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मकान मालकिन की सहेली पारुल की गोवा ट्रिप-१: Sex Stories

2 days ago
11 min read

दोस्तों , आप लोगो ने पहेली कहानी पढ़ी होगी, की कैसे मेरी मकान मालकिन चूद गई।

तो आप लोग ये तो जान ही गये होंगे की मैं अजय इंटरंशिप के लिए बनारस गया था 6 वीक के लिए । वही पर मकान मालकिन के साथ मेरा चोदम पट्टी चालू हो गया ।

एक दिन हम दोनों सेक्स के बाद बाते कर रहे थे तो मकान मालकिन ने मुझे अपने सहेली पारुल की के बारे मे बताया । पारुल मालकिन के मायके की सहेली है दोनों ने 12th तक साथ मे पढ़ा है । पारुल की शादी बनारस के पांडेय पुर मे पंकज नाम के आदमी से हुआ है । पंकज एक रेटोरेंट का मालिक है और उस रेस्टोरेंट लंका रोड पर है ।

एक बात मै आप लोगों को बता दु की इस स्टोरी मे केवल नाम बदला है मैंने बाकी सारी चीजे रियल है, लेकिन मैंने मैंने कहानी को थोड़ा कामुख बनाने के लिए पारुल को ज्यादा ही चुदकड़ दिखा दिया है। लेकिन पारुल तो थी एक अवल दर्जे की माल मैंने पारुल का फोटो देखा था केवल।

अब स्टोरी को पुरा पारुल के शब्दो मे बताने जा रहा हु ।

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दोस्तो, मेरा नाम पारुल है. मैं अपने पति और सास-ससुर के साथ पांडेय पुर ( एक्ज़ैक्ट नहीं पर इस के आस पास) रहती हूँ.

मुझे 19 वर्ष की उम्र में ही चुदने का चस्का पड़ गया था. अब मेरी उम्र 28 साल हो चुकी है।


मेरी शादी भी जल्दी ही करवा दी गई थी क्योंकि मेरे घर वालों और मेरे बॉयफ्रेंड को लगता था कि मैं पता नहीं कॉलेज के बहाने कितने लड़कों से मिलती हूं।

और मिलती भी क्यूं न … मुझे अपनी मोटी गोल गांड और रसीले मम्में दिखाकर लड़कों को अपने पीछे घुमाना बहुत अच्छा लगता था।


अब गांड और चूचों की बात हो गई है तो मैं आप सबको अपना फिगर भी बता देती हूं।

मेरा फिगर 36बी-28-38 है। मेरा फिगर सुनते ही आपके लंड में भी हलचल हो गई होगी।

ठीक ऐसे ही बाकी लड़कों के लंड में भी मुझे देखते ही हलचल हो जाती थी।

मेरे पति पंकज का एक रेस्टोरेंट है बनारस मे ही । टेस्टोरेंट बहुत अच्छा चलता है । हमारे घर पैसों की कोई कमी नही है। हमारे घर की सारी जरूरते और सपने पुरे करने के लिए रेटोरेंट से पैसे कमा लेते है मेरे पति।

मेरी शादी को अब तक पूरा 6 साल हो चुका है । ये कहानी 2024 की है जब मैं 26 साल की थी और उस समय मै माँ नही बनी थी । अभी मेरा एक 4 महीने का एक बेटा है।

2024 मे बारिश के मौसम मे मैं अपने पति के साथ गोवा घूमने गई हुई थी।

मैं उस ट्रिप के लिए बहुत उत्साहित थी।

मैंने बहुत सारी सेक्सी वाली ड्रेस और सेक्सी बिकिनी सेट ले लिये थे ताकि गोवा के बीच पर पहन कर मोटे मोटे लंड वाले लड़कों को अपनी ओर आकर्षित कर लूँ और वो मेरी चूत और गांड मारने के लिए तिलमिला उठें.

हमारी फ्लाइट से एक दिन पहले मैं पार्लर गयी और फुल बॉडी वैक्स करवाई ताकि मेरी गांड और मेरे मोटे चूचे और भी चमकदार बन जाएं.

तभी तो देखने वालों को मुझे आधी नंगी देख कर और भी मन होगा- क्या मज़ेदार मोटी गांड है साली की … इसको तो पूरी नंगी करके गांड मारूँगा.

