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दूसरी मम्मी को चोदकर अपनी पत्नी बनाया - Hindi Sex Stories

हैलो फ्रेंड्स,

मेरा नाम अमन है और अभी मैं 22 साल का हूँ.

मैं लखनऊ में रहता हूं.


मेरे घर में मैं मेरी मम्मी, दीदी और पापा रहते हैं.


मेरी दीदी 24 की है और मेरी मम्मी 35 की हैं.

वो देखने में बहुत ही सुंदर लगती हैं.


ये मेरी दूसरी मम्मी हैं. पापा ने मेरी सगी मम्मी के मर जाने के बाद सुधा से शादी करके उन्हें हम दोनों भाई बहन की सौतेली मां बना लिया था.

मेरी मम्मी का नाम सुधा है.


मेरे पापा की जॉब अब मुम्बई में हो गई है. इसलिए वो वहीं रहते हैं और कभी कभी ही आते हैं.

दीदी भी बाहर पढ़ाई करती थीं, तो वो भी बाहर ही रहती थीं.


सिर्फ मैं और मम्मी ही घर में रहते थे.

यह स्टेप मॉम सेक्स कहानी मेरे पापा की इसी दूसरी बीवी की है.


मुझे मम्मी बहुत अच्छी लगती थीं.


मेरी मम्मी बहुत सेक्सी दिखती थीं. उनकी गोल गोल गांड मुझे बहुत अच्छी लगती थी. मैं रोज रात को उनके नाम की मुठ मारता था.


एक दिन मैं घर पर ही था, तो मैंने देखा कि मम्मी ने मैक्सी पहनी हुई थी. उस साटन की मैक्सी में मम्मी बहुत सेक्सी लग रही थीं.

जब वो चलती थीं तो इस मैक्सी में उनकी गांड उछलती हुई बड़ी ही कामुक लग रही थी.

उनकी पैंटी की किनारियां भी साफ़ नुमाया हो रही थीं.


मुझे उनको चोदने का बहुत मन करता था, लेकिन मेरी गांड फटती थी और मैं कुछ कर ही नहीं पाता था.


जिस दिन मैं ज्यादा उत्तेजित हो जाता था, तो बाथरूम में जाकर मुठ मार लेता था.

मेरा मन मम्मी की चुदाई को लेकर काफी बदल गया था और मेरी अन्तर्वासना हर दिन बढ़ती जा रही थी.


अब मुझे किसी भी तरह से मम्मी की गांड नंगी करके चोदनी ही थी.

मैं सोच रहा था कि चोदना तो तब हो पाएगा, जब नंगी देख लूँ और मम्मी की गांड को नंगी करके कैसे देखूं, कुछ समझ ही नहीं आ रहा था.


मेरी मम्मी का जिस्म काफी मस्त है उनका शरीर चुदाई के लिए काफी आकर्षक था. आस पड़ोस के सभी लड़के उन्हें सेक्सी निगाहों से देखते थे.

मुझे पता था कि मेरे बेटा होने के कारण मुझे अपनी मां के लिए ये सब नहीं सोचना चाहिए, पर क्या करूं, उनकी सेक्सी टांगें देख कर मेरे अन्दर का जवान जानवर जाग जाता था.


मम्मी की नर्म और रस से भरी चूचियों को मैं चूसना चाहता था और उन्हें अपने मर्दाना हाथों से दबाना चाहता था.

मैं हर रात अपनी आंखें बंद करता और मम्मी को चोदने की कल्पना करने लगता.


एक बार मैं रात भर सो नहीं पाया.

सुबह उठा तो मैं बाहर आया और देखा कि मम्मी बाथरूम में नहाने गई हैं.


मैं बाथरूम के पास गया और उन्हें नंगी देखने की कोशिश की लेकिन कुछ नहीं दिखा.

मैंने कमरे में जाकर मुठ मार ली.


दोपहर को मम्मी मार्किट चली गईं.

मैंने जाकर बाथरूम के दरवाजे में एक छेद बना दिया जिससे मैं अन्दर का नजारा देख पाऊं.


अब मुझे इंतज़ार था कि मम्मी बाथरूम में जाएं और मैं उन्हें नंगी देख कर मजा ले लूँ.

उसके बाद मैं अपने कमरे में चला गया.


