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बीबी को दूसरे से चुदवाने की तमन्ना - Hindi Sex Stories

मेरा नाम राज सिंह है। मैं लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन में एक मध्यम वर्गीय फ्लैट में अपनी बीवी स्नेहा के साथ रहता हूँ।


हमारी शादी को दो साल हो गए हैं, लेकिन प्यार का सिलसिला पूरे 14 साल का है। 12 साल की लंबी लव स्टोरी के बाद हमने लव मैरिज की। शुरू से ही हम दोनों सेक्स में काफी खुले रहे।


शादी से बहुत पहले ही हम होटल रूम्स, मेरे दोस्त के खाली फ्लैट और कभी-कभी कार में भी चुदाई कर चुके थे। स्नेहा चुदने में सचमुच जबरदस्त है। वो पूरा साथ देती है, चीखती है, गालियाँ सुनकर और खुद गंदी-गंदी बातें बोलकर मेरे लंड को और भी तगड़ा कर देती है।


स्नेहा 5 फीट 4 इंच की है। गोरा रंग, लंबे काले बाल, 34D की चुचियाँ जो ब्रा में भी फटने को तैयार रहती हैं, और 34 इंच की गोल-मटोल गांड। जब वो साड़ी या टाइट जींस पहनकर चलती है तो हर आदमी की नजर उसके शरीर पर अटक जाती है।


मुझे ये देखना बहुत पसंद है। कोई भी उसे कामुक नजरों से देखे तो मेरे लंड में सनसनी दौड़ जाती है। हम दोनों रोज चुदाई करते। कभी बेडरूम में, कभी बालकनी में, कभी किचन में। मैं उसे कुत्ते की तरह चोदता, उसके बाल खींचता, थप्पड़ मारता और गंदी-गंदी गालियाँ देता। “रांड, मेरी बीवी को कोई और चोदे तो कैसा लगेगा?” जैसे वाक्य बोलते ही स्नेहा की चूत और भी गीली हो जाती।


वो जवाब देती, “हाँ ना... दो-तीन लंड चाहिए मुझे... तुम देखते रहो।” हम दोनों झड़ जाते और फिर हँसते हुए लिपट जाते। लेकिन ये सब कल्पना थी। एक शाम का वाकया याद है। बारिश हो रही थी। लाइट्स कम थीं। स्नेहा सिर्फ एक काला ट्रांसपेरेंट नेग्लिजी पहने थी। उसके 34D स्तन साफ दिख रहे थे, निप्पल सख्त होकर उभरे हुए थे।


मैं उसके पीछे से उसे चोद रहा था। मेरा मोटा 6 इंच का लंड उसकी चूत में धीरे-धीरे घुस रहा था। उसके मुँह से “आह्ह्ह... राज... और जोर से...” निकल रहा था। मैंने उसके बाल पकड़े और कान में फुसफुसाया, “सच बोल... अगर आज कोई और तुझे चोद रहा होता तो तू क्या करती?” स्नेहा पहले तो चुप रही।


फिर उसने कसमसाकर कहा, “...चुद जाती।” मेरा लंड और सख्त हो गया।


मैंने जोर से ठोका, “कौन चोदे तुझे? बोल...” “कोई भी... जवान... मोटा लंड वाला...” उसकी आवाज काँप रही थी।


मैंने उसे जोर-जोर से चोदा और झड़ गया। उस रात बात वहीं खत्म हो गई। लेकिन आग लग चुकी थी। अगले कई दिनों तक हर चुदाई में ये टॉपिक आता। धीरे-धीरे स्नेहा भी खुलने लगी।


एक दिन जब मैं उसके मुँह में लंड दे रहा था, वो बोली, “एक नहीं... मुझे तीन लंड चाहिए... एक चूत में, एक मुंह में, एक गांड में। तुम बस देखते रहना।” उसके मुँह से ये सुनकर मैं कंट्रोल नहीं कर पाया और उसके गले में ही झड़ गया।


अब मैंने फैसला कर लिया था। बस प्लान करना था। मैंने पहले सोशल मीडिया पर कुछ लोकल स्विंगर और हॉटवाइफ ग्रुप्स जॉइन किए। लखनऊ में ऐसे कई लोग थे जो डिस्क्रीट तरीके से ये सब करते थे।


मैंने एक प्रोफाइल बनाया – “मैरिड क्यूरियस कपल, looking for decent bull for wife.” फोटोज में स्नेहा की सिर्फ बॉडी और चेहरा ब्लर करके डालीं।


कुछ दिनों में मैसेज आने लगे। ज्यादातर फेक थे, लेकिन एक आदमी अच्छा लगा। नाम था विक्रम। उम्र 34, जिम ट्रेनर, लखनऊ के ही इंडिरानगर में रहता था।


उसकी फोटोज में बॉडी अच्छी थी, लंड की पिक भी भेजी थी – मोटा, 7 इंच का, सिर लाल और मोटा। मैंने उससे चैट शुरू की।


मैंने स्नेहा को सब बताया। पहले वो डर गई। “राज, ये सच हो जाएगा तो? क्या मैं कर पाऊंगी?” लेकिन जब मैंने उसे विक्रम की लंड की फोटो दिखाई तो उसकी आँखें चमक गईं। “ये... बड़ा है।”


हमने प्लान बनाया। पहले सिर्फ मीटिंग। कोई प्रेशर नहीं। शनिवार की शाम हम तीनों एक अच्छे रेस्टोरेंट में मिले। स्नेहा ने काली साड़ी पहनी थी। ब्लाउज काफी डीप कट था। चुचियाँ आधे बाहर झाँक रही थीं।


