गर्लफ्रेंड को शादी बाद प्रेग्नेंट किया: Antarvasna Sex Stories
हेलो दोस्तों, आप सभी को मेरे लंड का नमस्कार।
मै Antarvasna Sex Storiesबहुत समय से पढ़ते आ रहा हू। इसलिए आज मैंने सोचा की क्यों ना आप लोगो के साथ साझा करू।
आप लोगो का ज्यादा समय बरदाद किये बिना मैं कहानी शुरू करता हूँ। मेरा नाम दीपक कुमार है।
मै रायपुर छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ। और यही पे नौकरी कर रहा हूँ।
पहले मै आपको अपने बारे में बता देता हूँ। मेरी हाइट 5 फुट 6 इंच है। मुझे फिट रहना पसंद है इसलिए मै रोज जिम जाता। इस वजह से मेरी बॉडी मस्त होगयी है। मेरा लंड 8 इंच लम्बा है और 3 इंच मोटा है।
कॉलेज के टाइम पे मैंने कई लड़कियों की चुदाई की है। उस बारे में मै फिर कभी बताऊंगा।
ये कहानी तब की है जब मेरी नौकरी बैंक में लग गयी थी और सब कुछ अच्छा चल रहा था।
नौकरी करते हुए मुझे करीब ३ साल हो चुके थे और इसी बिच मेरा प्रमोशन भी हुआ था इस वजह से मेरा ट्रांसफर हो गया था।
प्रमोशन के बाद मुझे एक दूसरे ब्राँच में पोस्टिंग मिली। मै वहाँ ज्वाइन करके बहुत खुश था और वहाँ पे भी सब अच्छा चल रहा था।
तभी एक दिन मेरा एक जूनियर जिसका नाम सुरेश है मेरे पास आया और मुझे बोला की सर मुझे छुट्टी चाहिए बीवी को माईके से लाने जाना है।
ये सब सुनने के बाद मैंने उसकी छुट्टी मंजूर कर दी। १ हफ्ते बाद वो वापस आया तो पहले तो सब नार्मल लग रहा था फिर धीरे धीरे उसका काम के तरफ धयान काम होने लगा। इसलिए मैंने उसी शाम उसे पूछा।
मै - क्या हुआ सुरेश तुम्हारा आज काम में ध्यान नहीं है। घर पर सब ठीक है ना ?
सुरेश - सर घर वाले पीछे पड़े है की जल्द से जल्द बच्चा दो ।
मै - इसमें गलत क्या है अगर तुम और तुम्हारी बीवी चाहते हो तो कर लो और अगर अभी नहीं चाहते हो तो घर वालो को बता दो ।
सुरेश - चाहते हम लोग भी है लेकिन काफी कोशिश के बाद भी नहीं हो रहा है।
मै - किसी डॉक्टर को दिखा लो तो थोड़ी हेल्प होगी।
सुरेश - घर वाले नहीं समझते ये सब चीजों को। उनको लगता है की मेरी बीवी का कही और चक्कर है इसलिए वो बच्चा नहीं करना चाहती। मै अपने घर वालो को काफी बार समझा चूका हूँ लेकिन वो समझना ही नहीं चाहते और इसी वजह से मेरी बीवी यहाँ ना रह के अपने मायके चली जाती है ।
मै उसे सांत्वना देने की कोशिश किया और उसे समझाया की अगर वो अपने मायके में रहेगी और तुम यहाँ तो तुम लोग कैसे बच्चे के लिए कोशिश करोगे।
सुरेश - मैंने उसे बहुत समझने की कोशिश की मगर वो समझाना ही नहीं चाहती। वो बोलती है की वो मेरे घर वालो के साथ नहीं रह सकती। या तो तुम अलग घर देखो जहाँ हम दोनों रहेंगे या फिर मै अपने मायके में रहूंगी।
मै - तुम्हारा घर ऑफिस से काफी दूर है इसलिए अलग घर अपने ऑफिस के पास देख लो और घर वालो को बोल देना की ऑफिस काफी दूर पढ़ रहा है। इसे घर वालो को कोई प्रॉब्लम भी नहीं होगी और तुम्हारी बीवी भी वापस आजायेगी।