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तो जैसे तैसे जब हम गोवा अपने होटल में पहुंचे तो जो बॉय सामान उठा कर मेरे पीछे चल रहा था उसका सारा ध्यान मेरी मटकती हुई गांड पर ही था।

वो मेरी मटकती हुई गांड में इतना खो गया था कि उसे ये अहसास ही नहीं हुआ कि मेरे पति उसके साथ चल रहे थे और उसको मेरी गांड की और घूरते हुए देख रहे थे.

अपने कमरे में पहुंचते ही मेरे पति ने थोड़ा गुस्से से बॉय को 50 रुपये दिए और वो ‘शुक्रिया सर’ बोलकर कमरे से बाहर चला गया.

तो मैंने अपनी गांड बेड पर टिकाते हुए पूछा- तुम्हारा मूड क्यूँ बिगड़ा हुआ लग रहा है?

वो बोले- आजकल के सभी लड़कों को एक ही चीज़ की पड़ी रहती है।

मैंने उनकी तरफ देखते हुए पूछा- ऐसा क्यूँ पूछ रहे हो आप?

वो बोले- अरे ये मामूली सर्विस बॉय अन्दर आते हुए तुम्हारी गांड की तरफ घूर रहा था, उसे इतना भी डर नहीं था कि मैं साथ में हूँ।

ये सुनते ही मैं तो ज़ोर से हंस पड़ी और बोली- अरे, क्या आप भी … इतनी सी बात पर … और वैसे भी अगर आप मुझे उसी समय बता देते तो कम से कम मैं अपनी गांड और मटका कर चलती। मैं फिर से हंसने लगी.

मेरे पति ने चौंक कर कहा- क्या मतलब?

मैं बोली- मेरी गांड को याद करके वो अपना लंड तो हिला ही लेता।

मेरे पति हंस पड़े, फिर बोले- अच्छा बच्चू … गोवा आते ही नॉटी मूड में आ गयी हो!

ये कहकर वो मेरे से लिपट गये.

उनके साथ किस करते समय मेरा ध्यान अचानक उनकी पैंट में उनके पूरी तरह खड़े हुए लंड की ओर गया।

मैं सोच रही थी इससे पहले तो कभी ऐसा नहीं हुआ कि सिर्फ किस करने से उनका लंड खड़ा हो जाए।

तो मैंने उनसे पूछ ही लिया- पहले तो कभी किस करने पर आप इतने उत्तेज़ित नहीं हुए, तो आज क्या ख़ास बात है?

वो बिना इस बात का जवाब दिए उठ गये और मुस्करा कर बोले- चलो मैं नहा लूं, तुम भी चेंज कर लो। फिर हम लोग बाहर डिनर के लिए चलेंगे।

मैंने फटाफट से अपनी डेनिम शॉर्ट्स पहन ली जो कि इतनी तंग और छोटी थी कि मेरी गांड के उभार पूरी तरह से बाहर दिख रहे थे।

साथ में मैंने एक बिल्कुल पतला सा टॉप पहन लिया जिसमें मेरे मेरे गोरे गोरे मोटे चूचे साफ दिख रहे थे क्यूंकि मैंने ब्रा भी नहीं पहनी थी.

मेरे पति जैसे ही नहाकर बाथरूम से बाहर निकले तो उनकी नज़र सीधा मेरे चूचों पर जाकर टिक गयी।

वो बोले- ये क्या? बाहर नहीं जाना क्या? तुम तो तैयार ही नहीं हुई हो अभी?

मैंने कहा- मैं तो बिल्कुल रेडी हूँ।

मेरे पति- तो क्या तुम ऐसे ही जाने वाली हो बाहर ये पहन कर? इसमें तो सब दिख रहा है!

मैंने कहा- बाहर अंधेरा हो चुका है, किसी को कुछ नहीं दिखेगा। वैसे भी यहां तो सब विदेशी ही आते हैं और वो हमें कौन सा जानते हैं?

फिर मैं बोली- और ये सब ड्रेसेज मैं गोवा में नहीं पहनूंगी तो क्या सास ससुर के सामने पहनूंगी?

वो बोले- ठीक है मेरी जान।

और मेरी गांड पर हल्के से थप्पड़ लगाते हुए रेडी होने लगे.


हम लोग अब डिनर करने के बाद वापस रूम में आ गये थे और जब मैं चेंज करने के बाद रूम में आई तो मैंने देखा कि मेरे पति सिर्फ़ चड्डी पहनकर बेड पर लेटे हुए थे।


मैं देखकर फिर से हैरान हो गयी कि उनकी चड्डी में उनका लंड फिर तना हुआ था.

