top of page

गर्लफ्रेंड को अजनबी से चुदवाया : Antarvasna Sex Stories

सभी मित्रों को राज सिंह का नमस्कार। आज की कहानी में आपको बताता हूँ कैसे मेरी गर्लफ्रेंड स्नेहा की चुदाई बस में मिले एक अजनबी ने की।

अपने बारे में बता देता हूँ—मेरा नाम गोलू है। मैं सामान्य कद-काठी का हूँ, मेरी लंबाई 6 फिट और सामान्य शरीर है। मेरे लंड की लंबाई 6 इंच है जो कि किसी को भी सेक्स सुख देने के लिए पर्याप्त है। मेरी गर्लफ्रेंड स्नेहा, जिसकी लंबाई 5.4 इंच, चुचियाँ 34 इंच और गांड की चौड़ाई भी 35-36 इंच के करीब है, वो गोरी रंग की एक जबरदस्त माल है। उसे जो भी देखता है एक बार उसका लंड टाइट हो ही जाता है।

बात 2023 के दिसम्बर की है। मैं और स्नेहा कुछ काम से दिल्ली जा रहे थे। एकाएक प्लान बना तो ट्रेन में टिकट नहीं मिल पाया, तो हम लोग लखनऊ के आलमबाग बस अड्डे से रात को 8 बजे के करीब जनरथ बस पकड़ कर बस से ही निकल लिए। बस में हमें एक सीट मिल गई लेकिन जिस तरफ तीन सीट होती है उस तरफ हमें सीट मिली, जिस पर एक लड़का पहले से बैठा था जिसका नाम हर्ष था, जो कि उसने बाद में बताया था।

हर्ष खिड़की के बगल, बीच में स्नेहा और सबसे किनारे मैं बैठ गया। ठंडी का समय था तो हमने अपने साथ एक कंबल रख लिया था जो कि पर्याप्त बड़ा था। अभी तक हर्ष से हमारी कोई बात नहीं हुई थी, हम दोनों आपस में ही बात कर रहे थे। मेरी आदत है कि मैं स्नेहा की चुचियों को थोड़ी देर में दबाता ही रहता हूँ।

हम लोगों ने कंबल ओढ़ लिया था क्योंकि ठंडी ज्यादा थी और दोनों एक सीरीज देख रहे थे मोबाइल में टाइम पास के लिए। मैंने अपना हाथ स्नेहा की चुचियों पर रख कर सहलाना शुरू कर दिया। वो भी मेरी आदत से अच्छी तरह वाकिफ है इसलिए फुल सपोर्ट करती है।

लंबी यात्रा थी इसलिए हम लोगों ने ऊनी इनर के ऊपर सिर्फ लोअर टी-शर्ट और ऊपर जैकेट पहन रखा था। जैकेट तो हमने बस में उतार दिया क्योंकि जनरथ में ब्लोअर ठीक-ठाक चलता है।

मेरे द्वारा चुचियों पर बार-बार हाथ फेरने से स्नेहा थोड़ी गरम होने लगी और वो मेरी तरफ थोड़ा झुक कर बैठ गई। अभी तक सब सामान्य चल रहा था। कुछ देर बस चलने के बाद स्नेहा थोड़ा लेटने के मूड में आ गई, लेकिन सीट पर जगह कम थी।

उसने मुझसे कहा कि मुझे लेटना है, तो मैंने हर्ष से पूछा कि अगर आपको दिक्कत न हो तो इन्हें बीच में लिटा दें। हर्ष ने कहा कोई बात नहीं।

अब स्नेहा हर्ष की तरफ पैर मोड़कर मेरे जांघों पर सिर रखकर लेट गई। मैं मोबाइल चला रहा था और एक हाथ से उसकी चुचियाँ दबा रहा था, जिससे वो हल्की-हल्की सिसकारियां लेती थी।

रात के लगभग 12 बजे तक बस में अधिकतर यात्री सो गए थे। स्नेहा ने अपना पैर फैला कर लगभग हर्ष के ऊपर कर लिया। बस के झटके से उसका पैर पूरा हर्ष पर चला गया।

आगे धीरे-धीरे तीनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। स्नेहा का पैर हर्ष पर था, हर्ष उसे छूने लगा, और उधर मैं भी अपने तरीके से उसे छेड़ रहा था। माहौल धीरे-धीरे पूरी तरह गरम हो गया।