सुरेश - ठीक है सर मै आज अपने घर वालो से बात करके देखता हूँ। अगर वो मान गए तो मै सबसे पहले ये खुशखबरी अपनी बीवी को बताऊंगा और फिर आपको। थैंक यू सर।
इतना बोल के वो घर चला गया।
रात के करीब 8 बजे उसका कॉल आया और उसने बताया की घर वाले बहुत मुश्किल से मान गए है। और मेरी बीवी ये बात सुन के बहुत खुश है। थैंक यू सो मच सर।
मै - कोई बात नहीं लेकिन अब अपने काम पे पूरा धयान देना।
कुछ दिन बाद
सुरेश - सर आज शाम को आपको मेरे घर खाना खाने आना होगा आपने मेरी इतनी मदद की है।
मै - ठीक है बोला और शाम को ऑफिस के बाद आऊंगा ।
ऑफिस से निकलने से पहले उसने मुझे अपना एड्रेस दे दिया था जो ऑफिस और मेरे घर के बिच में पड़ता था।
मैंने सोचा की उसके घर पहली बार जा रहा हूँ तो साथ में कुछ ले जाऊ इसलिए मैंने रस्ते से एक सुन्दर सा बूके ले लिया और उसक घर पहुंच गया।
उसके घर पहुंच कर मैंने डोर बैल बजाय तो उसने गेट खोला और मुझे अंदर आने को कहा।
मै अंदर गया और सोफे में बैठ गया। उसने तुरंत अपनी बीवी को आवाज लगाई की सर आगये है।
वो किचन से आवाज दी की 5 मिनट में आई।
फिर मैंने वो बूके सुरेश को दिया। उसने थैंक यू बोला और बोला की सर इसकी क्या जरूरत थी।
हम दोनों ऐसे ही बात कर रहे थे तभी उसकी बीवी आई।
जैसे ही मैंने उसे देखा तो मेरी आँखे खुली की खुली रह गयी क्युकी ये लकड़ी कोई और नहीं मेरी कॉलेज के टाइम की गर्लफ्रेंड थी।
वो भी मुझे देख के थोड़ा चौक गयी। लेकिन हम दोनों ने खुद को संभाला और ऐसा दिखाया की हम दोनों एक दूसरे को जानते ही नहीं ।
उसके बाद सुरेश में हम दोनों को मिलवाया। उसने बताया की ये वंदना है मेरी बीवी और ये मेरे सर है दीपक जिन्होंने मेरी मदद की थी।
मैंने वंदना को नमस्ते किया और उसने भी नमस्ते किया। उसके बाद मै और सुरेश बैठ के बात करने लगे और वंदना किचन में खाने की तैयारी में लग गयी।
मै अब आपको वंदना के बारे में बताता हूँ। उसकी हाइट करीब 5 फुट 2 इंच है। दिखने में किसी अप्सरा से कम नहीं लगती। उसके बड़े बड़े दूध 36 के और उसकी गांड वो तो सबसे मस्त 40 के।
उस दिन उसने काले रंग की साड़ी और उसी से मैचिंग ब्लाउज पहना था जिसमे वो क़यामत लग रही थी। उसके टाइट टाइट बदन को देख के मेरा मन हुआ की उसे वही चोद दू।
उसे देख कर मुझे हमारे कॉलेज के दिनों की याद आगयी की कैसे मै उसे चोदता था। और वो भी क्या मस्त से चुदवाती थी।
वो बार बार किचन से मुझे देख रही थी और ये बात सुरेश को नहीं पता थी क्युकी किचन सुरेश के पीछे था।
थोड़ी देर बाद वो खाना टेबल पे लगा के हम दोनों को बुलाने आयी। इतने प्यार से उसने बुलाया की सुन के ही मेरा लंड सलामी देने लगा। लेकिन मैंने खुद को संभाला और खाना खाने के लिए सुरेश के साथ चल पड़ा।
मैंने नोटिस किया की वंदना का ब्लाउज जो पहले डीप नहीं था अब वो डीप हो गया है और वो अपना क्लीवेज दिखा रही है। वंदना हम दोनों को खाना परोस रही थी। और मुझे वो कुछ ज्यादा ही झुक झुक के परोस रही है।