कुछ समय बाद मम्मी घर पर आ गईं. वो अपने कमरे में गईं और मैक्सी पहनकर बाहर आईं और बाथरूम में चली गईं.

मैं भी ये देख कर झट से बाथरूम के पास गया और छेद में से झांक कर देखा.


मम्मी ने अपनी मैक्सी ऊपर उठाई और पैंटी निकालकर टांग दी.

अब वो मूतने लगीं.


उनकी झांटों वाली चूत देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. उनकी चुत से मूत की धार निकलती देख कर मेरे अन्दर जैसे करेंट लग गया था.


मूतने के बाद मम्मी उठ गईं.

मैं जल्दी से अपने कमरे में आकर टीवी देखने लगा.


मम्मी ने आवाज देकर कहा- अमन, क्या कर रहे हो?

वो मेरे कमरे में आई और बोलीं- ठीक है तुम टीवी देखो. मैं सोने जा रही हूं.

मैंने कहा- ठीक है मम्मी.


फिर मम्मी चली गईं.

मेरे मन में मम्मी की झांट वाली चूत दिख रही थी.


कुछ सोच कर मैं बाथरूम में आया और मम्मी की पैंटी उतार कर उसको सूंघने लगा और मुठ मारने लगा.


मम्मी की पैंटी में बुर वाली जगह पर कुछ लाल रंग का दाग लगा था. उसे सूंघने में मुझे बहुत नशा आ रहा था.


फिर मैंने अपने लंड का सारा पानी उनकी पैंटी में निकाल दिया और पैंटी को टांग कर अपने कमरे में चला गया.


शाम को मम्मी जब सोकर उठीं तो बाहर आईं.

उन्होंने मुझे बुलाया और कहा- बाजार जाकर सब्जी ले आओ.

मैंने कहा- ठीक है, मम्मी मैं ले आता हूं.


फिर मम्मी बाथरूम में चली गईं.

मैंने दरवाजे से देखा तो मम्मी अपनी मैक्सी ऊपर उठाई हुई बैठी थीं और मूतने लगी थीं.


उनकी झांटों वाली बुर के मुझे फिर से दीदार हो गए.

मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था.


मूतने के बाद मम्मी खड़ी हुईं. उन्होंने अपनी पैंटी को उतारा और पहन ली.

मम्मी ने अपनी मैक्सी उठाई, फिर पैंटी के आगे वाले हिस्से को सहलाया और बुदबुदा कर बोलीं- ये भीग कैसे गई, ये तो ऊपर टंगी थी!


मम्मी को कुछ समझ नहीं आया और वो अजीब सा मुँह बना कर बाहर चली आईं.

बाहर आकर मम्मी ने मुझसे कहा- जाओ सब्जी ले आओ.


मैं सब्जी लेने चला गया.

रात को खाना खाकर मैं अपने कमरे में आ गया.


मैं यही सोच रहा था कि मैं मम्मी को चोदूं कैसे.

मम्मी अपने कमरे में सोने चली गई थीं. मैं भी मुठ मारकर सो गया.


अगले दिन मेरे पापा घर आ गए थे. उन्हें आया देख कर मम्मी बहुत खुश थीं.

पापा बोले- मैं सिर्फ 2 दिनों के लिए आया हूँ … बहुत मुश्किल से छुट्टी मिली है. दो दिन बाद मुझे वापस जाना है.


मम्मी ने अपनी जरूरत की कुछ चीजें बताईं.

पापा ने कहा- ठीक है, बाजार चलते हैं.


फिर हम सब लोग बाजार चले गए.

मैं भी गया था.


शाम को हम लोग वापस लौटे.

फिर पापा नहाने चले गए.

मैं भी अपने कमरे में चला गया.


रात को हम लोगों के खाना खाने के बाद पापा ने कहा- मैं तो सोने जा रहा हूँ. बहुत थक गया हूँ.

वो चले गए.


मैं भी अपने कमरे में चला गया.


थोड़ी देर बाद देखा कि सब जगह की लाइट आज जल्दी बन्द हो गई थीं, तो मैं बाहर आ गया.

मैंने देखा कि मम्मी के कमरे की लाइट जल रही है.


मैं जाकर खिड़की से देखने लगा.

मम्मी बिस्तर पर लेटी थीं और पापा उनकी मैक्सी उठा कर लंड डालकर चोदने में लगे थे.


