top of page

थ्रीसम चुदाई का नया अंदाज : Antarvasana Hindi Sex Story

दोस्तो, मैं आपका दोस्त तरुण कुमार आज फिर अपनी एक सच्ची गे सेक्स कहानी लेकर आप सबके सामने आया हूँ.

मैं उम्मीद करता हूँ कि पहले की तरह इस बार की सेक्स विद इंडियन कपल कहानी को पढ़कर आप सभी को मज़ा आएगा.


जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मैं गुरुग्राम में रहता हूँ और नई नई लड़कियों और कपल से मिलता रहता हूँ.

मेरे एक कपल दोस्त के द्वारा मेरी इस कपल रोहित-सीमा से बात हुई.

इनकी आयु करीब 32-35 साल के आसपास होगी.


फोन पर कुछ बातें होने के बाद हमारा मिलने का प्लान फाइनल हुआ.


प्लान के मुताबिक मैं कपल के घर पर यानि दिल्ली के द्वारका में तय समय पर एक दारू की बोतल के साथ पहुंच गया.


मैंने सीमा को देखा तो वह बहुत ही सेक्सी लग रही थी.

एकदम कयामत सी माल को देखकर मेरे अन्दर सेक्स का तूफान उठ गया.

मुझे ऐसा लगा कि अभी इसको पकड़कर यहीं चोद दूँ मगर मैंने खुद को संभाला और उन दोनों से ‘हाय हैलो’ किया.


उसके बाद उन दोनों ने मुझे बारी बारी से गले से लगाया और सोफे पर बैठाया.

सीमा ने झुक कर मुझे पानी दिया और अपने दूध दिखा कर मेरा लंड खड़ा कर दिया.


फिर हम सभी ने बैठकर ड्रिंक करना चालू की और बातें करना बातें शुरू कीं.

सीमा ने बताया- मुझको न्यू-न्यू स्टाइल में न्यू-न्यू लोगों से चुदवाना पसंद है. मैं अपनी पसंद के मर्द से खुद मिलती हूँ और पसंद आता तो उससे चुद जाती हूँ.


उसकी यह बात सुनकर मैंने कहा- तो आपने मेरे बारे में क्या सोचा है?

मेरी बात सुनकर सीमा और रोहित दोनों ही ठठा कर हंस पड़े.


इससे माहौल में और ज्यादा मस्ती छाने लगी.


इसी तरह के मजाक करते-करते हम तीनों ने 3-3 पैग पी लिए थे.

रोहित ने सिगरेट सुलगा ली थी तो सीमा भी सिगरेट में कश लगाने लगी थी.


हम सबको सरूर होने लगा था तो मैंने कहा- चलो अब लेट कर बातें करते हैं.


सीमा को मेरा ख्याल पसंद आया तो वह उठ कर मेरा हाथ पकड़ कर कमरे में ले जाने लगी.

हम तीनों लोग बेडरूम में आ गए.


रोहित ने कमरे की बड़ी लाइट को बंद कर दिया और नाइट लाइट को रोशन कर दिया.

यह बहुत धीमी रोशनी दे रही थी.

मैं और सीमा एक दूसरे से चिपक गए और कब हमारे लिप्स एक दूसरे से मिल गए, हमें पता ही नहीं चला.


किस करते-करते हम एक दूसरे को सहला रहे थे, मगर साथ-साथ मैंने महसूस किया कि एक नया हाथ मेरे लंड वाले हिस्से के साथ खेल रहा है.

मैंने देखा तो वह रोहित था. मुझे उसका ये करना अच्छा लगा.

मैं और ज़्यादा जोश में आ गया.


मैं और सीमा एक दूसरे को नंगा करने लगे.

मगर रोहित ने मुझे खुद ही नीचे से नंगा कर दिया और मेरे लंड को पकड़कर मुँह में ले लिया.

वह मेरे लंड के नीचे लटक रहे मेरे आंडों को भी अपने हाथों से सहलाने लगा.


मेरा लंड और ज़्यादा जोश में आ गया.