उसके बाद वो भी खाने की टेबल पे हम लोगो के साथ बैठ गयी। वो बिलकुल मेरे सामने बैठी थी और झुक झुक कर मुझे अपने दूध दिखा रही थी।
ये सब देख कर मेरा लंड सलामी दे रहा था। मैंने जीन्स पहना था इसलिए एक हाथ से मै उसे एडजस्ट कर रहा था लेकिन मै फिर भी कम्फर्टेबले नहीं हो पा रहा था। ये सब वंदना देख रही थी और मजे ले रही थी।
धीरे से उसने टेबल के निचे से अपने पैरो से मेरे पैरो को छेड़ने लगी। मैंने जल्दी से खाना खत्म किया और वाशरूम जाने के लिए उठा।
जैसे ही मै उठा वंदना भी उठ गयी और सुरेश को बोली आप खाना खाओ मै दिखा देती हूँ और मुझे वाशरूम का रास्ता दिखाया।
वंदना आगे आगे और मै उसके मस्त मटकते गांड देखते हुए उसके पीछे पीछे जा रहा था । उसने मौके का फायदा उठाया और मेरे लंड को जीन्स के ऊपर से पकड़ लिया। उसके बाद वो मुझे किश करने लगी।
मैंने उसे अपने से अलग किया तब उसने बोला मैंने तुम दोनों को इतने सालो में बहुत मिस किया। मैंने उसे समझाया की तुम्हारी शादी हो गयी है और तुम मेरे जूनियर की बीवी हो। लेकिन वो कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी।
इतने में ही सुरेश ने उसे आवाज लगायी और वो वहाँ से चली गयी फिर मै वाशरूम में जा कर फ्रेश होकर वापस आया।
खाने के बाद हम लोग थोड़ी देर और बैठे उसके बाद मै घर चला गया।
मै घर पहुंच के वंदना के बारे में सोच रहा था और मस्त मोबाइल में पोर्न देख कर हिला रहा था तभी अचानक से मेरे फ़ोन में मैसेज आया एक unknown नंबर से उसमे लिखा था - Hello
मै - Hello , who this ?
तो रिप्लाई आया - वंदना
मै - तुम्हे मेरा नंबर कहा से मिला?
वंदना - अपने पति के फ़ोन से लिया है। क्या कर रहे हो?
मै - तुम्हे याद करके पोर्न देख रहा था और हिला रहा था। तुम क्या कर रही हो ?
वंदना - बाथरूम में आयी है और अपनी चुत में ऊँगली कर रही है।
मै - सुरेश नहीं है क्या तुम्हारी प्यास बुझाने के लिए।
वंदना - वो तो कब का सो चूका है।
वंदना - आज तुम्हे देखने के बाद मुझे हमारे कॉलेज के दिन याद आगये जब तुम क्या मस्त मेरी चुदाई किया करते थे।
मै - सुरेश नहीं करता है क्या।
वंदना - उसका करना नहीं करना सब एक बराबर है। उसका लंड मुश्किल से ५ इंच का है और १०-१५ शॉट में उसका निकल जाता है और फिर वो सो जाता है। मुझे खुद को शांत करने के लिए ऊँगली से काम चलना पड़ता है।
उसके बाद हम दोनों फ़ोन सेक्स करने लगे उधर वो अपनी चुत में ऊँगली कर रही थी और इधर मैं अपना हिला रहा था।
बिच बिच में हम दोनों एक दूसरे को अपने लंड और चुत की फोटो भी भेज रहे थे।
काफी देर बात करने के बाद हम दोनों झड़ गए। उसने गुड नाईट बोला किश किया और वो सोने चली गयी और मै भी सो गया।
सुबह जब उठा तो देखा की वंदना का मैसेज आया था की वो मुझसे मिलना चाहती है कल दोपहर में।
मै - कल तो ऑफिस रहेगा कैसे मिलेंगे ?