विक्रम ने उसे देखते ही मुस्कुराकर कहा, “बहुत खूबसूरत हो स्नेहा। राज lucky है।” डिनर के दौरान बातें होती रहीं। विक्रम काफी मेच्योर और सम्मानजनक था। उसने साफ कहा, “मैं किसी को जबरदस्ती नहीं करता। अगर स्नेहा को पसंद आए तो ही आगे बढ़ेंगे।”


घर लौटकर स्नेहा ने मुझे चोदा। वो ऊपर थी। मेरे लंड पर बैठकर जोर-जोर से कूद रही थी। “विक्रम का लंड... बड़ा होगा... मुझे चोदेगा... तुम देखोगे ना?” मैंने हाँ कहा और हम दोनों झड़ गए। अगले हफ्ते हमने विक्रम को घर बुलाया।


शाम के 8 बजे दरवाजा खटखटाया। विक्रम सूट में था। हाथ में वाइन की बोतल। स्नेहा ने शॉर्ट वन-पीस पहना था। उसके पैर नंगे थे। हमने ड्रिंक्स लीं। धीरे-धीरे माहौल गर्म होता गया।


मैंने स्नेहा को अपनी गोद में बिठाया और उसकी गर्दन चूमने लगा। विक्रम सामने बैठा देख रहा था। मैंने स्नेहा का वन-पीस ऊपर किया। उसकी चुचियाँ बाहर आ गईं। विक्रम की नजरें उन पर टिक गईं। “चूसो इन्हें,” मैंने कहा। विक्रम आगे बढ़ा। उसने स्नेहा की एक चुची मुँह में ले ली। चूसने लगा। स्नेहा की आँखें बंद हो गईं। “आह्ह्ह...” वो कराह उठी।


मैं पीछे से उसकी दूसरी चुची मसल रहा था। धीरे-धीरे स्नेहा का वन-पीस उतर गया। वो नंगी हो चुकी थी। विक्रम ने अपनी पैंट उतारी। उसका मोटा लंड सख्त होकर खड़ा था।


स्नेहा ने उसे हाथ में लिया और देखा। “बहुत मोटा है...” मैंने कहा, “चूसो इसे।” स्नेहा घुटनों के बल बैठ गई। उसने विक्रम के लंड को मुंह में लिया। पहले आधा, फिर पूरा। गला भर गया था उसका। विक्रम ने उसके बाल पकड़े और धीरे-धीरे मुंह चोदने लगा। मैं पीछे बैठकर देख रहा था। मेरा लंड पत्थर हो रहा था।


कुछ देर बाद विक्रम ने स्नेहा को सोफे पर लिटाया। उसकी टांगें फैलाईं। उसकी चूत पहले से गीली थी। विक्रम ने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा और धीरे से अंदर डाला। “आआआह्ह्ह... धीरे... बड़ा है...” स्नेहा चीखी।


विक्रम ने पूरा लंड अंदर कर दिया। फिर जोर-जोर से ठोकने लगा। स्नेहा की चुचियाँ उछल रही थीं। वो चीख रही थी, “हाँ... चोदो मुझे... जोर से... राज देख रहे हो ना... मैं चुद रही हूँ...” मैं उनके बगल में बैठा मुठ मार रहा था। दृश्य अविश्वसनीय था। मेरी बीवी दूसरे के लंड पर चढ़कर चुद रही थी। विक्रम ने पोजीशन बदली।


उसने स्नेहा को कुत्ते की तरह खड़ा किया। गांड ऊपर। उसने गांड पर थूक लगाया और लंड अंदर डाला। स्नेहा की गांड भी पहली बार किसी और के लंड से भर रही थी। “फाड़ दो मेरी गांड... हाँ...” मैंने स्नेहा के मुंह में अपना लंड दे दिया। अब वो दोनों तरफ से चुद रही थी। तीनों के कराहने की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।


विक्रम ने जोर-जोर से ठोका और बोला, “मैं आने वाला हूँ...” स्नेहा ने कहा, “अंदर डाल दो...” विक्रम ने स्नेहा की चूत में अपना पूरा माल भर दिया। स्नेहा भी झड़ गई। मैंने उसके मुंह में झड़ दिया। उसके बाद हम तीनों थके हुए लेटे रहे।


स्नेहा मेरे सीने पर सिर रखे मुस्कुरा रही थी। विक्रम ने कहा, “बहुत खूबसूरत कपल हो तुम दोनों।” ये पहला स्टेप था। इसके बाद हमने कई बार मीटिंग्स कीं।


कभी विक्रम अकेला, कभी उसका दोस्त भी शामिल हुआ। स्नेहा अब पूरी तरह खुल चुकी थी। वो खुद बोलती, “आज दो लंड चाहिए।” एक बार हम तीनों ने उसे पूरी रात चोदा। स्नेहा की चूत, गांड और मुंह सब भरे रहे। वो बार-बार झड़ती रही।


सुबह उसकी चूत लाल हो गई थी, लेकिन वो खुश थी। अब हमारी सेक्स लाइफ पहले से कहीं ज्यादा वाइल्ड और संतुष्ट है। स्नेहा अब मेरी रांड है, मेरी हॉटवाइफ। और मुझे ये सबसे ज्यादा पसंद है – जब कोई और उसे चोद रहा होता है और वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराती है।


ये हमारी Hindi Sex Stories है। पूरी तरह रियल, पूरी तरह हमारी।


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