आंटी ने अपनी सहेली के लिए थ्रीसम का मजा दिलाया - Free Sex Kahani
- Rudra Pratap
- 4 days ago
- 7 min read
मेरा नाम रुद्र प्रताप है उम्र 27 और राजस्थान का रहने वाला हूं मुंबई में जॉब करता हूं.
आपने मेरी पुरानी कहानी को काफी प्यार दिया और कुछ लोगों के ईमेल भी आए.
आप सभी का धन्यवाद.
पिछली कहानी प्यासी-मकान-मालकिन-आंटी-को-चोदा
इसके अगले पार्टी में हम पढ़ेंगे की कैसे आंटी ने अपनी सहेली के साथ थ्रीसम का मजा दिलाया.
मुझे और आंटी को साथ रहते हुए 2 साल हो चुके थे.
हम रोज एक दूसरे को चरमसुख का आनंद देते और नंगे ही सो जाते थे.
जिनको नहीं पता उनको बता दूं.
घर में सिर्फ मैं और आंटी रहती थी.
उनके हसबैंड crpf में है और उनकी ड्यूटी आसाम में चल रही थी.
उनकी एक बेटी है जो दिल्ली में पढ़ाई कर रही है.
3-4 महीने में अंकल आते थे और 10-15 दिन रुक कर अपने जॉब पर चले जाते थे.
जिंदगी बड़े ही मजे से गुजर रही थी.
रोज रोज एक जैसे सेक्स से भी बोरियत होने लगती है इसलिए हम कुछ न कुछ अलग करते रहते थे.
जैसे रोल-प्ले , अलग अलग स्टाइल और जगह पर सेक्स करना जैसे बाथरूम किचिन रात को खुली छत पर
इसे ही एक दिन हम लोग रोल प्ले कर रहे थे.
मैने आंटी को उनकी एक सहेली जो योग सिखाती है और स्कूल में अध्यापिका है. उनका नाम तन्वी, फिगर 36-36-40 के लभभग था .पहली बार में उनके फैमिली फंक्शन में मिला था.
खुद से बड़ी उम्र की महिलाएं मेरी कमजोरी है इसलिए मुझे वो बहुत ज्यादा पसंद आई.
मैने आंटी को आज तन्वी बनने के लिए बोला और हमने 3 राउंड रोल प्ले का मजा लिया.
दूसरे दिन हम लोग कॉफी पीते पीते रात को हुए सेक्स के बारे में बात कर रहे थे.
मैने आंटी को बोला कि क्या तुम बस रोल प्ले में ही अपनी सहेली को चुदवाओगी या असलियत में भी.
उन्होंने कहा कि अगर उसको चोदना है तो थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा.
मैने कहा कितना?
तो कहने लगी तेरे बर्थडे पर तेरा गिफ्ट रहेगा.
मेरे बर्थडे में अभी 2 महीने से ज्यादा का समय था.
समय निकला और मेरा बर्थडे भी आ गया था.
मेरी आंटी भारती और उनकी सहेली तन्वी बचपन की दोस्त है और एक दूसरे से सारी बातें शेयर कर लेती है.
उन्होंने तन्वी को मेरे बारे में भी बताया और सेक्स के लिए राजी कर लिया था.
उनकी सहेली का डाइवोर्स हो चुका है कोई बच्चा नहीं है.
डायवोर्स होने का कारण उनका बाइसेक्सुअल होना है.
मतलब उनको लड़के और लड़कियां पसंद है.
उनके पति ने किसी लड़की के साथ सेक्स करते हुए देख लिया था और बाद में उनका डाइवोर्स हो गया.
उनकी सहेली दोपहर के 3 बजे अपनी कार से घर आ चुकी थी और साथ में काफी सारे ड्रायफ्रूट्स और मिठाई लाई.
आंटी ने मुझे कॉल करके बताया कि तन्वी आ चुकी है.
आज मेरा बर्थडे था तो दोस्तों ने पार्टी के लिए बोला.
मुझे घर वापस आने में 7 बज गए थे.
मैं घर पहुंचा और हम लोगों ने साथ में बैठ कर बातें की पड़ोस के कुछ लोगों को आंटी ने बुलाया, केक काटा गया और सबको केक खिलाने के बाद हम लोग फिर से एक साथ बैठ गए.
आंटी ने वाइन निकाली और हम तीनों लोग वाइन का मजा लेने लगे.
रात के 10:30 बज चुके थे.