ये सोचकर मैं हैरान थी कि अभी तक तो मैंने कुछ ऐसा किया भी नहीं, तो इनका लंड कैसे तन रहा है?


इसी कश्मकश में मैं उनके साथ जाकर बेड पर लेट गयी और उनके कंधे पर सिर रखते हुए बोली- मुझे यहां बहुत अच्छा लग रहा है … बिल्कुल माइंड फ्रेश लग रहा है।


कहते हुए मैंने धीरे से हल्का सा हाथ उनके लंड पर रख दिया और बोली- अरे ये क्या! आप तो पहले से ही मूड में लग रहे हो।


वो भी मुस्करा कर बोले- नहीं ऐसी कोई बात नहीं, मैं तो बस तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था।

बोलते ही मुझे उन्होंने किस किया.


मैं- अच्छा … मेरे बारे में क्या सोच रहे हो? मैं तो हमेशा तुम्हारे सामने ही होती हूँ, पहले तो कभी ऐसा नहीं हुआ।

कहते हुए मैं हल्के हल्के उनका लंड चड्डी के उपर से ही सहलाती रही.

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उन्होंने भी अपना एक हाथ मेरी गोरी मोटी गांड पर टिकाते हुए कहा- हाँ लेकिन आज से पहले मैंने तुम्हारा ये नॉटी रूप नहीं देखा था।

मुझे तो मानो पूरा कॉन्फिडेन्स आ गया था अब!


मैं बोली- मुझे तो मालूम ही नहीं था कि आपको मेरा ये रूप पसंद आएगा, वर्ना ये तो मेरा असली रूप है।

ये बोलते ही मैंने उनकी चड्डी में हाथ घुसा दिया और उनका 5 इंच का लंड बाहर निकाल लिया और सीधा मुंह में डाल कर चूसने लगी.


मेरे पति को तो जैसे जन्नत मिल गयी हो।

वो आह्ह … आह्ह … की आवाज़ करने लगे. ये देख कर मैंने और मज़े से उनके लंड को पूरा मुंह में ले लिया।

मानो उनका लंड मेरे मुंह में गायब ही हो गया हो.


उनकी हालत अब ऐसी हो गयी थी कि मानो मेरे पति को जैसे किसी ने इतना नशा करवा दिया हो कि वो होश में ही ना हों।

वो बिल्कुल आँखें बंद करके पूरा आनंद लेने लगे।


यह देख कर मेरे दिमाग में जैसे एक खुराफात सूझी।

मैंने झट से उनका लंड मुँह से निकाल दिया.


जैसे किसी का नशा टूट गया हो, वो आँखें खोल कर बोले- क्या हुआ जान … करो ना?? रुक क्यूँ गयी? बहुत अच्छा लग रहा था।


मैं वापस उनका लंड अपने हाथों से सहलाते हुए बोली- मैं क्या सोच रही थी डार्लिंग … अगर तुम्हें मेरा ये नॉटी रूप अच्छा लगता है तो क्यूँ ना हम लोग जितने दिन यहाँ हैं, मैं इसी रूप में रहूं?


ये कहकर मैंने फिर से उनके लंड को अपने मुँह में लेकर अहसास दिलाया कि मैं उनको कितना सुख दे सकती हूँ अगर मैं चाहूं तो। 2 बार चूसने के बाद मैंने लंड मुंह से निकाल दिया।


मैं उनको तड़पाना चाहती थी ताकि वो अपना लंड चुसवाने के लिए मेरी हर बात मानें.


मैंने उनसे अपनी बात मनवाते हुए कहा- तुम वादा करो कि मुझे यहां पर किसी चीज के लिए नहीं रोकोगे, फिर देखना हम यहां पर कितना मजा करेंगे।

बोलते हुए मैंने लंड को एक बार मुंह में लेकर फिर से बाहर निकाल दिया।


इससे वो तड़प उठे और बोले- हां डार्लिंग, जैसा तुम कहोगी, हम वैसा ही करेंगे, बस मेरा लंड चूस दो अब, बहुत तड़प रहा है। बात करना बंद करो और जो शुरू किया है वो पूरा करो।


मैंने खुश होकर उनका लंड मुँह में ले लिया और 2-3 बार चूसने पर ही उनका लंड झड़ गया और वो पलट कर सो गए।