कुछ देर चोदने के बाद पापा लेट गए.

तभी मम्मी बोलीं- आप बहुत जल्दी हो जाते हो … अभी तो मेरा हुआ भी नहीं है!


पापा बोले- अब मैं थक गया हूँ.

मम्मी बोलीं- अब आप अच्छे से चोद भी नहीं पाते हो!


मैं समझ गया कि मम्मी लंड की ज्यादा भूखी हैं.

फिर मैं मुठ मारकर ढीला हुआ और बिस्तर पर जाकर सो गया.


अगले दिन भी ऐसे ही हुआ.

तीसरे दिन पापा चले गए.


अब मैं सोच रहा था कि मम्मी को कैसे चोदा जाए?

मम्मी जब दोपहर में सोने जाती थीं तो अपनी पैंटी बाथरूम में छोड़ जाती थीं.


मैं बाथरूम में गया और उनकी पैंटी में मुठ मार आया.

बाद में मम्मी जब बाथरूम में गईं, तो मैं उन्हें देखने लगा.


मम्मी मूत कर उठीं, पैंटी उठाई तो देखा कि वो भीगी क्यों है.

मम्मी ने अपनी उंगली लगाई और धीमे से बुदबुदा कर बोली- ये तो चिपचिपा सा है … बिल्कुल वीर्य की तरह.


मम्मी समझ गईं कि ये किसने किया होगा.

उन्होंने पैंटी वापस खूंटी पर टांगी और मुस्कुरा दीं.


उनकी मुस्कुराहट देख कर मुझे भी कुछ कुछ लगने लगा कि अब काम फतेह ही सकता है.

फिर मम्मी बाहर आ गईं.


मैं जाकर अपने कमरे में बैठ गया.

मम्मी मेरे कमरे में आईं और बोलीं- आज रात को तुम मेरे कमरे में सो जाना … मुझे अकेले सोने में डर लगता है.


मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे.

मैंने कहा- ठीक है मम्मी.


रात को मैं मम्मी के कमरे में सोने चला गया. मम्मी आईं तो मैं उठ बैठा.

मम्मी बोलीं- मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.


मैंने कहा- हां बोलो न मम्मी, क्या बात करनी है?

मम्मी बोलीं- मैं जानती हूं कि तुम बड़े हो गए हो. तुम्हारा भी मन करता है.


मैं घबराते हुए बोला- मैं कुछ समझ नहीं मम्मी?

मम्मी मुस्कुराती हुई बोलीं- भोले मत बनो … मैं सब जानती हूं.


मैंने कहा- आप क्या जानती हो?

मम्मी बोलीं- तुम रोज मेरी पैंटी के साथ क्या करते हो?


मैंने सिर नीचे कर लिया.

तो मम्मी ने कहा- इसमें घबराने की कोई बात नहीं है … मैं हूँ न.

मैं उनकी तरफ देखने लगा.


मम्मी बोलीं- तुमने कभी किसी के साथ किया है?

मैं- नहीं मम्मी, कभी नहीं.

मम्मी- ठीक है, मैं सब सिखा दूंगी.


मैं तो खुशी के मारे फूला नहीं समा रहा था.

फिर मम्मी ने मुझे लेटा दिया.


वो मेरे गालों को चूमने लगीं और मेरे होंठों में अपने होंठों डालकर चूसने लगीं.

मैं भी उनका साथ देने लगा.


कुछ देर बाद मम्मी ने मेरा पैंट निकाल दिया. मेरी चड्डी में हाथ डालकर मेरे लंड को बाहर निकाला और सहलाने लगीं.


मम्मी चौंक कर बोलीं- तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है … तुम्हारे पापा से भी अच्छा है.

मैंने कुछ नहीं कहा.


फिर मम्मी मेरे लंड को चूसने लगीं.

मुझे लंड चुसवाने में बहुत मजा आ रहा था.


कुछ देर बाद मैंने मम्मी को बेड पर लेटा दिया. मैंने उनकी मैक्सी को उतार दिया.

उनके दोनों भरे हुए दूध मुझे बहुत अच्छे लग रहे थे.


मैंने उनकी ब्रा निकाल दी और उनके एक दूध को जोर जोर से दबाने लगा और दूसरे को चूसने लगा.


