुल ही कहर उठी।
चाटो... आह...चाटो.अच्छे से चाटो...आह.....। इतनी लण्डो ने मुझे चोदा पर आज तक किसी ने मेरी चुत नहीं चाटी। तकरीबन 5 मिनट ऐसी उनकी चुत को चाटता और गांड को मसलता रहा। उसके बाद मैंने आंटी को घुटने पर किया और उनके मुंह में लण्ड घुसाने लगा। तभी आंटी ने मुंह फेरते हुए मना किया और बोला कि अभी नहीं मुझे मीटिंग में जाना है लिपस्टिक और मेकअप खराब हो जाएगी।
मैंने बहुत कोशिश की लेकिन उन्होंने मुंह में नहीं लिया। फिर मैंने कहा तो इसमें थूक ही लगा दो अपना। आंटी ने मेरे लण्ड को पकड़ा और अपना पूरा मुंह थूक से भर के मेरे लैंड पर थूक दिया। अब मेरा लण्ड आंटी की थूक से बिल्कुल लबालब था। फिर मैंने आंटी को एक पेड़ का सहारा लेकर नीचे झुका दिया और उनके पीछे आ गया। और अपने लण्ड को उनकी चुत और गांड पे रगड़ने लगा। आंटी तड़पती हुई बोलो देर मत करो अब जल्दी से घुस दो। मैं भी अपने लण्ड को उनकी चुत पर सेट किया और 8 इंच लंबे और 3 इंच मोटे लैंड उनकी चुत के अंदर घुसा दिया।
आंटी की आंखें फटी की फटी रह गई इतना मोटा लंड आज तक आंटी की चुत में नहीं गया था। आंटी की आंख से आँसू निकल गयी। अपनी आवाज को दबाते हैं चीखने लगी। मैंने अपने एक हाँथ से ऑन्टी का मुँह दबाया और दूसरे हाँथ से उनके कमर को खिचकर जोर-जोर से चोदने लगा।
लगभग 2 मिनट बाद ऑन्टी का दर्द कम हुआ और ऑन्टी अपनी सेक्सी गांड को मेरे लण्ड की ओर ढकेलते हुए शिस्कियाँ ले रही थी आह....उम्ह......उम्ह्....चोदो प्लीज...
और अंदर तक डालो...अँह.....
फाड़ दो इसे आह.....
मै भी पुरे जोश मे ऑन्टी की बजा रहा था।
लगभग 10 मिनट ऐसे ही ताबड़तोड़ चुदाई के बाद उनका फोन बजा। उन्होंने फोन उठाया उनके लड़के का फोन था।
ऑन्टी बोली- हैलो तो उसने कहा की आते वक्त समोसे लेते आना मम्मी ऑन्टी बोली ठीक है बेटा। उसने कहा की आप इतनी हाफ क्यो राही हो तो ऑन्टी ने जवाब दिया की टेम्पू मे हूँ ना तो झटके लग रहे हैं अब उसको क्या पता की उसकी माँ की गांड को मेरे झटके लग रहे है । फिर उसने फोन रख दिया।
ऑन्टी बोली अब जल्दी करो मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और पुरा जोर-जोर से चोदने लगा। 15 मिनट ऐसे ही चोदने के बाद मेरा पानी निकालने को हुआ तो मैंने उनसे पूछा की कहाँ निकल तो ऑन्टी बोली की अंदर ही निकल दो मैं तुम्हरे इस मोटे लण्ड का पानी अपनी चुत मे भरना चाहती हूँ। मैंने 3 4 बड़े झटके मारे और अपने सारे माल को उनकी चुत मे निकाल दिया। ऑन्टी 1 मिनट ऐसे ही झुकी रही मैंने उनकी पैंटी मे अपने लण्ड पे लगे वीर्य को साफ किया।
फिर ऑन्टी उठी और अपनी साडी को ठीक की और बोली मजा आ गया फिर मैंने उनकी गांड पे 3 4 थप्पड़ मारा और बोला अगली बार मैं आपको पूरी रात चोदना चाहता हूँ। ऑन्टी बोली ठीक है अगली बार प्लान करके पूरी रात दूँगी।
कैसी लगी मेरी Sex Stories। मुजे मेल करे: mr.haiker85@gmail.com

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