मैं सीमा के बूब्स पर बुरी तरह टूट पड़ा और उसके दोनों बूब्स को बुरी तरह से ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा.

एक को अपने मुँह में लेकर पीने लगा और दूसरे को अपने हाथ से मसलने लगा.


सीमा अब पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी.

उसने मेरे कान में कहा- अब चोदो मुझे.


मैंने उसी वक्त सीमा को बेड पर गिरा लिया और उसकी दोनों टांगें खोलकर अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया.


वह कुछ समझ पाती तब तक मैंने अपनी जीभ को नुकीली करके उसकी चूत में घुसा दिया और अन्दर-बाहर करने लगा.

वह मस्त होने लगी मैंने चुत चूसने के साथ ही चूत के ऊपर दाने को अपनी जीभ की नोक से कुरेदने लगा.


कुछ ही देर में सीमा का पूरा शरीर अकड़ने लगा.


वह बोलने लगी- मेरी चूत के अन्दर कीड़े दौड़ रहे हैं … साले जल्दी से अपना लंड अन्दर डाल और चोद मुझे!

मैंने अपने लंड को रोहित के मुँह से फ्री किया और सीमा की टांगें खोलकर उसके ऊपर चढ़ गया.


मैं अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखा और पेल दिया.

लंड सरसराता हुआ अन्दर घुसता चला गया.

मैंने उसके दूध पकड़ कर उसे चोदना शुरू कर दिया.


उसकी चूत पहले से ही बहुत गीली हो चुकी थी, तो लंड एकदम से अन्दर बाहर होकर चलने लगा.


रोहित अभी भी मेरे पीछे ही खड़ा था और वह मेरे आंडों को सहला रहा था.

उसके बाद सीमा ने रोहित को अपने मुँह के पास बुलाया और उसके लंड को अपने मुँह में ले लिया.


एक साथ 2 लंडों का मज़ा ले रही सीमा सातवें आसमान पर थी और वह पूरी मस्ती में नीचे से अपनी गांड उठा-उठाकर चुद रही थी.


फिर वह समय आ गया जब सीमा ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाती हुई झड़ गई.

मैं थोड़ी देर उसके ऊपर लेटा रहा.


उसके बाद सीमा थोड़ी सामान्य हुई और मुझे नीचे लिटाकर रोहित और सीमा दोनों मेरे लंड के पास आ गए.


वे दोनों पति पत्नी भूखे जानवरों की तरह मेरे लंड पर टूट पड़े.

कभी रोहित लंड को अपने मुँह में अन्दर तक ले रहा था तो कभी सीमा.


मुझे उन दोनों को इस तरह मेरे लंड के लिए तड़पते देखकर बहुत मज़ा आ रहा था.


फिर उन दोनों ने जैसे बंटवारा सा कर लिया.

रोहित ने मेरे लंड को मुँह में लिया जबकि सीमा ने नीचे झुककर मेरे आंडों को पूरा मुँह में ले लिया और चूसने लगी, जीभ से चाटने लगी.


मुझे बहुत ही ज़्यादा मज़ा आने लगा और मैं भी अपनी गांड उठा-उठाकर लंड व टट्टे चुसवा रहा था.


मुझे लगा कि अब मेरा होने ही वाला है, तो मैंने उनको बताया.

सीमा लपक कर आंड को जीभ से चाटती हुई बोली- हां आ जाओ, रुकना बिल्कुल भी मत!


जल्दी ही मैं रोहित के मुँह में झड़ गया.

रोहित का मुँह मेरे वीर्य से भर गया.


अब सीमा उठी और उसने रोहित के मुँह से अपना मुँह जोड़ लिया और वे दोनों मेरे वीर्य के साथ खेलने लगे.


कभी सीमा मेरे वीर्य को अपने मुँह में ले लेती तो कभी वह रोहित के मुँह में वीर्य थूक देती.


थोड़ी देर खेलने के बाद दोनों ने थोड़ा-थोड़ा करके सारा वीर्य अन्दर गटक लिया.