मगर मेरी चूत की चुदने की प्यास अभी भी बुझी नहीं थी, मैं बेड के दूसरे किनारे पर पूरी नंगी हो कर लेट गयी और अपने हाथ से अपनी चूत को सहलाने लगी।


मुझे उम्मीद थी कि इन 4-5 दिनों में मुझे शायद कोई मेरी पसंद का लंड मिल जाए जो अच्छी तरह से मेरी गांड चोदे और मेरी चूत की चुदाई की प्यास बुझा दे।

ये सोचते हुए मेरी आंख भी लग गयी।


अगली सुबह मैं अपने पति से पहले ही उठ कर रेडी हो गयी थी।


मैंने एक बहुत ही सेक्सी जालीदार ब्रा और पैंटी पहनी थी जिसके ऊपर एक शार्ट ड्रेस डाला।

उसके दायीं तरफ मेरी गांड से लेकर नीचे तक एक कट था, जहां से मेरी आधी गांड और पूरी जांघ साफ़ दिख रही थीं।


अब दिन के 12 बज चुके थे और मौसम बहुत ही सुहावना हो रहा था।


मैं और मेरे पति स्विमिंग पूल के पास बैठे बीयर पी रहे थे क्यूंकि मेरा मूड थोड़ा खराब हो गया था मौसम की वजह से!

मैनेजर ने बताया कि बीच ऐसे मौसम में बंद रहती है.

और मुझे इतना मन था सेक्सी बिकिनी पहन कर बीच पर अपनी मोटी गांड मटकाने का!


कुछ देर वहां बैठने के बाद मेरा मूड तब ठीक हुआ जब मैंने 2 हट्टे कट्टे सुन्दर सुडौल शरीर वाले लड़कों को पूल एरिया में आते हुए देखा।

मेरे पूरे बदन में मानो जैसे झुरझुरी सी दौड़ गयी हो।


वो लोग मेरी गोरी जांघ और मोटी गांड को घूरते हुए मेरे पास से गुज़रे और जाकर बार में बैठ गए और ड्रिंक्स पीते हुए हमारी ओर देख कर कुछ बात करके कहकहा लगाकर हंसने लगे।


मेरी तो चूत से मानो आग बरसाने लगी थी।

मैं जब भी नज़र चुराकर उनकी ओर देखने की कोशिश करती वो दोनों मेरी ही गांड निहारते हुए मिलते थे।


मुझे काफी शर्म भी आ रही थी और अच्छा भी बहुत लग रहा था।

मन ही मन में मैं सोचने लगी कि हो न हो … ये मेरी ही गांड चोदने की बातें कर रहे होंगे।

ये सब सोचते सोचते मेरी चूत ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया था।


मेरी तो गांड उस समय फटी जब उनमें से एक लड़का मेरी ओर आने लगा।


मैं झट से बैठ गयी और अपने पति से बात करने लगी ताकि उन लोगोँ को ये न लगे कि मैं अकेली हूँ वहां और वो आकर मेरे पति के सामने कुछ ऐसी वैसी बात कर दें।


फिर मैंने देखा कि वो आकर सीधा मेरे पति के पास खड़ा हो गया और उनसे बात करने लगा।

मेरी गांड भी फट रही थी कि ये पता नहीं क्या बात कर रहा होगा और मेरी नज़र उसके लंड के उभार की ओर ही जाकर टिक गयी थी।


फिर उसके जाते ही मेरे पति बोले- अच्छे लड़के हैं ये!

मैंने आश्चर्य भरी निगाहों से उनकी ओर देखा!


वो बताने लगे कि इनमें से एक लड़के का आज जन्मदिन है, इसीलिए ये लोग यहाँ पार्टी करने आये हैं। ये दूसरा लड़का उसका दोस्त है और इसने और बाकी कुछ दोस्तों ने इसके लिए सरप्राइज पार्टी का प्रोग्राम किया था आज रात को। मगर अब इनके बाकी दोस्त नहीं आ रहे किसी कारण से तो ये हम दोनों को रात की पार्टी का आमंत्रण देने आया था।


ये सुनकर मैं तो मानो मन ही मन ख़ुशी से झूम उठी और उनके आगे बोलने से पहले बोल पड़ी- तो फिर अपने क्या कहा उस लड़के से?