वंदना - तुम कल मेरे लिए छुट्टी लो और मुझसे मिलने आओ।
मै - ठीक है।
उसने मुझे किस वाला इमोजी भेजा और साथ में एक आंख मारने वाला भी।
मैंने कल के लिए छुट्टी ली और साथ में सुरेश को थोड़ा ज्यादा काम दे दिया ताकि कल उसे टाइम लगे।
अगले दिन मुझे वंदना का मैसेज आया।
वंदना - सुरेश ऑफिस चले गए है। तुम कब तक आरहे हो ?
मै - 12 बजे तक आजाऊंगा।
वंदना - नहीं जल्दी आओ। मै 3 दिन से तुम्हारा वेट कर रही हूँ।
मै - ठीक है मै आधे घंटे में पहुँचता हूँ।
वंदना - ठीक है। वैसे आज मैंने तुम्हारे लिए एक सरप्राइज भी रखा है। जितना जल्दी आओगे उतना जल्दी मिलेगा।
मै समझ गया था क्या सरप्राइज है इसलिए मै और जल्दी जल्दी रेडी हुआ और घर से निकल गया।
रस्ते में मै मेडिकल में रुका और वह से कंडोम का 2 पैकेट लिया और गोली लिया।
गोली मैंने रस्ते में ही खा लिया और उसक बाद मै जल्दी से उसके घर पहुंच गया।
घर के पास पहुंच के मैंने उसे मैसेज किया की मै आगया हूँ।
वंदना - ठीक है। मैंने गेट खोल दिया है। तुम सीधा अंदर आजाना। और अपनी गाडी घर से दूर में लगाना।
मैंने वैसा ही किया। गाडी घर से दूर लगा के मै सीधा उसके घर में घुस गया। वो दरवाज़े के पीछे ही खड़ी थी। उसने तुरंत दरवाज़ा बंद किया और मुझे बोला की पीछे मत देखना।
मै वैसे ही खड़ा था जब तक उसने दरवाज़ा बंद नहीं किया। दरवाज़ा बंद करने के बाद वो बोली।
वंदना - पीछे मत देखना और जा के किचन में वेट करो मै तुम्हे आवाज दूंगी तब तुम आना।
मै बिना पीछे देखे किचन में वेट करने लगा। करीब 5 मिनट बाद उसने मुझे बुलाया अपने बैडरूम में और मै सीधा वहां पहुंच गया।
वहां पहुंच के मैंने देखा उसने पुरे बैडरूम को अच्छे से सजाया था और खुद भी दुल्हन वाले कपडे में बेड में मेरा वेट कर रही है। ये सब देख के मै बहुत खुश हुआ।
मै - ये सब क्या है ?
