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मैंने ने थिएटर में लंड चूसा, फिर होटल में चुदी - Hindi Sex Stories

हैलो दोस्तों, मेरा नाम सोनिया है, राज के साथ मेरा प्यार भरा जीवन बहुत खूबसूरत चल रहा था, हम एक-दूसरे को दिल से चाहने लगे थे और सेक्सुअल एक्सपेरिमेंट भी धीरे-धीरे करने लगे थे, पर अभी तक हमने पूरा सेक्स नहीं किया था। एक-दो महीने ऐसे ही निकल गए और फिर वैलेंटाइन्स डे आ गया। उस दिन राज ने मुझे बहुत रोमांटिक तरीके से प्रपोज किया, पूरा दिन हमने साथ बिताया, अच्छे रेस्तरां में लंच किया, फिर मूवी देखने गए और शाम को फिर डिनर पर।


हम जिस मूवी को देखने गए थे, उसे रिलीज हुए एक हफ्ता हो चुका था, इसलिए हॉल लगभग खाली था, हमने जानबूझकर दो कॉर्नर सीट्स बुक की थीं। मैं अंदर की तरफ बैठी थी, राज बगल में, फिल्म शुरू हुई तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। शुरू के पंद्रह मिनट बाद ही एक लंबा किसिंग सीन आया, उसे देखते ही मेरी तन बदन में आग लग गई, मैंने राज का हाथ जोर से दबाया और उसका मुंह अपनी तरफ घुमाकर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। राज ने फुसफुसाया, “आई लव यू सोनिया” और मुझे गहरा स्मूच करने लगा। हम दस मिनट तक ऐसे ही किस करते रहे, उसने मेरे बूब्स को कपड़ों के ऊपर से सहलाना और दबाना शुरू कर दिया। मैं इतनी गरम हो चुकी थी कि फुसफुसाई, “राज, मुझे तुम्हारा लंड चूसना है।”


वो घबरा गया, “पागल हो गई हो, कोई देख लेगा!” मैंने मुस्कुराकर कहा, “कोई नहीं देख रहा, ट्रस्ट मी।” फिर मैंने उसकी जींस की जिप धीरे से खोली, उसका पहले से खड़ा मोटा लंड बाहर निकाला और हाथ में लेते ही वो सिहर उठा। उसने आँखें बंद कर लीं, मैंने चारों तरफ देखा, बिल्कुल सेफ था। मैं थोड़ा झुकी और उसका लंड मुंह में ले लिया, ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… गी… गी… गों… गों… गोग, मैंने गले तक लेने की कोशिश की, वो पागलों की तरह आह्ह… फुह्ह… कर रहा था। थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने हाथ से हिलाते हुए फिर मुंह में लिया, वो कस कस कर मेरे बाल पकड़ रहा था, अचानक उसकी कमर ऊपर उठी और गरम-गरम वीर्य की तेज फुहारें मेरे मुंह में और सामने खाली सीट पर गिरने लगीं।


इंटरवल के बाद राज ने कहा, “अब मेरी बारी।” मैंने डरते हुए कहा, “यहाँ?” पर वो नहीं माना। उसने मेरी शर्ट के ऊपर के दो बटन खोले, ब्रा का हुक पीछे से खोल दिया और एक बूब्स पूरा बाहर निकाल लिया। मैं डर से काँप रही थी, पर जैसे ही उसके गरम मुंह ने मेरे निप्पल को चूसा, आह्ह्ह… ह्ह्ह… मेरी आँखें खुद बंद हो गईं। वो ऊपर से बूब्स चूस रहा था और नीचे हाथ मेरी पैंट में डालकर पेंटी के ऊपर से चूत सहला रहा था, फिर उंगली पेंटी साइड करके अंदर डाल दी, आह… इह्ह… ओह्ह… मैं तो पागल हो गई, उसके सिर को अपने बूब्स पर जोर से दबा रही थी। उसने निप्पल पर हल्का सा काटा, मैं चीख पड़ी पर जोश में और जोर से दबाया। थोड़ी ही देर में मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया।


फिल्म खत्म हुई, हम बाहर निकले, मेरी ब्रा अभी भी खुली थी, बूब्स हल्के-हल्के हिल रहे थे, राज बार-बार देख मुस्कुरा रहा था। डिनर के टाइम उसने मुझे एक छोटी सी रिंग गिफ्ट की, बॉक्स में एक पेपर था, “क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगी?” मैंने मुस्कुराकर पूछा, “कब?” वो खुशी से उछल पड़ा, “कल, स्कार्फ और एक आईडी जरूर लाना।”