आज आंटी आसमानी साड़ी में कमाल लग रही थी और उनकी सहेली शुट सलवार में.
आज पहली बार मुझे थोड़ा नर्वस फील हो रहा था और मुझे बात आगे बढ़ाने में काफी सोचना पड़ रहा था और वो दोनों अपनी ही बातों में लगी हुई थी.
थोड़ी देर में मैने आंटी को आंख से इशारा किया तो वो मेरे पास आ गई और मेरी गोद में बैठ कर वाइन के मजे लेने लगी.
दोनों एक दूसरे को देख के मुस्कुरा रही थी.
आंटी कपड़ों के ऊपर से मेरे लण्ङ को सहलाने लगी और मैं उनके बूब्स को मसलने लगा.
उनकी सहेली सामने से हमें देख रही थी और वो भी गरम होने लगी.
मैने उनकी सहेली के सामने आंटी की साड़ी को ऊपर किया और उनकी पेंटी के ऊपर से उनकी चूत सहलाने लगा.
जिसे देख कर उनकी सहेली के मुंह से पानी आने लगा और वो उठ कर हमारे पास आई और अपने घुटनों पर बैठ के आंटी की चूत को सहलाने लगी.
मैने आपको बताया था कि उनकी सहेली बाइसेक्सुअल है और उनको लेस्बियन सेक्स पसंद है.
तन्वी ने आंटी की पेंटी को नीचे किया और चूत चाटने लगी.
ऊपर से मैने भी आंटी के ब्लाउज ब्रा को निकल दिया और उनके बूब्स चूसने लगा.
आंटी ने मारा लण्ङ बाहर निकला और उसको मसलने लगी.
माहौल पूरा गरम हो चुका था.
आंटी को आज तन्वी और में दोनों तरफ से मसल रहे थे उनकी सांसे तेज तेज चल रही थी.
हम लोग बेडरूम में आए तो आंटी की नीचे लिटाया.
तन्वी ने उनकी चूत पर फिर से हमला किया और मैने उनके मुंह में अपना लन्ड डाल कर चोदना जारी रखा.
थोड़ी देर में मेरा पानी निकल गया और आंटी के मुंह में झड़ गया.
और आंटी का पानी भी कई बार निकल चुका था.
हमने थोड़ी देर आराम किया और फिर खाना खाने चले गए.
12:30 के बाद हमारा खाना खत्म हुआ और हम सब फिर से अपने रूम में आए.
इस बार मैने तन्वी पर आक्रमण करना सही समझा और उनको किस करना स्टार्ट किया.
आंटी को लेस्बियन पसंद नहीं था बस वो मेरी खुशी के लिए तन्वी के साथ ये सब कर रही थी.
तन्वी धीरे धीरे है सबके कपड़े निकलने शुरू हो गए थे और तीनों पूरी तरह से नंगे हो चुके थे.
मैने तन्वी को बेड और लिटाया और उनके बूब्स पर हमला किया.
वो योगा करती थी जिस वजह से उनका शरीर काफी टाइट थे.
कर्बी बॉडी काफी ज्यादा सेक्सी लग रही थी.
धीरे धीरे में उनकी चूत की तरफ आया और आंटी को बोला कि तनवी की किस करे और उसके बूब्स चूसे.
आंटी तन्वी के बूब्स चूस रही थी उन्हें किस कर रही थी और में नीचे उनकी चूत का मजा ले रहा था.
चूत चाट के उनका पानी निकल गया फिर में उनके मुंह में अपना लण्ङ डाल के चुसवाने लगा.
तन्वी प्यार से मेरा लण्ङ चूस रही थी.
आंटी तन्वी की चूत को हाथ से सहला रही थी और उनकी चूत में उंगली कर रही थी.
पूरे कमरे में हमारी मादक आवाजें गूंज रही थी.
थोड़ी देर बाद मैने आंटी को तन्वी के मुंह पर बैठने का इशारा किया और और खुद तन्वी की चूत में अपना लण्ङ डाल के चोदने लगा.
तन्वी नीचे से मेरा लण्ङ ले रही थी और ऊपर से आंटी की चूत चाट रहती थी.
आधे घंटे तक चोदने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था.
मैने तन्वी की चूत से लण्ङ निकाला और आंटी के मुंह में डाल के अपना सारा पानी निकाल दिया.
थोड़ी देर फिर से आराम करने के लिए आंटी ने मुझे बोला कि तन्वी का पानी तो तूने निकाल दिया है अब मेरा भी निकाल.