उनका ये पागलपन देखकर मैं भी हैरान रह गया था.


चुदाई के बाद हम सब फिर से सोफे पर आ गए और 2-2 पैग और लगाए, कामुक बातें कीं.


सीमा ने मुझसे पूछा- कैसा लगा?

मैंने बताया- मैंने सेक्स बहुत किया है मगर ऐसा कभी नहीं किया, सच में मुझे आज बहुत अच्छा लगा.


इस पर सीमा हंस कर बोली- अभी तो तुमने देखा ही क्या है .. हमारा साथ देते जाओ. वापस जाने के समय तक तुमको भी ऐसा सेक्स का मज़ा देंगे कि हमें भूल नहीं पाओगे!


यह सुनकर मैं खुश भी था और सोच में भी था कि अब ये लोग और क्या करने वाले हैं!

फिर जल्दी ही वह पल आ भी गया.


हम सब फिर से बिस्तर पर पहुंच गए.


सीमा ने मुझे और रोहित दोनों को लिटा दिया और नीचे हमारे लौड़ों के पास पहुंच कर वह दोनों के लंडों से बारी-बारी खेलने लगी, चूसने लगी.


दो मिनट से ज़्यादा नहीं लगा होगा सीमा को हमारे लंडों को खड़ा करने में!

सच में सीमा एक पत्नी होने के साथ-साथ एक अलग लेवल की रंडी बन चुकी थी.


मैंने उससे बोला- तुम जो करती हो, बहुत ही ज़्यादा अच्छे से करती हो!

सीमा बोली- सामान्य सेक्स करने में कुछ नहीं रखा, जो करो अच्छे से करो … मुझे अपने पति के सामने रंडी बन कर रहना पसंद है. मेरे पति मुझे हर सुख देते हैं, जो मैं चाहती हूँ … और मैं भी हमेशा उनको सुख देने की पूरी कोशिश करती हूँ.

यह सुनकर रोहित ने सीमा को किस कर लिया.


सीमा बोली- अभी तक मैंने और तुमने मज़े लिए हैं, अब तीनों साथ में सेक्स के सुख को प्राप्त करेंगे!

मैंने पूछा- वह कैसे?

तो वह बोली- बस देखते जाओ.


अब रोहित उठा और झुककर मेरे लंड को चूसने लगा.

सीमा रोहित के पीछे गई और रोहित की गांड को खोलकर चाटने लगी और अपने हाथों से रोहित के लंड को सहलाने लगी.


इस क्रिया में सबको बहुत मज़ा मिल रहा था.


सीमा ने रोहित की गांड को चाटकर और अपने थूक से भरकर बिल्कुल गीली कर दी थी.

फिर पास में रखे कॉन्डोम को रोहित ने उठाया और मेरे लंड पर चढ़ा दिया.


ऐसा लग रहा था कि सीमा और रोहित ने आज की पूरी कहानी पहले से सैट कर रखी थी.


सीमा ने मुझे उठाया और खुद नीचे लेट गई.

रोहित ने अपना लंड सीमा की चूत में डाल दिया जबकि सीमा मेरे लंड को सहला रही थी.


फिर सीमा एकदम से बोली- अब तुम रोहित के पीछे जाओ और रोहित की गांड में अपना लंड डालो!


ये सुनकर मैं एकदम से सहम गया कि कितने पागल लोग हैं ये सेक्स के लिए!

मैं पीछे चला गया.


रोहित की गांड को एक साइड से रोहित ने और दूसरी साइड से सीमा ने पकड़ कर खोल दिया ताकि मेरा लंड उसकी गांड में आराम से अन्दर चला जाए.


मैंने लंड को अन्दर डालने की कोशिश शुरू कर दी.

मेरा लंड थोड़ा मोटा होने की वजह से रोहित को काफी दर्द महसूस हो रहा था मगर थोड़ी कोशिश और रोहित की हिम्मत से लंड अन्दर चला ही गया.


इसके बाद नीचे से सीमा अपनी गांड उठाती तो पूरा रोहित का लंड सीमा की चूत में घुस जाता और रोहित की गांड ऊपर उठकर मेरे लंड के आखिरी हिस्से तक पहुंच जाती.