अगले दिन सुबह राज बाइक पर आया, मैं पीछे बैठी और हम निकल पड़े। रास्ते भर मेरे दिल में धुकधुकी थी कि आज पहली बार होगा। वो मुझे एक छोटे से होटल में ले गया, जहां कपल्स के लिए दो-तीन घंटे के रूम मिलते थे। उसने मुझसे स्कार्फ बांधने को कहा, मैंने चेहरा ढक लिया। रिसेप्शन पर सिर्फ उसने मेरी आईडी दिखाई, एंट्री की और हमें रूम तक छोड़ा गया। रूम में एक डबल बेड, सामने बड़ा आईना, कुर्सी और अटैच्ड बाथरूम था। राज ने कहा, “दो घंटे” और पैसे देकर दरवाजा बंद कर दिया।


मैं स्कार्फ निकालकर बेड पर बैठ गई, राज वॉशरूम गया,回来 कर मेरे सामने कुर्सी पर बैठा। दस मिनट तक हम यूं ही देखते रहे, फिर वो पास आया, मेरे पैर सीधे किए, खुद बेड पर लेट गया और सिर मेरी गोद में रख दिया। मैं उसके बालों में उंगलियाँ फेर रही थी, उसने मेरा सिर नीचे खींचा और गहरा स्मूच शुरू कर दिया। दस मिनट तक हम किस करते रहे। फिर उसने लाइट बंद की, मुझे धीरे से लिटाया और मेरी शर्ट के सारे बटन खोलकर शर्ट-ब्रा उतार दी। मेरे बूब्स को निहारते हुए एक को मुंह में लिया, दूसरे को हाथ से मसलने लगा, आह्ह्ह… राज… बहुत अच्छा लग रहा है।


मैंने भी उसकी शर्ट-बनियान उतार दी, अब हम दोनों ऊपर से नंगे थे। वो मेरे गले, कंधों, फिर बूब्स चूमता नीचे आया, निप्पल्स को चूसता, हल्के-हल्के काटता, मैं सिहर उठती। पेट पर किस करते ही मेरे शरीर में करंट दौड़ गया। उसने मेरी जींस का बटन खोला, जींस उतार दी, अब सिर्फ पेंटी थी। वो पैरों से किस करते ऊपर आया, चूत के पास रुका, मैंने आँखें बंद कर लीं। उसने पेंटी के ऊपर से चूत चाटी, फिर पेंटी साइड करके जीभ अंदर डाल दी, आह्ह्ह… ओह्ह्ह… राज… मैं उसके सिर को जोर से दबाने लगी।


अब मैंने उसे लिटाया, ऊपर चढ़ गई, उसके होंठ, गला, छाती, निप्पल्स चूसे, वो आह… आह… कर रहा था। फिर नीचे आई, उसकी जींस-अंडरवियर उतारी, मोटा लंड बाहर आया। मैंने हाथ से हिलाया, फिर मुंह में लिया, ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… गी… गी… गों… गों… वो मेरे सिर को पकड़कर धक्के मारने लगा। अचानक उसने मुझे नीचे लिटाया, ऊपर चढ़ा और लंड को चूत पर रगड़ने लगा। मैंने पेंटी उतार दी। उसने टॉप पर किस करते हुए सुपारा अंदर धकेला, आआआह्ह्ह… बहुत दर्द… मोटा है तेरा… उईईई माँ… पर वो रुका नहीं, धीरे-धीरे पूरा अंदर किया, फिर बाहर, फिर अंदर, अब दर्द के साथ मजा भी आने लगा, मैं चिल्लाने लगी, हाँ राज… और जोर से… चोद मुझे… आह्ह्ह… ह्ह्ह… ऊईईई… ऊउउइइ… हम दोनों की कमर तेजी से हिलने लगी, पसीना-पसीना हो गए, अचानक मेरी चूत में गरम झरना फूटा और उसी समय राज ने भी सारा माल मेरी चूत के अंदर छोड़ दिया।


कुछ देर हम वैसे ही पड़े रहे, फिर मैं वॉशरूम गई, हल्का सा दर्द था पर खून नहीं निकला, मुझे बहुत अच्छा लगा। बाहर आकर मैंने राज को जोर से गले हग किया, उसने गाल पर किस करके कहा, “आई लव यू जान, आज का दिन जिंदगी भर याद रहेगा” मैंने भी उसे किस किया और कहा, “तुम सबसे बेस्ट हो”। कपड़े पहने और वहाँ से निकल गए। घर आकर मैं पूरी रात उस प्यार भरी चुदाई को याद करके खुश होती रही।


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