वो - ये सब मैंने तुम्हारे लिए किया है। आज हमारी सुहागरात है।
ये सब सुन के मै बहुत खुश हुआ और उसके बेड पे जा के धीरे से उसका घूँघट उठाया। वो किसी नयी दुल्हन जैसी लग रही थी।
मैंने उसका घूँघट हटाया और उसके बाद उसका चेहरा ऊपर करके देखने लगा। वो शरमाते हुए निचे देख रही थी।
मैंने उसके गहने निकलना शुरू किया और निकल के उसे पकड़ के किस करने लगा। वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।
मैंने उसे लगभग 10 मिनट तक भर पुर किस किया उसके बाद मै उसके कपडे उतरने शुरू किये।
सबसे पहले उसकी साडी उतर के फेक दिया। अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्लाउज और पेटटीकट में थी।
मैंने उसके ब्लाउज को खोलना शुरू किया और साथ साथ एक हाथ से उसकी पेटटीकट में हाथ डालना।
वो भी तड़प रही थी और मेरी जीन्स खोलने की कोशिश कर रही थी।
अब तक मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था। मै उसे अलग हुआ और वो उठी और मेरे सारे कपडे निकल दी और मेरे लंड को हाथ में ले के उसे हिलने लगी।
मै उसके ब्लाउज और ब्रा को उसके शरीर से अलग किया और उसके दूध को दबाने लगा।
फिर उसने मुझे बेड में बिठाया और खुद घुटने में बैठ के मेरे लंड को मुँह में ले के चूसने लगी।
क्या बताऊ क्या मजा आरहा था। मै उसका सर पकड़ के और आगे पीछे कर रहा था और भी मस्त चूस रही थी।
करीब 15 मिनट की चुसाई के बाद मै उसके मुँह में झड़ गया और उसने मेरा सारा माल पि लिया।
उसके बाद मैंने उसे उठाया और बेड पे लेटा दिया और उसका पेटटीकट और पैंटी हटाया और देखा वो बहुत ज्यादा गीली थी और उसकी पैंटी पूरी तरह से गीली होगयी है।
मै तुरंत उसकी टांगों को फैलाया और उसकी फूली हुई चुत को खाने लगा। जैसे ही मै अपनी जीब से उसके दाने को छुआ वो मछली की तरह तड़पने लगी।
मैंने अपनी पूरी ताकत से उसे पकड़ा और उसकी चुत को खाने लगा। थोड़ी देर बाद वो मेरे सर को अपनी चुत में दबाने लगी मै समझ गया वो झड़ने वाली है और फिर 1 मिनट बाद मेरे मुँह में वो झड़ गयी।
उसकी साँसे बहुत तेज थी।
मै उठा अपना लंड उसके हाथ में दिया वो फिर से उसे मुँह में ले के चूसने लगी।
जैसे मेरा लंड पूरी तरह से उठा मैंने उसके मुँह से निकल के सीधा उसकी चुत के पास गया और अपना लुंड उसकी चुत में रगड़ने लगा।
वो बोली अब और मत तड़पाओ और घुसा दो।
मैंने भी वक़्त बिना गवाए अपना लंड उसकी चुत में पेल दिया। जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी चुत में डाला वो चिल्लाने लगी मर गयी निकाल बहार।
लेकिन मै कहा सुनने वाला था। मैंने उसे अपनी पूरी ताकत से पकड़ रखा था और साथ साथ उसके दूध को चूस रहा था।
थोड़ी देर में वो जैसे ही नार्मल हुई वैसे ही मैंने फिर से एक जोर का शॉट मारा। वो इसके लिए तैयार नहीं थी और फिर चिल्लाने लगी इस बार मै भी बिना रुके अंदर बहर करने लगा।
थोड़ी देर में वो नार्मल हुई और फिर मेरा साथ देने लगी और जोर जोर से चिल्लाने लगी 'उई … उ … मम्मी … आह … जानू मज़ा आ रहा है!’ कहकर मेरा जोश बढ़ा रही थी।
मै भी पुरे जोश में उसकी चुदाई कर रहा था और साथ साथ उसके दूध को भी चूस रहा था।
हमें चुदाई करते करते 20 मिनट होगया था और वो अब तक 2 बार झड़ चुकी थी। लेकिन मेरा अभी तक नहीं निकला था।
फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से डालने लगा। उसे थोड़ा रफ़ सेक्स पसंद है इसलिए पीछे से चुदाई के समय एक हाथ से मैं उसके बाल खिंच रहा था और दूसरे हाथ से उसकी गांड के छेद में ऊँगली कर रहा था।
थोड़ी देर गांड में ऊँगली करने के बाद मैंने अपना लंड उसकी चुत से बहार निकला और उसकी गांड के छेद पे रख के उसमे डालना शुरू किया।
उसके गांड की छेद बहुत टाइट थी इसलिए लंड जा ही नहीं रहा था। इसलिए मै पहले उसकी गांड के छेद में अपनी जीब डाल के उसे खाने लगा। थोड़ी देर बाद जब वो अच्छे से गिला हो गया तब मैंने अपने लंड पे थोड़ा सा थूक लगाया और उसके बाद फिर से घुसाने लगा।
इस बार धीरे धीरे घुसने लगा था। वो फिर से छटपटा रही थी क्युकी उसने पहले अपने गांड में नहीं लिया था।
जैसे ही मेरा लंड थोड़ा अंदर गया मैंने पूरी ताकत से अपने लंड और अंदर घुसा दिया लंड अभी आधा ही घुसा होगा। जैसे ही मैंने ऐसा किया वो चिल्ला उठी निकालो इसे बहुत दर्द हो रहा।
मैंने उसकी बात को अनसुना किया और मै ऐसे ही खड़ा रहा। थोड़ी देर में थोड़ा नार्मल हुई तो मैंने धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा। अब उसे भी मजा आने लगा था उतने में ही मैंने फिर से एक जोर का झटका मारा और मेरा पूरा लंड अंदर घुस गया। वो फिर से चिल्लाने लगी और मुझे गालियां देने लगी।
मार दिया रे मादरचोद, मेरी गांड फाड़ दिया, हरामी कही के निकल अपने लंड को। ऐसा करके वो चिल्लाने लगी।
मैंने उसकी सारी बातो को अनसुन्ना करके अपने लंड आगे पीछे करने लगा। थोड़ी देर में वो नार्मल हुई और फिर मेरा साथ देने लगी अपनी गांड आगे पीछे करके।
उसके बाद मैंने उसकी धका पेल चुदाई की। उसकी गांड की चुदाई करते मुझे 15 मिनट हो गया था वो पूरा साथ दे रही थी।
अब मेरा निकलने वाला था तो मैंने उसे पूछा कहा लेगी उसने बोला उसकी चुत में चाहिए।
मैंने तुरंत अपने लंड को बहार निकल के उसकी चुत में घुसा दिया। करीब 20 - 25 और शॉट मारने के मै उसकी चुत में झड़ गया।
झड़ने के बाद मै अलग हो के बेड में लेट गया और वो भी सीधा हो के लेट गयी और मुझे बोली आज सालो बाद इतनी मस्त चुदाई हुई है।
हम दोनों थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहे। करीब आधे घंटे बाद वो उठी और फिर से मेरे लंड को मुँह में ले के चूसने लगी और मै उसकी चुत और गांड को।
थोड़ी देर की चुसाई के बाद हम दोनों फिर से रेडी होगये दूसरे राउंड के लिए।
उस दिन हम लोगो ने 3 बार चुदाई किया। हमने हाल , किचन, डाइनिंग टेबल, बाथरूम सब जगह चुदाई किया। पूरा घर चुदाई की आवाज से और हम दोनों की रस की खुशबु से महक रहा था।
फिर मै 4 बजे वहां से निकल गया। जाने से पहले मैंने उसकी थोड़ी मदद की ताकि उसका घर पहले जैसा लगे उसके पति के आने से पहले।
गांड चुदाई के बाद वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। मैंने पूछा पति को क्या बोलोगी तो उसने बोला की बोल दूंगी काम करते वक़्त गिर गयी और लग गया इसलिए नहीं चल पा रही हूँ।
फिर मै वहां से चला गया।
इसके बाद हमने कई बार और चुदाई की कभी वो मेरी घर आजाती या फिर हम किसी होटल में मिलते और वहां पे मजे करते।
एक महीने बाद उसने मुझे बताया की वो प्रेग्नेंट होगयी है मेरी वजह से। और उसके ससुराल वाले और सुरेश बहुत खुश है।
तो दोस्तों आपको मेरी कहानी कैसी लगी बताएगा जरूर।
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