मैं ऊपर से अपने लंड से ज़ोरदार शॉट लगाता तो मेरा लंड तो रोहित की गांड में जाता ही, साथ-साथ रोहित का लंड भी सीमा की चूत में बिल्कुल अन्दर तक चला जाता.


हम दोनों के लंड अपनी अपनी जगह बना चुके थे और तीनों पूरे मज़े से चुदाई कर रहे थे.


सीमा भी पूरे ज़ोर और जोश से अपनी चुदाई के साथ-साथ अपने पति की चुदाई का मज़ा ले रही थी


थोड़ी देर चुदाई के बाद सबसे पहले सीमा झड़ गई और उसकी स्पीड रुक गई.


मैं पीछे से ज़ोर-ज़ोर से शॉट लगा रहा था.

डबल मज़ा लेते हुए रोहित भी सीमा की चूत के अन्दर झड़ गया.


अब झड़ने की बारी मेरी थी. मैंने 8-10 तेज शॉट लगाए और मैं भी झड़ गया.

जैसे ही मैंने लंड बाहर निकाला, सीमा ने मुझे अपने पास आने को बोला.


मैं पास गया तो सीमा ने मेरे लंड पर लगा कॉन्डम उतार दिया और लंड को चाट-चाटकर साफ कर दिया.


फिर उस वीर्य से भरे कॉन्डम को अपनी चूत पर उल्टा करके खाली कर दिया.

रोहित ने पहले तो सीमा की चूत से अपने वीर्य को चूसकर मुँह में भर लिया और फिर मेरे वीर्य को भी मुँह में भरकर पहले की तरह सीमा और रोहित वीर्य के साथ मुँह से मुँह जोड़ कर खेलने लगे.


उस मिक्स वीर्य को दोनों थोड़ा-थोड़ा करके पी गए.


ये देखने के बाद मैंने क्लैपिंग की और दोनों की बहुत तारीफ भी की.


चुदाई के बाद थकान होने लगी थी तो हम सब कुछ देर के लिए लेट गए.

रोहित सो गया मगर मैं और सीमा जाग रहे थे.


मेरा और सीमा का मन और ड्रिंक करने का हुआ तो हम दोनों फिर से सोफे पर चले गए.

हमने फिर से पैग लगाने शुरू किए.


मैं तो सीमा की बस तारीफ ही करता रहा कि इतनी सेक्सी और जंगली फीमेल मैंने पहले कभी नहीं देखी.

सीमा अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गई और नशे में तो वह हो ही चुकी थी.


वह बोली- अब तक तुमने सब कुछ हमारे मुताबिक किया, जो हमने बोला वही सब हुआ. अब तुम्हारी बारी है, बताओ अगर तुम्हारी कोई विश है तो मैं उसको भी पूरी कर देती हूँ!

मैं बोला- तुमने अपने मुँह और चूत का स्वाद तो मुझे दे दिया, मगर तुम्हारी गांड अभी बाकी है!

वह बोली- चलो अब तुम्हारी ये विश भी पूरी कर देती हूँ.


वह सोफे पर ही झुक गई और मेरे लंड को सहलाने लगी … चूसने लगी.

मैं सीमा के सिर और बूब्स को सहलाने लगा.


मेरा लंड 4-5 मिनट में ही फिर से खड़ा हो गया तो सीमा उठी और रूम से वैसलीन ले आई.

कुछ मेरे लंड पर लगाई और कुछ अपनी गांड के छेद पर लगा दी.


अब वह हँसकर बोली- आ जाओ मेरे शेर … मगर शुरू में थोड़ा आराम से करना, कहीं मेरी गांड फट न जाए!

उसकी बात पर हम दोनों हँस पड़े.


मैंने सीमा को सोफे पर ही झुका लिया और पीछे जाकर उसकी गांड में लंड डालने लगा


सीमा ने अपने दोनों हाथों से अपनी गांड को पूरा अच्छे से खोल लिया और मैंने धीरे-धीरे अपना लंड सीमा की गांड में डालना शुरू कर दिया.