थोड़ी देर मम्मे चूसने के बाद मैंने मम्मी की पैंटी निकाली और उनकी झांटों वाली बुर को चाटने लगा.

मम्मी- अहह अहह अम्म्म अहह अहह.


थोड़ी देर चूत चाटने के बाद मैंने अपना लंड मम्मी की बुर में डाल दिया और मम्मी को चोदने लगा.


मैं उनकी जबरदस्त चुदाई कर रहा था. मैं पहली बार किसी औरत के साथ सेक्स कर रहा था और इसमें सच में बहुत मज़ा आ रहा था.


मम्मी ‘आहह अहह …’ कर रही थीं.

मम्मी बोलीं- तू तो बहुत अच्छे से चोद रहा है … आज मुझे बहुत मजा आ रहा है.

मैंने मम्मी को आधे घंटे तक चोदा.


मैंने मम्मी से कहा- मम्मी मैं अपना पानी कहां डालूँ?

मम्मी बोलीं- अन्दर ही डाल दे … आज मैं तेरा भी पानी पी लूँगी!


फिर मैंने अपना वीर्य मम्मी की बुर में डाल दिया और मम्मी की बगल में लेट गया.

चुदाई के बाद हम दोनों नंगे ही चिपक कर सो गए.


दो घंटे बाद मेरी नींद खुली तो देखा कि मम्मी की गांड मेरी तरफ थी.

मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.


मैंने मम्मी को उल्टा किया तो मम्मी जग गईं और बोलीं- क्या हुआ?


मैं बोला- मम्मी मेरा फिर से खड़ा हो गया है. मुझे आपकी गांड मारनी है.

मम्मी- नहीं बेटा … उधर बहुत दर्द होगा.


मैं- नहीं होगा मम्मी, मैं धीमे धीमे करूंगा.

मम्मी- अच्छा ठीक है. लेकिन धीमे से करना!

मैं- ठीक है मम्मी!


तब मैं मम्मी की गांड को फैलाकर अपना लंड डालने लगा लेकिन लंड गांड में नहीं जा रहा था.

फिर मैं जाकर तेल लेकर आया और मम्मी की गांड के छेद में लगा कर उसे ढीला कर लिया.


मेरी दो उंगलियां मम्मी की गांड के छेद में आसानी से आने जाने लगी थीं और मम्मी को भी अच्छा लग रहा था.

फिर मैंने अपने लंड पर भी तेल लगाया और मम्मी की गांड में डालने लगा.


मम्मी- बहुत दर्द हो रहा है … धीमे … धीमे कर … आह.

मैंने मम्मी के बड़े बड़े चूतड़ों को फैलाया और अपने लिंग का टोपा अन्दर तक घुसा कर रगड़ता रहा.


मम्मी का छेद काफी टाइट था.

अन्दर का गर्म मांस मेरे लिंग के टोपे को जो आराम दे रहा था, वो बताना काफी मुश्किल है.


धीरे धीरे करके मैं अपना पूरा लंड मम्मी की गांड में घुसेड़ ही दिया और उनकी गांड चुदाई का मजा लेने लगा.


मैंने मम्मी की गांड आधे घंटे तक मारी … फिर उसी में वीर्य गिरा कर कर सो गया.


कुछ देर बाद मैंने उनका शरीर चूमना शुरू किया तो मम्मी ने कहा- बस अब रहने दे … कल चोद लेना. अब तो हम दोनों कभी भी सेक्स कर सकते हैं.


दोस्तो, तभी से आज तक मैं मम्मी को चोदता आ रहा हूँ.

मैंने कभी मम्मी का मुँह चोदा तो कभी स्तनों के बीच लिंग घुसाया और चुत गांड के छेद तो मैंने न जाने कितनी बार चोद डाले.


मैं और मम्मी पति पत्नी की तरह रहते हैं.

मैंने कई औरतों और लड़कियों के साथ चुदाई की है और अब मेरी मम्मी भी एक बड़ी वाली चुदक्कड़ हो गई हैं.

हम दोनों अपने घर में ही लड़के लड़कियों को बुला कर ग्रुप सेक्स का मजा लेने लगे थे.


आपको मेरी Hindi Sex Stories कैसी लगी. प्लीज़ मेल जरूर करें.

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