वो बोले- अरे यार, मुझे मालूम है तुम्हें शायद अच्छा न लगे, मगर मैंने हाँ बोल दिया। अच्छे लड़के लग रहे हैं। वैसे भी वो इतने प्यार से बोलने आया तो मना कैसे कर देता, अच्छा नहीं लगता यार”।


मैं मन ही मन सोचकर हंसने लगी- मेरे भोले पतिदेव … मेरा तो मन ऐसा हो रहा है कि अभी अगर वो दोनों मिल जायें तो सब भूल कर अपनी चूत यहीं चुदवा लूँ।

फिर मैं मुस्कराते हुए बोली- मुझे सब मालूम है, तुम्हें बस अब दारु पीने का मौका जो मिल रहा है।


अभी मैं बात कर ही रही थी कि एक आवाज़ मेरे कानों में गूँज उठी- आ जाओ भईया पूल में, अच्छा मौसम हो रहा है।


जैसे ही मैंने पलटकर देखा तो दोनों लड़के पूल में उतर चुके थे।

वो लोग मेरे पति को बुला रहे थे स्विमिंग के लिए।


मेरे पति ने मेरी तरफ देखा और इतने में दूसरा लड़का बोला- भाभी, आप भी आ जाओ।

वो मुस्कराती नज़रों से मेरी तरफ देख रहा था।


मैं तो जैसे सन्न सी रह गयी और हड़बड़ाहट में बोल दिया- नहीं मैं … मैं तो बिकिनी नहीं लायी रूम से!

और मैं शर्मा कर मुस्करा दी।


इतने में मैंने अपने पति की ओर देखा तो वो अपने कपड़े उतार कर सिर्फ एक चड्डी में खड़े थे।

इतने में दूसरा लड़का बोला- इसमें कोई बड़ी बात नहीं हैं भाभी, आपने ड्रेस के नीचे कुछ तो पहना ही होगा, हम लोग भी सब चड्डी ही पहन कर आए हैं पूल में ये देखो।”

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ये कहते ही वो लड़का पूल की सीढ़ियों में खड़ा हो गया और उसे उस छोटी सी गीली काली चड्डी में देखकर, जिसमें उसका मोटा रसीला लंड, उफ्फ्फ … जैसे अभी चड्डी फाड़ कर बाहर आ जायेगा, मेरी तो चूत ने इतना पानी छोड़ा कि मेरी पैंटी पूरी भीग गयी।


मेरे पति ने भी बोला- कोई बात नहीं, जब सब लोग बोल ही रहे हैं और सब अपने ही लोग हैं तो आ जाओ।

फिर अभी बारिश आ जाएगी तो वैसे ही जाना पड़ेगा वापस रूम में।


ये सुनते ही मैं बोली- ठीक है, मैं शावर में चेंज करके आती हूँ।

अगर मैं अपनी ड्रेस वहां ही उतार देती तो सब लोग मेरी भीगी हुई चूत देखकर समझ जाते मेरे मन में क्या चल रहा है।


जब मैं शावर से बाहर आयी तो वो दोनों लड़के और मेरे पति बस मुझे ही देख रहे थे।

मेरे गोरे मोटे चूचे मेरी गीली जालीदार ब्रा में से साफ़ दिख रहे थे, मानो मैंने कुछ पहना ही नहीं हो क्यूंकि गीली होने के बाद मेरी ब्रा और पैंटी बिल्कुल ही पारदर्शी हो गयी थीं।


अपनी घबराहट थोड़ी कम करने के लिए मैंने अपनी ड्रेस कुर्सी पर रख दी और टेबल से बीयर उठायी और एक ही बार में आधा गिलास पी गयी।


बीयर पीते ही मेरे अंदर जोश वापस भर गया और मैं सीधा पूल में कूद गयी।


काफी देर हम लोग वहां मस्ती करते रहे।

उन दोनों लड़कों ने अपने नाम निहाल और कमल बताये।


अब हम लोग भी निहाल और कमल से अच्छी तरह घुल मिल गए थे।

यहां तक कि कमल ने तो डबल मीनिंग जोक्स भी सुनाना शुरू कर दिए थे।


वो दोनों काफी मस्ती भरे मिजाज वाले लड़के थे और मुझे अब यकीन होने लगा था कि अगर ये दोनों मेरी चूत चोदने की फिराक में हैं तो जमकर मेरी चुदाई करेंगे।

दोस्तो, ये पारुल की Sex Stories है. आपको कैसी लगी, मुझे मेल जरूर करें।

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