धीरे-धीरे पूरा लंड सीमा की गांड में अन्दर समा गया.


लंड पेलने के बाद मैंने सीमा के दूध सहलाए और उसे चूमा.


मैंने पूछा- चोदूं?

वह बोली- हां चोदो.


मैंने धीरे से अपनी स्पीड बढ़ा दी.

सीमा भी पूरे मज़े से अपनी गांड की चुदाई का मज़ा ले रही थी और सेक्स और दारू के आगोश में बड़बड़ा रही थी.


वह ज़ोर ज़ोर से बोलने लगी- आह चोद इस रंडी को बहनचोद तूने मुझे और मेरे पति को चोद दिया, तू हम दोनों का पति बन गया!


उसकी गालियों से मुझे भी और ज़्यादा मज़ा आ रहा था और मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी.

मैंने कुछ देर बाद आसन बदला और सीमा को सोफे पर सीधा लिटा कर फिर से उसकी गांड में अपना लंड डाल दिया.


साथ-साथ उसकी बूब्स को सहला रहा था, पी रहा था और सीमा के गालों पर चपेट लगा रहा था.


सीमा सेक्स के पूरे मज़े ले रही थी और साथ-साथ अपनी चूत में भी फिंगर डालकर उसको भी चोद रही थी.

फिर हम दोनों ही एक साथ झड़ गए.


सीमा ने मेरा कॉन्डम उतारकर वीर्य को पी लिया.


उसके बाद मैं नहाया और थोड़ा खाना खाकर वापस अपने घर के लिए निकल दिया.

जाते समय मुझे दरवाजे तक रोहित और सीमा दोनों नीचे तक आए.


वे दोनों बहुत खुश थे.

सीमा बोली- जैसे मौका लगेगा हम लोग फिर से प्लान बनाते रहेंगे!


उसके बाद भी मैं काफी बार उनसे मिला हूँ और अच्छे से हमने मिलकर बहुत मज़े लिए हैं.

वह सब मैं अपनी अगली कहानी में जरूर लिखूंगा, पर उसके लिए आपको कहना पड़ेगा, तभी उस सेक्स कहानी को लिखूँगा.


अभी के लिए बस इतना ही.


दोस्तो, आपको मेरी Antarvasana Hindi Sex Story कैसी लगी? मुझे ईमेल के माध्यम से ज़रूर बताएं.

मेरी ईमेल आईडी है

Recent Posts

See All
बॉस के साथ बीबी की थ्रीसम चुदाई - Antarvasana

मेरा बॉस रेड्डी पक्का औरत खोर है। रेड्डी अपने ऑफिस की सभी लड़कियों और औरतों को चोद्द चूका है। मेरे इक दोस्त ने बताया कि शिप्रा और रेड्डी का अफेयर चल रहा है। रेड्डी ने शिप्रा की साडी उतार दी और शिप्रा ब

 
 
 
बेटी के सेटिंग के साथ मां ने पहले प्यास बुझाई : Antarvasna Sex Stories

शाम को मैं बस से नगमा के मां के घर गया। घर पर नगमा कि मां थी। उम्र पचास साल के करीब थी। दिखने मैं नगमा जैसे ही थी। मुझे देखते हि नगमा कि मां कि नजर चमक गयी थीं। नगमा कि मां उसका नाम मुझे फैजा बताया। फ

 
 
 

Comments


Hindi Sex Stories, Indian Sex Stories, Desi Stories, Antarvasna, Free Sex Kahani, Kamvasna Stories 

कामवासना एक नोट फॉर प्रॉफिट, सम्पूर्ण मुफ्त और ऐड फ्री वेबसाइट है।​हमारा उद्देश्य सिर्फ़ फ्री में मनोरंजन देना और बेहतर कम्युनिटी बनाना है।  

Kamvasna is the best and only ad free website for Desi Entertainment. Our aim is to provide free entertainment and make better Kamvasna Community

bottom of page