और मेरा लण्ङ हाथ से सहलाने लगी.
थोड़ा सा लंड खड़ा होते हुए आंटी ने तन्वी को मेरा लंड चूसने का इशारा किया और खुद अपने हाथ में पकड़ कर तन्वी के मुंह में लण्ङ देने लगी.
ये देख के मुझे बहुत ज्यादा जोश आ रहा था और थोड़ी देर में लण्ङ फिर से तैयार हो गया.
आंटी मेरे ऊपर आई और लण्ङ पर बैठ के उछलने लगी.
5-6 मिनट बाद आंटी ने तन्वी को मेरे मुंह पर बिठा के चूत रगड़ने के लिए बोला.
इस बार दोनों ने मेरे ऊपर आक्रमण कर दिया था.
लण्ङ और आंटी का कब्जा था और मेरे मुंह पर तन्वी का.
तन्वी की चूत से निकलने वाला पानी मेरे मुंह से होते हुए गालों पर बह के जा रहा था और आंटी का पानी मेरे लण्ङ से होते हुए बह रहा था.
तन्वी का 2-3 बार पानी निकलने के बाद वो बगल में लेट गई और जोर जोर से सांस लेने लगी.
मैने आंटी को ऊपर से हटने का इशारा किया और उनको घोड़ी बना कर उनकी गांड़ मारने लगा 5 मिनट बाद उनकी गांड़ में झड़ गया और हम तीनों को थकान की वजह से नींद आ गई.
सुबह लगभग 9 बजे हमारी आंखे खुली.
आंटी ने कॉफी बनाई और हम तीनों ने साथ बैठ कर कॉफी का मजा लिया.
थोड़ी देर बाद आंटी नहाने चली गई और बेड पर मैं और तन्वी ही थे.
मैने तन्वी को किस करना शुरू किया और उसके बूब्स चूसने लगा.
मुझे आज अकेले ही तन्वी को अच्छे से चोदना था.
तन्वी और में बाथरूम में गाए और चूत लन्ड अच्छे से साफ किया ताकि की गंध न आए.
वापस आ कर हम दोनों 69 में आ गए और एक दूसरे को मुंह से चोदने लगे 5 मिनट के बाद हम अलग हुए और तन्वी मेरे ऊपर बैठ के उछल उछल के मुझे चोदने लगी.
थोड़ी देर बाद जब वो थक गई तब मैने तन्वी को घोड़ी बनाया और उसकी चूत चोदने लगा , फिर मैने उसको खड़ा किया और उसकी एक टांग अपने हाथ से ऊपर करके उसको चोदने लगा और 30 मिनट की ताबड़तोड़ चूदाई के बाद उनकी चूत में झड़ गया.
हम लोग एक एक करके फ्रेश होने चले गए , उसके बाद हम लोगों ने नाश्ता किया और थोड़ी देर आराम किया.
दोपहर के 2 बज चुके थे और 4 बजे तन्वी को वापस निकलना था.
मैने एक बार और तन्वी पर हमला करने का सोचा और चुम्माचाटी के बाद हमारे कपड़े निकलने लगे.
थोड़ी देर के फोर प्ले के बाद मैने तन्वी को अपने नीचे लिया और उसको चोदने लगा.
आंटी सामने बैठ कर हमारी चूदाई देख रही थी.
15-16 मिनिट बाद तन्वी का 2 बार पानी निकल चुका था.
मैने उसको घोड़ी बनने के लिए बोला और उसकी गान्ड में अपना लण्ङ डालने लगा.
उनकी गांड़ काफी टाइट थी जिस वजह से गांड़ में लंड जाने में काफी समय लगा.
थोड़ी देर गांड़ चोदने के बाद उनकी गांड़ में अपना पीने निकल गया.
उसके बाद वो अपने घर के लिए निकल गई और फिर से आंटी और में एक दूसरे की बाहों में बाहें डाल के सो गए.
इस बात को 7 साल हो चुके हैं इस वजह से कहानी में कुछ बातें लिखना भूल गया हु उसके लिए माफ करना.
आप मुझे कमेंट में बताना ये रियल Free Sex Kahani आपको कैसी लगी और मुझे ईमेल करना ना भूले.
ईमेल id prataprudraksh142@gmail.com
मुझे आपके ईमेल का इंतजार रहेगा.
अगली कहानी काफी मजेदार होने वाली है.
जहां मैने एक कोकोल्ड हसबैंड के सामने उसकी पत्नी को 2 दिन तक चोदा.

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