स्नेहा भी दोनों तरफ से मिल रहे स्पर्श से पूरी तरह उत्तेजित हो गई थी। उसने अपना लोअर ढीला कर दिया और हर्ष को भी खुलकर इशारा दे दिया। अब कंबल के अंदर दोनों तरफ से सब कुछ चल रहा था।

मैं उसकी चुचियों से खेल रहा था और हर्ष उसके नीचे हाथ डालकर उसे छेड़ रहा था। स्नेहा ने मेरा लंड निकालकर अपने मुंह में ले लिया।

उधर हर्ष भी उसकी चूत में उंगलियां डालकर खेल रहा था। बाद में ये सब बातें स्नेहा ने मुझे बताईं।

फिर एक समय ऐसा आया जब हर्ष का हाथ मेरी जगह उसकी चुचियों तक पहुंच गया। हम तीनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा दिए और मामला पूरी तरह खुल गया।

अब स्नेहा आधी नंगी थी, एक चूची मेरे हाथ में और एक हर्ष के हाथ में। वो मेरा लंड चूस रही थी।

तभी हर्ष ने कहा—भाभी इधर भी।

मैंने स्नेहा को इशारा किया और वो हर्ष की तरफ मुड़ गई। वह उसके लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी। हर्ष ज्यादा देर कंट्रोल नहीं कर पाया और जल्दी ही अपना माल उसके मुंह में छोड़ दिया, जिसे स्नेहा ने पूरा गटक लिया।

हर्ष अभी भी आंखे बंद करके बैठा था । तभी ड्राइवर ने बस को एक ढाबे के सामने रोकने लगा इसलिए हम तीनों अपने कपड़े सही करने लगे।

बस की लाइट जलने से पहले हमने कपडे सही कर लिए थे, अब मैं और हर्ष उतर कर कुछ खाने पीने का लेने चले गए लेकिन स्नेहा बस में ही लेटी रही।

हमारे बगल वाली सीट पर एक हस्बैंड वाइफ बैठे थे शायद उन लोगो ने थोड़ा बहुत हमारा मामला देख लिया था। क्योंकि हमारे उतरने के बाद बगल वाले सीट की भाभी जिनका नाम साक्षी था (जो कि बाद में हमें उन्होंने बताया था) ने स्नेहा को मुस्कुराते हुए बिस्किट ऑफर किया बोली खा लो थक गई होगी लेकिन स्नेहा ने मना किया क्योंकि तब हम लोग उन्हें जानते नही थे।

लेकिन ज्यादा कहने पर स्नेहा ने ले लिया और उनसे थोड़ा उसकी बात चीत भी हुई।


अगले पार्ट में बताएंगे कैसे हर्ष के साथ हमने थ्री सम चुदाई की और बगल वाले हस्बैंड वाइफ के साथ फोर्सम चुदाई हुई।

अगले पार्ट के लिए कमेंट में "अगला भाग" लिखें।

Antarvasna Sex Stories

Recent Posts

See All
बीबी को दूसरे से चुदवाने की तमन्ना - Hindi Sex Stories

मैं उसके पीछे से उसे चोद रहा था। मेरा मोटा 6 इंच का लंड उसकी चूत में धीरे-धीरे घुस रहा था। उसके मुँह से “आह्ह्ह... राज... और जोर से...” निकल रहा था। मैंने उसके बाल पकड़े और कान में फुसफुसाया, “सच बोल.

 
 
 
गांव में नामर्द पति ने अपनी बीवी को डॉक्टर से चुदवाया - Hindi Sex Stories

मैं एक डॉक्टर हूं। मेरे पास पूरे गांव की छोटी-मोटी बीमारी वाले मरीजों के अलावा सेक्स संबंधी आदमी और औरत भी आते हैं। एक दिन वो अपनी पत्नी को इलाज के नाम पर मेरे क्लिनिक लेकर आया।

 
 
 

1 Comment


Next part

Edited
Like

Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Desi Stories, Antarvasna, Free Sex Kahani, Kamvasna Stories 

कामवासना एक नोट फॉर प्रॉफिट, सम्पूर्ण मुफ्त और ऐड फ्री वेबसाइट है।​हमारा उद्देश्य सिर्फ़ फ्री में मनोरंजन देना और बेहतर कम्युनिटी बनाना है।  

Kamvasna is the best and only ad free website for Desi Entertainment. Our aim is to provide free entertainment and make better Kamvasna Community

bottom of page